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चूत में कजिन का मोटा लंड घुसा

Lund ki diwani sex story: मेरा नाम कशिश है। मेरी उम्र 18 साल हो गई है। आज मैं आपको मेरी हॉट सेक्सी मदमस्त जवान चूत की चुदाई की कहानी बताने जा रही हूं। मैं चार बहनों में अकेली बहन हूं और मेरी जॉइंट फैमिली है जहां सब सदस्य एक छत के नीचे रहते हैं और रोज की दिनचर्या में एक दूसरे की आदतों को अच्छी तरह जानते हैं। यह सेक्स स्टोरी मेरी और मेरे कजिन ब्रदर की है जो मेरे घर के बगल में रहता है। उसका नाम नीतेश है और मनोज का भी। दोनों ने कैसे मेरी चुदाई की और मुझे अपने लंड का दीवाना बनाया बताने जा रही हूं।

पहले तो मैं यह बता दूं कि मुझे चुदाई का लत कहां से लगा। असल में मेरे कजिन पांच हैं जिसमें दो बड़े हैं। एक का नाम धीरज है और दूसरे का नाम रजत है। मेरी छोटी वाली चाची का रजत के साथ रिलेशन है और मेरी आंटी मीन्स फुआ का धीरज के साथ है। यह चारों चुप चुप कर रंगरलियां मनाते थे और मैं इन्हें चुपके से देखा करती थी।

ज्यादा मजा मुझे आंटी और धीरज भैया की चुदाई देखने में आता था क्योंकि सूफी आंटी बहुत मस्त माल वाली आंटी है। उनके भारी भरकम गांड और बड़े-बड़े गोल चुचियां देखकर किसी भी लड़के का लंड तुरंत खड़ा हो जाता है। उनकी चुदाई के दौरान सूफी आंटी के मुंह से निकलने वाली तेज सिसकारियां, धीरज भैया के जोरदार धक्कों की चटाक-चटाक की आवाज, पसीने से भीगी त्वचा की चमक, कमरे में फैली सेक्स की मीठी-तीखी गंध और उनके शरीर की हर हलचल मुझे रात-रात भर बेचैन कर देती थी। उनकी जोरदार चुदाई देखकर मेरे अंदर भी एक अजीब सी गर्म लहर दौड़ने लगती थी जो मेरी जवान चूत को पूरी तरह गीला कर देती थी और मेरी पैंटी को चिपचिपा बना देती थी। इन सब की चुदाई देखकर मुझे भी चुदाई का मन करने लगा था क्योंकि अब मैं भी 18 साल की हो गई थी।

मेरी चुचियां अब 32 साइज की हो गई हैं जो ब्रा के अंदर भी भरी-भरी, नरम और उभरी हुई लगती हैं। मेरी मम्मी ने मुझे ब्रा लेकर दी थी जो मैं अक्सर पहनकर अपने प्लस टू स्कूल जाती थी। स्कूल जाते समय मेरी उभरी छातियों को देखकर लड़के घूरते रहते थे जिससे मेरे निपल्स अचानक सख्त हो जाते, ब्रा के कपड़े में चुभने लगते और मेरी चूत में हल्की सी खुजली होने लगती थी जो पूरे दिन मुझे बेचैन रखती थी।

एक दिन जब मैं अपने रूम जा रही थी सोने के लिए तो देखा मेरे रूम से अटैच्ड बाथरूम में नीतेश घुसकर मुठ मार मारकर अपने मोबाइल में ब्लू फिल्म देख रहा था और मेरा नाम लेकर सिसकारियां निकल रही थीं। बाथरूम का दरवाजा आधा खुला हुआ था। अंदर से मोबाइल की स्क्रीन की नीली रोशनी बाहर तक आ रही थी। नीतेश का हाथ तेजी से अपने मोटे लंड पर ऊपर-नीचे हो रहा था। उसका लंड पूरा खड़ा था, आठ इंच लंबा, मोटा और नसों से भरा हुआ। लंड के सिरे पर चमकदार प्रीकम की बूंदें निकल रही थीं जो उसके हाथ पर चिपक रही थीं। उसकी सांसें भारी और तेज थीं। उसके मुंह से बार-बार मेरे नाम की सिसकारियां निकल रही थीं। कमरे में हल्की सी पसीने और उत्तेजना की गंध फैल रही थी।

कशिश मेरी जान आज तुझे मैं चोदकर तेरी मस्त चूत चोद दूंगा तेरी मस्त जवानी को चूस चूसकर छत छत कर मजा लूंगा मेरी जान चूस ले मेरा लंड और अपने चूत में डाल ले।

