Kutte se chudai sex story – Dog sex hindi story: हाय दोस्तों, सबको नमस्कार। मेरी पिछली कहानियां कैसी लगीं? मुझे बहुत अच्छा लगता है जब आप कमेंट करते हो और कहते हो कि और सुनाओ। मेरे पास ऐसी ढेर सारी कहानियां हैं, बस आप मेल करते रहो, मैं भेजता रहूंगा।
आज मैं अपनी करीब 9 साल पुरानी एक सच्ची और बेहद गर्म कहानी सुनाता हूं। उस वक्त मैं पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट में जॉब करता था। चुनाव आने वाले थे, फोटो वाले वोटर आईडी कार्ड बांटने का काम हमारे डिपार्टमेंट को मिला था। मेरे साथ दो और लोग थे, लेकिन मेरे पास अमीर इलाके के कार्ड थे।
पहले दो दिन मैं घर-घर जाकर कार्ड बांटता रहा। गुस्सा बहुत आता था। अमीरों का इलाका, हर घर में एक-दो बड़े-बड़े कुत्ते। और घर वाले भी ऐसे कि कुत्ते से कम नहीं। हर घर में घुसते ही कुत्ता भौंकता, मैं डरता रहता।
तीसरे दिन एक घर में गया। गेट पर खटखटाया, कोई नहीं आया। हिम्मत करके अंदर घुसा। चारों तरफ देखा कि कहीं कुत्ता न आ जाए। जैसे-तैसे मुख्य दरवाजे तक पहुंचा। घंटी बजाई, कोई आवाज नहीं। दरवाजा ठोंका, फिर भी कोई नहीं। थोड़ी देर खड़ा रहा, वापस लौटने लगा। तभी अंदर से हल्की-हल्की म्यूजिक की आवाज आई।
मैंने सोचा शायद कोई है। बगल वाली खिड़की पर गया। पर्दा आधा था। वहां पड़ी एक बाल्टी को उलटा करके उस पर चढ़ गया और अंदर झांका।
अंदर का नजारा देखते ही मेरे हाथ-पैर सुन्न हो गए। दो लड़कियां पूरी तरह नंगी थीं। एक के मम्मे बड़े-बड़े, भारी, गोल। दूसरी के मम्मे छोटे लेकिन नोकदार, आम जैसे। उम्र दोनों की करीब 20-21 साल की। दोनों की चूत पर काली-काली घनी झांटें। वो एक कुत्ते को दोनों तरफ से पकड़े हुए थे। कुत्ता छूटने की कोशिश कर रहा था।
एक लड़की ने कुत्ते को मजबूती से पकड़ा, दूसरी फर्श पर बैठ गई और टांगें फैला ली। मेरा लंड तुरंत खड़ा हो गया। दोनों ने कुत्ते का सिर पकड़कर बैठी वाली की चूत पर लगा दिया। कुत्ता पहले छटपटाया, फिर चाटने लगा। लड़की मस्त होकर कमर उछाल रही थी, “आह्ह… ओह्ह… हां ऐसे ही… चाट…”। दूसरी लड़की कुत्ते के लंड को सहला रही थी। कुत्ते का लंड धीरे-धीरे बाहर आया, लाल-लाल, मोटा।
फिर बैठी वाली लड़की उछलने लगी। कुत्ता उसके ऊपर झपटा। वो चारों हाथ-पैरों पर हो गई, गांड कुत्ते के मुंह पर। कुत्ते ने जोर-जोर से चाटना शुरू किया। दूसरी लड़की ने कुत्ते के आगे के पैर उठाकर उस पर चढ़ा दिए। कुत्ता समझ गया, जोर-जोर से झटके मारने लगा लेकिन लंड बाहर ही था। दूसरी लड़की ने कुत्ते का लंड पकड़ा और नीचे वाली की चूत पर सेट कर दिया। कई झटकों के बाद लंड अंदर घुस गया। लड़की चीखी, “आह्ह्ह… हां… पूरा अंदर… ओह्ह…”। वो कुत्ते के झटकों से पूरी हिल रही थी।
दूसरी लड़की आगे खड़ी हो गई, टांगें फैलाईं। कुत्तिया बनी वाली ने उसकी चूत चाटनी शुरू की। खड़ी वाली मस्त होकर अपने बड़े मम्मे दबा रही थी, “आह्ह… चाट और जोर से… अच्छा लग रहा है…”। दोनों की चूत से पानी टपक रहा था, फर्श गीला हो रहा था। कुत्ता ढीला पड़ गया, अलग हुआ और खुद को चाटने लगा।
कुत्तिया बनी लड़की उठी, पीछे झुकी, चूत आगे निकल आई। दूसरी ने चाटना शुरू किया। फिर दोनों एक-दूसरे के बदन सहलाने लगीं। उंगलियां चूतों में डालकर अंदर-बाहर करने लगीं। पानी झांटों में अटक रहा था, कुछ फर्श पर गिर रहा था। दोनों चिपक गईं, मम्मे दबा-दबा कर खेल रही थीं। बड़े मम्मे जीत रहे थे। कुत्ता बीच-बीच में आकर चाट जाता। मेरे लंड का पानी निकल चुका था लेकिन फिर भी तन रहा था।
