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पड़ोसियों के साथ बीवियों की अदला बदली

Biwi adla badli sex story: आज मैं आप लोगों को एक मसालेदार इंडियन सेक्स स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ। मैं अपने पड़ोसी के साथ बीवियों की अदला बदली करके मस्त चुदाई करते हैं वो भी एक दूसरे के सामने।

मैं राज और मेरी पत्नी निशा मुंबई शहर के सबअर्ब मलाड में रहते हैं। ये कहानी करीब आज से छह महीने पहले शुरू हुई जब हमारे बगल के फ्लैट में नए पड़ोसी रहने के लिए आए।

हमारे नए पड़ोसी मिस्टर अजय एक कंसल्टेंट हैं और उनकी पत्नी यामिनी एक घरेलू महिला थी। वैसे तो मुंबई इतना व्यस्त शहर है कि यहां किसी को किसी के लिए फुर्सत ही नहीं है। नए पड़ोसी होने के नाते हमारी जान पहचान बढ़ी और हम दो परिवार काफी घुल मिल गए थे।

मैं और मेरी पत्नी निशा के विचार एक समान थे। हम दोनों खुले सेक्स में विश्वास रखते थे। शादी के पहले ही हम दोनों सेक्स का मजा ले चुके थे। हम दोनों अपनी पुरानी सेक्स घटनाओं के बारे में अक्सर एक दूसरे को बताते रहते थे। चुदाई के किस्से सुनाते या सुनते वक्त निशा इतनी उत्तेजित हो जाती कि उसकी चूत की प्यास मिटाना कभी मुश्किल हो जाता था।

मैंने और निशा ने इस शनिवार को अजय और यामिनी को अपने यहां खाने की दावत दी। दोनों राजी हो गए। अजय एक शानदार व्यक्तित्व का मालिक था। छह फीट दो इंच ऊंचाई और कसरती बदन। यामिनी भी काफी सुंदर थी। गोल चेहरा, लंबी टांगें और खास तौर पर उसकी नीली आंखें। पता नहीं उसकी आंखों में क्या आकर्षण था कि जी करता हर वक्त उसकी आंखों में इंसान झांकता रहे।

शनिवार की शाम ठीक सात बजे अजय और यामिनी हमारे घर पहुंचे। अजय ने शॉर्ट्स और टी शर्ट पहन रखी थी जिससे उसका कसरती बदन साफ झलक रहा था। यामिनी ने कॉटन का टॉप और जींस पहन रखी थी। उसके कॉटन के टॉप से झलकते उसके निप्पल साफ बता रहे थे कि उसने ब्रा नहीं पहन रखी है। उसकी काली जींस भी इतनी टाइट थी कि उसके चूतड़ों की गोलाइयां किसी को भी दीवाना कर सकती थीं। उसके काले रंग के ऊंची हील के सैंडल उसकी लंबी टांगों को और भी सेक्सी बना रहे थे। उसे इस सेक्सी पोज में देख मेरे लंड में सरसराहट होने लग गई थी।

मैंने देखा कि निशा अजय की ओर आकर्षित हो रही है। वो अपने अधखुले ब्लाउज से अजय को अपनी चूचियों के दर्शन करा रही थी। आज निशा अपनी टाइट जींस और लो कट टॉप में कुछ ज्यादा ही सुंदर दिख रही थी। वहीं यामिनी भी मेरे साथ ऐसे बरताव कर रही थी जैसे हम कई बरसों पुराने दोस्त हों।

हम चारों आपस में ऐसे बात कर रहे थे कि कोई देख के कह नहीं सकता था कि हमारी जान पहचान चंद दिनों पुरानी है। पहले शराब का दौर चला और फिर खाना खाने के बाद हम सब ड्राइंग रूम में बैठे थे।

मैंने स्टीरियो पर एक रीमिक्स की कैसेट लगा दी। यामिनी ने खड़ी हो कर अजय को डांस करने के लिए कहा किंतु उसने उसे मना कर दिया। शायद उसे नशा हो गया था मगर उसने यामिनी को मेरे साथ डांस करने को कहा। यामिनी ने मुझे खींच कर खड़ा कर दिया।

हम दोनों गाने की धुन पर एक दूसरे के साथ नाच रहे थे। यामिनी ने अपने दोनों हाथ मेरी गर्दन पर रख हुए थे और मुझसे सटते हुए नाच रही थी। उसके बदन की गर्मी मुझे मदहोश कर रही थी। मैंने भी अपने दोनों हाथ उसकी कमर पर रख उसे अपने और करीब खींच लिया।

उसके बदन की गर्माहट और बदन से उठती खुशबू ने मुझे मजबूर कर दिया और मैंने कस के उसे अपनी छाती से चिपका लिया। मेरा लंड उसकी चूत पर ठोकर मार रहा था। तभी मुझे खयाल आया कि मेरी बीवी और उसका पति भी इसी कमरे में हैं। मैंने गर्दन घुमा के देखा तो पाया कि निशा अजय को खींच कर डांस के लिए खड़ा कर चुकी है।

शायद मेरी बीवी की सुंदरता और खुलेपन ने अजय को डांस करने पर मजबूर कर दिया था इसलिए वो निशा को मना नहीं कर पाया। दोनों एक दूसरे को बांहों में ले हमारे पास ही डांस कर रहे थे। नाचते नाचते निशा ने लाइट धीमी कर दी। कमरे में बहुत ही हल्की रोशनी थी। हम चारों कामुकता की आग में जल रहे थे।

यामिनी मुझसे और चिपकती हुई मेरे कान में बोली “अच्छा है थोड़ा अंधेरा हो गया।”

मैंने उसे और कस के अपनी बांहों में ले अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। उसने भी सहयोग देते हुए अपना मुंह खोल दिया और जीभ मेरे मुंह में डाल दी। हम दोनों एक दूसरे की जीभ चूसने लगे।

मेरे दोनों हाथ अब उसके चूतड़ों को सहला रहे थे। यामिनी के हाथ मेरी पीठ पर थे और वो कामुक हो मेरी पीठ को कस के भींच लेती थी। मेरा लंड पूरा तन कर उसकी चूत को जींस के ऊपर से ही रगड़ रहा था। अच्छा था कि वो हाई हील की सैंडल पहनी हुई थी जिससे कि उसकी चूत बिल्कुल मेरे लंड के स्तर तक आ रही थी। यामिनी ने अपने आप को मुझे सौंप दिया था। मैंने पीछे से अपने दोनों हाथ उसकी जींस में डाल दिए और पाया कि उसने पैंटी नहीं पहनी हुई है। मेरे हाथ अब उसके मुलायम चूतड़ों को जोर से भींच रहे थे वो भी उत्तेजित हो अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़ रही थी।

मेरी बीवी निशा का खयाल आते ही मैंने गर्दन घुमा के देखा तो चौंक पड़ा। दोनों एक दूसरे से चिपके हुए गाने की धुन पर डांस कर रहे थे। अजय के हाथ निशा के शरीर पर रेंग रहे थे। निशा भी उसे अपने बांहों में भर उसके होंठों को चूस रही थी।

मैं यामिनी को बांहों में ले इस पोजिशन में डांस करने लगा कि मुझे निशा और अजय साफ दिखाई पड़ें। चार साढ़े चार इंच की हाई हील की सैंडल पहने होने के बावजूद निशा अजय के कंधे तक मुश्किल से ही पहुंच पा रही थी। अजय का एक हाथ निशा की चूचियों को सहला रहा था और दूसरा हाथ दूसरी चूंची को सहलाते हुए नीचे की ओर बढ़ रहा था और नीचे जाते हुए अब वो उसकी चूत को उसकी टाइट जींस के ऊपर से सहला रहा था।

मुझे हैरानी इस बात की थी कि उसे रोकने की बजाय निशा अजय को सहयोग दे रही थी। उसने अपनी टांगें थोड़ी फैला दी जिससे अजय के हाथों को और आसानी हो। पर मैं कौन होता हूं शिकायत करने वाला। मैं खुद उसकी बीवी को बांहों में भरे हुए उसे चोदने के मूड में था।

मेरे भी हाथ यामिनी के चूतड़ों को सहला रहे थे। यामिनी उत्तेजना में मुझे चूमे जा रही थी। तभी मैंने देखा कि अजय ने अपना एक हाथ निशा के टॉप में डाल कर उसके मम्मों पर रख दिया था। जब उसने निशा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं देखी तो उसने हाथ पीठ की ओर ले जाकर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए। मुझे उस पारदर्शी टॉप से साफ दिखाई दे रहा था कि अजय के हाथ अब निशा के मम्मों को सहला रहे थे।

माहौल में जब चुदाई का आलम फैलता है तो सब पीछे रह जाता है। मैंने भी आगे बढ़ कर यामिनी के चूतड़ से हाथ निकाल उसकी जींस के बटन खोल जींस उतार दी। पैंटी तो उसने पहनी ही नहीं थी।

“मैं सोच रही थी कि तुम्हें इतनी देर क्यों लग रही है।” यामिनी अपने सैंडल युक्त पैरों से अपनी जींस को अलग करती हुए बोली। “प्लीज मुझे प्यार करो ना!”

मैंने अपना हाथ बढ़ा कर उसकी चूत पर रख दिया। हाथ रखते ही मैंने पाया कि उसकी चूत एकदम सफाचट थी। उसने अपनी चूत के बाल एकदम शेव किए हुए थे। बिना झांटों की एकदम नयी चूत मेरे सामने थी। मैंने अपने हाथ का दबाव बढ़ा दिया और उसकी चूत को जोर से रगड़ने लगा। मैंने अपनी एक अंगुली उसकी चूत के मुहाने पर घुमाई तो पाया कि उसकी चूत गीली हो चुकी थी।

“तुम अपनी अंगुली मेरी चूत में क्यों नहीं डालते जिस तरह मेरे पति ने अपनी अंगुली तुम्हारी बीवी की चूत में डाली हुई है।” उसने कहा तो मैंने घूम कर देखा और पाया कि अजय का एक हाथ मेरी बीवी की चूचियों को मसल रहा है और दूसरा हाथ उसकी खुली जींस से उसकी चूत पर था। उसके हाथ वहां क्या कर रहे थे मुझे समझते देर नहीं लगी।

अचानक मेरी बीवी निशा ने अपनी आंखें खोली और मेरी तरफ देखा। वो एक अनजान आदमी के हाथों को अपनी चूत पर महसूस कर रही थी और मैं एक परायी औरत की चूत में अंगुली कर रहा था। वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई और मैं समझ गया कि आज की रात हम दोनों के ख्वाब पूरे होने वाले हैं। निशा मुस्कुराते हुए अपनी जींस और पैंटी पूरी उतार कर नंगी हो गई।

जैसे ही उसने अपनी जींस और पैंटी उतारी उसने अजय के कान में कुछ कहा। अजय ने उसकी ब्रा और टॉप भी उतार दिए। अब वो एकदम नंगी उसकी बांहों में थी। अजय के हाथ अब उसके नंगे बदन पर रेंग रहे थे।

“लगता है हम उनसे पीछे रह गए।” कहकर यामिनी ने मुझसे अलग होते हुए अपना टॉप उतार दिया। जैसे हम किसी प्रतिस्पर्धा में हों। यामिनी अब बिल्कुल नंगी हो गई उसने सिर्फ पैरों में हाई हील के सैंडल पहने हुए थे।

“लगता है कि हमें उनसे आगे बढ़ना चाहिए।” कहकर यामिनी ने मेरी जींस के बटन खोल मेरे लंड को अपने हाथों में ले लिया। यामिनी मेरे लंड को सहला रही थी और मेरा लंड उसके हाथों की गर्माहट से तनता जा रहा था। यामिनी एक अनुभवी चुदक्कड़ औरत की तरह मेरे लंड से खेल रही थी।

मैं भी अपनी जींस और अंडरवियर से बाहर निकल नंगा यामिनी के सामने खड़ा था। यामिनी ने मेरे लंड को अपने हाथों में लिया जो तन कर साढ़े आठ इंच का हो गया था। “बहुत मोटा और लंबा है।” कहकर यामिनी लंड को दबाने लगी।

मैंने घूम कर देखा तो पाया कि मेरी बीवी मुझसे आगे ही थी। निशा अजय के सामने घुटनों के बल बैठी उसके लंड को हाथों में पकड़े हुए थी। अजय का लंड लंबाई में मेरे ही साइज का था पर कुछ मुझसे ज्यादा मोटा था। निशा उसके लंड की पूरी लंबाई को सहलाते हुए उसके सुपाड़े को चाट रही थी।

मुझे पता था कि निशा की इस हरकत का असर अजय पर बुरा पड़ने वाला है। निशा लंड चूसने में इतनी माहिर थी कि उसकी बराबरी कोई नहीं कर सकता था। उसका लंड चूसने का अंदाज ही अलग था। वो पहले लंड के सुपाड़े को अपने होठों में लेकर चूसती और फिर धीरे धीरे लंड को अपने मुंह में भींचती हुई नीचे की ओर बढ़ती जिससे लंड उसके गले तक चला जाता। फिर अपनी जीभ से चाटते हुए लंड ऊपर की ओर उठाती। यही हरकत जब वो तेजी से करती तो सामने वाले की हालत खराब हो जाती थी।

इसी तरह से वो अजय के लंड को चूसे जा रही थी। जब वो उसके सुपाड़े को चूसती तो अपने थूक से सने हाथों से जोर जोर से लंड को रगड़ती। मैं जानता था कि अजय अपने आपको ज्यादा देर तक नहीं रोक पाएगा।

करीब दस मिनट तक निशा अजय के लंड की चूसाई करती रही। मैं और यामिनी भी दिलचस्पी से ये नजारा देख रहे थे। अजय ने अपने लंड को निशा के मुंह से बाहर निकाला और मेरे और यामिनी के पास आ खड़ा हो गया। यामिनी मेरे लंड को सहला रही थी और अजय अपने होंठ यामिनी के होंठों पर रख उन्हें चूमने लगा। यामिनी उससे अलग होते हुए बोली “अजय राज को बताओ न कि मुझे किस तरह की चुदाई पसंद है।”

