Behan ki chudai sex story, couple swapping sex story, desi teacher ki long chudai sex story: मेरा नाम चंचल है, और मैं हमेशा से ही अपनी फैमिली का ख्याल रखने वाला लड़का रहा हूँ। हमारी फैमिली छोटी सी है – सिर्फ मैं, मेरी माँ और मेरी बड़ी बहन रितु। पापा की मौत कुछ साल पहले हो गई थी, जिसके बाद घर चलाना थोड़ा मुश्किल हो गया, लेकिन हम सबने मिलकर संभाल लिया। मैं 21 साल का हूँ, कॉलेज में पढ़ता हूँ, और ज्यादातर समय किताबों या दोस्तों के साथ बिताता हूँ। रितु 25 की है, और वो एक प्राइमरी स्कूल में टीचर है। वो हमेशा से ही घर की जिम्मेदारी संभालती आई है, माँ की मदद करती है, और बाहर से देखने में एकदम सीधी-सादी लगती है। लेकिन उस दिन जो मैंने देखा, वो मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा झटका था।
रितु सच में बहुत सेक्सी है। उसका फिगर 34-32-37 का है, जो किसी भी लड़की को जलाने के लिए काफी है। रंग न गोरा है न काला, बल्कि एक साफ-सुथरा गेहुंआ टोन, जो उसकी स्किन को और चमकदार बनाता है। उसके लंबे काले बाल कमर तक लहराते हैं, और जब वो चलती है तो उसकी गांड की मटक किसी का भी ध्यान खींच लेती है। मैंने कभी उसे इस नजर से नहीं देखा था, क्योंकि वो मेरी बहन है, लेकिन आस-पास के लड़के अक्सर उसकी तारीफ करते थे। वो स्कूल में टीचर है, तो ज्यादातर साड़ी या सलवार सूट पहनती है, लेकिन घर पर शॉर्ट्स या स्कर्ट में घूमती है, जो उसकी जांघों को और हाइलाइट करता है।
उस दिन दोपहर का समय था। मैं कॉलेज से जल्दी निकल आया था, क्योंकि एक लेक्चर कैंसल हो गया। रितु का स्कूल एक बजे खत्म होता है, और मैं उसके स्कूल के पास से ही गुजर रहा था। अचानक नजर पड़ी तो रितु गेट के बाहर किसी लड़के के साथ खड़ी थी। वो हंस-हंसकर बातें कर रही थी, और लड़का उसके करीब खड़ा था, जैसे कोई पुराना जानकार हो। मैंने बाइक स्लो की और दूर से देखने लगा। थोड़ी देर बाद एक और महिला आई – शायद स्कूल की ही कोई मैडम – और रितु को साथ लेकर चली गई। वो लड़का और एक दूसरा आदमी भी उनके पीछे-पीछे चल पड़े। दोनों की उम्र 30-35 के आसपास लग रही थी, और उनके कपड़ों से लगता था कि वो भी स्कूल के टीचर हैं।
मैंने सोचा शायद कोई मीटिंग या काम होगा, लेकिन दिल में एक अजीब सा शक हुआ। मैंने बाइक रोकी और दूर से फॉलो किया। रास्ते में उन्होंने बाइक रोकी और एक पान की दुकान पर खड़े हो गए। दोनों सिगरेट सुलगाकर बातें करने लगे। मैं थोड़ा दूर रुक गया, लेकिन उनकी आवाज साफ सुनाई दे रही थी।
एक ने कहा, “यार अभिषेक, तूने तो रितु मैडम को कई बार चोदा है ना? कैसी है वो बिस्तर पर?”
अभिषेक ने हंसते हुए जवाब दिया, “हाँ सूरज, कई बार चोदा है। रितु बड़े मजेदार तरीके से करती है, पूरी रंडी की तरह चुदवाती है। लेकिन तू क्यों पूछ रहा है? तूने भी तो पल्लवी मैडम को चोदा है ना?”