यह सब सुनकर मेरी तो रोंगटे खड़े हो गए। मेरी भी जवान चूत में तीव्र खुजली होने लगी थी। मेरी चूत की दीवारें बार-बार सिकुड़ रही थीं और गर्म चिपचिपा रस धीरे-धीरे मेरी पैंटी में टपकने लगा था जो मेरी जांघों को गीला कर रहा था। मेरे निपल्स अचानक बहुत सख्त होकर ब्रा के कपड़े में चुभने लगे थे। मेरा पूरा शरीर गर्मी से तपने लगा था, चेहरा लाल हो गया था और मेरी सांसें तेज और भारी हो गई थीं। गला पूरी तरह सूख गया था। मेरी हथेलियां पसीने से भीग गई थीं। पर मैं उसे बोल नहीं सकती थी कि मैं भी चुदवाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।

जैसे ही मैं बाथरूम में अंदर गई वो डर गया और अपना पैंट ठीक करने लगा और अपना लंबा और मोटा लंड जो करीब आठ इंच का होगा अंदर घुसाने लगा। उसके लंड का सिरा अभी भी लाल, सूजा हुआ और चिपचिपे थूक व प्रीकम से चमक रहा था। वो हड़बड़ाकर पैंट ऊपर खींचने की कोशिश कर रहा था लेकिन घबराहट में उसके हाथ कांप रहे थे। उसका चेहरा सफेद पड़ गया था और आंखें चौड़ी हो गई थीं।

मैंने बोला तुम यही सब करते हो रुक पापा को बताती हूं तेरी खबर लेंगे।

वो डर गया और बोला कशिश गलती हो गई अब ऐसा नहीं करूंगा और रोने लगा।

मैंने उसे बोला ठीक है फिर ऐसा मत करना।

अब जब भी वो मुझे देखता भाग जाता था पर मेरी तो प्यासी चूत को लंड की जरूरत थी इसलिए मैंने उसे इशारा कर बुलाया अपने रूम के पास शाम सात बजे।

उस दिन शाम सात बजे ठीक समय पर मैंने अपने कमरे की खिड़की से नीतेश को इशारा किया। मेरी चूत पिछले कई दिनों से लगातार गीली रहती थी। हर बार जब भी मैं नीतेश को देखती तो मेरी जवान चूत में तेज खुजली उठती। मेरी पैंटी पूरी तरह भीग जाती और जांघों पर चिपचिपा गर्म रस बहने लगता।

वो डरते डरते मेरे पास आया।

नीतेश का चेहरा सफेद पड़ गया था। उसके कदम कांप रहे थे। वो बार-बार इधर-उधर देख रहा था कि कहीं कोई देख तो नहीं रहा। उसकी आंखें नीची थीं और हाथ पसीने से भीगे हुए थे।

मैंने बोला तुम तो डर गए मैंने अभी किसी को नहीं बताया है तुम यह सब करते हो।

मेरी आवाज में हल्की सी मुस्कान थी। मैंने उसे आश्वासन दिया कि मैंने किसी को कुछ नहीं बताया। मेरी नजर उसके पैंट की तरफ गई जहां पहले से ही हल्का उभार दिख रहा था।

अगर तुम मेरा काम कर दो तो मैं यह सब किसी को नहीं बताऊंगी।

वो मान गया बोला क्या करना होगा।

उसकी आंखों में अभी भी डर था लेकिन मेरे शब्दों ने उसे थोड़ा हिम्मत दी। उसने कांपती हुई आवाज में पूछा कि मुझे क्या करना होगा। उसके होंठ सूख गए थे और वो बार-बार अपना गला साफ कर रहा था।

मैंने बोला मुझे चोदना होगा अभी।

मेरी बात सुनकर उसकी आंखें चौड़ी हो गईं। वो पूरी तरह स्तब्ध रह गया। उसके चेहरे पर हैरानी और उत्तेजना का मिश्रण था।

वो सुनकर दंग हो गया बोला सच में चुदवाओगी मुझसे।

तो मैंने बोला हां मेरे राजा चुदवाना है।

मेरी आवाज में वासना साफ झलक रही थी। मैंने उसे अपनी आंखों से घूरा और मुस्कुराते हुए कहा कि हां मुझे अभी चुदवाना है। मेरी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी और मैं उसके मोटे लंड की कल्पना कर रही थी।

नीतेश यह सुनकर अपने लंड पर हाथ फेरने लगा और पैंट के ऊपर से खड़ा लंड दिखने लगा था।