फिर कामुकता का एक नया दौर शुरू हुआ। अजय अपनी बीवी यामिनी के पीछे आकर खड़ा हो गया और मुझे उसके सामने खड़ा कर दिया। फिर यामिनी के माथे पर आए बालों को हटाते हुए मुझसे बोला “राज इसके होंठों को चूसो।”

मैंने एक आज्ञाकारी शिष्य की तरह आगे बढ़ कर अपने होंठ यामिनी के होठों पर रख दिए। यामिनी ने अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी। हम दोनों एक दूसरे की जीभ को चूस रहे थे। “अब इसकी चूचियों को चूसो।” अजय ने कहा।

मैं नीचे झुक कर यामिनी की चूंची को हाथों में पकड़ कर उसका निप्पल अपने मुंह में ले चूसने लगा। उसकी चूचियां बहुत बड़ी और कसी हुई थीं। गोल चूंची और काले सख्त निप्पल काफी मजा दे रहे थे।

“दूसरी को नजरअंदाज मत करो।” कहकर उसने यामिनी की दूसरी चूंची पकड़ मेरे मुंह के आगे कर दी। मैं अपने होंठ बढ़ा कर उसके दूसरे निप्पल को अपने मुंह में ले चूसने लगा।

करीब पांच मिनट तक मैं उसकी चूचियों को चूसता रहा और मैंने पाया कि अजय के हाथ मेरे कंधों पर थे और मुझे नीचे की ओर दबा रहा था। मुझे इशारा मिल गया। कैसे एक पति दूसरे मर्द को अपनी बीवी से प्यार करना सिखा रहा था। मैंने नीचे बैठते हुए पहले उसकी नाभी को चूमा और फिर उसकी कमर को चूमते हुए अपने होंठ ठीक उसकी चूत के मुंह पर रख दिए।

जब मैं उसकी चूत पर पहुंचा तो मैं दंग रह गया। अजय ने यामिनी के पीछे से अपने दोनों हाथों से उसकी चूत की पंखुड़ियां पकड़ के इस कदर फैला दी थीं जिससे मुझे उसकी चूत को चाटने में आसानी हो। जैसे ही मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर फिराई मैंने पाया कि मेरी बीवी निशा ठीक मेरे बगल में बैठी थी और उसकी निगाहें यामिनी की चूत पर टिकी हुई थीं।

अजय को अच्छी तरह पता थी कि मर्द की कौन सी हरकत उसकी बीवी की चूत में आग लगा सकती थी “अब अपनी जीभ से इसकी चूत के चारों ओर चाटो।” उसने कहा।

आज मैं कई सालों के बाद किसी दूसरी औरत की चूत को चाट रहा था वो भी जब कि मेरी बीवी छह इंच की दूरी पर बैठी मुझे निहार रही थी। मैंने अपना एक हाथ बढ़ा कर निशा की चूत पर रखा तो पाया कि उत्तेजना में उसकी चूत भी गीली हो चुकी थी। मैं अपनी दो अंगुलियां उसकी चूत में घुसा कर अंदर बाहर करने लगा। मैं यामिनी की चूत को चाटे जा रहा था और निशा मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी।

“अब इसकी चूत को नीचे से ऊपर तक चाटो और करते जाओ।” अजय ने यामिनी की चूत और फैलाते हुए कहा। मैंने वैसे ही किया जैसा उसने करने को कहा। यामिनी की चूत से उठी मादक खुशबू मुझे और पागल किए जा रही थी।

“अब अपनी पूरी जीभ यामिनी की चूत में डाल दो।” अजय ने कहा। यामिनी ने भी अपनी टांगें और फैला दी जिससे मुझे और आसानी हो सके। मैं अपनी जीभ उसकी चूत में घुसा कर उसे जोर से चोद रहा था। यामिनी की सिसकारियां शुरू हो चुकी थीं “हां राज चूसो मेरी चूत को निचोड़ लो मेरी चूत का सारा पानी ओहहहह हांआआआआआ।” अजय यामिनी की चूत को फैलाए उसके पीछे खड़ा था। मैं और तेजी से उसकी चूत को चूसने लगा। इतने में यामिनी का शरीर अकड़ा और जैसे कोई नदी का बांध खोल दिया गया हो उस तरह से उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। मेरा पूरा मुंह उसके रस से भर गया। यामिनी जमीन पर बैठ कर अपनी उखड़ी सांसों को संभालने लगी।

थोड़ी देर सुस्ताने के बाद उसने मेरे चेहरे को अपने नजदीक कर मुझे चूम लिया “राज अब मैं चुदवाने के लिए तैयार हूं।” इतना कहकर यामिनी मेरा हाथ पकड़ मुझे सोफे के पास ले गई।

यामिनी सोफे पर झुक कर घोड़ी बन गई और थोड़ा नीचे झुकते हुए उसने अपने गोरे चूतड़ ऊपर उठा दिए। उसकी गुलाबी और गीली चूत और उठ गई थी। मैं अपने हाथ से उसके चूतड़ सहलाने लगा। फिर मैं अपना लंड उसकी चूत पर रख कर घिसने लगा। मैंने गर्दन घुमा कर देखा तो अजय और निशा मेरे बगल में खड़े एक दूसरे के नंगे बदन को सहला रहे थे मगर उनकी आंखें मेरे लंड पर टिकी हुई थीं। मैंने अपने लंड को धीरे से यामिनी की चूत में घुसा दिया।

यामिनी की चूत काफी गीली थी और एक बार वो झड़ भी चुकी थी फिर भी मुझे उसकी चूत में लंड घुसाने में बहुत जोर लगाना पड़ रहा था। इतनी कसी चूत थी उसकी। मैंने एक जोर का धक्का मार अपना लंड उसकी चूत की जड़ तक डाल दिया और उसे चोदने लगा।

मैंने देखा कि अजय और निशा हमारे पास आ गए हैं। निशा ने ठीक यामिनी के बगल में सोफे पर लेट कर अपनी टांगें फैला दी। उसकी चूत का मुंह और खुल गया था। उसकी गुलाबी चूत इतनी प्यारी थी और जैसे कह रही हो कि आओ मुझे चोदो। अजय उसकी टांगों के बीच आकर अपना खड़ा लंड उसकी चूत पर घिसने लगा।

मैं यामिनी की चूत को पीछे से चोद रहा था इसलिए मुझे साफ और अच्छी तरह दिखाई दे रहा था कि अजय किस तरह अपना लंड निशा की चूत पर रगड़ रहा था। यामिनी ने अपना एक हाथ बढ़ा कर अजय के लंड को अपने हाथों में ले लिया और उसे निशा की चूत के मुंह पर रख दबाने लगी।

क्या नजारा था एक औरत दूसरे मर्द से चुदवा रही थी और अपने पति का लंड उस मर्द की बीवी की चूत पर रगड़ उसे चोदने को कह रही थी। मैं उत्तेजना के मारे यामिनी के चूतड़ पकड़ कर कस कस के धक्के लगा रहा था। यामिनी ने निशा की चूत अपने हाथों से और फैला दी और अजय के लंड को ठीक वहीं पर रख दिया। अजय ने इशारा समझ कर एक ही धक्के में अपना लंड पूरा पेल दिया।

अजय मेरी बीवी निशा को जोर के धक्कों के साथ चोद रहा था और मैं उसकी बीवी यामिनी की चूत में अपना लंड पेल रहा था। मैंने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ाई तो यामिनी पीछे की ओर घूम कर बोली “राज थोड़ा धीरे धीरे चोदो और अपनी बीवी को देखो।”

मैंने देखा कि निशा की टांग मुड़ कर उसकी चूचियों पर थी और अजय धीमे धक्कों के साथ उसे चोद रहा था। उसका मोटा लंड वीर्य रस से लसा हुआ लाइट में चमक रहा था। इतने में यामिनी अपनी एक अंगुली निशा की चूत में डाल अंदर बाहर करने लगी। यामिनी की अंगुली और अजय का लंड एक साथ निशा की चूत में आ जा रहे थे। निशा भी पूरी उत्तेजना में अपने चूतड़ उछाल कर अजय के धक्कों का साथ दे रही थी।

इतनी जोरदार चुदाई देख मैंने भी अपने धक्कों में तेजी ला दी। यामिनी भी अपने चूतड़ पीछे की ओर धकेल कर ताल से ताल मिला रही थी। मैंने अपनी एक अंगुली यामिनी की चूत में डाल कर गीली की और फिर उसकी गांड के छेद पर घुमा कर धीरे से अंदर डाल दी। यामिनी सिसक पड़ी “ओहहहह राज क्या कर रहे हो?” मैंने उसकी बात पर ध्यान नहीं दिया और उसे जोर से चोदते हुए अपनी अंगुली उसकी गांड के अंदर बाहर करने लगा। अब उसे भी मजा आने लगा था। वहीं पर अजय भी जम कर निशा की चुदाई कर रहा था। मैंने यामिनी के शरीर को अकड़ता पाया और उसने मेरे लंड को अपनी चूत की गिरफ्त में ले लिया।

मैं जोर जोर के धक्के लगा रहा था मेरा भी पानी छूटने वाला था। मैंने दो चार धक्के मारे और मेरे लंड ने यामिनी की चूत में बौछार कर दी साथ ही यामिनी की चूत ने भी अपना पानी छोड़ दिया।

फिर भी धक्के मारे जा रहा था और अपनी बीवी निशा को देख रहा था। उसकी सांसें तेज थीं और वो सिसक रही थी “ओहहहहह अजय चोदो मुझे और जोर से हांआआआ ऐसे ही चोदो और जोर से।”

मैं समझ गया कि निशा का समय नजदीक आ गया है। उसने जोर से अपने चूतड़ ऊपर उठा कर अजय के लंड को अपनी गिरफ्त में ले अपना पानी छोड़ दिया। अजय का भी काम होने वाला था। वो अपना लंड निशा की चूत से बाहर निकाल कर हिलाने लगा और फिर उसके पेट और छाती पर अपने वीर्य की बरसात कर दी।

अजय अपना लंड फिर उसकी चूत में घुसा कर धक्के मारने लगा। थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड बाहर निकाला तो वो निशा की चूत के पानी और खुद के सफेद वीर्य से लिसड़ा हुआ था। अजय ने थोड़ा साइड में हो कर अपना लंड निशा के मुंह में दे दिया। और यामिनी अपने आप को एडजस्ट कर अपना मुंह निशा की चूत पर रख के उसे चाटने लगी।

मेरा लंड फिर तनाव में आ गया था और मैं जोर के धक्कों के साथ यामिनी को चोद रहा था। यामिनी मेरी बीवी की चूत को चूस रही थी और निशा अजय के लंड को। माहौल में काम की आग दहक रही थी और हम चारों उत्तेजना से भरे पड़े थे।

दो चार कस के धक्के मार कर मैंने एक बार फिर अपना पानी यामिनी की चूत में छोड़ दिया। निशा की चूत ने भी यामिनी के मुंह में अपना पानी छोड़ दिया और वहीं निशा भी अजय के लंड से छूटे पानी को पी रही थी।

हम चारों पसीने में लथपथ थे और सांसें तेज हो गई थीं। ऐसी जमकर चुदाई शायद सभी ने पहली बार की थी। हम सब लेट कर सुस्ताने लगे। यामिनी ने मुझे बांहों में भर कर चूमते हुए कहा “राज ऐसी चुदाई मैंने आज पहली बार की है तुम्हारे चोदने का अंदाज सही में निराला है।”

“यामिनी ये तो मुझे अजय ने सिखाया कि तुम्हें किस तरह की चुदाई पसंद है।” मैंने उसे चूमते हुए जवाब दिया।

रात के बारह बज चुके थे और दूसरे दिन काम पर भी जाना था। अजय और यामिनी खड़े हो कर अपने कपड़े पहनने लगे। कपड़े पहन कर दोनों ने हमसे विदा ली और अपने घर चले गए। मैं और निशा भी एक दूसरे को बांहों में ले सो गए।

अगले कुछ दिनों तक हमारी मुलाकात अजय और यामिनी से नहीं हो पाई। उस रात की चुदाई ने हमारी सेक्स लाइफ को एक नया मोड़ दिया था। अक्सर रात को बिस्तर में हम उस रात की चर्चा करते और जमकर चुदाई करते। हम दोनों की इच्छा थी कि अजय और यामिनी के साथ एक रात और गुजारी जाए।

एक दिन शाम के छह बजे अजय हमारे घर आया। उसने बताया कि वो ऑफिस के काम में काफी मशगूल था इसलिए हम लोगों से नहीं मिल पाया। बातचीत के दौरान मैंने अजय को बताया कि अगले वीकएंड पर मैं और निशा गोआ घूमने जा रहे हैं। मैंने अजय से कहा “अजय तुम और यामिनी क्यों नहीं साथ चलते हो?”

अजय कुछ देर सोचते हुए बोला “मैं तैयार हूं पर हम लोग आपस में एक शर्त लगाते हैं। जो शर्त हार जाएगा उसे घूमने का सारा खर्च उठाना पड़ेगा बोलो मंजूर है?”

