Bhabhi threesome sex story, devar fucks bhabhi friend sex story, Bhabhi ki saheli sex story: एक बार फिर से चुदाई की मस्ती लेकर आप लोगों के सामने हाजिर हूँ, और इस बार की कहानी इतनी गर्म है कि पढ़ते हुए आपका मन भी गर्म हो जाएगा। आप सब तो जानते ही हैं कि मैं अपनी भाभी तानिया को कई बार चोद चुका हूँ, उनकी वो गोरी चमकती त्वचा, बड़े-बड़े उभरे हुए बूब्स और वो मुस्कान जो किसी को भी पागल कर दे, और उनकी दो-तीन सहेलियों को भी मैंने खूब मजा चखाया है, हर बार उनकी चूत की गर्मी और गांड की तंगी मुझे और ज्यादा बेचैन कर देती है। तानिया भाभी की उम्र कोई तीस के आसपास होगी, लेकिन उनका बदन इतना टाइट और सेक्सी है कि लगता है जैसे अभी-अभी कॉलेज से निकली हों, और मैं उनका देवर होने के नाते घर में ही मौके तलाशता रहता हूँ। उस दिन की बात है मार्च 2022 की, जब मैंने तानिया भाभी की दोस्त, जो खुद भी तानिया नाम की थी, उसकी खूब चुदाई की थी, हम दोनों उसके घर पर थे, पसीने से भीगे हुए बिस्तर पर लेटे, हवा में सेक्स की महक फैली हुई थी, और अब चाय की चुस्कियां लेते हुए थोड़ी सांस ले रहे थे, बाहर तेज धूप थी लेकिन कमरे की ठंडी हवा से हमारी गर्म बॉडी थोड़ी शांत हो रही थी। तभी तानिया का फोन बजा, वो फोन देखकर इतनी खुशी से उछल पड़ी कि उसके बूब्स हिल गए, मैंने पूछा, अरे भाभी क्या हुआ, इतनी खुशी तो तब भी नहीं हुई थी जब मैंने तुम्हारी चूत भरी थी।
उसने मुस्कुराते हुए बताया कि मेरी कजिन परिधि आ रही है, उसे एयरपोर्ट से लेने जाना है, वो भी हमारे साथ कॉलेज में पढ़ती थी और अब लंदन से वापस आ रही है, मैंने सोचा वाह कोई नई हॉट माल आ रही है, लेकिन तानिया जल्दी में बोली, यार मुझे अभी निकलना है, कल फोन करती हूँ, और वो उठी, अपनी साड़ी ठीक की जो अभी भी थोड़ी उखड़ी हुई थी, उसकी जांघों पर मेरे हाथों के निशान थे, और निकल गई, मैं भी घर आ गया लेकिन रात भर तानिया भाभी की याद में लंड खड़ा रहा, उसकी चूत की गर्मी और गांड की महक याद करके मैंने मुठ मारी। अगले तीन-चार दिन तानिया से कोई बात नहीं हुई, मैं बेचैन हो रहा था, रोज फोन ट्राई करता लेकिन वो व्यस्त लगती, आखिर मैंने अपनी भाभी से फोन करवाया जो तानिया की करीबी सहेली भी थीं, भाभी ने फोन किया तो तानिया बोली कि मेरा देवर आज कहीं जा रहा है, थोड़ी देर बाद कॉल करती हूँ, मैं इंतजार करता रहा, चाय पीता रहा, टीवी देखता रहा लेकिन मन कहीं और था, लगभग दो-तीन घंटे बाद उसका फोन आया, आवाज में थोड़ी हांफती हुई जैसे अभी-अभी चुदाई करके उठी हो, बोली हम शॉपिंग के लिए बाहर जा रहे हैं, तुम मुझे मॉल में मिलो, मैंने तुरंत हामी भरी, तैयार हुआ और निकल पड़ा।
