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सगी बहन को नंगी करके चोदा

bhai ne condom lagakar choda: मेरा नाम समीर है। मैं राजस्थान के एक गांव का रहने वाला हूं। मेरा लंड 7 इंच लंबा है। मेरे घर में हम पांच सदस्य हैं। मम्मी पापा और हम तीन भाई बहन। सबसे बड़ा मैं फिर मेरी बहन निशा और फिर मेरा छोटा भाई राहुल।

मेरी बहन निशा बहुत ही सेक्सी है। उसके कसे हुए तने हुए बूब्स हैं और मोटे मोटे चूतड़ हैं। उसका फिगर 34-30-36 है। मैं उसे हमेशा वासना भरी नजरों से देखता आया था। उसने भी मेरी नजरों को शायद समझ लिया था। मगर भाई बहन का रिश्ता होने के कारण कोई मामला सेट नहीं हो पा रहा था।

यह कहानी इसी बहन की है। हमारा एक घर दिल्ली में भी है। मैं वहीं रहकर पढ़ाई कर रहा हूं। जनवरी में सभी कॉलेज और स्कूल बंद हो गए थे तो मुझे घर आना पड़ा। मेरे साथ ताऊ जी और उनकी फैमिली भी गांव वापस आ गई।

फिर फरवरी में मेरा कॉलेज खुल गया था तो मुझे वापस दिल्ली जाना था। मैंने ताऊ जी से कहा कि मेरा कॉलेज खुल गया है आप लोग कब चलोगे। उन्होंने कहा कि मैं अभी नहीं जाऊंगा अगर तुम्हें जाना है तो चले जाओ।

तब मैंने मम्मी को बताया कि ताऊ जी नहीं जा रहे हैं मैं अकेला ही चला जाता हूं। मम्मी ने कहा कि तुझे खाना भी नहीं पकाना आता तो तू वहां अकेला कैसे रहेगा और अभी बाहर का खाना खाना भी ठीक नहीं है।

तब मेरी बहन निशा बोली कि मैं भाई के साथ चली जाती हूं। मैं अपनी क्लास वहीं से जॉइन कर लूंगी। यहां भी तो ऑनलाइन ही लेती हूं वैसी ही वहां से ले लूंगी।

मम्मी बोलीं ठीक है। निशा के साथ चलने की बात सुनते ही मेरी आंखें चमक उठीं। अब दिल्ली में निशा की जवानी को चखने का मौका मिल जाएगा। मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मेरी तरफ देखकर हल्के से मुस्कुरा दी। मैं उसकी मुस्कान को समझने की कोशिश करता रहा।

फिर हम दोनों दिल्ली अपने घर चले गए। यात्रा के दौरान मेरे मन में लगातार गंदी कल्पनाएं घूम रही थीं। निशा के पास बैठकर मैं बार बार उसके 34 साइज के बूब्स को घूर रहा था। मेरा लंड हल्का हल्का सख्त हो रहा था। मैं सोच रहा था कि दिल्ली पहुंचकर कैसे उसे चोदूंगा। उसकी मोटी गांड को पकड़कर पीछे से ठोके मारूंगा।

घर पहुंचते ही हमने घर पर फोन किया कि हम लोग पहुंच गए हैं। इसके बाद हमने चाय बनाकर पी और आराम करने लगे। शाम को निशा ने खाना बनाया और हम दोनों खाना खाकर सो गए।

घर में बस हम दोनों ही अकेले थे। मुझे निशा को चोदने का बहुत मन कर रहा था। शाम के समय भी मेरे शरीर में लगातार गर्मी फैली हुई थी। लंड कई बार अर्ध खड़ा हो जाता था। मैंने निशा के मोटे मोटे चूतड़ों पर हाथ रख दिया और उसकी गर्म गांड को महसूस करने लगा। मेरी उंगलियां उसके नरम लेकिन सख्त चूतड़ों की गर्माहट को महसूस कर रही थीं।

