Father daughter sex story – Thand me sex story: बात उन दिनों की है जब हम फैमिली ट्रिप पर शिलांग गए थे. मैं और पापा उनके गेस्ट हाउस देखने चले गए. वहां अचानक स्नो फॉल होने लगा और जो जहां था वहीं फंस गया. पापा ने कॉटेज में थोड़ी व्हिस्की रखी थी, पापा ने थोड़ी व्हिस्की खुद ली और थोड़ी मुझे दी लेकिन टेम्परेचर एकदम गिरते जा रहा था और हमारी हालत खराब होने लगी. रात होते-होते मेरी हालत बिगड़ने लगी और मुझे पापा ने बेड पर सुला दिया और मुझे सभी ब्लैंकेट उड़ा दिए, लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था. धीरे-धीरे मेरी फिंगर्स ने काम करना बंद कर दिया, मेरे होंठ सूखने लगे और उनमें से धीरे-धीरे ब्लीडिंग होने लगी. मेरी हालत से पापा बहुत चिंता कर रहे थे, वो बार-बार बाहर देख रहे थे लेकिन स्नो फॉल बढ़ता ही जा रहा था. पापा ने धीरे-धीरे पूरी व्हिस्की मुझे पिला दी लेकिन अब मेरी हालत सुधारने की बजाय बिगड़ने लगी.
रात के तीन बजे के बाद मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था और मैं अब रोने लगी थी. पापा ने बहुत समझाया लेकिन मेरी हालत खराब होने लगी. मेरे हाथ-पैर का ब्लड सर्कुलेशन रुक सा गया और उन्होंने काम करना बंद कर दिया.
सुबह चार बजे पापा ने मुझसे पूछा कि “बेटा तुम्हें जिंदा रहना है?” मैंने डरते-डरते कहा “हां पापा. लेकिन आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं?” उन्होंने कहा ठीक है अपनी आंखें बंद कर लो और मैं जो करूं उसे करने देना मना मत करना. मैंने अपनी आंखें बंद कर ली और उन्होंने ब्लैंकेट में हाथ डाला और मेरे शर्ट के बटन खोलने लगे, मैं समझ गई लेकिन चुपचाप लेटी रही. उन्होंने मेरा शर्ट खोलकर ब्रा निकाली और मेरे बूब्स पर हाथ घुमाने लगे, उनके टच से ही मुझे गर्मी महसूस होने लगी और मैं ठीक से लेट गई जिससे वो ठीक से हाथ घुमा सकें. वो दबा नहीं रहे थे सिर्फ हाथ घुमा रहे थे. मैंने शोएब के साथ बहुत बार रियल सेक्स किया था लेकिन इतना अच्छा कभी नहीं लगा.
पापा का हाथ बार-बार नीचे जाता लेकिन जींस टाइट थी और नीचे हाथ नहीं घुस रहा था. मैंने उनकी कम्फर्ट के लिए खुद ही जींस का हुक खोल दिया. उन्होंने मेरी जींस निकाल दी और मेरी पैंटी के ऊपर से रब करने लगे. थोड़ी देर में मेरे लेग्स भी गर्म होने लगे. अब वो मेरे ब्लैंकेट के अंदर घुस गए थे. मैं महसूस कर रही थी सब कुछ. उन्होंने मेरे लेग्स पकड़े और मेरी पैंटी भी निकाल दी. अब मैं पूरी नंगी थी. पापा का हाथ सभी जगह घूम रहा था. पापा ने जैसे ही मेरी चूत को हाथ लगाया, मैं शर्मा गई और लेग्स बेंड करने लगी. पापा ने कहा प्लीज बेटा मुझे सपोर्ट करो. मैंने लेग्स ओपन कर दिए, उनकी फिंगर्स मेरी चूत के लिप्स के बीच में घूमने लगी. इतनी अच्छी फीलिंग मुझे शोएब भी कभी नहीं दे सका.
पापा ने मिडल फिंगर मेरी चूत में डाली तो ईजिली घुस गई, उन्होंने दो फिंगर्स एक साथ डाली और दोनों ईजिली चली गई क्योंकि मैं शोएब के साथ कर चुकी थी. पापा चूत के अंदर फिंगर्स डाल कर अंदर-बाहर करने लगे. उनकी टंग मैं महसूस कर रही थी चूत के लिप्स के ऊपर वाले हिस्से पर. मैं बहुत वेट थी और चूत में से बहुत क्रीम निकल रहा था. मेरा मन कर रहा था मैं अपनी चूतड़ को हिलाऊं लेकिन हिम्मत नहीं कर पा रही थी. लेकिन मेरे मुंह से मोन्स शुरू हो चुके थे, आह… ऊंह… आह्ह… ह्ह्ह…
पापा ने पूछा कैसा फील कर रही हो? मैंने कहा पापा मेरी फिंगर्स और मेरे होंठ काम नहीं कर रहे हैं, उन्होंने ब्लैंकेट के अंदर से ही अपनी पैंट निकाली और अंडरवियर निकाल कर मेरे हाथ में अपना लंड दे दिया और बोले “इसे पकड़ कर मसलो ठीक हो जाएगा” मैंने उनका लंड पकड़ा, शोएब के लंड से मोटा और बड़ा था पापा का लंड. मैं उनके लंड को मसलने लगी, कभी पुल करती तो कभी स्क्वीज करती तो कभी ट्विस्ट. पापा ने धीरे से कहा “उसे अपने मुंह में ले लो बेटा” और मैंने मुंह में ले लिया और लंड को चूसने लगी. अब पापा और मैं एक दूसरे को चूस रहे थे. पापा एक घंटे तक मेरी चूत को चूसते रहे, ग्ग्ग्ग… गी… गों… ग्ग्ग्ग… इतनी देर में शोएब कम कर देता था लेकिन पापा का स्टेमिना बहुत स्ट्रांग था.