“पर शर्त क्या होगी?” मैंने अजय से पूछा।

“शर्त ये होगी कि अगले दस दिन तक हम सफर की तैयारी करेंगे। इन दस दिनों में हम चारों चुदाई के गुलाम होंगे। हम एक दूसरे से कुछ भी करने को कह सकते हैं जो पहले काम के लिए मना करेगा वो शर्त हार जाएगा।” उसने कहा।

निशा ये बात सुनते ही उछल पड़ी “मुझे मंजूर है।” जब निशा हां बोल चुकी थी तो मैं कौन होता था ना करने वाला बल्कि मैं तो तुरंत यामिनी के ख्यालों में खो गया कि मैं उसके साथ क्या क्या कर सकता हूं और अगर उसने इनकार किया तो छुट्टियां फ्री में हो जाएंगी पर मुझे क्या मालूम था कि आगे क्या होने वाला है।

“ठीक है अजय हमें मंजूर है।” मैंने कहा।

“तो ठीक है हमारी शर्त कल सुबह से शुरू होगी।” कहकर अजय चला गया।

मुझमें और अजय में शर्त लग चुकी थी। अब हम अपनी ख्वाहिशें आजमाने का इंतजार करने लगे। दूसरे दिन अजय शाम को हमारे घर आया और शर्त को शुरू कर दिया। उसने निशा को अपने पास बुलाया “निशा तुम अपने कपड़े उतार कर नंगी हो जाओ।”

निशा ने अपने पूरे कपड़े उतारे और नंगी हो गई। अजय ने उसकी चूत पर हाथ फिराते हुए कहा “निशा पहले तुम अपनी झांटें साफ करो मुझे चूत पर बाल बिल्कुल भी पसंद नहीं है और उस दिन जैसे ही कोई सेक्सी से हाई हील के सैंडल अपने पैरों में पहन लो।”

निशा वहां से उठ कर बाथरूम में चली गई। थोड़ी देर बाद निशा बाथरूम से बाहर निकल कर आई। मैंने देखा कि उसकी चूत एकदम चिकनी और साफ लग रही थी। बालों का नामोनिशान नहीं था। निशा ने लाल रंग के हाई हील के सैंडल भी पहन लिए थे। अजय ने उसे अपनी गोद में बिठा लिया और उसे चूमते हुए उसकी चूत में अपनी अंगुली डाल दी।

“वाह क्या चूत है तुम्हारी।” कहकर अजय अपनी दूसरी अंगुली उसकी चूत में डाल अंदर बाहर करने लगा।

अजय ने निशा को खड़ा किया और खुद खड़ा हो अपने कपड़े उतारने लगा। उसका खड़ा लंड शॉर्ट्स के बाहर निकल कर फुंकार रहा था। निशा आगे बढ़ कर उसके लंड को अपने हाथों में ले सहलाने लगी।

दोनों एक दूसरे के अंगों को सहला रहे थे भींच रहे थे। कमरे में मेरी मौजूदगी का जैसे किसी को एहसास नहीं था। “आज मैं तुम्हें ऐसे चोदूंगी कि तुम जिंदगी भर याद करोगे।” इतना कहकर निशा अजय को खींच कर बिस्तर पर ले गई।

निशा ने अजय को बिस्तर पर लिटा दिया। उसका लंड पूरा तन कर एकदम तंबू के डंडे की तरह खड़ा था। निशा उसकी टांगों को फैला कर बीच में आ गई और उसके लंड को चूमने लगी। मैं पीछे खड़ा ये नजारा देख रहा था। निशा के झुकते ही उसकी गोरे चूतड़ ऊपर उठ गए थे और उसकी गुलाबी चूत साफ दिखाई दे रही थी।

मैं देख रहा था कि निशा अजय के लंड को अपने हाथों से पकड़ कर उसके सुपाड़े को चाट रही थी। फिर उसने अपना पूरा मुंह खोल कर उसके लंड को अपने गले तक ले लिया।

इतना कामुक और उत्तेजित नजारा देख कर मुझसे रहा नहीं जा रहा था। मेरा लंड मेरी पैंट में पूरा तन गया था। मैं भी अपने कपड़े उतार कर अपने लंड को सहलाने लगा। निशा एक कामुक औरत की तरह अजय के लंड की चूसाई कर रही थी। अजय ने जब मुझे अपने लंड से खेलते देखा तो कहा “राज ऐसा करो तुम अपनी बीवी को थोड़ी देर चोद कर उसकी चूत को मेरे लंड के लिए तैयार करो।”

मुझे एक बार तो बहुत बुरा लगा कि एक दूसरा मर्द मुझे ही मेरी बीवी को चोदने के लिए आज्ञा दे रहा है पर लंड की अपनी भूख होती है और ऊपर से हमारी शर्त। मैं झट से निशा के पास पहुंचा और उसके चूतड़ पकड़ कर एक ही झटके में अपना पूरा लंड उसकी बिना बालों की चूत में पेल दिया।

मेरे लंड के अंदर घुसते ही निशा ने अपने चूतड़ और पीछे की ओर करते हुए मेरे लंड को और अंदर तक ले लिया। मैं जोर के धक्के लगा कर निशा को चोद रहा था और वो हर धक्के के साथ उतनी ही तेजी से अजय के लंड को चूस रही थी।

“राज लगता है अब निशा तैयार हो गई है।” अजय ने निशा की चूचियों को मसलते हुए मुझे हटने का इशारा किया। निशा ने अभी आखिरी बार उसके लंड को चूमा और उठ कर घूम कर बैठ गई। निशा अपने दोनों पांव अजय के शरीर के अगल बगल रख कर बैठ गई। उसकी पीठ अजय की ओर थी और उसका चेहरा मेरे सामने था। निशा मुझे आंख मार कर थोड़ा सा उठी और अजय का लंड अपने हाथों में ले कर उसे अपनी चूत पर रगड़ने लगी। थोड़ी देर लंड को अपनी चूत पर रगड़ने के बाद वो एक हाथ से अपनी चूत का मुंह फैलाते हुए नीचे की ओर बैठने लगी। अजय का पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में समा चुका था।

अब निशा अपनी दोनों चूचियों को पकड़ कर एक ब्लू फिल्म की अदाकारा की तरह उछल उछल कर अजय को चोद रही थी। जैसे ही वो ऊपर की ओर उठती तो उसकी चूत थोड़ा सिकुड़ जाती और जब वो जोर से उसके लंड पर बैठती तो चूत खुल कर लंड को अपने में समेट लेती। दोनों उत्तेजना में भर चुके थे अजय के हाथ उसकी कमर पर थे और धक्के लगाने में सहायता कर रहे थे।

उनके शरीर की अकड़न देख कर मैं समझ गया कि दोनों का पानी छूटने वाला है। इतने में अजय ने निशा को रुकने के लिए कहा। निशा रुक गई। अजय ने उसे खींच कर अपनी छाती पर लिटा लिया। निशा अब अजय की छाती पर पीठ के बल लेटी थी। अजय ने निशा की टांगों को सीधा कर के फैला दिया जिससे उसका लंड चूत में घुसा हुआ साफ दिखाई दे रहा था।

“राज आकर अपनी बीवी की चूत को चूसकर उसका पानी क्यों नहीं छुड़ाते?” कहकर अजय ने निशा की चूत को अपने हाथों से और फैला दिया। मैं अपने आपको रोक न सका और उछल कर उन दोनों की टांगों के बीच आ अपना मुंह निशा की चूत पर रख दिया। मैं जोर जोर से उसकी चूत को चूस रहा था और चाट रहा था। मेरी जीभ की घर्षण ने दोनों के बदन में आग लगा दी।

थोड़ी देर में अजय ने अपने चूतड़ ऊपर की ओर उठाए जैसे कि अपना लंड उसकी चूत में जड़ तक समाना चाहता हो। मैं समझ गया कि उसका पानी छूटने वाला है। निशा ने भी अपनी चूत का दबाव अजय के लंड पर बढ़ा कर अपना पानी छोड़ दिया। अजय ने भी निशा की कमर को जोर से पकड़ अपने वीर्य को उसकी चूत में उड़ेल दिया।

मैं निशा की चूत जोर से चूसे जा रहा था और साथ ही साथ अपने लंड को रगड़ रहा था। जब अजय के लंड ने अपना सारा पानी निशा की चूत में छोड़ दिया तो अजय ने निशा को अपने से नीचे उतार दिया और मेरी तरफ देखते हुए कहा “राज अब तुम निशा को चोदो।”

निशा मेरे सामने अपनी टांगें फैलाए लेटी थी। उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने थी और साथ ही मुझे उसकी चूत से टपकता अजय का वीर्य साफ दिखाई दे रहा था। दूसरे के वीर्य से भीगी अपनी बीवी की चूत में लंड डालने का मेरा कोई इरादा नहीं था। जब अजय ने मुझे हिचकिचाते हुए देखा तो इशारे से मुझे शर्त याद दिलाई।

मेरे पास कोई चारा नहीं था इसलिए मैं निशा की टांगों के बीच आ गया और एक ही धक्के में अपने खड़े लंड को उसकी चूत में जड़ तक समा दिया। मैंने देखा कि मेरा लंड अजय के वीर्य से लिथड़ा हुआ निशा की चूत के अंदर बाहर हो रहा था।

निशा ने अपनी उखड़ी सांसों को संभाल कर अपनी आंखें खोलीं और मुझे देख कर मुस्कुरा दी। फिर उसने पलट कर अजय की ओर देखा। अजय उसकी ओर बढ़ कर उसके होंठों को चूसने लगा। मैं अपनी बीवी को कस के चोदे जा रहा था और वो दूसरे मर्द के होंठों का रसपान कर रही थी। अजय अब नीचे की ओर बढ़ कर उसकी एक चूंची को मुंह में ले चूस रहा था।

इतने में अजय झटके से उठा “तुम दोनों मजा करो।” कहकर वो अपने कपड़े पहन वहां से चला गया। मैंने निशा की ओर देखा तो उसने अपनी टांगें मोड़ कर अपनी छाती पर रख लीं और अपनी अंगुली मुंह में गीली कर के अपनी चूत में घुसा दी।

मैं और तेजी से उसे चोदने लगा और वो अपनी अंगुली से खुद को चोद रही थी। मुझे पता था कि थोड़ी ही देर में उसकी चूत फिर पानी छोड़ देगी और मेरा लंड उसकी चूत में पानी छोड़ देगा। थोड़ी ही देर में हम दोनों का शरीर अकड़ने लगा और निशा ने अपनी नसों के खिंचाव से मेरे लंड को पूरा भींच लिया। उसकी चूत ने इतनी जोरों का पानी छोड़ा कि मुझे ऐसा लगा कि मेरे लंड पर कोई बांध खुल गया है। मैंने भी उसे जोरों से भींचते हुए अपना वीर्य उगल दिया।

हम दोनों आपस में शर्त तो लगा चुके थे पर इस शर्त की हद कहां तक हमें ले जाएगी ये मुझे कुछ दिनों के बाद पता चला। मैंने और निशा ने अजय और यामिनी का अपने दोस्तों से परिचय कराने के लिए एक छोटी सी पार्टी रखी थी।

मैंने सोच लिया था कि मैं यामिनी को वो सब करने को कहूंगा जो वो नहीं करना चाहती। अगर उसने ना कहा तो मैं शर्त जीत जाऊंगा। पार्टी के दिन मैं ऑफिस में यही सोचता रहा और शाम तक मैंने सब कुछ सोच लिया था कि मुझे क्या करना है।

यामिनी के ख्यालों में खोया हुआ जब मैं शाम को घर पहुंचा तो मेरा लंड पूरा खंबे के जैसे तना हुआ था। निशा ने मुस्कुराते हुए दरवाजा खोला और मुझे बांहों में भर कर चूम लिया। मेरा लंड उसकी चूत पर ठोकर मार रहा था। निशा ने दरवाजा बंद किया और घुटनों के बल बैठते हुए मेरी पैंट के बटन खोलने लगी।

मैं दीवार का सहारा ले कर खड़ा हो गया और निशा मेरे लंड को बाहर निकाल चूसने लगी। वो मुझे जोर जोर से चूस रही थी और मैं उसके बालों को पकड़ अपने लंड पर उसके मुंह को दबा रहा था। थोड़ी देर में मेरे लंड ने उसके मुंह में वीर्य छोड़ दिया जिसे वो सारा गटक गई।

अपने होंठों पर लगे मेरे वीर्य को अपनी जीभ से साफ करते हुए वो बोली “राज जानते हो आज मैं बाजार से क्या लेकर आई हूं?” इतना कह वो मुझे घसीट कर बेडरूम में ले गई। बेडरूम में पहुंच कर मैंने देखा कि बिस्तर पर एक बहुत ही काले रंग का नौ इंच लंबा और तीन इंच मोटा डिल्डो पड़ा था।

निशा ने बताया कि वो ये डिल्डो यामिनी के साथ बाजार से लाई है। ये बैटरी से चलता है। निशा इसे आजमाना चाहती थी। मैंने दराज से बैटरी निकाल कर उसमें लगा दी। निशा बिस्तर पर लेट गई और अपने गाउन को कमर तक उठा दिया और अपनी चूत को फैला दिया।

मैंने देखा कि कई दिनों से निशा ने पैंटी पहनना छोड़ दिया था। “मैं चाहती हूं कि तुम इसे मेरी चूत में डालकर मुझे इससे चोदो।” कहकर निशा ने डिल्डो मेरे हाथों में पकड़ा दिया। मैंने पहले उसकी सफाचट चूत को चूमा और फिर डिल्डो को उसकी चूत के मुहाने पर रख दिया। डिल्डो मेरे लंड से भी मोटा था और मैं सोच रहा था कि वो निशा की चूत में कहां तक जाएगा।

मैंने डिल्डो उसकी चूत पर रखा और अंदर घुसाने लगा। निशा अपनी टांगें हवा में उठाए हुए थी। थोड़ी देर में ही पूरा डिल्डो उसकी चूत में घुस गया और मैंने उसका स्विच ऑन कर दिया। अब वो निशा को मजे दे रहा था और उसके मुंह से सिसकारी निकल रही थी “ओहहहहह आहहहहह।”

इतने में ही फोन की घंटी बजी। निशा झट से बिस्तर पर से उठ कर फोन सुनने लगी। फोन पर उसकी फ्रेंड थी जो थोड़ी देर में हमारे घर आ रही थी। निशा ने अपने कपड़े दुरुस्त किए और डिल्डो को बेड के साइड ड्रावर में रख दिया। दरवाजे की घंटी बजी और निशा अपनी फ्रेंड को रिसीव करने चली गई।

