Devar bhabhi sex story, Pyasi chut sex story: दोस्तो, मेरा नाम विशाल है और मैं बरेली का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 23 साल है। मैं दिखने में बहुत ही हैंडसम हूँ। मेरी हाइट छह फीट की है। मेरे लंड का साइज 7 इंच है जो किसी भी रंडी की चूत गांड की आग को बड़ी मर्दानगी से बुझा सकता है। मेरे शरीर की बनावट इतनी आकर्षक है कि मेरी चौड़ी छाती, मजबूत बाहें और सपाट पेट किसी भी लड़की की नजर को अपनी ओर खींच लेता है। मेरे चेहरे पर हमेशा एक मर्दाना मुस्कान रहती है जो मेरी गहरी आंखों के साथ मिलकर मुझे और भी ज्यादा आकर्षक बना देती है। मेरा लंड न सिर्फ लंबा है बल्कि उसकी मोटाई भी काफी है, जब वह पूरी तरह खड़ा होता है तो उसकी नसें फूल जाती हैं और सिरा चमकने लगता है। यह किसी भी औरत की अंदरूनी दीवारों को पूरी ताकत से रगड़ता हुआ गहरी संतुष्टि दे सकता है।
मेरे परिवार में मैं, मां, भैया और भाभी रहते हैं। मेरे भैया की चार महीने पहले ही शादी हुई है। मेरी भाभी का नाम कृति है। वे बहुत हॉट हैं और उनका फिगर 32-28-34 का है। भाभी की भरपूर जवानी को देखकर किसी नामर्द आदमी का लंड खड़ा हो सकता है। उनकी त्वचा इतनी गोरी और चिकनी है कि छूने पर सिल्क जैसी लगती है। उनके बड़े-बड़े स्तन हर सांस के साथ हल्के से हिलते हैं और उनकी पतली कमर से नीचे भरी हुई गोल-गोल गांड देखकर मन में तुरंत गंदी कल्पनाएं आ जाती हैं। उनकी जांघें मोटी और मुलायम हैं जो खुलने पर एकदम सेक्सी लगती हैं।
जब मैंने उन्हें शादी में देखा था तब ही चोदने का मन कर रहा था लेकिन मुठ मारकर अपने लंड को शांत कर लेता था। शादी के उस दिन भाभी ने लाल साड़ी पहनी थी जिसमें उनकी देह की हर उभरी हुई रेखा साफ दिख रही थी। उनकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरक जाता था तो उनकी गहरी नाभि और उभरे स्तनों का आधा हिस्सा नजर आ जाता था। मैंने मन ही मन सोचा था कि काश मैं इन स्तनों को चूस सकूं और उनकी चूत को अपनी जीभ से चाट सकूं। लेकिन उस समय मैं सिर्फ अपने कमरे में जाकर लंड पकड़कर जोर-जोर से मुठ मारता और उनके नग्न शरीर की कल्पना करके वीर्य निकाल लेता था। यह कहानी तब की है जब रात को मुझे प्यास लगी थी और मैं पानी पीने उठा था। उस वक्त घड़ी में एक बजे का समय हुआ था। पूरा घर चुपचाप सोया हुआ था और सिर्फ हल्की हवा की आवाज आ रही थी।
मैं जब पानी पीकर आया तो मुझे भैया के रूम से भाभी की आवाज़ आ रही थी। मैं वहां गया तो देखा खिड़की खुली है। मैंने झाँककर चुपके से देखा तो चौंक गया। भाभी नंगी लेटी थीं और भैया उनकी चूत में डिल्डो डाल रहे थे। कमरे की हल्की रोशनी में उनकी नंगी देह चमक रही थी। उनके बड़े स्तन छाती पर लहरा रहे थे और निप्पल सख्त होकर खड़े थे। उनकी टांगें पूरी तरह फैली हुई थीं और बीच में भैया डिल्डो को उनकी गीली चूत के मुंह में धीरे-धीरे घुसा रहे थे। हर बार डिल्डो अंदर जाते ही चूत से चिकनाई की आवाज आ रही थी और भाभी की कमर हल्के से ऊपर उठ जाती थी। उनकी सांसें तेज हो रही थीं और चेहरे पर कामुकता साफ झलक रही थी।
