भाई, सबसे पहले सच सुन ले – कोई भी तरीका 100% नहीं बता सकता कि लड़की पहले से चुदी हुई है या नहीं। बहुत से मर्द चूत की टाइटनेस देखकर, पहली चुदाई में खून आने से या चूत के दाने के साइज से जज करते हैं, लेकिन ये सब गलत मिथ हैं।
कल्पना करो, तू अपनी गर्लफ्रेंड या बीवी के साथ पहली बार बिस्तर पर है। वो नर्वस है। तू उसकी चूत को चूमने-चाटने लगता है। चूत का दाना चूसता है, उँगलियाँ धीरे-धीरे अंदर डालता है। अगर चूत टाइट है तो लगता है कि वो वर्जिन है, लेकिन असलियत ये है कि चूत की टाइटनेस एक्सरसाइज, साइकिल चलाना, टैम्पून यूज करने या सिर्फ नर्वस होने से भी हो सकती है। कई लड़कियाँ जो पहले चुदी हुई हैं उनकी चूत भी बहुत टाइट रहती है क्योंकि वो केगेल एक्सरसाइज करती हैं।
पहली चुदाई में खून आए या न आए, ये भी कोई गारंटी नहीं। हाइमन (चूत की झिल्ली) हर लड़की में अलग होती है। कुछ में बिल्कुल नहीं होती, कुछ में पहले ही फट जाती है। जोरदार खेल, घुड़सवारी या उँगलियों से भी फट सकती है। इसलिए खून न आए तो मत सोच कि वो रंडी है।
असल में पता करने का सबसे अच्छा तरीका है – खुलकर बात करना। सहमति लेकर पूछो, “प्यार, तुझे कैसा लग रहा है? पहले कभी किया है?” लेकिन ये पूछना भी तभी जब रिलेशनशिप में ट्रस्ट हो। जज करने के लिए मत पूछो।
जोरदार चुदाई के लिए फोरप्ले बहुत जरूरी है। चाहे वो पहली बार हो या सौवीं बार, चूत चाटो, चूत का दाना चूसो, धीरे-धीरे उँगलियाँ डालकर चूत के अंदर वाले गोल टीले को उकसाओ। जब चूत पूरी भीग जाए तब ही लंड डालो। कुत्ते वाली चुदाई में या ऊपर चढ़कर चुदाई में मजा दोगुना हो जाता है।
याद रख, लड़की को रंडी या वर्जिन लेबल मत लगाओ। हर औरत का अपना अनुभव होता है। चुदाई के बाद प्यार से चूमो, गले लगाओ। प्यार का हार्मोन बढ़ेगा तो वो तेरे साथ बार-बार पानी छूटने लगेगी।
सीखने योग्य बातें:
- चूत की टाइटनेस से वर्जिनिटी पता नहीं चलती
- पहली चुदाई में खून आना जरूरी नहीं, हाइमन मिथ है
- उँगलियाँ, खेल या स्पोर्ट्स से भी हाइमन फट सकता है
- सबसे अच्छा तरीका है खुलकर बात करना और ट्रस्ट बनाना
- हर लड़की की चूत अलग होती है, जज मत करो
- फोरप्ले और सहमति सबसे जरूरी है, वर्जिनिटी नहीं
- जोरदार चुदाई में तरीका मायने रखता है, अनुभव नहीं