मैंने भी रात के कार्यक्रम को अंजाम देने के लिए यामिनी का फोन मिलाया। उसने पहली घंटी पर ही फोन उठाया और हंसते हुए पूछा “निशा को अपना नया खिलौना कैसा लगा?” मैंने उसकी बातों को नजरअंदाज कर दिया। मैंने उसे बताया कि उसे रात की पार्टी में टाइट काले रंग की ड्रेस पहन कर आनी थी और उसे नीचे कुछ भी नहीं पहनना था। ना ही किसी तरह की ब्रा और न ही पैंटी। और साथ ही सैंडल भी एकदम हाई हील की होनी चाहिए। उसने बताया कि ऐसी ही एक ड्रेस उसके पास है। यामिनी ने पूछा कि उनके कुछ दोस्त उनके साथ रहने के लिए आ रहे हैं तो क्या वो उन्हें साथ में पार्टी में ला सकती है। मैंने उसे हां कर दी।

सबसे पहले पहुंचने वालों में अजय और यामिनी ही थे। वे करीब सात बजे पहुंच गए थे। उनके साथ उनके दोस्त अविनाश और मिनी थे। दोनों की जोड़ी खूब जंच रही थी। अविनाश जिसे सब प्यार से अवी कहते थे थ्री पीस सूट में काफी हैंडसम लग रहा था। और मिनी का तो कहना ही क्या उसने काले रंग की डीप कट ड्रेस पहन रखी थी जो उसके घुटनों तक आ रही थी। गोरा रंग पतली कमर सुडौल टांगें और पैरों में चमचमाते हुए काले रंग के स्ट्रैपी हाई हील के सैंडल। मिनी काफी सुंदर दिखाई दे रही थी।

पर यामिनी को देख कर तो मेरी सांसें ऊपर की ऊपर रह गईं। जैसे मैंने कहा था उसने लो कट की काले कलर की टाइट ड्रेस पहन रखी थी। और वो मिनी की ड्रेस से भी छोटी थी। उसके घुटनों से थोड़ा ऊपर की ओर तक। ड्रेस इतनी छोटी थी कि बिना ड्रेस को ऊपर किए उसकी साफ और चिकनी चूत दिखाई दे सकती थी। पता नहीं यामिनी ने कैसे हिम्मत की होगी बिना ब्रा और पैंटी के ये ड्रेस पहनने की।

निशा भी अपनी लाल ड्रेस और मैचिंग लाल सैंडलों में थी जो उसने इसी पार्टी के लिए नई खरीदी थी। सबका परिचय कराने के बाद मैं अपने काम में जुट गया। मैं यामिनी को इशारा करके बार काउंटर की ओर बढ़ गया और ड्रिंक्स बनाने लगा। जब मैं ड्रिंक्स बना रहा था तब यामिनी ने मेरे पीछे आकर मेरे कान में कहा कि उसने वैसे ही किया जैसा मैंने उसे करने को कहा था।

वो मेरे सामने आकर अपनी टांगें थोड़ी फैला कर खड़ी हो गई जैसे बताना चाहती हो कि वो सही कह रही है। मैंने जानबूझ कर अपने हाथ में पकड़ा बॉटल ओपनर नीचे जमीन पर गिरा दिया। जैसे ही मैं वो ओपनर उठाने को नीचे झुका तो यामिनी ने अपनी ड्रेस उठा कर अपनी बालों रहित चूत को मेरे मुंह के आगे कर दिया। उसके इस अंदाज ने मेरे लंड को तन दिया। मैंने थोड़ा सा आगे बढ़ कर हल्के से उसकी चूत को चूमा और खड़ा हो गया। अच्छा हुआ मेरी इस हरकत को कमरे में बैठे लोगों ने नहीं देखा।

धीरे धीरे लोग इकट्ठे होते जा रहे थे। यामिनी मेरे साथ मेरे पीछे खड़ी मुझे ड्रिंक्स बनाने में सहायता कर रही थी। बार की आड़ लेकर मुझे जब भी मौका मिलता मैं उसके चूतड़ और उसकी गांड पर हाथ फिरा देता। एक बार जब हमारी तरफ कोई नहीं देख रहा था तो उसने मेरा हाथ पकड़ अपनी चूत पर रख दिया और कहा “राज मेरी चूत को अपनी अंगुली से चोदो ना।”

मेरा लंड मेरी पैंट में एकदम तन चुका था। अब मैं उसकी गर्मी शांत करना चाहता था। पहले निशा को उसके नए डिल्डो के साथ और अब पिछले तीस मिनट यामिनी के साथ खेलते हुए मेरा लंड पूरी तरह से तैयार था।

मैंने निशा की तरफ देखा। वो अविनाश और मिनी के साथ बातों में मशगूल थी। अजय भी निशा के ख्यालों में खोया हुआ था। ये उपयुक्त समय था यामिनी को गेस्ट रूम में ले जाकर चोदने का। मैंने यामिनी से कहा “तुम गेस्ट रूम में चलो मैं तुम्हारे पीछे आता हूं।”

यामिनी बिना कुछ कहे गेस्ट रूम की ओर बढ़ गई। मगर मेरा इरादा केवल यामिनी को चोदने का नहीं था बल्कि मैं चाहता था कि उसकी चुदाई अजय अपनी आंखों से देखे। मैं उसके पास गया और उसे साइड में ले जाकर उससे कहा “अजय आज मैं तुम्हारी बीवी की गांड मारूंगा और मैं चाहता हूं कि तुम ये सब अपनी आंखों से देखो। ऐसा करना तुम खिड़की के पीछे छिप कर सब देखो मैंने खिड़की के पट थोड़े खुले छोड़ दिए हैं।” इतना कहकर मैं गेस्ट रूम की तरफ बढ़ गया।

मैं कमरे में पहुंचा तो यामिनी मेरा इंतजार कर रही थी। मैंने दरवाजा बंद किया और उसे बांहों में भर कर उसके होंठों को चूमने लगा। मैंने उसके बदन को सहलाते हुए उसकी पीठ पर लगी जिप खोल दी “यामिनी अपनी ड्रेस उतार दो।”

यामिनी ने अपनी ड्रेस उतार दी। उसने नीचे कुछ नहीं पहना था। अब वो सिर्फ काले रंग के हाई हील के सैंडल पहने नंगी खड़ी मेरी ओर देख रही थी। यामिनी उन सैंडलों में नंगी इतनी सुंदर लग रही थी कि किसी भी मर्द को मदहोश कर सकती थी।

मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी चूचियां पकड़ कर उसे अपने नजदीक खींच लिया और उसके कान में फुसफुसाया “यामिनी आज मैं तुम्हारी गांड मारना चाहता हूं।”

मेरी बात सुनकर वो मुस्कुरा दी और बोली “राज मैं पूरी तरह से तुम्हारी हूं। तुम्हारा जो जी चाहे तुम कर सकते हो।”

यामिनी अब घुटनों के बल बैठ कर मेरी पैंट के बटन खोलने लगी। बटन खुलते ही मेरा लंड फुंकार मार कर बाहर निकल आया। यामिनी बड़े प्यार से उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। वो इतने प्यार से चूस रही थी जैसे वो मेरे लंड को अपनी गांड के लिए तैयार कर रही हो।

मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी औरत की गांड नहीं मारी थी। मैंने कई बार निशा को इसके लिए कहा पर हर बार उसने साफ मना कर दिया। एक बार मेरी काफी जिद करने पर वो तैयार हो गई। पर मेरी किस्मत जैसे ही मैंने अपना लंड उसकी गांड में घुसाया वो दर्द के मारे इतनी जोर की चीखी कि घबरा कर मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया। उसके बाद मैंने दोबारा कभी इस बात की हिम्मत नहीं की।

मगर आज लग रहा था कि मेरी बरसों की मुराद पूरी होने वाली है। मैंने बिना समय बिताए अपने कपड़े उतार दिए और नंगा हो गया और यामिनी से कहा “अब तुम मेरे लंड को अपनी गांड के लिए तैयार करो।”

वो खड़ी हो गई और मेरे लंड को पकड़ कर मुझे बाथरूम की तरफ घसीटने लगी “राज तुम्हारे पास कोई क्रीम है?”

बाथरूम में पहुंच कर मैंने स्टैंड पर से वेसलीन की शीशी उठा कर उसे दे दी। मैंने सब तैयारी कल शाम को ही कर ली थी। यामिनी मुस्कुराते हुए शीशी में से थोड़ी क्रीम लेकर मेरे लंड पर मसलने लगी। मेरे लंड को मसलते हुए वो मेरे सामने खड़ी बड़ी कामुक मुस्कान के साथ मुझे देखे जा रही थी।

यामिनी शायद समझ चुकी थी कि मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी की गांड नहीं मारी है। उसने हंसते हुए मुझे बताया कि गांड मरवाने में उसे बहुत मजा आता है। उसने बताया कि अजय भी अक्सर उसकी गांड मारता रहता है।

जब मेरा लंड क्रीम से पूरा चिकना हो चुका था तो वो क्रीम की शीशी मुझे पकड़ा कर घूम कर खड़ी हो गई। शीशे के नीचे लगे शेल्फ को पकड़ वो नीचे झुक गई और अपनी गांड मेरे सामने कर दी।

यामिनी ने शीशे में से मेरी ओर देखते हुए अपने टांगों को थोड़ा फैला दिया जिससे उसकी गांड और खुल गई। यामिनी मेरी ओर देखते हुए बोली “राज अब इस क्रीम को मेरी गांड पर अच्छी तरह चुपड़ कर मेरी गांड को भी चिकना कर दो।”

मैंने थोड़ी सी क्रीम अपनी अंगुलियों पर ली और उसकी गांड पर मलने लगा। जैसे ही मेरी अंगुलियों ने उसकी गांड को छुआ उसने एक मादक सिसकारी लेते हुए अपने सर को अपने हाथों पर रख दिया “राज अब तुम अपनी एक अंगुली मेरी गांड में डाल दो और उसे गोल गोल घुमाओ।”

मैंने अपनी एक अंगुली उसकी गांड में डाल दी और गोल गोल घुमाने लगा। थोड़ी देर बाद उसने कहा “अब तुम थोड़ी और क्रीम अपनी अंगुली पर ले कर अपनी दो अंगुलियां मेरी गांड में डाल कर अंदर बाहर करने लगो।”

उसने जैसा कहा मैंने वैसा ही किया। मुझे बहुत मजा आ रहा था एक तो किसी की बीवी की गांड मारने का मौका और ऊपर से वो ही मुझे सिखा रही थी कि गांड कैसे मारी जाती है। काश अजय ये सब देख पाता कि कैसे मेरी दो अंगुलियां उसकी बीवी की गांड में अंदर बाहर हो रही थीं।

थोड़ी देर बाद जब उसकी गांड पूरी तरह से चिकनी हो गई तो वो बोली “राज अब तुम मेरी गांड मार सकते हो ये तुम्हारे लौड़े के लिए पूरी तरह से तैयार है।”

मैंने उसे सीधा किया और अपनी गोद में उठा कर उसे बिस्तर पर ले आया। मैंने कनखियों से खिड़की की तरफ देखा तो मुझे अजय की परछाईं दिखाई दी। मैंने यामिनी को इस अंदाज में घुटनों के बल बिस्तर पर लिटाया कि उसकी गांड खिड़की की तरफ हो और अजय को सब कुछ साफ नजर आए।

यामिनी बिस्तर पर पूरी तरह अपनी छातियों के बल लेट गई जिससे उसकी गांड और ऊपर को उठ गई थी। मैं उसकी टांगों के बीच आ गया और अपना खड़ा लंड उसकी गांड के गुलाबी छेद पर रख थोड़ा सा अंदर घुसा दिया।

जैसे ही मेरे लंड का सुपाड़ा उसकी गांड के छेद में घुसा उसके मुंह से सिसकारी निकल पड़ी “ऊईईईई मर गईईईई।”

यामिनी ने अपने दोनों हाथ पीछे कर के अपने चूतड़ पकड़ कर अपनी गांड को और फैला लिया। उसकी गांड और मेरा लंड पूरी तरह से क्रीम से लथे हुए थे। मैंने उसके चूतड़ को पकड़ कर अपने लंड को और अंदर घुसाया पर उसकी गांड इतनी कसी हुई थी कि मुझे अंदर घुसाने में तकलीफ हो रही थी।

यामिनी ने अपने चूतड़ और फैला दिए “राज थोड़ा धीरे और प्यार से घुसाओ।”

मैंने अपने लंड को बड़े धीरे से उसकी गांड में घुसाया तो मुझे लगा कि उसकी गांड की दीवारें और खुल रही हैं और मेरे लंड के लिए जगह बन रही है। मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं उसकी गांड में लंड नहीं डाल रहा हूं बल्कि उसकी गांड मेरे लंड को निगल रही है। थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड उसकी गांड में समाया हुआ था।

अब मैं अपने लंड को उसकी गांड में धीरे धीरे अंदर बाहर कर रहा था। मैं अपने लंड को बाहर खींचता और जब सिर्फ सुपाड़ा अंदर रहता तो एक ही धक्के में अपना लंड उसकी गांड में पेल देता।

यामिनी भी अपने चूतड़ों को पीछे की ओर धकेल कर मजा ले रही थी “हांआआ राज डाल दो अपने लंड को मेरी गांड में फाड़ दो इसे लगाओ जोर के धक्के।”

मुझे भी जोश आता जा रहा था। मैंने यामिनी के कंधों को पकड़ कर उसे अपने से और चिपटा लिया। अब मेरा लंड और भी गहराइयों तक उसकी गांड में जा रहा था। मैं जैसे ही अपना लंड और घुसाता वो अपने को और मेरी बदन से चिपका लेती। मैं इसी अवस्था में अपने लंड को उसकी गांड के अंदर बाहर कर रहा था कि मैंने उसके हाथों को अपने अंडकोश पर महसूस किया। वो धीरे धीरे मेरे गोलों को सहला रही थी। उसके हाथों की गर्मी मुझमें और उत्तेजना भर रही थी।

मेरा लंड अब तेजी से उसकी गांड के अंदर बाहर हो रहा था। मुझे मालूम था कि मेरा छूटने का समय नजदीक आता जा रहा है। पर शायद उसका पानी नहीं छूटने वाला था वो अपना हाथ मेरे अंडों पर से हटा कर अपनी चूत को रगड़ने लगी। मैं और जोर से धक्के मार रहा था।