उसका लंड पैंट के अंदर तेजी से फूल रहा था। वो अपने हाथ से ऊपर-नीचे रगड़ने लगा। पैंट के कपड़े के ऊपर से ही उसका आठ इंच लंबा मोटा लंड साफ उभरकर दिखने लगा। लंड की नसें उभरी हुई थीं और सिरा पैंट पर दबाव बना रहा था।

वो मुझे पागलों की तरह चूमने और बूब्स को रगड़ने लगा।

उसने एक झटके से मुझे अपनी बाहों में खींच लिया। उसके होंठ मेरे होंठों पर जोरदार तरीके से चिपक गए। उसकी जीभ मेरे मुंह में घुसकर मेरी जीभ को चूसने लगी। उसका एक हाथ मेरी 32 साइज की भरी-भरी चुचियों पर रखकर जोर-जोर से रगड़ने लगा। मेरे निपल्स उसके उंगलियों के दबाव से और भी सख्त हो गए।

मैंने बोला मेरे राजा यहां नहीं मेरे रूम चलो फिर अच्छे से चुदाई करना।

जैसे ही मैं बेड पर गई वो मेरे ऊपर आ गया और मुझे किस करने लगा।

उसने एक झटके से मुझे बेड पर लिटा दिया और अपने भारी शरीर से मेरे ऊपर चढ़ गया। उसकी छाती मेरी 32 साइज की भरी-भरी चुचियों पर दब रही थी। उसकी गर्म सांसें मेरे चेहरे पर पड़ रही थीं। उसने मुझे किस करने लगा। उसके होंठ मेरे होंठों पर जोर से चिपक गए।

उसने मुझे लिप लॉक किया और हमने पांच मिनट से ज्यादा लंबे तक मेरे होंठ को चूसते रहे। उसकी जीभ मेरे मुंह के अंदर घुस गई। वो मेरी जीभ को अपनी जीभ से लपेटकर जोर-जोर से चूसने लगा। हमारी लार एक दूसरे के मुंह में मिल रही थी। उसके होंठ मेरे निचले होंठ को काट-काटकर चूस रहे थे। मेरी सांसें तेज हो गई थीं और मेरी चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी। उसका लंड मेरी जांघों पर सख्त होकर दबाव बना रहा था। हम पांच मिनट से ज्यादा समय तक एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे।

फिर उसने मुझे चीक्‍स नेक फॉरहेड हर जगह किस किया। उसने मेरे गालों पर नरम-नरम किस किए। फिर उसकी जीभ मेरी गर्दन पर घूमने लगी। वो मेरी गर्दन को चूसता हुआ नीचे की तरफ आया। मेरे माथे पर किस करते हुए उसने मेरे बालों को सहलाया। हर किस के साथ मेरे शरीर में करंट सा दौड़ रहा था। मुझे उसका किस बहुत पसंद आ रहा था।

उसने मेरी ड्रेस निकाल दी और साथ में अपने कपड़े भी उतार दिए। उसने मेरी ड्रेस के बटन एक-एक करके खोले। फिर उसने ड्रेस को मेरे सिर के ऊपर से निकाल दिया। मेरी ब्रा और पैंटी के अलावा मैं पूरी तरह नंगी हो गई। साथ ही उसने अपनी शर्ट और पैंट भी फटाफट उतार दी। अब मैं उसके सामने सिर्फ पैंटी में थी और वो सिर्फ अंडर वियर में।

वो मेरे बूब्स देखकर बोला किसी का भी लंड खड़ा हो जाएगा तेरी ये बड़ी चुचियां देखकर। उसकी आंखें मेरी भरी-भरी चुचियों पर टिक गई थीं। वो बोला कि इतनी बड़ी और गोल चुचियां देखकर किसी का भी लंड तुरंत खड़ा हो जाएगा। उसकी नजर में भूख साफ दिख रही थी।

वो उसके साथ खेलने लगा। वो मेरे बूब्स को दोनों हाथों से पकड़कर हल्के-हल्के दबाने लगा। फिर उसने मेरे निपल्स को अपनी उंगली से मसल रहा था और मैं बहुत ही ज्यादा गरम हो रही थी। मेरे निपल्स उसके उंगलियों के दबाव से सख्त होकर चुभने लगे।