मैंने देखा कि भैया डिल्डो डाल रहे हैं तो मेरी नजर बरबस ही उनके लौड़े पर चली गई। उनका लंड बहुत ही छोटा था। भाभी आंख बंद करके कामुक सिसकारियां ले रही थीं। भैया का लंड सिर्फ तीन-चार इंच का था जो पूरी तरह नरम और छोटा दिख रहा था। भाभी की आंखें बंद थे लेकिन उनके होंठ थोड़े खुले हुए थे और हर सिसकारी के साथ उनकी छाती ऊपर नीचे हो रही थी। डिल्डो उनकी चूत के अंदर बाहर होने से उनके शरीर में हल्का कंपन हो रहा था और चूत की चिकनाई डिल्डो को पूरी तरह गीला कर रही थी।
ये मदमस्त कर देने वाला नज़ारा देखकर मेरे होश उड़ गए थे। उस दिन मैं अपने कमरे में आया और भाभी की नंगी देह को याद करते हुए अपने लौड़े की मुठ मारने लगा। कुछ ही देर में मैं वीर्य गिरा कर सो गया। मैं कमरे में आकर बिस्तर पर लेट गया और भाभी के नंगे स्तनों, फैली जांघों और डिल्डो से चुदती चूत का दृश्य बार-बार आंखों के सामने घूमने लगा। मेरा लंड पैंट में तन गया था। मैंने पैंट उतारकर अपना 7 इंच का मोटा लंड हाथ में पकड़ लिया। मैंने धीरे-धीरे ऊपर से नीचे तक मुठ मारनी शुरू की। हर स्ट्रोक के साथ लंड की नसें फूल रही थीं और सिरे से प्रीकम टपक रहा था। मैं भाभी की सिसकारियों और उनकी गीली चूत की कल्पना कर रहा था। मेरी गति तेज होती गई, सांसें भारी हो गईं और कुछ ही मिनटों में मेरा पूरा शरीर सख्त हो गया। आखिरकार जोर का झटका लगा और गाढ़ा वीर्य मेरे पेट, छाती और हाथ पर फैल गया। वीर्य की गर्माहट और चिपचिपाहट महसूस करते हुए मैं थकान से सो गया।
अब मेरे मन में भाभी को चोदने के ख्याल आने लगे थे। भैया का छोटा सा लंड और उनके द्वारा भाभी की चूत में डिल्डो से चुदाई का दृश्य मुझे यह सोचने पर मजबूर कर रहा था कि मेरी भाभी असली मर्द के लंड की भूखी हैं। वह दृश्य बार-बार मेरे दिमाग में घूमता था। भैया का छोटा लंड देखकर मुझे यकीन हो गया था कि भाभी को एक मोटा, लंबा और ताकतवर लंड चाहिए जो उनकी चूत को पूरी तरह भर दे और उन्हें चरम सुख दे सके। उनकी सिसकारियां और शरीर का कंपन मुझे बताता था कि वे असली चुदाई की भूखी हैं।
मैं अब हर बार भाभी के नाम की मुठ मारकर अपने लंड को शांत कर लेता। मुझे भाभी को चोदने का मौका चाहिए था और मैं उसी फिराक में भी लगा था। रोज सुबह और रात मैं भाभी का नाम लेकर मुठ मारता। मैं उनके स्तनों को चूसने, उनकी चूत चाटने और अपने लंड से उन्हें चोदने की कल्पना करता। मेरा लंड हर बार उनके नाम पर सख्त हो जाता था और मैं तेज-तेज स्ट्रोक लगाकर वीर्य निकालता। मैं सोचता रहता था कि कब मौका मिलेगा जब मैं उन्हें असली मर्द का लंड दे सकूंगा।