जब उसका छूटने का समय नजदीक आया तो वो अपनी दो अंगुलियां अपनी चूत में डाल कर अंदर बाहर करने लगी और चीखने लगी “हां मारो मेरी गांड को और जोर से राज छोड़ दो अपना पूरा पानी मेरी गांड में।”

मैं जोर से उसकी गांड में अपना लंड पेले जा रहा था। बहुत ही दिलकश नजारा था। जब मेरा लंड उसकी गांड से निकलता तो उसका छेद सिकुड़ जाता और जब मैं अंदर पेलता तो और खुल जाता। मैं जोर के धक्के लगा रहा था।

मैंने महसूस किया कि उसका शरीर अकड़ रहा था और उसकी गांड ने मेरे लंड को अपनी गिरफ्त में ले लिया था। मैं समझ गया कि उसका पानी छूट रहा है। मैंने जोर का धक्का लगाया और मेरे लंड ने भी अपने वीर्य की पिचकारी उसकी गांड में छोड़ दी। जैसे ही मेरा लंड वीर्य उगलता मैं अपने लंड को और जड़ तक उसकी गांड में समा देता।

मुझे आज पहली बार एहसास हुआ कि गांड मारने में कितना मजा आता है। मैं यामिनी की गांड में अभी भी अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था। उसकी गांड क्रीम और मेरे वीर्य से इतनी गीली हो चुकी थी कि मुझे अपना लंड जड़ तक घुसाने में कोई तकलीफ नहीं हो रही थी।

पर हमें नीचे पार्टी में भी शामिल होना था इसलिए मैंने अपना लंड धीरे धीरे उसकी गांड से निकालना शुरू किया। जब मेरा लंड उसकी गांड से बाहर निकल आया तो यामिनी ने घूम कर मुझे चूम लिया “मैं जानती हूं तुमने आज पहली बार किसी की गांड मारी है और तुम्हें खूब मजा आया है। मुझे भी मजा आया है आज के बाद तुम जब चाहो मेरी गांड मार सकते हो।”

यामिनी के इन शब्दों ने जैसे मेरे मुर्झाए लंड में जान फूंक दी। मेरा लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया। मैं समझ गया कि मुझे यामिनी की गांड मारने का और मौका भविष्य में मिलेगा।

मैंने और यामिनी ने अपने आप को टॉवल से साफ किया और अपने कपड़े पहन लिए। मैं यामिनी से पहले पार्टी में पहुंचा तो मेरा सामना अजय से हो गया “लगता है तुम्हारे और यामिनी में अच्छी खासी जमने लगी है। अब मेरा समय है कि मैं निशा के सेक्स ज्ञान को और आगे बढ़ाऊं।”

अजय अब निशा को खोज रहा था। निशा कमरे के एक कोने में खड़ी अविनाश और मिनी से बातें कर रही थी। हकीकत में अविनाश बार स्टूल पर बैठा था और निशा उसके पास एकदम सट कर खड़ी थी। अविनाश के दोनों हाथ उसकी कमर पर थे।

मैंने देखा कि अजय निशा के पास गया और उसके कान में कुछ कहा। निशा उसकी बात सुनकर अविनाश से बोली “सॉरी मैं अभी आती हूं।” यह कहकर वो गेस्ट रूम की ओर बढ़ गई।

अजय मेरी तरफ आया और बोला “अब तुम्हारी बारी है देखने की।” यह कहकर वो भी गेस्ट रूम की ओर बढ़ गया। एक बार तो मेरी समझ में नहीं आया कि मैं क्या करूं फिर मैं भी उसके पीछे बढ़ गया। मैं भी देखना चाहता था कि वो मेरी बीवी के साथ क्या करता है।

अजय के जाते ही मैं भी उसके पीछे जा खिड़की के पीछे वहीं छिप गया जहां थोड़ी देर पहले अजय खड़ा था। अजय और निशा कमरे में पहुंच चुके थे और निशा उसे अविनाश और मिनी के बारे में बता रही थी। निशा बता रही थी अविनाश कितना हंसमुख इंसान था और वो उसे किस तरह के जोक्स सुना कर हंसा रहा था।

अजय ने निशा से पूछा “क्या तुम्हें अविनाश अच्छा लगता है?”

“हां अविनाश एक अच्छा इंसान है और मिनी भी। दोनों काफी अच्छे हैं।” निशा ने जवाब दिया।

“नहीं सच बताओ क्या तुम अविनाश से चुदवाना चाहती हो मुझे और यामिनी को मालूम होना चाहिए। हम लोग पिछले साल भर से दोस्त हैं और तुम्हें नहीं मालूम कि अविनाश कितनी अच्छी चुदाई करता है।” अजय ने कहा।

निशा ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया पर वो इतना जरूर समझ गई कि अजय और यामिनी आपस में अविनाश और मिनी के साथ चुदाई करते हैं।

निशा ने अजय को बांहों में भर लिया और उसके होंठों को चूमने लगी। अजय ने भी उसे बांहों भर कर अपना एक हाथ उसकी ड्रेस के अंदर डाल दिया। “तो आज तुमने भी पैंटी नहीं पहन रखी है।” कहकर वो उसके चूतड़ सहलाने लगा।

हे भगवान मैं यामिनी में इतना खोया हुआ था कि मुझे इस बात का पता ही नहीं चला कि मेरी बीवी बिना पैंटी के इतनी देर से पार्टी में घूम रही है।

“तो तुम्हें तुम्हारा नया खिलौना कैसा लगा। यामिनी के पास भी वैसा ही खिलौना है और उसे बहुत पसंद है। क्या तुम उसे ट्राई कर चुकी हो?” अजय ने उसके कुल्हों को भींचते हुए कहा।

“कुछ खास अच्छी तरह से नहीं।” निशा ने जवाब दिया। अजय ने उसे अपना नया डिल्डो लाने को कहा। निशा ने अपने बेडरूम से डिल्डो लाकर अजय को पकड़ा दिया।

अजय ने निशा को कमरे में रखी एक आराम कुर्सी पर बिठा दिया। अजय अब जोरों से उसे चूमने लगा। मैंने देखा कि उसका एक हाथ यामिनी की टांगों को सहलाते हुए अब उसकी जांघों पर रेंग रहा था। फिर उसने उसकी दोनों टांगों को थोड़ा फैला दिया जिससे उसकी चूत पूरी तरह खुल कर नजर आने लगी।

मेरी बीवी कुर्सी पर और पसर गई और अपनी टांगें और फैला दीं जिससे अजय को आसानी हो सके। अजय ने उसकी टांगों को ऊपर उठा कर कुर्सी के हत्थे पर रख दिया। जैसे ही अजय ने अपना मुंह उसकी चूत का स्वाद लेने के लिए बढ़ाया निशा उसकी ओर कामुक नजरों से देखने लगी।

कुर्सी ठीक खिड़की के बगल में थी। इसलिए मुझे अंदर का नजारा साफ दिखाई पड़ रहा था कि किस तरह अजय मेरी बीवी की चूत को चाट रहा था। अजय चूत चाटने में माहिर था और थोड़ी ही देर में निशा के मुंह से सिसकारी गूंजने लगी।

अजय ने अब अपनी दो अंगुलियां अपनी जीभ के साथ निशा की चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा। करीब पंद्रह मिनट तक उसकी चूत को चाटने के बाद अजय उठा और डिल्डो को ले आया और उसका बटन ऑन करके उसे चालू कर दिया।

मेरी बीवी कुर्सी पर पसरी हुई कामुक नजरों से अजय को देख रही थी। वो जानती थी कि एक दूसरा मर्द अब उसकी चूत में एक खिलौने को डालने वाला है। अजय घुटनों के बल बैठ कर निशा की टांगों के बीच आ गया और उसकी गीली हो चुकी चूत में डिल्डो को डालने लगा। उसने धीरे धीरे डिल्डो अंदर घुसाया और अब वो प्लास्टिक का खिलौना निशा की चूत में पूरा घुस चुका था।

डिल्डो की हरकत का असर मेरी बीवी के चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था वो अपनी टांगों को पूरा भींच कर डिल्डो का मजा लेने लगी। मेरा लंड भी ये सब देख एक बार फिर तन चुका था जबकि बीस मिनट पहले ही मैं यामिनी की गांड में झड़ कर अलग हुआ था।

अजय अब खड़ा होकर अपनी पैंट के बटन खोलने लगा। उसने निशा के चेहरे के पास आकर अपना एक घुटना कुर्सी के हत्थे पर रख दिया। उसका लंड निशा के चेहरे पर झटके मार रहा था। निशा ने मुस्कुरा कर उसकी तरफ देखा और अपना मुंह खोल कर उसके लंड को अंदर ले लिया।

“निशा मैं चाहता हूं कि तुम मेरा लंड ठीक उसी तरह चूसो जैसे तुमने पहली बार चूसा था। एक हाथ से मेरे लंड को चूसो और दूसरे हाथ से मेरी गोलियों को सहलाओ। सच में बहुत मजा आया था जब तुमने ऐसा किया था।” निशा वैसे ही उसके लंड को जोरों से चूस रही थी। दोनों की गहरी होती सांसें और बदन की हरकत बता रही थी कि दोनों ही छूटने के करीब हैं।

एक तो निशा की चूत में डिल्डो की हरकत ऊपर से अजय का लंड। निशा उत्तेजित हो कर अजय के लंड को अपने गले में लेकर चूस रही थी। अजय भी उसके मुंह में लंड पूरा अंदर डाल कर चोद रहा था। अचानक बिना बताए अजय ने अपना लंड उसके मुंह से निकाला और अपना पानी निशा की चूचियों पर और चेहरे पर छोड़ दिया।

मैं तीन फीट की दूरी पर खड़ा देख रहा था कि आपत्ति जताने की बजाय निशा उसके पानी को अपने पूरे चेहरे पर रगड़ने लगी। फिर उसके रस से भरी अपनी अंगुलियों को चाटने लगी। उसकी हरकत ने मेरे लंड में जोश भर दिया और मैं अपने लंड को पैंट के ऊपर से रगड़ने लगा।

जब अजय का पूरा वीर्य झड़ गया तो वो उठ कर खड़ा हो गया। निशा अब भी कुर्सी पर लेटी हुई डिल्डो का मजा ले रही थी। अजय ने निशा का हाथ पकड़ कर उसे उठाया और बाथरूम में ले गया। मैंने देखा कि वो एक दूसरे को साफ कर रहे थे। बाथरूम से बाहर आकर अजय ने अपने कपड़े ठीक किए पर जब निशा अपनी ड्रेस देखने लगी तो पाया कि अजय के वीर्य के धब्बे उसकी ड्रेस पर भी गिर पड़े थे।

निशा को उदास देख अजय ने कहा “डियर उदास नहीं होते ऐसा करो जो उस रात तुमने ड्रेस पहनी थी वही पहन लो तुम पर वो ड्रेस खूब जंच रही थी।”

निशा बेडरूम में गई और अपनी टाइट जींस और टॉप लेकर आ गई। अजय ने उसे बांहों में भर लिया और फिर निशा को ले जाकर उसी कुर्सी के पास खड़ा कर दिया।

अजय कुर्सी पर बैठ गया और मेरी बीवी उसके सामने नंगी खड़ी थी। उसकी चूत एकदम फूली हुई लग रही थी क्योंकि वो डिल्डो अभी भी उसकी चूत में घुसा हुआ था। जैसे ही निशा ने वो डिल्डो बाहर निकालने के लिए अपना हाथ बढ़ाया तो अजय बोला “तुम्हें इसे बाहर निकालने की इजाजत किसने दी?” अब ये साफ हो गया था अजय चाहता था कि वो डिल्डो उसकी चूत में ही घुसा रहे।

अजय ने अब उसकी जींस अपने हाथों में ले ली। उसके बदन को सहलाते हुए वो उसे जींस पहनाने लगा। निशा ने भी अदा से पहले अपनी एक टांग उसमें डाली और फिर दूसरी। इसी दौरान एक बार डिल्डो उसकी चूत से फिसलने लगा तो अजय ने वापस उसे पूरा अंदर घुसा दिया।

निशा ने अपनी टाइट जींस का जिपर खींचा और उसके बाद बटन बंद करने लगी। पर उसको काफी तकलीफ हुई क्योंकि डिल्डो जो उसकी चूत में घुसा हुआ था। उसने अपना लाल टॉप भी पहन लिया। इतनी टाइट जींस में वो बहुत सेक्सी लग रही थी। फिर निशा ने अपने लाल सैंडल उतार कर दूसरे काले रंग के हाई हील के सैंडल पहन लिए। अजय और निशा पार्टी में जाने को तैयार हो गए।

मैं भी खिड़की से हटा और हाल में आ गया। शराब और शबाब जोरों से चल रही थी। किसी ने ध्यान नहीं दिया कि तीन लोग इतनी देर पार्टी से गायब थे। मैं यामिनी के पास आ गया जो अविनाश और मिनी के साथ बातें कर रही थी। जैसे ही अजय और निशा हाल में आए मैं अपने आपको निशा की चूत की तरफ देखने से नहीं रोक पाया। सिर्फ मैं जानता था कि उसकी चूत में एक डिल्डो घुसा हुआ है। उसकी जींस उस जगह से थोड़ी उठी हुई थी ये मुझे साफ दिखाई पड़ रहा था। पता नहीं आगे और किस किस का ध्यान इस बात की ओर जाता है।

निशा मेरे पास आई और गले में बांहें डाल कर मेरे होंठों को चूम लिया। ऐसा वो सबके सामने करती नहीं थी पर शायद एक तो चूत में डिल्डो और दूसरा उसकी चूत ने अभी तक पानी नहीं छोड़ा था इसलिए उसके शरीर में उत्तेजना भरी हुई थी। फिर उसने अजय के साथ गेस्ट रूम में जाने से पहले शराब भी पी थी जिसके सुरूर उसकी मदहोश आंखों में साफ साफ दिख रहा था। मैंने अनजान बनते हुए निशा से पूछा “तुमने कपड़े क्यों बदल लिए?”