मॉल पहुंचा तो देखा तानिया एक ब्लैक टॉप और टाइट जींस में खड़ी थी, उसके बूब्स टॉप में इतने उभरे हुए थे कि देखते ही लंड में हलचल हो गई, और साथ में एक औरत थी जो और भी ज्यादा हॉट लग रही थी, लंबी कद की, गोरी चमड़ी वाली, बाल खुले हुए हवा में लहराते, रेड ड्रेस में जो घुटनों तक थी और नीचे से उसकी चिकनी जांघें झांक रही थीं, हील्स में चलते हुए उसकी गांड का हिलना देखकर मन किया वहीं दबोच लूं। तानिया ने मिलवाया कि ये परिधि है मेरी कजिन, मैंने हाथ मिलाया तो उसकी उंगलियां इतनी नरम थीं कि लगा जैसे मखमल छू रहा हूँ, उसकी आंखों में एक शरारती चमक थी जैसे वो मुझे ऊपर से नीचे स्कैन कर रही हो, और उसकी परफ्यूम की खुशबू इतनी कामुक थी कि नाक में घुस गई। परिधि ने मुस्कुराकर कहा कि आपकी भाभी आपकी बहुत तारीफ कर रही थीं, मैंने हंसकर कहा भाभी तो बस ऐसे ही, लेकिन मन में सोच रहा था कि ये लंदन वाली कितनी ओपन होगी। परिधि खुले विचारों वाली थी, पिछले चार-पांच साल से लंदन में रहती थी, वहां की लाइफस्टाइल से प्रभावित, हम तीनों मॉल में घूमने लगे, शॉपिंग की, परिधि ने कुछ ड्रेस ट्राई कीं, चेंजिंग रूम से निकलती तो ड्रेस इतनी टाइट होती कि उसकी गांड और बूब्स साफ उभरते, मैं बाहर वेट करता और तानिया से कान में कहता यार ये तो कमाल की है, तानिया हंसती और कहती हां लेकिन धैर्य रखो देवर जी। हमने काफी बातें कीं, परिधि ने लंदन की स्टोरीज सुनाईं, वहां की पार्टीज जहां लोग ओपन सेक्स करते, बॉयफ्रेंड्स की कहानियां, उसकी आवाज इतनी सेक्सी थी कि सुनते हुए लंड सख्त हो जाता, शॉपिंग के बाद मैं निकल आया लेकिन रात को परिधि की याद में दो बार मुठ मारी, उसकी वो स्माइल, वो बॉडी की गर्मी, वो परफ्यूम की महक, सब कुछ दिमाग में घूम रहा था, और तानिया भाभी को चोदे हुए भी कई दिन हो गए थे, लंड पूरी तरह बेचैन था।
दो दिन बाद तानिया का फोन आया, बोली आज हमारे साथ मूवी देखने आओगे, मैंने कहा यार कब से इंतजार कर रहा हूँ तुम्हारे फोन का, लंड सूख रहा है तुम्हारी चूत की याद में, वो हंसी और बोली उसी मॉल में आ जाओ जहां पहले मिले थे, मैं दो बजे पहुंचा, तानिया नीली साड़ी में थी, पल्लू थोड़ा नीचे सरका हुआ, क्लिवेज दिख रहा था जो चमक रहा था, मैंने कहा कितने दिन हो गए यार अपना लंड चुसवा दो कुछ जुगाड़ करो ना, वो बोली शशश धीरे बोलो, जब से परिधि आई है मेरा देवर राज कहीं जाता ही नहीं, वो दिन में दो-तीन बार परिधि को चोदता है घर में ही मस्ती चल रही है, मैंने कहा क्या यार तो इस दूसरे देवर का भी ध्यान रखो मैं तो भाभी का असली देवर हूँ, तानिया बोली मैंने परिधि से तेरी बात की है वो मना नहीं करेगी लेकिन घर पर ही संभव होगा। हम बात कर ही रहे थे कि परिधि शॉपिंग बैग्स लेकर आई, साथ में राज