करीब 10 मिनट बाद दोनों ने कपड़े पहने और बाहर चली गईं। कुत्ता भी उनके साथ। मैं वहां से निकला। पूरी रात उनकी नंगी तस्वीरें आंखों में घूमती रहीं।
अगले दिन उसी समय उसी घर गया। खिड़की से देखा, कुछ नहीं। निराश होकर घंटी बजाई। कुत्ता भौंका। एक लड़की ने चुप कराया। दरवाजा खुला। एक लड़की सामने। मैं उसे देखता रह गया। वो बोली, “जी कहिए, कौन हैं?” मैंने कहा, “कार्ड देना था।” वो बोली, “कौन सा?” दूसरी आई, “क्या हुआ रेशमा?” नाम रेशमा पता चला। रेशमा बोली, “नसरीन, कार्ड देने आए हैं।” फिर मुझसे बोली, “अंदर आ जाइए।”
दोनों सोफे पर बैठीं। कुत्ता घूम रहा था। मैं कार्ड समझा रहा था। दोनों अंदर चली गईं। नसरीन बोली, “रुकिए, अभी आते हैं।” मैं सोच रहा था अंदर क्या कर रही होंगी। फिर दोनों आईं। रेशमा ने दरवाजा बंद किया। मैंने पूछा क्यों। वो बोली, “टॉमी भाग जाएगा।” नसरीन बोली, “जल्दी क्या है?” मेरा दिल जोर-जोर से धड़का।
दोनों अंदर गईं। फिर आवाज दी, “अंदर आ जाइए।” मैं गया। पर्दा हटाया। दोनों ब्रा-पैंटी में खड़ी थीं। मैं जम गया। वो पास आईं, मुझे बिस्तर पर ले गईं। हाथ-पैर बांध दिए। रेशमा ने शर्ट के बटन खोले। नसरीन ने पैंट खोली। सिर्फ अंडरवियर बचा। रेशमा ने ब्रा-पैंटी उतारी। चूत गुलाबी, बिल्कुल साफ। वो मेरे बदन पर चढ़ी, चाटने लगी। नसरीन भी नंगी हुई। उसके मम्मे छोटे, चूत पर बाल।
नसरीन ने अंडरवियर उतारी। रेशमा ने होंठ चूसे। नसरीन ने गोलों को चूसा। रेशमा ने मम्मे मेरे मुंह में दिए। मैं चूसने लगा। वो “आह्ह… ओह्ह… चूसो जोर से…”। नसरीन ने लंड मुंह में लिया, “ग्ग्ग… गों…”। जगह बदली। नसरीन मेरे मुंह पर बैठी। मैं चूत चाट रहा था। रेशमा लंड चूस रही थी। मैं झड़ गया। वो फिर भी चूसती रहीं।
मैंने पूछा, “बांधा क्यों?” वो बोलीं, “बीएफ में देखा था।” फिर खोल दिया। मैंने कहा, “चुदवाना चाहती हो?” वो बोलीं, “हां, लेकिन कुंवारी हैं।” मैंने कहा, “कल निरोध लेकर आऊंगा।” वो खुश हो गईं।
अगले दिन तय समय पर गया। रेशमा दरवाजे पर। अंदर अकेली। नसरीन कहीं गई थी। रेशमा कुर्ते के नीचे कुछ नहीं। मम्मे बाहर से दिख रहे। पानी मांगा। उसने जानबूझकर मम्मों पर गिराया। मैंने कहा, “कॉन्डम लाया हूं।” वो खुश। मेरी जेब छुई, लंड पर हाथ। बोली, “हरकत कर रहा है।” मैंने कहा, “तुम्हारी चूत भी।” वो शर्मा गई।
मेरी शर्ट-पैंट-अंडरवियर उतारी। मैंने उसका कुर्ता-स्कर्ट उतारा। दोनों नंगे। वो लंड चूसा। कॉन्डम पहनाने लगी। घंटी बजी। डर गए। नसरीन आई। बोली, “लेट हो गई?” रेशमा बोली, “तूने जान निकाल दी।”
नसरीन ने लंड चूसा। रेशमा ने कॉन्डम पहनाया। नसरीन कुर्ता उतारा। मैं उसके मम्मे चूस रहा था। रेशमा मेरे लंड पर बैठी। धीरे-धीरे अंदर लिया। “आह्ह… ओह्ह… बड़ा है… फट जाएगी…”। फिर जोर-जोर से उछली। पानी छोड़ दिया।
फिर नसरीन आई। रेशमा ने कहा, “तू नहीं मरवाएगी?” नसरीन तैयार। मैंने नसरीन की गांड में डाला। वो चीखी, “आउउ… फट गई… धीरे…”। फिर मजा आने लगा, “हां… और जोर से…”। मैंने दोनों को बारी-बारी चोदा। बहुत देर तक मस्ती चली। अंत में कपड़े पहने। दोनों खुश। मैं चला गया।
दोस्तों, ऐसी कहानी कभी सुनी? आपको कैसी लगी? और सुनना चाहोगे? कमेंट जरूर करना।
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