मेरी आंखें बंद थीं और मैं उसे चोदने की कल्पना करने लगा। उसी सोच में मुझे पता ही नहीं लगा कि कब नींद आ गई। सपने में निशा मेरे बिस्तर पर पूरी तरह नंगी लेटी हुई थी। मैंने उसके पास जाकर उसके 34 साइज के बूब्स को दोनों हाथों से जोर जोर से दबाया। निशा की सांसें भारी हो गईं।

मैंने उसके गुलाबी निप्पल को मुंह में लेकर जोर से चूसा। उसका स्वाद मीठा और शरीर की खुशबू नशीली थी। निशा ने आह भरते हुए कहा “भाई… आह… हां… और जोर से”। मेरा 7 इंच का लंड पूरी तरह तना हुआ था।

मैंने उसे अपनी गोद में उठाया और उसकी चूत पर अपनी लंड की टिप रगड़ने लगा। उसकी चूत पहले से ही गीली थी। धीरे से मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया। निशा की चूत ने मेरे लंड को कसकर जकड़ लिया। मैं तेज तेज धक्के देने लगा। हर धक्के पर उसके मोटे चूतड़ लहरा रहे थे और चप चप की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी।

निशा कराह रही थी “आह… भाई… बहुत मोटा है तेरा लंड… फाड़ दो मेरी चूत… हां… और तेज”। मैंने उसकी कमर पकड़कर और भी तेजी से चोदना शुरू कर दिया। उसकी चूत से रस निकलकर मेरे लंड और जांघों को चिकना कर रहा था। आखिरकार मैं जोर से कांपा और अपना गर्म वीर्य उसकी चूत के अंदर भर दिया। निशा भी मेरे साथ ही झड़ गई और पूरी तरह कांप उठी।

मैं सुबह उठा तो महसूस किया कि रात में सपने की वजह से मेरा माल चड्डी में ही गिर गया था। सपने में निशा की गर्म चूत ने मेरे पूरे 7 इंच लंड को कसकर निचोड़ा था और उसकी जोर जोर की कराहें अभी भी कानों में गूंज रही थीं। चड्डी चिपचिपी और गंध वाली हो चुकी थी। लंड अभी भी हल्का सा सख्त और संवेदनशील महसूस हो रहा था।

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जल्दी उठकर नहाया और कॉलेज के लिए तैयार होने लगा। गर्म पानी की बौछार में मैंने लंड को साफ किया तो सपने की याद से फिर खड़ा होने लगा। निशा भी उठ गई थी। उसने नाश्ता बनाया। मैं लेट न हो जाऊं इस वजह से जल्दी नाश्ता करके कॉलेज निकल गया।

कॉलेज के रास्ते में और क्लास के दौरान भी मेरा दिमाग बार बार कल रात की तरफ भटक रहा था। निशा के मोटे चूतड़ों को छूने का अहसास और सपने में उसकी चूत के अंदर वीर्य भरने की कल्पना से मेरा लंड पैंट के अंदर बार बार उछल रहा था। मैं सोच रहा था कि दिल्ली में अकेले रहते हुए अब हर रोज ऐसा मौका मिलेगा।

जब मैं दोपहर में घर वापस आया तब निशा अपनी ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रही थी। मैंने उसे देखा और बिना डिस्टर्ब किए चुपचाप रसोई में आ गया। थाली में खाना लिया और खाकर टीवी देखने लगा।

तब तक निशा की क्लास खत्म हो गई थी। वो भी मेरे पास आकर बैठ गई और फोन चलाने लगी। उसके पास बैठते ही उसकी शरीर की हल्की खुशबू और गर्माहट मेरे शरीर तक पहुंच रही थी। उसके खुले बाल और थोड़े से पसीने की बूंदें देखकर मेरा लंड फिर से हल्का सा खड़ा होने लगा। मैं सोच रहा था कि कल रात जैसे सपने को हकीकत में कैसे बदला जाए।