था, उसकी रेड ड्रेस अभी भी बॉडी से चिपकी हुई थी, पसीने से थोड़ी गीली, और उसकी खुशबू हवा में फैल रही थी, परिधि ने मुझे देखा और बोली अरे यार तुम यहां, मैंने बहाना बनाया मूवी देखने आया था भाभी को देखा तो बात करने लगा, परिधि ने ऐसे एक्ट किया जैसे पहली बार मिल रही हो लेकिन उसकी आंखों में शरारत थी, मुझे पता चल गया कि तानिया ने उसे राज के सामने छुपाने को कहा होगा।
तानिया बोली चलो सब साथ नाश्ता करते हैं, हम रेस्टोरेंट में बैठे, टेबल पर कॉफी आई जिसकी खुशबू कमरे में फैल गई, राज ऑर्डर देने काउंटर गया तो मैंने तानिया से कहा भाभी कुछ करो ना यार लंड फट रहा है, तानिया बोली परिधि को राज बहुत पसंद आ गया है रोज चुदाई हो रही है, परिधि हंसकर बोली मुझे तो तुम्हारे सारे देवर पसंद हैं सबको मजा दूंगी, उसकी बात से लगा वो बहुत चालू है सेक्स के मामले में पूरी तरह ओपन, मैंने उसका हाथ पकड़ा टेबल के नीचे उंगलियां दबाईं जो गर्म थीं, बोला तो हमारा भी ध्यान रखो भाभी, वो मुस्कुराई बोली रखूंगी ना देवर जी लेकिन धैर्य रखो, तानिया बोली राज दो-तीन घंटे बाहर जाएगा तो तुम्हारा काम हो जाएगा, परिधि जोर से हंसी बोली उसे भी साथ बुला लेते हैं थ्रीसम हो जाएगा मजा दोगुना, तानिया बोली नहीं यार अगर राज को पता चला तो घर में रहना मुश्किल हो जाएगा प्लीज, परिधि बोली ठीक है मैं राज को बाहर भेजने का प्लान करती हूँ।
नाश्ता करते हुए परिधि ने राज से कहा अरे राज मेरा एक छोटा सा काम है करोगे, राज बोला भाभी आपके लिए तो जान हाजिर है क्या काम, परिधि बोली मेरी फ्रेंड ने मेरे लिए कुछ कपड़े लाए हैं तुम जाकर ले आओगे, राज तैयार हो गया, तानिया ने मेरे पैर पर पैर दबाया जो गर्म था, मैं समझ गया, परिधि ने एड्रेस दिया बोली वहां पहुंचकर मुझे कॉल करना, राज बोला ठीक है तुम लोग भाभी को घर छोड़ देना मैं आधे घंटे में आता हूँ, मैंने कहा हां भाई मैं छोड़ दूंगा, राज गाड़ी लेकर निकल गया। हम तीनों बाहर आए गाड़ी तक उसे छोड़ा और जैसे ही वो गया हम जोर-जोर से हंसे, मैंने कहा परिधि भाभी थैंक्स यार तुमने तो कमाल कर दिया, उसने सेक्सी स्माइल दी बोली तुम दोनों का काम मैंने कर दिया अब जल्दी घर चलो वक्त बर्बाद मत करो, उसकी सांसें तेज थीं जैसे वो भी उत्साहित हो।
हम तानिया के घर पहुंचे जो शहर के बाहर एक शांत अपार्टमेंट में था, अंदर घुसे सोफे पर बैठे, कमरे में हल्की रोशनी थी और एसी की ठंडी हवा से बॉडी सिहर रही थी, परिधि बोली तुम लोग मजे करो मैं अंदर रूम में बैठती हूँ, तानिया बोली अरे यार अगर राज आ गया तो परेशानी हो जाएगी घर से निकलना बंद हो जाएगा, परिधि ने अपनी दोस्त को फोन किया बोली कोई लड़का कपड़े लेने आ रहा है जैसे ही आए मुझे कॉल करना, थोड़ी देर में फोन आया परिधि ने समझाया कपड़े टेलर के पास हैं उसे दो-तीन घंटे रोकना चाय पिला बातें कर जब निकले तो मुझे बताना, दोस्त ने हामी भरी, परिधि बोली लो अब राज तुम्हारी दोस्त के घर पर है अब मजे करो मैं अंदर जा रही हूँ, वो रूम में चली गई लेकिन जाते हुए उसकी गांड का हिलना देखकर लंड और सख्त हो गया।