आखिरकार एक दिन वह समय भी आ ही गया। मेरे भैया और उनके दोस्त ट्रिप पर जाने वाले थे। उनकी वह दस बारह दिन की ट्रिप थी। भैया को मैं उनके दोस्तों के पास छोड़ कर आया तो मां को मामा का कॉल आया। वे मां से बोले कि नानी की तबीयत खराब है और उनको जल्दी आना होगा। ट्रिप की तैयारी में पूरा घर व्यस्त था लेकिन मेरे मन में खुशी की लहर दौड़ रही थी। भैया के जाने के बाद घर में सिर्फ भाभी और मैं रहने वाले थे।
मामा की बात मां ने मुझे बताई तो मैं मन ही मन यह सुन कर बहुत खुश हुआ बल्कि यूं कहूँ कि मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं जल्दी ही मां को स्टेशन छोड़ कर आ गया। मां ने जाते वक्त कहा कि अपनी भाभी का अच्छे से ख्याल रखना। मैंने हामी भरते हुए कहा कि आप बेफिक्र रहें मां। मां के स्टेशन पहुंचते ही मैंने उन्हें ट्रेन में बिठाया और वापस घर की ओर बढ़ गया। मेरे मन में प्लान बनने लगे थे कि अब भाभी को कैसे अपने लंड का स्वाद चखाऊं।
मैं वापस घर आ गया। अब घर में हम दोनों देवर भाभी ही रह गए थे। मैं कृति भाभी की चुदाई का प्लान बनाने लगा। उस वक्त तक मैं अपनी भाभी से शर्माता था तो उनसे ज्यादा बात नहीं करता था। घर अब शांत और खाली लग रहा था। सिर्फ भाभी और मैं थे। मैं रात को बिस्तर पर लेटकर उनके नंगे शरीर की याद में फिर से लंड पकड़ लेता था।
बहुत सोच कर मैंने एक प्लान बनाया मुझे कैसे भी करके उनको अपने सात इंच का लंड दिखाना था। इसके लिए मैंने रात भर प्लानिंग की और सुबह में नंगा ही सोने का नाटक किया। मैंने सोचा कि अगर वे मेरा मोटा खड़ा लंड देख लेंगी तो खुद ही आकर्षित हो जाएंगी। पूरी रात मैं यही सोचता रहा कि सुबह क्या होगा।
मेरी भाभी मुझे आवाज़ दे रही थीं। उसी वक्त मैंने लंड उठाया और मोबाइल पर पॉर्न लगा कर सोने की एक्टिंग की। तभी भाभी आई और मुझे नंगा देखकर चौंक गईं। मैं चुपके से देख रहा था। वे अपने होंठों को काट रही थीं और कातिल नज़रों से मेरे लंड को देख रही थीं।
अचानक से भाभी ने मेरे लंड के पास हाथ किया पर तभी अचानक से न जाने क्या हुआ कि वे एकदम से पीछे को हो गईं और मेरे कमरे से बाहर चली गईं। उनकी उंगलियों की नरम गर्माहट मेरे मोटे खड़े लंड के ठीक ऊपर रुक गई थी। मैंने महसूस किया कि उनकी हथेली की हल्की कंपकंपी मेरी लंड की नसों को छू रही थी। मेरे लंड का सिरा पहले से ही प्रीकम से चमक रहा था और उसकी गर्मी उनकी उंगलियों तक पहुंच रही थी। लेकिन अचानक उनकी आंखों में शर्म और उत्तेजना का मिश्रण दिखा। वे तेजी से पीछे हटीं। उनकी सांसें भारी हो गई थीं और गाल लाल हो रहे थे। वे कमरे से बाहर निकल गईं। अब मेरा आधा काम हो चुका था और वे मुझे लाइन देने लगी थीं।