तब मेरे दिमाग में एक आइडिया आया। मैंने इंस्टाग्राम पर फेक अकाउंट बनाकर निशा की आईडी को फॉलो किया। उसने ध्यान नहीं दिया।

अब मैंने उसका फोन मांगा। उसने मुझे फोन पकड़ा दिया। मैंने उसी वक्त अपनी आईडी से अपना 7 इंच का मोटा खड़ा लंड की फोटो जिसमें नसें उभरी हुई थीं और एक गीली चूत की तस्वीर जिसमें उंगलियां अंदर डाली हुई थीं सिलेक्ट करके सेंड कर दी। फोटो भेजते वक्त मेरा लंड पैंट में पूरी तरह तन गया था। फिर मैंने जानबूझकर वो पोर्न वीडियो चला दी जिसमें भाई बहन सेक्स कर रहे थे।

वीडियो में बहन बिस्तर पर लेटी थी और भाई उसके ऊपर चढ़कर जोर जोर से चोद रहा था। बहन के बड़े बूब्स हिल रहे थे और भाई उसके मोटे चूतड़ पकड़कर तेज धक्के मार रहा था। चूत में लंड घुसते ही चप चप की आवाज आ रही थी। बहन कराह रही थी आह भाई… और जोर से चोदो… हां फक मी हार्डर आह। आवाज सुनते ही निशा मेरी तरफ देखने लगी। उसकी आंखें फैल गईं गाल लाल हो गए और सांसें तेज हो गईं।

मैंने कहा ये कौन है जो तेरे पास ये सब भेज रहा है। वो घबरा कर बोली मुझे नहीं पता भाई सच में मुझे नहीं पता। उसकी आवाज कांप रही थी और वो बार बार स्क्रीन की तरफ झांक रही थी।

मैं बोला ठीक है इसको ब्लॉक कर दे और फिर कभी आए तो मुझे बताना। मैंने वो क्लिप उसकी गैलरी में डाउनलोड कर दी और फोन दे दिया।

फिर निशा के पास उसकी सहेली का फोन आ गया और वो दूसरे रूम में बैठकर बात करने लगी। जब उसने फोन काटा तब मैं रूम में गया और देखा कि वो वही पोर्न क्लिप देख रही थी जो मैंने सेव कर दी थी। स्क्रीन पर भाई बहन का सेक्स सीन चल रहा था। भाई बहन को बिस्तर पर लिटाकर उसके मोटे चूतड़ पकड़कर जोर जोर से चोद रहा था। लंड की हर धक्के पर चप चप चुट चुट की आवाजें आ रही थीं। बहन कराह रही थी आह भाई… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… और तेज चोदो मुझे… हां आह फक मी हार्डर।

मैं वहां खड़ा होकर देखने लगा। निशा की सांसें तेज और भारी हो रही थीं। उसकी छाती ऊपर नीचे हो रही थी। जांघें हल्की हल्की सिकुड़ रही थीं और चेहरा गहरा लाल हो चुका था। उसकी उंगलियां फोन को कसकर पकड़े हुए थीं। कुछ पल बाद मैंने उससे कहा कि तू ये क्या कर रही है। वो मुझे देखकर एकदम डर गई और खड़ी हो गई। वो बोली भाई ये रह गई थी तो ऐसे ही देखने लगी पर घर पर किसी को मत बताना।

मैं उसके नजदीक गया और उसे गले से लगाकर उसके मोटे मोटे चूतड़ दबाने लगा। मेरी उंगलियां पहले हल्के से उसके चूतड़ों की गर्म नरम चमड़ी को सहलाने लगीं फिर धीरे धीरे जोर से मसलने लगीं। उसके मोटे चूतड़ मेरी हथेलियों में दबते महसूस हो रहे थे। गर्मी और नरमी से मेरा 7 इंच लंड पूरी तरह खड़ा होकर पैंट में दबाव बना रहा था।

वो बोली, “भाई ये क्या कर रहे हो तुम? हम दोनों भाई बहन हैं।”

मैंने कहा, “हम दोनों पहले एक लड़का और लड़की हैं। तुमने कभी सेक्स किया है?”