सूरज ने मुंह बनाते हुए कहा, “हाँ यार, लेकिन पल्लवी तो अब बड़ी हो गई है, 36 साल की। मजा नहीं आता उतना। उसकी चूत ढीली हो गई है। रितु मैडम तो बस 25 की होगी, क्या माल है यार, उसकी गांड देखकर तो लंड खड़ा हो जाता है।”
अभिषेक ने सिगरेट का कश लगाते हुए कहा, “हाँ, रितु के बूब्स तो कमाल के हैं, बड़े-बड़े और टाइट। और गांड तो कयामत है, मटकती हुई चलती है तो जी करता है पीछे से पकड़ लूं।”
सूरज ने उत्सुकता से पूछा, “और चूत? कैसी है उसकी चूत? चिकनी है या बालों वाली?”
अभिषेक हंस पड़ा, “अरे तुझे भी चोदना है क्या रितु को? साफ-साफ बोल ना, छुपा क्यों रहा है?”
सूरज ने शरमाते हुए कहा, “हाँ यार, कुछ करवा सकता है क्या? मैं पल्लवी को तुझे दे दूंगा, तू उसकी चूत मार लेना।”
अभिषेक ने सोचते हुए कहा, “चल, पहले पल्लवी मैडम के घर चलते हैं, देखते हैं क्या सेट होता है। रितु भी वहीं जा रही है लगता है।”
मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। ये क्या बातें कर रहे थे? मेरी बहन रितु? वो इनके साथ? मैंने खुद को संभाला और चुपके से उनके पीछे-पीछे चल पड़ा। पल्लवी मैडम का घर ज्यादा दूर नहीं था, एक छोटा सा अपार्टमेंट। मैंने देखा कि रितु की स्कूटी पहले से ही वहां खड़ी थी। दोनों अंदर चले गए। मैं बाइक दूर पार्क करके आया और घर के पीछे की तरफ गया। वहां एक खिड़की थी, जो थोड़ी खुली हुई थी। मैंने चुपके से झांकना शुरू किया, दिल में डर था कि कहीं पकड़ा न जाऊं, लेकिन जानना जरूरी था।
अंदर हॉल में सब बैठे थे। पल्लवी मैडम ने अभिषेक और सूरज का स्वागत किया, “आइए अभिषेक सर, और सूरज सर। आप तो पहली बार हमारे घर आए हैं ना?”
अभिषेक ने मुस्कुराते हुए कहा, “रितु मुझे लेकर ही नहीं आती, मैंने तो उसे कई बार बोला है।”
रितु वहां खड़ी थी, काली स्कर्ट और काले टॉप में। वो पानी लेकर आई और सबको दिया। सब सोफे पर बैठ गए। थोड़ी इधर-उधर की बातें हुईं – स्कूल के बारे में, बच्चों के बारे में। लेकिन माहौल में एक अजीब सी गर्माहट थी, जैसे सब कुछ जानते हों। फिर अभिषेक ने बात घुमाई, “चलो कुछ करते हैं, बातें करते-करते बोर हो गए हैं।”
रितु ने हल्के से मुस्कुराते हुए देखा, और पल्लवी ने रितु से कहा, “क्या तुझे भी जल्दी है अभिषेक की तरह?”
रितु शरमा गई, लेकिन कुछ नहीं बोली, सिर्फ स्माइल दी। अभिषेक ने सफाई दी, “मुझे जल्दी नहीं है पल्लवी मैडम, मैं तो कुछ और कहना चाहता था। चलो कोई गेम खेलते हैं, या टीवी देखते हैं। वैसे आपका बाथरूम कहां है?”
