Desi Toilet Porn Kahani, Devar bhabhi toilet sex story, Lockdown sex story, Ass fingering sex story: दोस्तों मैं आकाश, एकदम गोरा और हैंडसम लड़का हूं। दिल्ली में एक सिंधी फैमिली से बिलॉन्ग करता हूं। मेरी उम्र अभी 24 साल है। हमारे घर में चार लोग हैं – मां, पिता जी, मैं और मेरा बड़ा भाई। बड़े भाई की शादी हो चुकी है। उनकी उम्र 34 साल है और भाभी की उम्र 32 साल। भाभी का नाम पद्मा (नाम बदला हुआ) है। वो बिहारी फैमिली से हैं। भैया ने लव मैरिज की थी। भाभी ब्लैक ब्यूटी हैं लेकिन उनका फेसकट और फिगर कमाल का है। फिगर 34-30-38। उनका एक साल का बच्चा है।
मुझे भाभी के फिगर में सबसे ज्यादा उनकी गांड पसंद है। इतनी गोल, मोटी और मुलायम कि मन करता है दिन भर बस उसे सहलाता रहूं। शादी के बाद से ही हम दोनों में खूब मस्ती-मजाक चलता है। मैं उनकी गांड को घूरता रहता, कभी-कभी हाथ भी फेर देता। भाभी को पता था कि मैं उनकी गांड का पूरा दीवाना हूं, वो भी कभी-कभी शरारत से मुस्कुरा देतीं।
ये कहानी 2020 की है। मैंने 12वीं पास करके मुंबई में ही बड़े भाई और भाभी के साथ रहकर ग्रेजुएशन शुरू किया था। फरवरी 2020 में भैया कंपनी के काम से विदेश चले गए। मां-पिता जी दिल्ली में थे। भैया मुंबई में ही शिफ्ट हो चुके थे। फिर मार्च में कोरोना लॉकडाउन लग गया। घर में सिर्फ मैं, भाभी और उनका छोटा बच्चा रह गए। भैया ने मुझे फोन करके कहा कि भाभी के साथ मुंबई में ही रहना, उनका ख्याल रखना।
एक दिन बाहर जाते वक्त एक बाइक वाले ने भाभी को टक्कर मार दी। दोनों हाथों में बुरी चोट लग गई। मैंने तुरंत दवा लगाई, डॉक्टर से बात की। डॉक्टर ने कहा दोनों हाथों को कम से कम 1 से 1.5 महीने आराम देना होगा, कोई काम न करें। भाभी रोने लगीं, बोलीं अब लॉकडाउन में क्या करूंगी, किसी को बुला भी नहीं सकती मदद के लिए। मैंने कहा भाभी चिंता मत करो, मैं हूं ना। आपके सारे काम मैं कर लूंगा।
उन्हें हंसाने के लिए बोला, भाभी देवर यानी दूसरा वर। इस पर भाभी जोर से हंस पड़ीं। शाम को मैंने अपने हाथों से उन्हें खाना खिलाया। वो थक कर सो गईं। अगली सुबह भाभी ने आवाज लगाई तो मैं उठकर उनके पास गया। पूछा क्या हुआ भाभी।
वो शरमाते हुए बोलीं, मुझे टॉयलेट जाना है। पॉटी बहुत जोर से लगी है। मैंने कहा भाभी कपड़े उतार दीजिए, नहीं तो दिक्कत होगी। भाभी बोलीं मैं हाथ तो यूज ही नहीं कर सकती। सच कहूं तो उस पल मेरा पुराना सपना पूरा होने वाला था – भाभी की गांड देखने का।
भाभी ने कहा, तुम भी अपने सारे कपड़े उतार दो। ऐसे मेरी शर्म थोड़ी कम होगी। मैंने तुरंत भाभी को पूरा नंगा किया। उनकी मोटी गांड देखकर लंड खड़ा हो गया। फिर खुद भी नंगा हो गया। भाभी को गोद में उठाकर छोटे इंडियन टॉयलेट में ले गया। मुश्किल से दोनों अंदर घुसे।
भाभी बैठीं और हगने लगीं। फिर उनकी चूत से सुस्स्स्स… की आवाज के साथ मूत्र की तेज धार निकली, मेरे हाथ पर छींटे पड़ रहे थे। भाभी शरमाकर बोलीं, सॉरी आकाश। मैंने कहा कोई बात नहीं भाभी। हगने के बाद भाभी परेशान दिखीं कि अब धोएंगी कैसे। मैं समझ गया।
मैंने पानी की बोतल से उनकी गांड पर पानी डाला और हाथ से धोना शुरू किया। गांड के दोनों गाल फैलाए, छेद पर उंगली फेरी। भाभी सिहर उठीं। मैंने धीरे-धीरे उंगली अंदर-बाहर की, गांड के अंदर तक साफ किया। भाभी की सांसें तेज हो गईं, वो आंखें बंद करके चुप रहीं। लेकिन उनकी गांड गर्म हो रही थी। मैंने काफी देर तक उंगली घुमाई, रगड़ा। भाभी के मुंह से हल्की आह निकली… आह…।
फिर मैंने उन्हें खड़ा किया। टॉयलेट छोटा था, खड़े होते ही मेरा मुंह उनकी चूत से जा टकराया। मैंने बहाने से चाटना शुरू किया। जीभ से चूत के होंठ चाटे तो भाभी कांप उठीं। आह… आकाश… क्या कर रहे हो… लेकिन रोक नहीं पाईं। मैंने जीभ अंदर डाली, क्लिट को चूसा। भाभी की चूत गीली हो गई। वो बोलीं… ओह्ह… मजा आ रहा है… चाटो और…।
कहानी का अगला भाग: भाभी का गांड धोया देवर ने – 2
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