वो अपने हाथ से मेरी चुचियां दबाने लग गया और मैं मोन कर रही थी आह्ह आह्ह उफ्फ और दबाओ मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और वो जोर जोर से मेरी चुचियां दबा रहा था। उसने मेरी चुचियों को पूरी मुट्ठी में भरकर जोर-जोर से मसलना शुरू कर दिया। मेरे मुंह से आह्ह आह्ह उफ्फ की सिसकारियां निकल रही थीं। मैं बार-बार कह रही थी कि और दबाओ मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वो मेरी चुचियों को और तेजी से दबा रहा था। मेरे निपल्स को अपनी उंगलियों से पकड़कर खींच रहा था। मेरी चूत से रस टपकने लगा था।

थोड़ी देर बाद उसने अपना अंडर वियर निकाल दिया। उसने अंडर वियर को नीचे सरका दिया। उसका लंड पूरी तरह खड़ा था और उसका लंड आठ इंच लंबा और तीन इंच मोटा था। लंड की नसें उभरी हुई थीं और सिरा लाल होकर चमक रहा था।

उसने अपना लंड मेरे हाथ में रखा और बोला चूस इसे मेरी कशिश रानी। मैंने उसका गर्म और मोटा लंड अपने हाथ में पकड़ा। उसकी नसें मेरी हथेली में धड़क रही थीं। वो बोला चूस इसे मेरी कशिश रानी।

मैंने उसका लंड मुंह में लिया और चूसने लगी। मैंने अपना मुंह खोलकर लंड का सिरा मुंह में लिया। मेरी जीभ लंड के सिरे पर घूमने लगी। मैं धीरे-धीरे पूरा लंड मुंह में लेने की कोशिश कर रही थी। उसकी लार और प्रीकम का स्वाद मेरे मुंह में फैल गया।

उसे बहुत मजा आ रहा था और दस मिनट तक उसका लंड चूसने के बाद उसने मेरी पैंटी निकाल दी।

मेरी चूत को देखकर बोला कशिश तुम तो कमाल की हो रानी।

उसने मेरी पैंटी उतारते ही मेरी पूरी तरह नंगी चूत को घूरकर देखा। उसकी आंखें मेरी गुलाबी और फूली हुई लेबिया पर टिक गई थीं। मेरी चूत पहले से ही गीली थी और उसमें से चिपचिपा गर्म रस धीरे-धीरे टपक रहा था जो मेरी जांघों को चमकदार बना रहा था। उसकी नजर में भूख और वासना साफ झलक रही थी।

आज तुमको चोदकर अपने लंड की प्यास बुझाऊंगा। बहुत दिन सिर्फ तेरी याद में मुठ मार मारकर काम चलाया है।

वो बिना कुछ पूछे मेरी चूत चाटने लग गया और पूरी जीभ मेरी चूत में डाल दी। उसने अपने दोनों हाथों से मेरी जांघें जोर से फैला दीं ताकि मेरी चूत पूरी तरह खुल जाए। उसने अपना मुंह मेरी चूत पर रख दिया और अपनी गर्म नरम जीभ मेरी चूत की ऊपरी लकीर पर घुमाने लगा। फिर उसने अपनी पूरी जीभ मेरी चूत के अंदर धकेल दी और तेजी से अंदर बाहर करने लगा। मेरी चूत से निकलने वाला गाढ़ा मीठा रस वो चूस-चूसकर पी रहा था। उसकी नाक मेरी क्लिटोरिस पर जोर-जोर से रगड़ खा रही थी। मैं जोर-जोर से कराह रही थी और मेरी कमर अपने आप ऊपर उठ रही थी।

तीन चार दिन से मेरी चूत में कुछ गया था तो मुझे अच्छा लग रहा था और मैं मोन कर रही थी।

फिर वो खड़ा हुआ और मेरी चूत पे अपना लंड सटाया और एक ही झटके में उसने अंदर डाल दिया। उसने अपने मोटे लंड का लाल और चमकदार सिरा मेरी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार झटका दिया। पूरा आठ इंच लंबा और तीन इंच मोटा लंड एक ही बार में मेरी टाइट चूत में घुस गया। मुझे तेज दर्द का झटका लगा लेकिन लंड की भूख के आगे वह दर्द भी मीठा लग रहा था। मेरी चूत की दीवारें उसके मोटे लंड को कसकर जकड़ रही थीं।

मुझे लंड की प्यास थी इसलिए हर दर्द मंजूर था। वो मुझे जोर जोर से धक्के मारने लगा और साथ मेरी चुचियां भी दबा रहा था।

मैं उसे बोल रही थी और जोर से चोदो तुम बहुत अच्छे हो आई लव यू नीतेश फाड़ दो मेरी चूत को और जोर से चोदो और वो मुझे जोर जोर से झटके देने लगा। उसके लंड मेरी चूत के बाहर लग रहे थे और मुझे बहुत मजा आ रहा था।