उसने मना कर दिया।

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मैंने कहा, “तो चलो आज सेक्स करते हैं। तुम्हें भी बहुत मजा आएगा।”

मैं उसे किस करने लगा। पहले तो वो कुछ नहीं कर रही थी फिर वो भी मेरा साथ देने लगी। उसके होंठ गर्म और नरम थे। हमारी जुबानें एक दूसरे से उलझने लगीं।

मैंने पहले उसका कुर्ता निकाला और ब्रा भी हटा दी। उसके नंगे चूचे देखकर मैं पागल हो गया। मैं उसे वासना से देखने लगा। वो भी मेरी आंखों में आंखें डालकर देखने लगी। उसके 34 साइज के गोरे बूब्स भारी और गोल थे। गुलाबी निप्पल सख्त होकर खड़े हो गए थे।

उसके दूध मुझे चिढ़ा रहे थे। मैं उसके मम्मों को मसलने लगा और छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा। मेरी जीभ निप्पल के चारों ओर घूम रही थी। मैं एक निप्पल को होंठों में लेकर जोर से चूस रहा था तो दूसरा हाथ दूसरे बूब को दबा रहा था। निशा के शरीर में कांपन होने लगा। उसकी चूत गीली होने लगी थी। वो आह… आह… आह… करके मुझे अपने दोनों दूध बारी बारी से चुसवाने लगी। “भैया… और जोर से चूसो… आह… मेरे निप्पल को काटो… हां… बहुत अच्छा लग रहा है… तुम्हारी जुबान से मेरी चूत गीली हो रही है भैया…”

मैंने उसके एक निप्पल को होंठों में दबाकर खींचा तो उसने नशीली आंखों से देखकर लंबी आह भरी। उसका शरीर झुरझुरी लेने लगा।

मैंने कहा, “मजा आ रहा है तुझे?”

वो मेरे सर को मम्मों पर दबाती हुई बोली, “बहुत मजा आ रहा है भैया… और चूसो न… आह… मैं कितने दिन से तड़प रही थी तुम्हारे इस प्यार को पाने के लिए।”

मैंने कहा, “क्या सच में?”

वो मेरे मुंह में दूध देती हुई बोली, “हां सच में। कल रात तुमने मेरी गांड दबाकर मजा लिया था न। मैं तभी तुमसे चुदना चाह रही थी।”

हम दोनों अब बिंदास होकर एक दूसरे के जिस्म के साथ खेलने लगे। जवान भाई बहन का रिश्ता वासना की आग में जलने लगा। मेरे हाथ उसके पूरे शरीर पर घूम रहे थे और उसकी सांसें तेज हो रही थीं।

अगले कुछ ही पलों में मैं उसे चोदने के लिए गर्म हो गया। मैंने अपना सात इंच का मोटा लंड निकाला और उसे चूसने को कहा। उसने पहले देखा फिर मुस्कुराकर मेरे लंड को चूसने लगी।

उसे लंड चूसने में मजा आने लगा। वो पेशेवर रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी। सबसे पहले उसकी गर्म सांस मेरे लंड की टिप पर पड़ी। फिर उसकी नरम जीभ ने लंड के सिरे को चाटा। धीरे धीरे वो मुंह में लेने लगी। गर्मी, नमी और तेज चूसने से मेरा पूरा शरीर सिहर उठा। उसकी जीभ लंड की नसों पर लपेटकर घूम रही थी। वो ऊपर नीचे मुंह चला रही थी और गहरी तक ले जाकर गले तक धकेल रही थी।