पल्लवी ने कहा, “चलो मैं दिखाती हूँ,” और दोनों अंदर चले गए। बाहर रितु और सूरज रह गए। सूरज ने रितु को घूरते हुए कहा, “रितु मैडम, आप तो बहुत सुंदर हैं। अभिषेक का नसीब खुल गया जो आपके साथ है।”
रितु ने पूछा, “आप जैसे क्या?”
सूरज ने सीधे कहा, “मेरा मतलब आप जैसी सेक्सी लड़की के साथ उसकी ऐश है। आपका फिगर तो कमाल का है, बूब्स, गांड सब परफेक्ट।”
रितु ने शरमाते हुए कहा, “मैं इतनी सुंदर हूँ क्या? आप भी ना।”
इतने में पल्लवी और अभिषेक बाहर आए। अभिषेक ने कहा, “कल रात मैंने एक इंग्लिश फिल्म देखी थी, उसमें एक मजेदार गेम खेलते हैं। क्यों न हम भी खेलें?”
पल्लवी ने उत्साह से कहा, “हाँ, क्यों नहीं। रितु, क्या ख्याल है तेरा?”
रितु ने कहा, “पहले बताओ तो सही क्या गेम है, और रूल्स क्या हैं?”
अभिषेक ने कहा, “रूल्स गेम के बाद बताऊंगा। मंजूर है तो खेलो, वरना कोई बात नहीं।”
सब राजी हो गए। अभिषेक ने पल्लवी से कार्ड्स मंगवाए। सब सोफे पर बैठकर खेलने लगे। खेल में हंसी-मजाक चलता रहा, रितु हारती तो शरमाती, जीतती तो ताली बजाती। करीब 30 मिनट बाद स्कोर निकला – पल्लवी 5 बार जीती, रितु 4 बार हारी, सूरज 3 बार हारा, अभिषेक 2 बार जीता।
अब अभिषेक ने रूल्स बताए, “फिल्म में जो सबसे ज्यादा स्कोर करता है, वो किसी को भी शाम 6 बजे तक अपने कमरे में ले जा सकता है। कोई भी पार्टनर, और मजा ले सकता है। बड़ा स्कोर वाला पहले चुनता है।”
सब एक-दूसरे को देखने लगे। पल्लवी ने पूछा, “किसी को समस्या तो नहीं? अगर है तो बंद कर देते हैं।”
सूरज ने तुरंत कहा, “कोई समस्या नहीं।” रितु ने धीरे से सिर हिलाया।
पल्लवी ने कहा, “मैं और सूरज तो कई बार कर चुके हैं, तो मैं अभिषेक को चुनती हूँ। रितु, तुझे कोई एतराज?”
रितु ने कहा, “नहीं, सबकी मर्जी है।”
पल्लवी ने अभिषेक का हाथ पकड़ा और कमरे में चली गई। रितु को बोली, “अपना ख्याल रखना, अपना कमरा वहां है।”
अब बाहर रितु और सूरज थे। सूरज ने कहा, “चलो कमरे में चलें, या यहीं बैठें?”
रितु ने थोड़ा झिझकते हुए कहा, “आप जाइए, मैं पानी लेकर आती हूँ।”
सूरज कमरे में चला गया। रितु किचन से बोतल लेकर आई। मैंने खिड़की बदल ली और अब उनके कमरे की तरफ से देख रहा था। दिल जोरों से धड़क रहा था, मेरी बहन क्या करने वाली है? वो अंदर गई, दरवाजा बंद किया।
सूरज ने कहा, “शरमाओ मत रितु, आ जाओ। मैं तुम्हें बहुत मजा दूंगा, जो अभिषेक नहीं देता होगा।”
रितु ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं आपको इतनी अच्छी लगती हूँ क्या?”
