Policeman uncle sex story: मेरे घर में पानी की समस्या है और इसलिए मेरी मम्मी पड़ोस में एक नल है, वहां पर नहाती हैं। वो एक लॉज है, जिसके किनारे हिस्से पर एक पुलिसकर्मी रहते हैं। मम्मी को लगता है कि वो देर से उठते हैं, इसलिए मम्मी वहां नहाती हैं, जबकि अंकल तो मम्मी को रोज नहाते देख अपना लंड सहलाते थे।
अंकल को अपनी बदनामी का डर था। दूसरा उस लॉज में सब पुरुष ही थे, तो अंकल मौके की तलाश में थे। होली में सब लोग घर चले गए केवल अंकल नहीं गए। उन्होंने अगली सुबह की पूरी तैयारी कर ली और समय से पहले इंतजार करने लगे।
सुबह के तीन बजे मम्मी आईं और अपना ब्लाउज खोल कर इस बात से अनभिज्ञ कि कोई उन्हें देख रहा है, अपनी देह पर पानी डालने लगीं। ठंडे पानी की बूंदें उनकी नरम और गदराई चूचियों पर गिर रही थीं जो ठंड से उनकी भूरी निप्पल्स को सख्त बना रही थीं। उनकी भारी छातियां हल्के से लहरा रही थीं जैसे पानी की धार उनके गोल और मांसल पेट पर बह रही थी और उनकी नाभि को भीगो रही थी। उनकी गदराई कमर और मोटी जांघों पर पानी की धारें बह रही थीं। अंकल छिपकर उन्हें देख रहे थे, उनकी सांसें तेज हो चुकी थीं। उनकी आंखें मम्मी की भारी चूचियों और पेट पर टिकी हुई थीं। वे कराह उठे, उनके लंड ने पूरी तनाव ले लिया था और उन्होंने मन में निश्चय कर लिया कि आज उन्हें मम्मी के नरम जिस्म को जोरों से मसल डालना है। धीरे से उन्होंने दरवाजा खोला और मम्मी के पीछे चुपके से खड़े हो गए।
मम्मी केवल पेटीकोट में नहा रही थीं, अंकल अपनी लूंगी पहले ही अंदर उतार दिए थे। मम्मी के पीछे जाकर एक हाथ से उनकी छातियों को पकड़ा और दूसरे हाथ को उनके मुंह पर रखकर बड़ी फुर्ती से अंदर खींच लिया। अंकल की मोटी उंगलियां मम्मी की भारी, गीली और नरम चूचियों में गहराई तक धंस गईं। वे उनकी छातियों को जोर से दबा रहे थे, उनकी उंगलियां निप्पल्स को मसल रही थीं। मम्मी की गीली त्वचा पर उनके हाथ फिसल रहे थे। दूसरे हाथ से उन्होंने उनके मुंह को पूरी तरह ढक लिया था ताकि उनकी चीख बाहर न निकले। मम्मी का शरीर अचानक सख्त हो गया, उनकी आंखें फैल गईं और वे छटपटाने लगीं लेकिन अंकल ने उन्हें बड़ी तेजी से अपने कमरे के अंदर खींच लिया।
मम्मी को जब तक पता चलता, मम्मी आधी नंगी अंकल के कमरे में अंकल को नंगा देख रही थी। मम्मी को अंकल के मंसूबे समझ में आ गए और बोली, भाई साहब जानें दीजिए मैं आज के बाद इधर नहीं नहाऊंगी।
अंकल बोले, नहीं मेरी जान मैंने अपनी पत्नी के अलावा कभी किसी के साथ संभोग नहीं किया लेकिन तेरा जिस्म देख कितनी भूख लगी है कि मानों बरसों का प्यासा हूं। आ मेरी हवस शांत कर। मम्मी बोली, नहीं प्लीज छोड़ दीजिए। अंकल मम्मी की ओर आने लगे।
अंकल का नंगा शरीर उनकी ओर बढ़ रहा था। उनका मोटा और लंबा लंड पूरी तरह खड़ा होकर तना हुआ था और उसकी नोक पर पहले से ही पारदर्शी तरल चमक रहा था। उनकी सांसें भारी और तेज हो चुकी थीं। मम्मी पीछे हटने की कोशिश कर रही थीं लेकिन अंकल ने उन्हें घूरकर देखा। उनकी आंखों में गहरी भूख और प्यास साफ दिख रही थी। मम्मी का दिल जोरों से धड़क रहा था। उनकी आंखें डर से फैली हुई थीं।
इतने में मैं मम्मी को ढूंढते हुए वहां पहुंचा तो अंकल मुझे अंदर कर लिए और बोले, बेटा तेरी मम्मी को मैं अभी प्यार कर रहा हूं, थोड़ी देर में चली जाएगी। मुझे उन्होंने ये कहकर बाहर निकाल दिया लेकिन मम्मी रोती हुई मुझे अपने सीने से लगा लीं। ये देख अंकल बोले, चुपचाप मेरी बात मान ले वरना तेरा बेटा काटकर फेंक दूंगा।