मैंने मन ही मन सोचा कि आखिरकार मेरी सेक्सी बहन मेरा लंड चूस रही है। इतने सालों की वासना आज पूरी हो रही है। आह… कितना मजा आ रहा है।

निशा आंखों में आंखें डालकर देखती हुई और तेजी से चूसने लगी। वो बीच बीच में लंड को मुंह से निकालकर बोली, “भैया… तेरा लंड कितना मोटा और स्वादिष्ट है… आह… मुझे और चूसने दे… मैं तेरी रंडी बन गई हूं आज।”

मैं कराहते हुए बोला, “आह निशा… बहुत अच्छा कर रही है… और जोर से चूस… हां… जैसे रंडी चूसती है वैसे।”

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फिर वो लॉलीपॉप की तरह चूसती हुई बोली, “भाई अगर सेक्स के बाद मैं गर्भवती हो गई तो।”

मैंने कहा, “तू चिंता मत कर सारा इंतजाम मैं कर देता हूं।” मैंने तुरंत ऑनलाइन कंडोम ऑर्डर कर दिए। दस मिनट में डिलीवरी दिखने लगी।

इतने में मैंने उसकी चूत को चाट चाटकर दो बार पानी निकाल दिया। मैं उसके पैरों को चौड़ा करके चूत पर मुंह रखा। पहले मैंने उसकी बाहरी पतली लबिया को जीभ से चाटा। फिर अंदर घुसकर उसकी गीली चूत की दीवारों को चाटने लगा। मेरी जीभ उसकी छोटी सी गांठ पर तेजी से घूम रही थी। निशा के शरीर में तेज झुरझुरी आने लगी। उसकी जांघें कांप रही थीं और हाथ मेरे बालों को जोर से पकड़ रहे थे। वो जोर जोर से चिल्लाकर कराह रही थी, “आह भैया… और चाटो… मेरी चूत चाटो… हां… आह… बहुत मजा आ रहा है… मैं झड़ रही हूं भैया… आह आह आह…” पहले झड़ने पर उसकी चूत से गर्म पानी मेरे मुंह में भर गया और शरीर कांप उठा। दूसरी बार तो वो और तेज चीखी और पूरी तरह भीग गई।

दस मिनट बाद घंटी बजी। मैंने कपड़े पहने और कंडोम ले आए।

वापस आकर मैंने कपड़े उतारे और उसे फिर लंड चुसाया। वो चुदासी आवाज में बोली, “अब लंड चुसवाते रहोगे या मेरी चूत में पेलोगे भी।”

मैंने कंडोम पहना और उसे सीधा लिटा दिया। उसके ऊपर चढ़कर धीरे धीरे चूत में लंड डालने लगा। उसकी चूत सीलपैक और बहुत टाइट थी इसलिए लंड बार बार फिसल रहा था। गर्म और भीगी चूत की खुशबू पूरे कमरे में फैल रही थी।

मुझे खुशी हुई कि मेरी बहन सीलपैक माल थी। फिर मैंने धीरे धीरे आगे बढ़ना शुरू किया। लंड का सिरा उसकी टाइट चूत के मुंह में घुसा। अंदर की गर्माहट और नमी ने मेरे लंड को लपेट लिया। मैंने और जोर से धक्का मारा तो लंड का आधा हिस्सा अंदर चला गया। उसकी चूत की दीवारें मेरे मोटे लंड को कसकर दबा रही थीं। गर्मी इतनी तेज थी कि लग रहा था लंड पिघल जाएगा। फिर मैंने पूरा जोर लगाकर एक और धक्का मारा तो मेरा पूरा सात इंच लंड उसकी चूत के अंदर तक चला गया। वो दर्द से चीखने लगी। उसका पूरा शरीर तन गया और चेहरा पीड़ा से बिगड़ गया।