सूरज बेड से उठा, उसे बाहों में उठाया। रितु ने कहा, “छोड़िए ना, क्या करते हो? मैं कहीं भागी नहीं जा रही। नीचे उतारिए।”
सूरज ने उसे बेड पर उतारा, हाथ पकड़कर चूमा। बोला, “रितु मेरी रानी, आज मुझे करने दो। दिल खोलकर अपने हुस्न के जलवे दिखा दो। तुम खुश तो हो ना मेरे साथ? समस्या हो तो मैं चला जाऊं।”
रितु ने कहा, “नहीं-नहीं, मुझे कोई समस्या नहीं। मैं तो बहुत खुश हूँ, आज एक नया आनंद मिलेगा।”
सूरज ने उसे बाहों में भर लिया, गहरा किस शुरू किया। रितु भी साथ देने लगी। रितु कराही, “आह्ह सूरज, क्या चूमते हो तुम, बहुत मजा आ रहा है, और चूमो मुझे आह्ह मेरे राजा, क्या बाहें हैं तुम्हारी, मैं तो पूरी समा गई इनमें आह्ह।”
सूरज बोला, “रितु क्या रसीले होंठ हैं तेरे, जी करता है खा जाऊं। अब बाकी अंग भी दिखा मेरी जान।”
रितु ने कहा, “थोड़ा सब्र करो राजा, सब दिखाऊंगी। यह बदन अब तुम्हारा है। लेकिन पहले बताओ, तुम्हें रंग कौन सा पसंद है?”
सूरज ने कहा, “काला। क्यों?”
रितु ने कहा, “अभिषेक को लाल पसंद है, तो उसके लिए… लेकिन तुम्हारी पसंद का इंतजाम हो जाएगा। अब तुम कपड़े चेंज कर लो, मैं अभी आती हूँ।”
रितु बाहर गई, बैग लेकर बाथरूम में। मैं सोच रहा था, ये क्या हो रहा है? मेरी बहन इतनी बोल्ड कैसे? जब वो बाहर आई, तो मैं भी देखकर हैरान। छोटी पारदर्शी मैक्सी, घुटनों से ऊपर, जांघें चिकनी और कसी हुई दिख रही थीं। बाल खुले, होंठ गुलाबी। सूरज सिर्फ अंडरवियर में था, उसका लंड उभरा हुआ।
सूरज ने उसे खींचा, होंठों पर होंठ रख दिए। साथ ही बूब्स दबाने लगा। रितु अपना बदन रगड़ रही थी। सूरज ने पैरों से चूमना शुरू किया, मैक्सी ऊपर उठाई और उतार दी। अब रितु काली ब्रा-पेंटी में।
सूरज ने कहा, “वाह रितु, मेरे लिए ये काला सेट पहना ना? क्या लग रही हो जानेमन।”
रितु ने उसकी अंडरवियर पर हाथ रखा, सहलाया, लंड बाहर निकाला। बोली, “हाँ थोड़ा बड़ा है राजा, लेकिन प्यारा भी।”
सूरज ने कहा, “अपने गुलाबी होंठों से प्यार करो इसे। लंड चूसो मेरी रानी, आज ये तुम्हारा है।”
रितु ने कहा, “बस आज ही? दोबारा नहीं दोगे?” और मुंह में ले लिया। ग्ग्ग्ग.. गी.. गों.. गोग.. की आवाजें, गले तक लेती हुई चूस रही थी।
सूरज बोला, “क्या लंड चूसती है तू रंडी, और जोर से चूस। अब तक कितने लंड चूसे हैं रितु रानी?”
रितु ने निकालकर कहा, “तुझे क्या, तेरा तो बहुत मजा दे रहा है राजा।”
सूरज ने ब्रा खोली, बूब्स आजाद। एक चूसता, दूसरा दबाता। बोला, “आज से तू मेरी रंडी है, जब चाहूं चोदूंगा, तेरे बूब्स दबाऊंगा समझी।”
रितु बोली, “हाँ रे मेरे भड़वे, मैं तेरी रंडी हूँ, जोर से दबा भोसड़ी के।”
सूरज ने पेंटी उतारी, चूत देखकर पागल। बोला, “क्या चूत है रितु, चिकनी रूई जैसी, जी करता है खा जाऊं।” और चाटने लगा।
रितु कराही, “आह्ह.. ओह्ह.. खा जा राजा, तेरी है ये चूत, फाड़ दे आज। ऊईई.. जीभ अंदर डालो ना सूरज, आह्ह ह्ह्ह..”