उस दिन भाभी ने साड़ी चेंज करके एक सेक्सी साड़ी पहन ली और बिना आस्तीन का ब्लाउज़ पहन लिया। वे मेरे सामने इस सेक्सी ड्रेस में आ गईं। साड़ी का कपड़ा इतना पतला और चिपकने वाला था कि उनकी कमर की हर उभरी हुई रेखा साफ दिख रही थी। बिना आस्तीन का ब्लाउज़ उनकी भरी हुई छाती को आधा खुला छोड़ रहा था। उनके बड़े स्तनों का गहरा क्लिवेज नजर आ रहा था और निप्पल हल्के से ब्लाउज़ की पतली कपड़े से उभर रहे थे। उनकी गोरी त्वचा साड़ी के नीचे चमक रही थी। वे चलते समय अपनी गांड को हल्के से हिला रही थीं जो साड़ी के नीचे गोल-गोल हिल रही थी। भाभी ने मुझे चिकन लाने को बोला।
मैं चिकन लेकर आया और मेडिकल से एक सेक्स गोली का पत्ता भी ले आया। मेरे आते ही उन्होंने चिकन गैस पर चढ़ा दिया और मेरे बिल्कुल बगल में आकर बैठ गईं। भाभी ने मुझसे पूछा तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या? उनकी जांघ मेरी जांघ से सटी हुई थी। उनकी शरीर की गर्माहट मेरी पैंट के कपड़े से भी महसूस हो रही थी। उनकी मादक खुशबू हवा में फैल रही थी जो मेरे लंड को फिर से सख्त कर रही थी। उनकी सांसों की गर्म हवा मेरे गाल को छू रही थी।
मैंने उदास होने का नाटक किया और कहा नहीं है भाभी कोई सही लड़की मिलती ही नहीं। तब उन्होंने कहा तुम्हें कैसी गर्लफ्रेंड चाहिए? मैंने उनके दूध देखते हुए कहा बिल्कुल आपकी जैसी सेक्सी लड़की चाहिए। मेरी नजर उनके ब्लाउज़ के क्लिवेज पर अटक गई थी। उनके स्तन हर सांस के साथ ऊपर नीचे हिल रहे थे। मैं कल्पना कर रहा था कि उन स्तनों को हाथ में लेकर मसलूं और निप्पल को चूसूं। भाभी की आंखों में एक चमक आ गई थी। वे मेरी बात सुनकर मुस्कुरा रही थीं।
मैं जानता था कि भाभी को लंड दिखाने के बाद ये खुद मुझसे चुदने को मचल रही हैं। भाभी हंस कर बोलीं तो तुम मुझे ही अपनी जीएफ बना लो न लेकिन भैया को इसके बारे में पता नहीं चलना चाहिए। उनकी हंसी में एक कामुक लहर थी। उनके होंठ थोड़े खुले हुए थे और जीभ हल्के से होंठों को गीला कर रही थी। उनकी आंखें मेरी आंखों में गहरी पैठ गई थीं।
भाभी की ये बात सुनकर तो मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। मैं उनकी तरफ प्यासी नजरों से देखने लगा तो भाभी अंगड़ाई लेती हुई बोलीं ऐसे क्यों देख रहे हो मेरे ब्वॉयफ्रेंड क्या तुम अपनी गर्लफ्रेंड को सिर्फ देखते रहोगे? उनकी अंगड़ाई लेते समय उनके स्तन और भी ऊपर उठ गए थे। ब्लाउज़ का कपड़ा खिंच गया था और उनका गहरा क्लिवेज पूरी तरह दिख रहा था। उनकी कमर घुमाते हुए वे मेरे करीब झुक गईं। उनकी मादक खुशबू मेरे नाक में भर गई थी।
मैंने कहा नहीं यार मैं तो अपनी गर्लफ्रेंड को कच्चा खा जाऊंगा। वे हंस दीं और बोलीं तो तुम्हें ऐसा करने से कौन रोक रहा है। उनकी हंसी में उत्तेजना साफ झलक रही थी। उनके गाल लाल हो गए थे और आंखें आधी बंद हो गई थीं।