मैंने उसके मुंह पर हाथ रखकर कहा, “एक बार दर्द होगा सह ले।” उसकी आंखों में आंसू आ गए। वो कराहती हुई बोली, “प्लीज भाई निकाल लो बहुत दर्द हो रहा है।”

मैंने अनसुना कर दिया और ऊपर पड़ा रहा। उसे किस करता रहा और दूध सहलाता रहा। मेरे हाथ उसके बूब्स को नरम नरम दबा रहे थे। कुछ देर बाद वो शांत हो गई और गांड हिलाने लगी। उसकी चूत अब थोड़ी ढीली होने लगी थी।

मैंने नीचे हाथ लगाकर देखा कि खून आ गया था। मैंने तेज झटका मारा। इस बार वो और जोर से रोने लगी और मुझे दूर करने लगी। उसका शरीर जोर से तन गया था।

मैं नहीं उठा और लंड चूत में फंसाए धीरे हिलता रहा। कुछ देर बाद लंड को जगह मिल गई। बहन ने कसमसाना बंद कर दिया। उसकी सांसें अब सामान्य होने लगीं।

मैं उसे धीरे धीरे चोदने लगा। हर धक्के पर उसकी चूत मेरे लंड को गर्मी से लपेट रही थी। कुछ पलों बाद उसे भी मजा आने लगा। मैं लंबे शॉट मारने लगा। उसने टांगें हवा में उठा दीं। वो जोर जोर से चिल्ला रही थी, “आह भैया… और जोर से चोदो… मेरी चूत फाड़ दो… हां… तुम्हारा लंड बहुत मोटा है… आह आह…” मैंने भी कहा, “ले मेरी रंडी बहन… ले पूरी चूत में… कितने दिन से तुझे चोदना चाहता था…” हम दोनों की गंदी बातें कमरे में गूंज रही थीं।

मैंने मुद्रा बदली। उसे कुत्ते की तरह घुटनों पर करवाया और पीछे से जोर जोर से चोदने लगा। उसके मोटे चूतड़ मेरे पेट से टकरा रहे थे। एक जोरदार धक्के के दौरान उसकी गांड से जोर का पाद निकला। गर्म हवा की सीटी जैसी आवाज के साथ हल्की बदबू फैल गई। निशा शर्म से कांप उठी लेकिन मैंने और जोर से चोदना जारी रखा। निशा का पूरा शरीर पसीने से भीग गया था और बार बार कांप रहा था।

कुछ मिनट चुदाई के बाद चूत ढीली हो गई। उसी वक्त मेरा लंड भी ढीला हो गया और कामरस कंडोम में जमा हो गया।

चुदाई के बाद वो मुस्कुरा रही थी। मैंने उसे चूमा और अलग हो गया। कुछ देर बाद फिर चुदाई शुरू हो गई। हमने दो बार चुदाई की और नंगे लिपटे पड़े रहे।

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हमने कपड़े नहीं पहने। वो रात को बिना कपड़ों के खाना बनाने उठी तो मैंने कहा रहने दे आज बाहर से मंगवा लेते हैं।

हमने खाना मंगवाया और हॉल में टीवी देखने लगे। वो मेरी गोदी में लेटकर लंड सहला रही थी और मैं उसकी चूत में उंगली डाल रहा था। उसकी चूत अभी भी गर्म और थोड़ी सूजी हुई थी।

फिर हम सोने गए। तब हमने एक बार फिर चुदाई का मजा लिया। अगली रात मैंने उसकी गांड भी मारी। दिन भर मैंने तीन बार उसकी गांड में तेल लगाकर उंगली डाली। पहले एक उंगली फिर दो उंगली करके उसकी गांड को ढीला किया। वो कराहती रही लेकिन तैयार होती गई। वह आगे की कहानी में बताऊंगा।

आपको हमारी वर्जिन सिस्टर फक स्टोरी कैसी लगी मुझे जरूर बताएं।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।