मैंने दरवाजा लॉक किया तानिया को दीवार से सटा लिया चूमने लगा, उसके होंठ नरम और गर्म थे जीभ अंदर डाली वो भी चूसने लगी उसकी सांसों की गर्मी मेरे चेहरे पर लग रही थी, बोली शांति से करो यार परिधि सुन लेगी, मैंने कहा नहीं भाभी बहुत दिनों बाद तुम्हारे इन बड़े-बड़े बूब्स को चूस रहा हूँ आज तो पूरा मजा लूंगा, मैंने उसकी साड़ी का पल्लू हटाया ब्लाउज के ऊपर से बूब्स दबाए जो स्पंज जैसे नरम थे वो आह इह्ह करने लगी उसकी गर्दन पर किस किया जहां पसीने की बूंदें थीं, उसका हाथ मेरी पैंट पर गया लंड को बाहर निकाला जोर-जोर से हिलाने लगी बोली देवर जी कितना मोटा हो गया है ये मेरी चूत फाड़ देगा, मैंने कहा भाभी तुम्हारी चूत की याद में रोज मुठ मारता हूँ उसकी महक भूल नहीं पाता, मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोले ब्रा हटाई बूब्स बाहर आए निप्पल्स सख्त हो चुके थे मैंने एक को मुंह में लिया चूसने लगा जीभ से घुमाया वो सिसकारियां लेने लगी आह्ह ह्ह्ह देवर जी और जोर से चूसो, दूसरा बूब दबाता रहा, वो नीचे बैठ गई लंड मुंह में लिया ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग गी गी गोग गोग करते हुए चूसने लगी पूरा गला तक डालकर उसकी लार लंड पर गिर रही थी, मैं उसके बाल पकड़कर धक्के देने लगा आह भाभी चूसो और जोर से तुम्हारा मुंह कितना गर्म है।
हम हॉल में ही थे सोफे पर मैंने उसे लिटाया साड़ी ऊपर की पैंटी उतारी चूत पर हाथ फेरा जो पहले से गीली थी उंगली अंदर डाली वो कमर उछालने लगी आह्ह इह्ह देवर जी उंगली से चोदो पहले, मैंने दो उंगलियां डालीं घुमाईं उसकी चूत की दीवारें सिकुड़ रही थीं महक फैल रही थी, वो मेरे लंड को हिलाती रही, तभी परिधि बाहर आई देखकर बोली अरे क्या यार तुमको शर्म नहीं आती हॉल में ही शुरू हो गए, मैं थोड़ा शरमाया लेकिन तानिया बोली तुम तो रोज मेरे सामने चुदवाती हो राज से फिर मुझसे कैसी शर्म, वो फिर से लंड चूसने लगी, परिधि हंसकर वापस जाने लगी लेकिन उसकी आंखों में वासना थी। मैंने इशारा किया तानिया ने जोर से कहा परिधि देवर अकेला पड़ रहा है कंपनी दे दो, परिधि बाहर आई बोली किसे कंपनी चाहिए, मैंने कहा मुझे भाभी आओ ना, वो बोली तुम अभी बच्चे हो देवर जी, मैंने कहा ट्राई कर लो पता चलेगा कितना बड़ा हूँ, तानिया बोली कर लो यार ऐसा मौका फिर नहीं मिलेगा, परिधि हिचकिचाई