“बस कपड़ों पर कुछ गिर गया था।” निशा ने जवाब दिया। कम से कम वो झूठ तो नहीं बोल रही थी। इतने में अजय ने मेरी तरफ मुस्कुरा के देखा। उसकी आंखों में एक शैतानी चमक थी। मैं समझ गया कि आज रात बहुत कुछ होने वाला है।

करीब एक घंटे तक निशा इस तरह पार्टी में चारों तरफ घूमती रही जैसे कुछ हुआ ही ना हो। चूत में डिल्डो लिए एक अच्छे मेहमाननवाज की तरह सब से मिल रही थी। सबको ड्रिंक स्नैक्स सर्व कर रही थी। मुझे पता था कि उसकी चूत में आग लगी हुई है और वो कभी भी पानी छोड़ सकती है।

इतने में यामिनी मेरा हाथ पकड़ कर अपने साथ डांस करने के लिए ले आई। हम हाल के एक कोने में डांस कर रहे थे जहां ज्यादा लोग हमारे पास नहीं थे। मैंने मौके का फायदा उठा कर अपना हाथ उसकी ड्रेस में डाल दिया और उसकी चूत से खेलने लगा। यामिनी ने मेरे कान में फुसफुसाते हुए कहा “राज मैं जानती हूं कि अजय ने निशा के साथ क्या किया है। ये उसका पुराना खेल है। वो निशा की ऐसी हालत कर देगा कि वो अपनी चूत का पानी छुड़ाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाएगी। पता नहीं अजय के दिमाग में क्या शरारत भरी हुई है।”

में अविनाश ने मेरी बीवी से डांस करने के लिए कहा। निशा ने अजय की ओर देखा और अजय ने आंख से इशारा करते हुए उसे जाने को कहा। मैंने देखा कि निशा का बदन मारे उत्तेजना के कांप रहा था। वो बड़ी मुश्किल से अपने आपको रोक रही थी।

इतने में मिनी ने भी मुझे डांस करने के लिए कहा। मैं समझ गया कि ये इशारा अजय ने उसे किया है। अब हम चारों अविनाश के पास आकर डांस करने लगे। मैं समझ गया कि अजय के मन में सामूहिक चुदाई का प्रोग्राम है। मिनी इतनी सेक्सी और गरम थी कि मैंने उसे चोदने का पक्का मन बना लिया था पर मुझे निशा का नहीं पता था कि वो अविनाश से चुदवाएगी कि नहीं।

पर मुझे इसकी चिंता नहीं थी। मुझे पता था कि निशा की चूत में इतनी देर से डिल्डो होने की वजह से उसकी चूत की हालत खराब हो चुकी होगी। निशा अपनी चूत का पानी छोड़ने के लिए अब किसी घोड़े से भी चुदवा सकती है।

मिनी ने मेरी तरफ कामुक निगाह से देखा और कहा “राज आज तक मैं अजय जैसे मर्द से नहीं मिली। वो चुदाई की कलाओं में इतना माहिर है कि वो किसी औरत को किसी भी मर्द से चुदवाने को उकसा सकता है।” मैं समझ गया कि वो निशा की बात कर रही है।

हम चार जने ही फ्लोर पर डांस कर रहे थे। मिनी ने धीरे से मेरा हाथ पकड़ कर अपनी चूत पर रख दिया। जैसे ही मेरा हाथ उसकी चूत को छुआ मैं चौंक कर उछल पड़ा। उसकी भी चूत में एक डिल्डो घुसा हुआ था।

“ये ठीक वैसा ही है जैसा तुम्हारी बीवी की चूत में घुसा हुआ है।” उसने मेरे हाथों का दबाव अपनी चूत पर बढ़ाते हुए कहा। मैं समझ गया कि ये सब अजय का काम है। उसने दो औरतों को इतना उत्तेजित कर दिया था कि वो चुदाने के लिए कुछ भी कर सकती थीं।

नाचते हुए मैंने निशा और अविनाश की ओर देखा। अविनाश का एक हाथ मेरी बीवी की चूत पर था और वो उस डिल्डो को और अंदर तक उसकी चूत में घुसा रहा था। फिर मैंने देखा कि निशा उसका हाथ पकड़ कर उसे हाल के बाहर ले जा रही है। मैं सोच रहा था कि पता नहीं अब आगे क्या होने वाला है? मैं भी मिनी को अपने साथ ले उनके पीछे चल दिया।

निशा और अविनाश कमरे में पहुंचे और उनके पीछे पीछे अजय और यामिनी और फिर मैं और मिनी भी कमरे में आ गए। अब ये बात सब पर खुलासा हो चुकी थी कि आज सब एक दूसरे की चुदाई करेंगे।

मिनी मेरे पास आकर मुझसे सट कर खड़ी हो गई। उसकी आंखों में भी उत्तेजना के भाव थे। लगता था कि अजय ने उसे भी डिल्डो को छूने की मनाही की हुई थी। बैटरी पर चलता डिल्डो उसकी चूत में आग लगाए हुए था। पता नहीं अजय ने क्या जादू इन दोनों पर किया हुआ था।

अजय ने भी शायद उनकी आंखों में छिपी वेदना को पढ़ लिया था “तुम दोनों चिंता मत करो आज तुम दोनों की चूत से पानी की ऐसी बौछार छूटेगी जैसे इस कमरे में बाढ़ आ गई हो। आज तुमको चुदाई का वो आनंद आएगा कि तुम दोनों जीवन भर याद करोगी।”

“लेकिन निशा की पहली बारी है क्योंकि आज की दावत उसकी तरफ से थी। लेकिन ये बाद में पहले मैं चाहता हूं कि निशा अपने काबिल ए तारीफ मुंह से अविनाश के लंड से एक एक बूंद पानी निचोड़ ले। लेकिन वो अपनी जींस नहीं उतारेगी और ना ही अपनी चूत पर हाथ रख सकेगी। अगर अविनाश ने इसके काम की तारीफ की तो मैं इस विषय पर सोचूंगा। राज और मिनी खड़े होकर इन्हें देख सकते हैं लेकिन यही बात मिनी पर भी लागू होती है। तब तक मैं और यामिनी मेहमानों का खयाल रखेंगे। जब अविनाश का काम हो जाए तो राज मेरे पास आकर आगे क्या करना है पूछ सकता है।” इतना कहकर अजय और यामिनी वापस हाल में चले गए।

निशा अविनाश का हाथ पकड़ कर उसे गेस्ट बेडरूम में ले गई। मुझे विश्वास नहीं आ रहा था कि थोड़े दिन पहले तक जिस औरत ने शादी के बाद सिवाय मेरे किसी से नहीं चुदवाया था आज वो फिर एक गैर मर्द का लंड चूसने जा रही है।

मैंने मुड़ कर मिनी की तरफ देखा। उसकी भी हालत खराब थी। मिनी भी रूम की तरफ बढ़ी तो मैं उसके चूतड़ को देखने लगा। कितने गोल और भरे हुए थे। मैं जानता था कि उसकी चूत में डिल्डो होने की वजह से वो अपनी टांगें सिकोड़ कर चल रही थी।

जैसे ही हम रूम में पहुंचे मैंने दरवाजा लॉक कर दिया। निशा उत्तेजना में इतनी पागल थी कि बिना समय बिताए वो घुटनों के बल बैठ कर अविनाश की जींस के बटन खोलने लगी। वो जानती थी कि जितनी जल्दी वो अविनाश का लंड चूस कर उसका पानी छुड़ाएगी उतनी जल्दी ही उसकी चूत को पानी छोड़ने का मौका मिलेगा।

निशा ने जल्दी जल्दी अविनाश की जींस के बटन खोले और उसकी जींस और अंडरवियर को नीचे खिसका दिया। जैसे कोई सांप बिल के बाहर आ गया हो उस तरह उसका दस इंची लंड जो कि तीन इंच मोटा होगा फुंकार कर खड़ा हो गया। निशा उस विशालकाय लंड को अपने हाथों में लेकर सहलाने लगी।

पर देखने लायक तो उसके लंड की दो गोलियां थीं जो टेनिस बॉल की तरह नीचे लटकी हुई थीं। इतनी बड़ी और भरी हुई थीं कि शायद पता नहीं कितना पानी उनमें भरा हुआ है। निशा अब उसके लंड को जोर से रगड़ रही थी। उसे पता था कि उसका पति और अविनाश की बीवी उसे देख रहे हैं।

मैं जानता था कि निशा के घुटनों के बल बैठते ही डिल्डो और अंदर तक उसकी चूत में घुस गया था। निशा ने अपनी जुबान बाहर निकाली और उसके लंड के सुपाड़े पर घुमाने लगी। मेरे और मिनी के शरीर में गर्मी बढ़ती जा रही थी। मिनी मेरे गले में बाहें डाल कर मेरे होंठों को चूसने लगी। उसके जिस्म में फैली आग और बदन से उठती खुशबू मुझे पागल कर रही थी। मैं भी उसे सहयोग देते हुए अपनी जीभ उसके मुंह में डाल कर घुमाने लगा।

उसके होंठों और जीभ को चूस रहा था तो वो अपनी टांगें फैला मुझसे बोली “राज मेरे बदन को सहलाओ ना प्लीज।” मैंने उसकी ड्रेस के सामने की जिप को नीचे कर दिया और उसकी चूचियों को बाहर निकाल लिया। उसके निप्पल इतने काले थे कि क्या बताऊं। मैं उसकी एक चूंची को अपने हाथों में पकड़ कर रगड़ने लगा और चूसने लगा। उसके शरीर की कंपन बता रही थी कि उसने अपने आप को मुझे सौंप दिया था लेकिन मैं उसकी चूत से नहीं खेल सकता था।

मैं उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा और अपने हाथ के दबाव से डिल्डो को और अंदर की तरफ धकेल दिया। मैं उसकी पैंटी को उतार कर उसकी चूत को चूमना चाहता था पर उसने मुझे रोक दिया “राज नहीं शर्त का उसूल है कि तुम उसकी बात को टालोगे नहीं।”

मैंने घूम कर निशा की तरफ देखा कि वो क्या कर रही है। मैंने देखा कि निशा अपना मुंह खोले अविनाश के लंड को चूस रही है और एक हाथ से उसकी गोलियों को सहला रही है। इतने में ही निशा ने अपने मुंह को पूरा खोला और अविनाश के दस इंची लंड को पूरा अपने गले तक ले लिया। अब उसके होंठ अविनाश की झांटों को छू रहे थे। निशा धीरे से अपने मुंह को पीछे की ओर करके उसके लंड को बाहर निकालती और फिर गप से पूरा लंड ले लेती।

निशा के दोनों छेदों में लंड घुसा हुआ था। असली दस इंची लंड उसके मुंह में और नकली प्लास्टिक का ग्यारह इंची उसकी चूत में।

निशा अब जोरों से अविनाश के लंड को चूस रही थी। मेरी और मिनी की आंखें इस दृश्य से हटाए नहीं हट रही थीं। इतने में मिनी भी घुटनों के बल बैठ कर मेरी जींस के बटन खोलने लगी। उसके घुटनों के बल बैठते ही डिल्डो उसकी चूत के अंदर तक समा गया और उसके मुंह से सिसकारी निकल पड़ी “आहहहह।”

मिनी ने मुझे घुमा कर इस अंदाज में खड़ा कर दिया कि मैं उसके पति के सामने खड़ा था। अब वो मेरा लंड अपने मुंह में ले जोरों से चूस रही थी। दोनों औरतें अपनी चूत में डिल्डो फंसाए किसी दूसरे मर्द का लंड चूस रही थीं। आज की शाम निशा के लिए अविनाश दूसरा मर्द था जिसका लंड वो चूस रही थी और मेरे लिए मिनी दूसरी औरत। एक की मैंने गांड मारी थी और दूसरी अब मेरा लंड चूस रही थी।

मैंने देखा कि वो औरत मेरे लंड को चूस रही थी जिससे मैं चंद घंटे पहले ही मिला था और मेरी बीवी उसके पति के लंड को चूस रही थी। दोनों औरतें एक दूसरे के पति के लंड को चूसे जा रही थीं। धीरे धीरे उनके चूसने की रफ्तार बढ़ने लगी और इतने में अविनाश के मुंह से एक सिसकारी निकली “हां ऐसे ही चूसो चूसती जाओ।”

मिनी ने अपने पति की सिसकारियां सुनीं तो अपने मुंह से मेरे लंड को निकाल कर अपने पति को देखने लगी। जैसे जैसे निशा की चूसने की रफ्तार बढ़ रही थी वैसे ही अविनाश के शरीर की अकड़न बढ़ रही थी। उसका शरीर अकड़ा और उसके लंड ने अपने वीर्य की बौछार निशा के मुंह में कर दी। मैंने देखा कि बिना एक बूंद भी बाहर गिराए निशा उसके सारे पानी को पी गई।

निशा की हरकत देख मिनी भी जोश में भर गई और मेरे लंड को जोर से चूसने लगी। मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था। मैंने मिनी के सर को पकड़ा और पूरी तरह अपने लौड़े पर दबा दिया। मेरा लंड उसके गले तक घुस गया और तभी लंड ने जोरों की पिचकारी उसके मुंह में छोड़ दी।

हम चारों को अपनी सांसें संभालने में थोड़ा वक्त लगा। हम चारों ने कपड़े पहने और वापस पार्टी में आ गए जो करीब करीब समाप्त होने के कगार पर थी। हम दोनों मर्दों के चेहरे पर तृप्ति के भाव थे पर दोनों औरतें अभी भी प्यासी थीं। एक तो उनकी चूत ने पानी नहीं छोड़ा था और दूसरा उनके मुंह में हम दोनों के लंड का पानी था। वो बार बार अपनी जीभ से होंठों पर हमारे लंड के पानी को पोंछ रही थीं। वो दोनों जाकर अजय के पास खड़ी हो गईं जो पार्टी में आई किसी महिला से बातों में व्यस्त था।