मम्मी जैसे मुझे छोड़ना ही न चाह रही हों, ये देख अंकल मम्मी को उनके बगलों से पकड़ कर उठाए और उनके सामने ही मुझे नंगा कर दिया और बोले, तेरे बेटे की कोमल गांड मारूंगा क्योंकि तुझे मुझसे चुदवाना नहीं है।
मम्मी अंकल से छोड़ देने वाली मिन्नतें करती रहीं। अंकल अपना लंड मेरे गांड पर रखा और मैं मारे डर के मम्मी चिल्ला उठा। मम्मी ये देख अंकल की ओर आईं और उनसे मुझे दूर कर दिया और बोली, मेरे बेटे को छोड़ दीजिए और मेरे साथ जो करना हो कीजिए।
मम्मी के ये कहते ही अंकल मम्मी को अपनी ओर खींच लिए और उनके पेटीकोट को निकाल कर अलग कर दिए। मम्मी अंकल के सीने में समा गईं और अंकल उनके चूतड़ सहलाते हुए उन्हें किस करने लगे। मम्मी उनके गंध मारते मुंह को किस नहीं करना चाहती थीं अंकल जबर्दस्ती उनके मुंह को चूसने लगे। अंकल की जीभ मम्मी के होंठों को जोर से चूस रही थी। उनके मुंह से निकलती गर्म सांस मम्मी के चेहरे पर पड़ रही थी। मम्मी की नरम होंठ अंकल के दांतों के बीच दब गए थे। अंकल ने मम्मी के मुंह को पूरी तरह अपने मुंह में ले लिया और उनकी जीभ को अपनी जीभ से लपेटकर चूसने लगे। मम्मी की सांसें रुक सी गई थीं। उनके शरीर पर पसीना छूटने लगा था।
मम्मी की चूचियां अंकल के सीने में दब गई थीं। अंकल पास खड़ी स्टूल पर मम्मी को ले गए और मम्मी को अपनी गोद में बिठा कर उनकी चूचियां चूसने लगे। इतना बेरहमी से उनके निप्पल अपने दांतों से काट रहे थे कि मम्मी आह आह चिल्ला रही थीं। अंकल की जीभ मम्मी की भारी चूचियों को चारों ओर घुमा रही थी। वे निप्पल को मुंह में भरकर जोर से चूस रहे थे। दांतों से हल्का सा काटते ही मम्मी की चीख निकल जाती थी। उनकी चूचियां लाल हो रही थीं। अंकल की उंगलियां मम्मी की चूचियों को मसल रही थीं। मम्मी की निप्पल्स सख्त होकर खड़ी हो गई थीं। गर्म लार अंकल के मुंह से उनकी छातियों पर टपक रही थी।
अंकल मम्मी को बुरी तरह मसल रहे थे, उनके चूतड़ों पर थप्पड़ जड़ रहे थे। ये देख मैं डर के मारे मूत दिया और अंकल ये देख हंसते हुए बोले, यही हाल तेरी मम्मी का भी मैं करूंगा। अंकल मम्मी की चूचियों के ऊपरी हिस्से पर दांत काटने लगे मम्मी सिसकने लगीं। अंकल के हाथ मम्मी के पेट को सहलाते हुए नीचे सरक रहे थे। उनकी उंगलियां मम्मी की कमर को दबा रही थीं। मम्मी का शरीर तड़प उठा। उनकी सांसें तेज और अनियमित हो गई थीं।
मम्मी के पेट कमर चूतड़ सहलाते मसलते अंकल मम्मी के मुंह में मुंह डाल कर चूसते रहे। मम्मी की चूत पनियाने लगी थी ये देख अंकल उनकी चूत में उंगली डाल कर उनकी छातियों को मसलने लगे। मम्मी तड़प उठीं और उन्होंने अपने हाथों को अंकल के कंधे पर रख दिया। अंकल की मोटी उंगली मम्मी की गीली चूत के होंठों को अलग करते हुए अंदर घुस गई। मम्मी की चूत से गर्म और चिपचिपा रस निकलने लगा। अंकल उंगली को अंदर बाहर करने लगे। हर बार उंगली अंदर जाते ही मम्मी का शरीर कांप उठता था। उनकी चूत की दीवारें अंकल की उंगली को जकड़ रही थीं।
मम्मी के बगल की खुशबू सूंघ अंकल और मदहोश हो गए और मम्मी के बगल चाटने लगे। मम्मी को जी भर कर मसलने के बाद अंकल उन्हें उठा कर मेरी ओर कुतिया बना लिया और उनकी बुर में अपना लंड डाल कर उन्हें चोदना शुरू किया। अंकल ने मम्मी की कमर को मजबूती से पकड़ लिया। उनका मोटा लंड मम्मी की गीली बुर के मुंह पर रगड़ने लगा। फिर एक जोरदार झटके के साथ पूरा लंड मम्मी की बुर में घुस गया। मम्मी की चूत की दीवारें लंड को कसकर जकड़ लीं। अंकल ने तेज तेज झटके मारने शुरू कर दिए। हर झटके के साथ थप थप की आवाज गूंज रही थी। मम्मी की चूचियां जोर जोर से हिल रही थीं।