उसने मेरी बीस मिनट तक बिना रुके चुदाई की और उसके बाद मेरी चूत में ही अपना पानी छोड़ दिया। इस चुदाई के दौरान मैं दो बार झड़ गई थी।

वो मेरे ऊपर ही लेट गया और पूछा तुम्हारे पास प्रोटेक्शन की मेडिसिन तो है ना। मैंने कहा चिंता करने की कोई बात नहीं मेरे पास है।

बाद में नीतेश से मैंने पूछा कि तुम्हें कैसे पता चला।

हम दोनों पसीने से तरबतर होकर बेड पर लेटे हुए थे। मेरी चूत अभी भी उसके लंड के पानी से भरी हुई थी और धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी छाती सहलाते हुए पूछा कि उसे कैसे पता चला कि मैं वर्जिन नहीं हूं। मेरी सांसें अभी भी तेज थीं और शरीर में हल्की थरथराहट चल रही थी।

तो उसने बताया कि वो काफी लड़कियों की और काफी आंटी लोगों की भी चुदाई कर चुका है इसलिए इतना तो समझ जाता हूं। नीतेश ने मुस्कुराते हुए कहा कि वो पहले भी कई लड़कियों और आंटियों के साथ सो चुका है। उनकी चुदाई के दौरान उनके शरीर की हर प्रतिक्रिया उसे समझ आ जाती है। वो बता सकता है कि लड़की कितनी अनुभवी है। उसकी उंगलियां मेरी चुचियों पर घूम रही थीं और वो धीरे-धीरे मुझे फिर से उत्तेजित कर रहा था।

उस रात उसने मेरी और दो बार चुदाई की और मेरी गांड भी मारी। पहली बार वो मुझे घोड़ी बनाकर पीछे से चोदा। उसका मोटा लंड मेरी चूत में फिर से घुसा और वो जोर-जोर से धक्के मारने लगा। मेरी चुचियां लटककर हिल रही थीं। दूसरी बार वो मुझे अपने ऊपर बिठाकर चोदा। मैं उसकी गोद में ऊपर-नीचे उछल रही थी। फिर उसने मुझे पेट के बल लिटाया। उसने अपने लंड पर थूक लगाया और धीरे-धीरे मेरी गांड में घुसाने लगा। शुरुआत में तेज दर्द हुआ लेकिन फिर मजा आने लगा। उसका पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया। वो धीमी गति से फिर तेजी से मारने लगा। मेरी गांड की दीवारें उसके लंड को कसकर जकड़ रही थीं। उसकी गेंदें मेरी जांघों से टकरा रही थीं। मैं जोर-जोर से चीख रही थी और उसे और जोर से चोदने को कह रही थी।

उसके साथ चुदाई करने में बहुत मजा आया।

तीन दिन मेरे घर रहा और इन तीन दिनों में हमने चुदाई का मजा लिया। उसने मुझे बाथरूम में खड़े-खड़े चोदा। पानी की धार के नीचे वो मेरी कमर पकड़कर पीछे से धक्के मार रहा था। बेडरूम में वो मुझे हर पोजीशन में ले गया। किचन में वो मुझे काउंटर पर बिठाकर चोदा। मेरी टांगें उसके कंधों पर थीं और वो मेरी चूत में लंड घुसाकर जोरदार ठुकाई कर रहा था। ड्रॉइंग रूम में वो मुझे सोफे पर लिटाकर ऊपर से चढ़ गया। हर जगह उसने अलग-अलग तरीके से मुझे चोदा। कभी घोड़ी बनाकर कभी मुझे अपनी गोद में उठाकर।

उसने मुझे बाथरूम बेडरूम किचन और ड्रॉइंग रूम जैसी अलग अलग जगह पर अलग अलग तरीके से चोदा।

इस तरह मेरे कजिन ने मेरी चूत मारी। हम दोनों को पता ही नहीं चला कि मनोज यह सब चुपके से देख रहा था और मोबाइल में रिकॉर्ड भी कर रहा था।

नेक्स्ट पार्ट में मैं बताऊंगी कि मनोज ने कैसे मुझे चोदा और साथ में आपको मेरी आंटियों की चुदाई की भी कहानी बताऊंगी क्योंकि उनके बिना तो मेरी चुदाई की कहानी अधूरी रह जाएगी ना। उम्मीद है कहानी पसंद आई होगी।

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