काफी देर चाटने के बाद सूरज खड़ा हुआ। लंड चूत पर रगड़ा। बोला, “तैयार हो रानी, लंड लेने को?”
रितु बोली, “डाल दे राजा, मेरी चूत बेकरार है नए लंड के लिए।”
सूरज ने झटका मारा, आधा अंदर। रितु ने कमर उठाई। फिर पूरा अंदर, जोर-जोर से चोदने लगा।
रितु चीखी, “आह्ह.. ऊईई.. माँ क्या लंड है तेरा, और जोर से चोदो सूरज, फाड़ दो मेरी चूत आह्ह ह्ह्ह.. धन्य हो गई तेरे लंड से।”
सूरज बोला, “हाँ रितु, कब से चोदना चाहता था तुझे, तेरी गांड मटकती देखकर जी करता था मार दूं। क्या चूत है तेरी, टाइट और रसीली। अब गांड भी मारूंगा।”
रितु बोली, “हाँ गांड भी मरवा लूंगी, पहले अच्छे से चोद तो। ये सब तेरी है राजा, जब चाहे चोदना।”
सूरज ने लंड निकाला, बोला, “खड़ी हो जा कुतिया बनकर।”
रितु कुतिया बनी, सूरज पीछे से डाला, बूब्स दबाता, गांड सहलाता। रितु गांड पीछे धकेलती, “आऊ.. ऊईई.. और जोर से, चूत फाड़ दे राजा, तेरा लंड अंदर तक ठोकर मार रहा है आह्ह..”
सूरज थक गया, लेट गया। बोला, “आ जा ऊपर, चुदवा अपनी चूत को।”
रितु ऊपर आई, लंड अंदर लिया, उछलने लगी। सूरज नीचे से धक्के, बूब्स दबाता। रितु तेज, “आह्ह.. ह्ह्ह.. मैं झड़ने वाली हूँ.. ओह्ह.. गई.. झड़ गई सूरज आअह्ह्ह्ह।”
सूरज बोला, “कहां लूंगी पानी रंडी?”
रितु बोली, “चूत में ही भर दो, पहली चुदाई में चूत में लेती हूँ।”
सूरज ने चूत में पानी छोड़ दिया। दोनों लेटे रहे। फिर रितु बाथरूम गई, नंगी वापस आई। सूरज ने बाहें फैलाईं, वो लेट गई, किस किए।
सूरज ने कहा, “अगली बार चुदवाएगी ना?”
रितु बोली, “हाँ राजा, जब लंड बुलाएगा, चूत पानी छोड़ते आएगी। अगली बार मुंह में लूंगी।”
फिर दोनों हॉल में आए। वहां अभिषेक और पल्लवी थे, सेमी-न्यूड। अभिषेक ने रितु को गोद में बिठाया, किस किया। बोला, “मजा आया? तेरी चूत ठंडी हो गई?”
रितु बोली, “हाँ राजा, सूरज के लंड से मजा आया। तुझे पल्लवी की चूत में मजा आया?”
अभिषेक बोला, “हाँ, पल्लवी रंडी की तरह चुदवाती है।”
सूरज बोला, “रितु की चूत चोदने में बहुत मजा आया, क्या बूब्स हैं साली के।”
पल्लवी बोली, “मुझे अभिषेक के नए लंड में मजा आया।”
फिर सब सहलाने लगे, लेकिन समय हो गया। सब कपड़े पहने, और मैं चुपके से निकल गया। घर जाकर सोचता रहा, मेरी बहन ऐसी निकली?