हम दोनों भी अजय के पास पहुंच गए। शायद दोनों औरतों की तड़प उससे देखी नहीं गई। वो भी जानता था कि निशा और मिनी पिछले तीन घंटे से डिल्डो अपनी चूत में लिए घूम रही हैं और अब उनकी चूत भी पानी छोड़ना चाहती होगी। “चलो सब मेहमानों को अलविदा कहते हैं और हम अपनी खुद की पार्टी शुरू करते हैं।” अजय ने कहा “मेरा विश्वास करो निशा आज की रात बहुत ही स्पेशल होगी। जो मजा तुम्हें आज मिलेगा उस मजे की कभी तुमने कल्पना भी नहीं की होगी।”

मैं सोच रहा था पता नहीं अजय के दिमाग में अभी और क्या है। निशा हाल में सभी मेहमानों का ख्याल रखने लगी। थोड़ी ही देर में सब मेहमान एक के बाद एक जाने लगे।

निशा जैसे ही किसी काम से नीचे को झुकती तो उसकी गांड थोड़ा सा ऊपर को उठ जाती। अजय उसे ही घूर रहा था “राज अब मैं तुम्हारी बीवी की गांड मारूंगा जैसे तुमने मेरी बीवी की मारी थी।”

मैं यह सुन कर दंग रह गया। अजय मेरी बीवी की कुँवारी गांड मारेगा जैसे मैंने उसकी बीवी की मारी थी। फर्क सिर्फ इतना था कि उसकी बीवी की गांड कुँवारी नहीं थी वो इतनी खुली थी कि गांड मरवाने में उसे कोई तकलीफ नहीं हुई थी। पर क्या निशा सह पाएगी? यह सोच कर ही मेरे बदन में एक सर्द लहर दौड़ गई।

पंद्रह मिनट में सभी मेहमान चले गए। “चलो अब सब मिलकर इन औरतों का ख्याल रखते हैं लेकिन सबको जैसा मैं कहूंगा वैसा ही करना होगा।” हम सब ने हां में गर्दन हिलाई और सब वापस गेस्ट बेडरूम में आ गए।

रूम में आते ही अजय बिस्तर पर बैठ गया। उसने निशा और मिनी को अपने सामने खड़े होने को कहा। फिर वो अपने हाथ दोनों की चूत पर रखकर डिल्डो को अंदर घुसाने लगा। निशा की जींस के ऊपर से और मिनी की पैंटी के ऊपर से।

“यामिनी अब तुम अविनाश का लंड आज की शानदार चुदाई के लिए तैयार करो पर ध्यान रखना कि इसका पानी नहीं छूटना चाहिए।” अजय की बात सुनकर यामिनी अविनाश को उसकी कुर्सी के पास ले गई जहां थोड़ी देर पहले अजय बैठा था। थोड़ी ही देर में यामिनी ने अविनाश का लंड बाहर निकाल लिया था और उसे अपने मुंह में लेकर चूस रही थी।

अब सिर्फ मैं ही बचा था जो कुछ भी नहीं कर रहा था। फिर मैंने सुना कि अजय निशा को मिनी के कपड़े उतारने को कह रहा था। निशा ने अपना हाथ बढ़ा कर मिनी के टॉप की जिप खोल दी जो थोड़ी देर पहले इसी तरह मैंने खोली थी। पर निशा ने टॉप उसके कंधे से उठा कर उतार दिया और मिनी की चूचियां फिर एक बार नंगी हो गईं। अजीब कामुक दृश्य था मेरी बीवी किसी और औरत के कपड़े उतार रही थी।

अजय खड़ा हुआ और दोनों औरतों के पास आ गया। उसने मेरी बीवी का बायां हाथ पकड़ा और मिनी की दाईं चूंची पर रख दिया। फिर उसने निशा का दाया हाथ पकड़ कर मिनी की चूत पर रख दिया। मेरी बीवी की समझ में नहीं आ रहा था कि अजय क्या चाहता है। दोनों औरतों ने आज तक किसी औरत के साथ सेक्स नहीं किया था।

अजय ने निशा की तरफ देखते हुए कहा “मैं चाहता हूं कि तुम मिनी की चूत चूस कर उसका पानी छुड़ा दो फिर हम सब मिलकर तुम्हारी चूत पर ध्यान देंगे।” यह कहकर अजय ने निशा को मिनी के सामने घुटनों के बल बिठा दिया और उसके चेहरे को मिनी की गीली हो चुकी पैंटी पर धकेल दिया।

एक बार तो यामिनी और अविनाश भी रुक से गए और मैं भी हैरत में खड़ा सोच रहा था कि क्या सचमुच मेरी बीवी इस औरत की चूत चूसेगी। पर निशा जो पिछले चार घंटे से अपनी चूत में डिल्डो लिए घूम रही थी और उसकी चूत पानी छोड़ने को बेताब थी निशा ने अपने हाथ मिनी की पैंटी के इलास्टिक में फंसाए और उसे नीचे उतार दिया। जैसे ही मिनी की पैंटी नीचे सरकी तो सबने देखा कि उसकी चूत भी साफ की हुई थी। बाल का तो नामोनिशान नहीं था चूत पर।

निशा ने उसकी पैंटी को और नीचे खिसकाते हुए उसके सैंडल युक्त पैरों के बाहर निकाल दिया। अब मिनी सिर्फ हाई हील के सैंडल पहने पूरी तरह से नंगी खड़ी थी। निशा ने अपने हाथ उसके कुल्हों पर रख कर उसे अपने पास खींचा और अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया। वो अब अपनी अंगुली से उसकी चूत का मुंह खोल कर अपनी जीभ डिल्डो के साथ अंदर घुमाने लगी।

निशा अब जोरों से मिनी की चूत को चाट और चूस रही थी और साथ ही उसकी चूत में फंसे डिल्डो को जोरों से अंदर बाहर कर रही थी। “ओहहहह और जोर से हांआआआ चूसो मेरी चूत को छुड़ाआआआ दो मेरा पानी।” मिनी सिसक रही थी। मिनी की सांसें तेज हो रही थीं और साथ ही उसकी चूचियां उसकी छाती पर फुदक रही थीं।

निशा अपनी जीभ और डिल्डो की रफ्तार बढ़ाती जा रही थी और साथ ही मिनी की चूत पानी छोड़ने के कगार पर आ रही थी। मिनी ने अपने दोनों हाथ निशा के सर पर रख दिए और उसे जोर से अपनी चूत पर दबा दिया। उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया। फच फच की आवाज के साथ उसकी चूत पानी छोड़ रही थी। निशा का पूरा चेहरा मिनी की चूत से छूटे पानी से भर गया था। निशा और जोरों से चूसते हुए उसकी चूत के सारे पानी को पी रही थी। आखिर में थक कर मिनी बिस्तर पर निढाल पड़ गई और गहरी सांसें लेने लगी।

निशा उठ कर खड़ी हो गई। उसने अभी भी कपड़े पहने हुए थे। आज उसने पूरे दिन में पहले अजय के लंड को चूसा था और बाद में अविनाश के लंड को। और अब वो हम सब के सामने मिनी की चूत का पानी पीकर खड़ी हुई थी। उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे पर उसके जिस्म की प्यास अभी बाकी थी। मैं आगे बढ़ा और अपनी बीवी को बांहों भर लिया। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रखे तो मुझे मिनी की चूत के पानी की महक और स्वाद आया। मैं उसके होंठों को चूसने लगा।

मैंने अपना हाथ निशा की जींस के ऊपर से उसकी चूत पर रखा तो पाया कि वो पहले से ज्यादा गीली हो चुकी थी। जैसे ही मैंने उसकी चूत को सहलाया वो सिसक पड़ी “ओहहहह आहहहह।”

अजय ने हम दोनों को अलग किया और मेरी बीवी को चूमते हुए उसे बिस्तर के पास ले गया। फिर उसने निशा से पूछा “क्या तुम मुझसे गांड मरवाना पसंद करोगी?” निशा ने पहले तो उसकी तरफ देखा और फिर मेरी तरफ। उसके पास कोई जवाब नहीं था क्योंकि अगर वो ना कहती तो हम शर्त हार जाते। मैं भी थोड़ी देर पहले उसकी बीवी की गांड मार चुका था इसलिए मेरे पास भी ना करने की कोई वजह नहीं थी। मैं सिर्फ वहां पर खड़ा अपनी बीवी की गांड मरते देख सकता था।

अजय ने निशा के होंठों को चूसते हुए उसके लाल टॉप के बटन खोल कर उसके टॉप को उतार दिया। अब वो अपने एक हाथ से उसकी चूंची को दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसके निप्पलों को भींच रहा था। निशा के मुंह से सिसकारी फूट रही थी “हां दबाओ न पर धीरे हां ऐसे ही ओहहहह।”

निशा की चूचियों को मसलते हुए अजय अपने हाथ उसकी जींस पर ले जाकर बटन खोलने लगा। यामिनी आगे बढ़ कर उनके पास नीचे बैठ गई और निशा की जींस को नीचे उतारने लगी। दोनों ने मिलकर मेरी बीवी को पूरा नंगा कर दिया।

निशा भी अब मिनी की तरह सिर्फ हाई हील के सैंडल पहने पूरी तरह नंगी खड़ी थी। उसकी चूत में घुसा डिल्डो साफ नजर आ रहा था। अजय और यामिनी ने मिलकर उसे बेड के किनारे पर झुका दिया। यामिनी अब उसके सामने आकर बिस्तर पर बैठ गई और निशा की चूचियों को चूसने लगी। थोड़ी देर चूसने के बाद वो बिस्तर पर इस तरह से लेट गई कि निशा का मुंह ठीक उसकी चूत पर था। यामिनी ने निशा के सिर को पकड़ कर उसे अपनी चूत पर दबा दिया।

निशा अब बिस्तर के किनारे पर झुकी यामिनी की चूत चूस रही थी। इस तरह झुकने से उसकी गांड हवा में और ऊपर को उठ गई थी। पीछे से उसकी चूत में फंसा डिल्डो तो दिख ही रहा था साथ ही उसकी गांड का छेद भी दिखाई दे रहा था। हम सब जानते थे कि अब अजय अपना लंड उसकी गांड में घुसाएगा पर उसके मन में तो कुछ और ही था।

अजय मेरी तरफ मुस्कुरा के देख रहा था “राज आज शाम को मेरी बीवी ने तुम्हें सिखा ही दिया होगा कि एक अच्छी गांड को चुदाई के लिए कैसे तैयार किया जाता है। बाथरूम में जाओ और क्रीम ले आओ और बताओ कि तुमने क्या सीखा।” फिर उसने मिनी की तरफ देखकर कहा “तुम मेरे लंड को तैयार करोगी?”

बिना कुछ कहे मैं बाथरूम में जाकर वही क्रीम ले आया जो मैंने यामिनी पर इस्तेमाल की थी। मिनी मेरे पास आई और मुझे थोड़ी क्रीम उसके हाथों पर देने को कहा। कैसी शर्त थी कि मैं अपने हाथों से अपनी बीवी की गांड को किसी दूसरे मर्द के लंड के लिए तैयार करूं। पर मैं शर्त हारना नहीं चाहता था इसलिए मैं क्रीम लिए निशा के पास आ गया।

मैंने खूब सारी क्रीम अपनी अंगुलियों में ली और उसे निशा की गांड के चारों ओर मलने लगा। फिर मैंने अपनी एक अंगुली उसकी गांड में डाल दी “ओहहहह मर गई।” निशा के मुंह से हल्की सी चीख निकल गई। निशा अब भी यामिनी की चूत को चाटे जा रही थी।

मैंने थोड़ी और क्रीम अपनी अंगुली में ली और दो अंगुलियां उसकी गांड में डाल दीं। अब मैं अपनी अंगुलियों को उसकी गांड में चारों तरफ गोल गोल घुमा रहा था। अजय मेरे पास खड़ा मेरी सभी हरकतों को देख रहा था और उसके पैरों में बैठी मिनी उसके लंड को क्रीम से चिकना कर रही थी।

अब मेरी अंगुलियां आसानी से निशा की गांड में अंदर तक जा रही थीं। जब मैं अंगुलियां घुमाता तो उसकी चूत में फंसे डिल्डो का एहसास होता मुझे। मैं और अंदर तक क्रीम को मलने लगा। निशा को भी शायद मजा आने लगा था। उसने जोरों से यामिनी की चूत चूसते हुए अपनी टांगें और फैला दीं जिससे मैं और आसानी से उसकी गांड में अंगुली कर सकूं।

मिनी भी अब तक अच्छी तरह से अजय के लंड को क्रीम से चिकना कर चुकी थी। अजय अपनी जगह से हिला और मुझे साइड में कर दिया। अब उसका लंड क्रीम से चिकना था। उसका तना हुआ लंड एक हथियार की तरह चमक रहा था। जैसे ही अजय ने अपना लंड निशा की गांड पर रखा वो सिसक कर और जोरों से यामिनी की चूत को चूसने लगी। वो उसकी चूत को ऐसे चूस रही थी कि जैसे वो इस कला में बरसों से माहिर हो।

मिनी और अविनाश भी पास में आकर खड़े हो गए। वो भी किसी कुँवारी गांड की चुदाई देखना चाहते थे। मुझे अंदर से शर्म आ रही थी कि अपनी बीवी की गांड मैं सबसे पहले मारूं उसके बजाय मैंने ही अपनी बीवी की गांड को दूसरे मर्द के लंड के लिए तैयार किया था।

अजय ने निशा के कुल्हों को पकड़ कर उसकी गांड के छेद को और फैला दिया। अजय के दोनों हाथ निशा के कुल्हों को पकड़े हुए थे। मिनी ने आगे बढ़ कर अजय के लंड को ठीक निशा की गांड के छेद पर रख दिया और अजय अब अपने लंड को अंदर घुसाने लगा। मिनी अभी भी उसके लंड को पकड़े हुए थी। इतनी सारी क्रीम लगने से उसका लंड और निशा की गांड पूरी तरह चिकनी हो गई थी जिससे अजय के लंड का सुपाड़ा उसकी गांड में आसानी से घुस गया।