मम्मी आह आह करने लगीं अंकल उनकी कमर पकड़ कर और तेज झटके मारने लगे, मम्मी और तेज चिल्लाने लगीं। मेरे सामने मम्मी रुआंसी हो गई, अंकल अपनी धुन में मस्त हो चोदे जा रहे थे। मम्मी की चूचियां हिल रही थीं और जोरदार थप थप की आवाज आ रही थी। अंकल का पसीना मम्मी की पीठ पर टपक रहा था। मम्मी की बुर से सफेद रस निकलकर उनकी जांघों पर बह रहा था। हर झटके से मम्मी का पूरा शरीर आगे पीछे हिल रहा था। उनकी सांसें फूल चुकी थीं।
अचानक अंकल मम्मी को उठाया और उन्हें किस करने लगे। मम्मी को पकड़ कर अपने लंड पर बैठा कर उठक बैठक करवाने लगे और उनकी चूचियां पीने लगे। मम्मी की जबरदस्त चुदाई करते जा रहे थे अंकल मम्मी की आंखों में आंसू भरे थे।
अचानक अंकल झड़ गए और कुछ देर तक मम्मी की चूचियों में सिर छिपा लिए। अंकल का पूरा शरीर अचानक सख्त हो गया। उनका मोटा लंड मम्मी की बुर के अंदर गहराई तक धड़कने लगा। गर्म गर्म वीर्य की मोटी धारें जोर जोर से मम्मी की चूत की दीवारों पर छूटने लगीं। हर धार के साथ अंकल के लंड ने जोर से उछाला। मम्मी की चूत वीर्य से भरने लगी। कुछ बूंदें उनके लंड के किनारे से बाहर निकलकर मम्मी की जांघों पर बहने लगीं। अंकल ने अपना चेहरा मम्मी की भारी और नरम चूचियों के बीच गहराई तक दबा दिया। उनकी गर्म सांसें मम्मी की छातियों पर पड़ रही थीं। वे लंबी लंबी सांसें लेते हुए अपनी हवस की आखिरी बूंदें भी मम्मी के अंदर छोड़ रहे थे।
कुछ देर बाद उन्हें उठा कर बिस्तर पर ले गए और रजाई के अंदर अपनी हवस मिटाने लगे। अंकल ने मम्मी को उठाकर बिस्तर पर लिटाया और खुद उनके ऊपर चढ़ गए। फिर उन्होंने रजाई को दोनों के नंगे शरीरों पर खींच लिया। अंधेरे और गर्मी भरे रजाई के अंदर अंकल ने फिर से मम्मी की जांघें फैलाईं और अपना अभी भी अर्ध-खड़ा लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगे। जल्द ही वह फिर से पूरा सख्त हो गया। अंकल ने एक जोरदार झटका देकर पूरा लंड मम्मी की बुर में धकेल दिया। रजाई के अंदर मम्मी की गूंगू और आह भरी आवाजें गूंज रही थीं। अंकल तेज तेज झटके मार रहे थे। उनके पसीने की बूंदें मम्मी के शरीर पर गिर रही थीं। मम्मी की चूचियां उनके सीने से रगड़ खा रही थीं। वे कभी मम्मी की गर्दन चूस रहे थे तो कभी उनकी चूचियों को जोर से दबा और काट रहे थे। मम्मी की चूत अब पूरी तरह वीर्य और अपनी चिपचिपी रस से भीगी हुई थी जिससे हर झटके के साथ चट चट की आवाज निकल रही थी।
मम्मी की गूंगू की आवाज सुनाई देती रही कुछ देर बाद जब रजाई हटा तो मम्मी और अंकल पसीने से लथपथ थे और मम्मी का पूरा जिस्म लाल था। अंकल ने चोदा ही नहीं खूब मारा भी था।
मम्मी की पेशाब छूट गई थी और मम्मी अंकल की बाहों में सुस्त पड़ी थी और उनकी बुर पर अंकल का वीर्य पड़ा था। अंकल मम्मी की चूचियां मसलने कर उनके चूतड़ों पर एक लात मार कर उन्हें बिस्तर से नंगी नीचे फेंक दिया। मम्मी अपने पेटीकोट को उठाकर मेरा हाथ पकड़ कर बाहर निकल आईं। इस तरह अंकल ने मम्मी की गदराई गांड, तनी छातियां और देशी होंठों से अपनी सारी प्यास बुझाई।
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