लेकिन तानिया ने उसका हाथ पकड़कर मेरे पास बैठा दिया, अब दो सेक्सी भाभियां मेरे सामने मैंने परिधि की ड्रेस ऊपर की जांघें छुईं जो चिकनी और गर्म थीं वो सिहर उठी आह्ह देवर जी क्या कर रहे हो, मैंने उसकी गर्दन पर किस किया परफ्यूम और पसीने की मिली हुई महक आई, उसके बूब्स दबाए ड्रेस के ऊपर से वो कराहने लगी ऊऊ ऊईई धीरे करो, तानिया ने मेरा लंड निकालकर परिधि के मुंह की ओर किया, परिधि ने एक झटके में पूरा मुंह में ले लिया ग्ग्ग्ग गों गों गोग करते हुए चूसने लगी जैसे लंदन में प्रैक्टिस की हो उसकी जीभ लंड के टोपे पर घूम रही थी, कभी तानिया चूसती कभी परिधि दोनों बारी-बारी लार से लंड चमक रहा था, मैं उनके बूब्स दबाता रहा निप्पल्स काटता।
तानिया बोली देवर जी तुमसे चुदे हुए दिन हो गए आज मेरी चूत और गांड दोनों भर दो अपने पानी से फाड़ दो मुझे, वो अपनी साड़ी पूरी उतारकर नंगी हो गई चूत फैलाकर सोफे पर बैठी मैंने लंड उसकी चूत पर रगड़ा जो गीला था धक्का मारा अंदर गया वो चिल्लाई आह्ह इह्ह ओह्ह देवर जी और जोर से चोदो अपनी भाभी को, मैं जोर-जोर से पेलने लगा उसके बूब्स उछल रहे थे मैं उन्हें दबाता चूसता, बीच में परिधि की ड्रेस उतारी वो ब्रा पैंटी में मैंने उसकी चूत में उंगली डाली जो टपक रही थी वो आह्ह ह्ह्ह ऊऊ ऊईई करने लगी देवर जी उंगली मत रोको और तेज करो, परिधि बोली देवर जी पहले तानिया को संतुष्ट करो मैं बाद में चुदवाऊंगी लेकिन उंगली से मुझे गर्म करो, तानिया उंगली से परिधि की चूत चोद रही थी उसकी उंगलियां गीली हो गईं, मैंने तानिया को उल्टा किया गांड में उंगली डाली जो तंग थी फिर लंड डाला वो गांड हिलाकर बोली हां देवर फाड़ दो गांड कितना मोटा है तेरा लंड मुझे दर्द और मजा दोनों दे रहा है, फच फच की आवाज पूरे हॉल में गूंज रही थी, मेरा निकलने वाला था बोला कहां निकालूं भाभी, वो बोली गांड से निकालो चूत में डालो सारा माल, मैंने चूत में पेलकर पानी छोड़ दिया उसके ऊपर गिर पड़ा हमारी सांसें मिल रही थीं पसीने की महक फैल गई।
थोड़ी देर बाद दूसरा राउंड अब परिधि की बारी वो बोली देवर जी मुझे घोड़ी बनाकर चोदो, मैंने उसे घोड़ी बनाया चूत में लंड डाला जो गर्म और गीली थी वो चिल्लाई आह्ह ह्ह्ह ओह्ह लंदन में ऐसे लंड नहीं मिले फाड़ दो मेरी चूत, मैं जोर-जोर से पेलता रहा उसके बूब्स दबाता तानिया उसके मुंह में बूब्स दे रही थी चूसवा रही थी, परिधि बोली हां चोदो अपनी नई भाभी को भर दो चूत तेरे पानी से, मैंने तेज किया फच फच आह्ह इह्ह और आखिर में उसकी चूत में पानी छोड़ दिया, हम तीनों थककर लेट गए हंसते हुए एक-दूसरे को छूते हुए, बॉडी की गर्मी और महक अभी भी कमरे में थी।
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