मिनी ने अपना हाथ उसके लंड पर से हटा लिया। अब जबकि सुपाड़ा घुस चुका था अजय धीरे धीरे अपने लंड को और अंदर तक घुसाने लगा। उसके हर धक्के के साथ निशा की सिसकार गूंजती “ओहहहह थोड़ा धीरे दर्द हो रहा है।” थोड़ी देर में उसका पूरा लंड निशा की गांड में घुस चुका था। अब उसकी गांड कुँवारी नहीं रही थी।

निशा अब भी यामिनी की चूत चूसे जा रही थी। जब अजय का पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया तो जोर की सिसकारी निकली “ओहहहह हांआआआ।” अजय का लंड निशा की गांड की दीवारों को रौंदता हुआ जड़ तक समा गया था।

अजय ने मिनी और मेरा धन्यवाद दिया कि हम दोनों ने निशा की गांड मारने में उसकी सहायता की और कैसे उसका लंड निशा की गांड में अंदर तक घुसा हुआ है और कैसे निशा की गांड उसके लंड को भींचे हुए है। उसने बताया कि उसे निशा की चूत में फंसे डिल्डो का भी एहसास हो रहा है और ये उत्तेजना उसके लंड से लेकर उसकी गोलियों तक जा रही थी। अजय जानबूझ कर ये सब बातें बता कर मुझे चिढ़ा रहा था। “हरामी साला।” मेरे मुंह से गाली निकली।

लेकिन अब तक मैं अपना लंड अपनी पैंट में से निकाल कर सहला रहा था। सब जानते थे कि मेरी बीवी की गांड की चुदाई ने मुझे भी उत्तेजित कर दिया था। पर जो होने वाला था उसके आगे ये कुछ भी नहीं था। मिनी अब उनसे दूर जा कर खड़ी हो गई। अजय का लंड निशा की गांड में अंदर बाहर हो रहा था। अजय अपने लंड को करीब तीन इंच बाहर खींचता और अपने आठ इंच के लंड को पूरा जड़ तक पेल देता।

अजय जानबूझ कर धीरे धीरे धक्के लगा रहा था। पर समय के साथ उसकी रफ्तार तेज हो रही थी। अब वो पांच इंच लंड को बाहर निकालता और पूरा पेल देता। थोड़ी देर में वो अपने लंड का सुपाड़ा सिर्फ अंदर रहने देता और एक झटके में पूरा लंड निशा की गांड में डाल देता। निशा की गांड पूरी तरह खुल गई थी और हर झटके को वो अपने कुल्हों को पीछे कर के ले रही थी “हां डाल दो पूरा लंड मेरी गांड में ओहहहह और जोर से चोदो फाड़ दो मेरी गांड को।”

निशा उन मियां बीवी के बीच सैंडविच बनी हुई थी। नीचे से यामिनी अपनी चूत को ऊपर उठा कर उसके मुंह में भर देती और पीछे से अजय उसके कुल्हों को पकड़ कर जोर से लंड पेल देता। जैसे ही उसका लंड अंदर तक जाता निशा का मुंह यामिनी की चूत पर और जोर से दब जाता। अजय उसकी गांड भी मार रहा था और उसकी चूत में फंसे डिल्डो को और अंदर की ओर घुसा देता।

अब अविनाश भी इस खेल में शामिल होना चाहता था। उसने भी अपने कपड़े उतार दिए और अपने लंड को सहलाने लगा। अपने लंड को सहलाते हुए वो यामिनी के चेहरे के पास आ गया। अविनाश अपने लंड को उसके मुंह के पास कर के उसके होंठों पर रगड़ने लगा। यामिनी ने अपने हाथ से उसका लंड पकड़ कर अपने मुंह में ले लिया और वो जोरों से अविनाश के लंड को चूसने लगी।

अब मैं और मिनी ही बचे थे। मिनी तो पहले ही नंगी थी। मैं भी कपड़े उतार कर पूरा नंगा हो कर अपने लंड को सहला रहा था। मिनी मेरे पास आ कर मेरे नंगे बदन से सट गई और सहलाने लगी। हम भूखे कुत्तों की तरह एक दूसरे के बदन को नोच रहे थे और मसल रहे थे पर हम अपनी नजरें बिस्तर से नहीं हटा पा रहे थे जहां एक का पति दूसरे की पत्नी से अपना लंड चूसवा रहा था और मेरी बीवी दूसरे की बीवी की चूत चूस रही थी और उसके पति से अपनी गांड मरवा रही थी।

अचानक निशा ने अपना मुंह यामिनी की चूत से ऊपर उठाया और जोर से चीख पड़ी “ओहहहह ये नहीं हो सकता।” मैं सोच में पड़ गया कि अचानक उसे क्या हुआ क्या उसका पानी छूटने वाला है या उसकी गांड दर्द कर रही है। “हे भगवान प्लीज ऐसा मत करो।” वो फिर बोली और उसकी आंखों में आंसू आ गए।

तब अजय ने उसके चीखने की वजह बताई “राज डरो मत यार इसके डिल्डो की बैटरी खत्म हो गई है बेचारी।” अब मेरी समझ में आया कि जब उसका पानी छूटने वाला था तभी डिल्डो की बैटरी खत्म हो गई। और कितना चलती पांच घंटे सो तो वो उसे अपनी चूत में डाले घूम रही थी।

निशा फिर अपनी उत्तेजना के अंतिम कगार से वंचित रह गई। अजय उसकी गांड में जोर के धक्के मारते हुए बोला “निशा डार्लिंग चिंता मत करो मैं वादा करता हूं कि आज तुम्हें चुदाई का वो आनंद आएगा कि तुम्हारी चूत खुले बांध की तरह पानी फेंकेगी।” निशा ने अपना चेहरा उठा कर अजय की ओर देखा। उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि और क्या उसके दिमाग में है।

हमने देखा कि अपनी चूत की प्यास बुझाने के लिए निशा खुद अपने बंद हुए डिल्डो को पकड़ कर अंदर बाहर करने लगी पर अजय ने उसका हाथ हटा दिया। अब अजय ने निशा को उसकी छातियों से पकड़ा और पीछे की ओर हो गया। थोड़ी देर इस तरह होने के बाद उसने अपनी टांगें सीधी की और पीठ के बल लेट गया। अब वो जमीन पर लेटा था और निशा उसके ऊपर उसका लंड अपनी गांड में लिए आधी लेटी थी। निशा ने अब अपनी टांगें फैला दी जिससे अजय का लंड उसकी गांड में घुसा हुआ दिख रहा था और साथ ही चूत में फंसा डिल्डो भी।

यामिनी अब अविनाश के लंड को अपने मुंह से बाहर निकाल कर अपने हाथों से उसे मसल रही थी। पर वो खुद छूटने की कगार पर थी इसलिए वो खड़ी हो गई और अपनी दोनों टांगें चौड़ी कर के अपनी चूत निशा के मुंह पर रख दी “जो तुमने शुरू किया है उसे तुम्हें ही खत्म करना पड़ेगा। मेरी चूत जोरों से चूसो और मेरा पानी छुड़ा दो।”

निशा अपनी जीभ का तिकोण बना कर उसे चोद रही थी। यामिनी और थोड़ा झुकते हुए अपनी चूत को और दबा देती। उसका चेहरा पीछे की ओर था और उसके बाल अजय के पेट को छू रहे थे। “हांआआ चूस ओहहहह आहहहह” कहकर यामिनी की चूत ने निशा के मुंह में पानी छोड़ दिया। निशा गटक गटक कर उसका पानी पी रही थी। जब एक एक बूंद यामिनी की चूत से छूट चुका था तो वो निढाल हो बिस्तर पर गिर गई।

अजय अभी तक उसी तरह अपना लंड निशा की गांड में घुसाए लेटा था। फिर उसने अपनी आखिरी चाल चली “अविनाश मेरा तो पानी अब छूटने वाला है ऐसा दृश्य देख कर क्यों नहीं तुम अपना लंड इसकी चूत में डाल देते हो।”

अब मेरे और अविनाश की समझ में आया कि अजय क्या चाहता था। अविनाश उछल कर निशा की टांगों के बीच आ गया। उसने अपना हाथ निशा की चूत में फंसे डिल्डो पर रखा। पर उसे बाहर निकालने की बजाय वो उसे अंदर बाहर करने लगा।

थोड़ी देर बाद अविनाश अपने लंड को निशा की चूत के मुंह पर लगा कर धीरे धीरे अंदर करने लगा और साथ ही डिल्डो को बाहर खींचने लगा। जितना उसका लंड अंदर जाता उतना ही वो डिल्डो को बाहर खींच लेता। मैंने देखा कि डिल्डो पूरी तरह से निशा की चूत के पानी से लसा हुआ था और चमक रहा था। जब अविनाश का पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया तो उसने डिल्डो बाहर निकाल कर मेरे हाथ में पकड़ा दिया।

मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि जो डिल्डो मेरी बीवी की चूत में पिछले पांच घंटे से घुसा हुआ था वही अब उसके पानी से लसा हुआ मेरे हाथ में है। मैंने बिना हिचकिचाते हुए उसे अपने मुंह में ले चाटने लगा। मुझे उसकी चूत के पानी का स्वाद सही में अच्छा लग रहा था। जब मैंने उसे चाट कर साफ कर दिया तो उसे बिस्तर पर रख दिया।

मिनी अब तक मेरे लंड को पकड़े हुए थी। उसने मेरी तरफ देखा और घुटनों के बल बैठ कर मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। वो एक हाथ से मेरा लंड पकड़ कर चूस रही थी और दूसरे हाथ की अंगुलियों से अपनी चूत को चोद रही थी। पर उसकी नजरें वहीं गड़ी थीं जहां मेरी बीवी की दोहरी चुदाई हो रही थी।

मैंने अपना ध्यान मिनी से हटाया और फिर निशा पर केंद्रित कर दिया। मैंने देखा कि अविनाश आधा खड़ा हो अपने लंड को निशा के मुंह में दे कर धक्के मार रहा था। निशा भी पूरे जोर से उसे चूस रही थी। जब उसका लंड पूरी तरह से तन गया तो वो निशा के थूक से लसे अपने लंड को लेकर निशा की टांगों के बीच आ गया।

निशा अपनी टांगें थोड़ी और चौड़ी कर के पीछे को पसर गई। अविनाश एक हाथ से अपने लंड को पकड़ कर निशा की चूत पर रगड़ने लगा। अब मेरी बीवी की दो लंड से चुदाई होने वाली थी। एक उसकी गांड में और दूसरा उसकी चूत में।

अविनाश ने निशा की एक टांग को जांघों से पकड़ा और अपनी कोहनी पर रख दी। इससे निशा की चूत और खुल गई। थोड़ी देर अपने लंड को रगड़ने के बाद उसने एक ही धक्के में अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया। अब वो धक्के लगा कर उसकी चूत को चोद रहा था।

निशा अजय की छाती पर लेटी अपनी जिंदगी की सबसे भयंकर चुदाई का आनंद ले रही थी। उसका चेहरा इधर उधर हो रहा था और साथ ही उसके मुंह से सिसकारियां फूट रही थीं।

मैं अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहा था कि जब एक लंड चूत की जड़ों तक पहुंचता है और दूसरी तरफ दूसरा लंड गांड की जड़ों तक पहुंचता है तो शरीर में दोनों लंड के संगम का आनंद कैसा रहता होगा। निशा इसी संगम का आनंद उठा रही थी “मैं तुम दोनों के लंड को अपने में महसूस कर रही हूं अभी जोर से चोदो मुझे हां और जोर से रुको मत बस चोदते जाओ।”

अजय ने एक जोर की हुंकार भरी और अपने कुल्हे ऊपर को उठा दिए। अविनाश ने भी निशा के कुल्हों को पकड़ कर अपने लंड को अंदर तक पेल दिया। मैं समझ गया कि दोनों छूटने की कगार पर हैं। निशा का भी समय नजदीक आता जा रहा था “हांआआआ और जोर से ओहहहह ऊईईईई।”

मुझे खुद को रोकना मुश्किल हो रहा था। मिनी इतनी जोर से मेरे लंड को चूस रही थी और साथ ही अपने दांतों का भी इस्तेमाल कर रही थी। पर मिनी की आंखें अपने पति के लंड पर जमी थीं जो मेरी बीवी की चूत में एक पिस्टन की तरह अंदर बाहर हो रहा था।

और फिर वो हुआ जिसका सबको इंतजार था निशा जोर से चीखी “ओहहहह हांआआआ ओहहहह हाय आआआआ” और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। उसका शरीर इस तरह अकड़ रहा था कि क्या बताऊं। इतने में अजय के लंड ने भी उसकी गांड में अपना वीर्य उगल दिया।

अविनाश ने निशा की दोनों चूचियों को जोर से मसला और उसके लंड ने उसकी चूत में बौछार कर दी। मैं कल्पना कर रहा था कि निशा की चूत और गांड वीर्य से भरी कैसी होगी कि तभी मेरा भी शरीर अकड़ा और मैंने अपना वीर्य मिनी के मुंह में उगल दिया।

मिनी ने मेरे लंड को अपने मुंह से निकाला और बेड पर से डिल्डो को उठा कर अपनी चूत के अंदर बाहर करने लगी। थोड़ी देर में उसकी चूत ने भी पानी छोड़ दिया। कसम से ऐसी सामूहिक चुदाई की कल्पना नहीं की थी मैंने।

मुझे इस बात की खुशी थी कि हम शर्त जीत ना सके तो क्या पर हारे भी नहीं थे। अब देखते हैं कि छुट्टियों में क्या गुल खिलते हैं।

Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है,कृपया वास्तव जीवन में कहानी में घटित कोई भी चित्र प्रयोग करना घातक हो सकता है और इसका जिम्मेदारी कहानी के लेखक या फिर कहानी प्रस्तुतकर्ता नहीं होंगे,तो कृपया इस सबको अपने निजी जिंदगी के साथ मत जोड़ें और अपने बुद्धि,विवेक के साथ काम लें।


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