मैंने पापा के लंड को उनकी बॉल्स को चूसा और मुंह में लेकर पुल भी किया, ग्ग्ग्ग… गी… गों… शायद मेरी स्टाइल से पापा समझ गए थे कि मुझे एक्सपीरियंस है, क्योंकि पापा ऊपर आकर बोले कि बेटा तुमने ये सब किया है? मैं डरने लगी तो बोले अब डरो मत बेटा अगर किया है तो बोल दो. मैंने हां कर दी तो उन्होंने अपना लंड की कैप को मेरी चूत पर रखा और कैप को चूत के लिप्स पर रगड़ने लगे.
मेरी इच्छा हो रही थी पापा को पकड़ कर चुदवा लूं. लेकिन बोल नहीं सकती थी. पापा ने सिंगल शॉट में लंड को चूत में घुसा दिया. लंड स्मूदली अंदर-बाहर होने लगा और पापा मुझे चोदने लगे. मैं मोन करने लगी, आह… इह्ह… ओह्ह… आह… ह्ह्ह… इह्ह… पापा ने पूछा अब ठीक महसूस कर रही हो? मैंने कहा हां पापा, और पापा ने मेरे बूब्स पकड़ लिए और मुझे चोदने लगे. वो मुझे ऐसे चोद रहे थे जैसे मैं उनकी बीवी हूं. मुझे भी इतना मजा कभी शोएब के साथ नहीं आया.
पापा का लंड मेरी चूत में बहुत तेजी से अंदर-बाहर होने लगा, मेरी बुर बहुत स्लिपरी हो गई थी, और मेरी बुर में से बहुत क्रीम निकलने लगा था. मैंने उनकी वेस्ट पकड़ ली और मैं भी नीचे से अपने बटक्स हिला-हिला कर चुदवाने लगी. उन्होंने सिर्फ इतना कहा “आई लव यू बेटा” और मैं उनसे चिपक गई. अब मेरे अंदर से डर निकल गया और मैं पूरा मजा लेकर चुदवाने लगी. उन्होंने मुझे पैंतालीस मिनट चोदा और फिर मैं फिनिश होने लगी तो उन्होंने पूछा फिनिश हो गई हो क्या? मैंने कहा हां तो उन्होंने मुझे फिर से चोदना शुरू कर दिया और फिर उनके लंड में से बहुत सा कम मेरी चूत में चला गया. मैं इतनी गर्मी महसूस कर रही थी कि मुझे अब ब्लैंकेट की भी जरूरत नहीं थी. पापा मेरे साथ मेरी बाहों में सो गए. मुझे दो-तीन घंटे तक रिलीफ मिला लेकिन फिर से मेरी हालत बिगड़ने लगी.
पापा ने देखा और फिर से मेरे बूब्स चूसने लगे और फिर से उन्होंने मुझे एक घंटे से ज्यादा देर तक चोदा. उनकी बॉल्स मैं अपनी गांड के होल पर महसूस कर रही थी. पापा जब मुझे चोद रहे थे तब उनका हाथ मेरी बटक्स पर था और वो मेरी गांड के होल में बार-बार फिंगर घуса रहे थे जो मुझे बहुत एक्साइटिंग लग रहा था, आह… ऊंह… आह्ह… ह्ह्ह… इह्ह… ओह्ह… आह… ऊउइ… ऊई… उईई…
हम वहां तीन दिन और चार रात तक फंसे रहे. जिसमें पापा ने चार दिन में मुझे पंद्रह बार चोदा. हम इतना ज्यादा ओपन हो चुके थे कि बाद में मुझे जब भी थोड़ा सा ठंड लगती मैं पापा से चिपक जाती और पापा चोदना शुरू कर देते. शायद पापा की जगह कोई और होता तो इतना ज्यादा नहीं चोद पाता. मैं जानती हूं पापा को भी बहुत दर्द हुआ होगा जैसे मुझे हो रहा था. लेकिन मेरे जिंदा रहने का सिर्फ यही इलाज था. जब धूप निकली और हम वहां से निकले तो हम घर वालों के पास गए, सभी चिंता कर रहे थे. मैं मॉम से आंखें नहीं मिला पा रही थी. लेकिन मजबूरी थी.
हम वहां से डॉक्टर के पास गए और थोड़े दिन बाद वापस आ गए अपने शहर इलाहाबाद. थोड़े दिन बाद मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूं, पापा ने मुझे गिराने की सलाह दी. लेकिन मैंने शोएब से पूछा तो उसने शादी से मना कर दिया. मैंने सोचा पापा का प्यार समझ कर संभाल लूं लेकिन पापा ने कहा बेटा तुम्हारी जिंदगी हमारे लिए ज्यादा इम्पोर्टेंट है और मैंने अबॉर्ट करा लिया. आज तक मॉम को ये बात पता नहीं है, मॉम बहुत पजेसिव है.
उसके बाद मेरा बहुत मन करता है कि पापा के साथ फिर से करूं लेकिन अब अगर मैंने किया तो वो मुझे गलत समझेंगे. जब हम वहां थे तब पापा को मैंने शोएब और मेरे बारे में सब बता दिया था. आज भी पापा अगर चाहेंगे तो मैं रेडी हूं. मैं उनके प्यार का कर्ज नहीं चुका सकती लेकिन उन्हें खुश करने की मेरी इच्छा कभी खत्म नहीं होगी.
आई लव यू पापा, मोर दैन एनीथिंग इन दिस वर्ल्ड.
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