मैंने उनके मुँह से यह सुनते ही जल्दी ही उन्हें अपनी तरफ खींचा और भाभी को अपनी गोद में बिठा लिया। वे मेरे लौड़े से अपनी गांड को घिसने लगीं। मैंने उनकी कमर को दोनों हाथों से कसकर पकड़ लिया। उनकी मुलायम गांड मेरे 7 इंच के सख्त लंड पर बैठ गई थी। मैंने महसूस किया कि उनकी गर्म गांड की चिकनाई मेरी पैंट के ऊपर से भी मेरे लंड को रगड़ रही थी। वे धीरे-धीरे अपनी गांड को आगे पीछे घुमा रही थीं। हर घुमाव के साथ मेरे लंड की नसें फूल रही थीं और प्रीकम मेरी पैंट को गीला कर रहा था। उनकी सांसें तेज हो गई थीं। वे अपनी गर्दन पीछे की ओर झुका रही थीं। मैं भी भाभी के जिस्म को चूमता रहा। मैंने उनके गले को चूम लिया। मेरी जीभ उनकी गोरी त्वचा पर फिसल रही थी। उनकी मादक खुशबू मुझे और हौसला दे रही थी। उनकी देह से निकलती पसीने की हल्की गंध मिलकर मुझे पागल कर रही थी। मैंने उनके ब्लाउज़ के ऊपर से स्तनों को हाथों से दबाया। वे नरम लेकिन भरे हुए थे। निप्पल मेरी हथेली में सख्त हो रहे थे।
तभी अचानक से भाभी उठीं और भाग कर किचन में गईं उधर गैस बंद करके एक प्लेट में चिकन लेकर आईं। मैंने कहा अरे वाह भाभी आज तो कच्चा खाने का मन था लेकिन आप तो पका कर ले आईं।
वे हंस कर बोलीं इसके साथ मुझे कच्चा खा लो न। मैंने कहा चलो आज पार्टी करते हैं भाभी। वे बोलीं हां चलो कमरे में चलते हैं।
उन्होंने चिकन की प्लेट उठा ली और मैंने उन्हें अपनी गोदी में उठा लिया। उनकी मुलायम गांड मेरी मजबूत बाहों में दब गई थी। मैंने उनकी कमर को कसकर पकड़ लिया और उन्हें आसानी से उठा लिया। उनकी साड़ी का पल्लू सरक गया था और उनकी गोरी जांघें मेरी कमर से सट रही थीं। उनकी मादक खुशबू मेरे नाक में भर गई थी। मैं उन्हें बेडरूम में ले गया।
उधर मैंने उन्हें बिस्तर पर लुढ़का दिया और अल्मारी से व्हिस्की की बोतल निकाल ली। बिस्तर पर लुढ़कते ही उनकी साड़ी ऊपर सरक गई और उनकी मोटी जांघें पूरी तरह खुल गईं। मैंने अलमारी खोली और ठंडी व्हिस्की की बोतल निकाली। बोतल की ठंडक मेरी हथेली में महसूस हो रही थी। अब वे भी मूड में आ गई थीं तो उन्होंने उठ कर मेरे हाथ से बोतल ले ली और उसका ढक्कन खोल कर नीट ही दो घूंट लगा लिए। उनकी गर्दन पीछे झुक गई थी। शराब उनके गले से नीचे उतरते हुए उनकी छाती तक गर्माहट फैला रही थी। उनके होंठों पर शराब की बूंदें चमक रही थीं।
मैंने भी उनकी हरकत देख कर बोतल अपने मुँह से लगाई और एक बड़ा सा घूंट भर कर उनके मुँह से मुँह लगा दिया। शराब की जलन मेरे गले में फैल गई थी। मैंने अपना मुंह उनके मुंह पर रख दिया। हम दोनों एक दूसरे के मुँह से शराब का मजा लेने लगे। उनकी जीभ मेरी जीभ से लिपट गई थी। शराब की गर्मी और उनकी लार का मीठा स्वाद मिलकर हमें और उत्तेजित कर रहा था। फिर मैंने उन्हें चूमते हुए पूरी तरह नंगी कर दिया। मैंने उनके ब्लाउज़ के हुक खोले और उनके बड़े स्तन बाहर निकाल लिए। फिर साड़ी और पेटीकोट खींचकर उतार दिया। उनकी पूरी नंगी देह बिस्तर पर फैल गई थी। वे तो चुदने के लिए तड़प रही थीं।
मैंने उन्हें बेड पर चित लिटाया और जल्दी से गोली खाकर आ गया। उनकी टांगें थोड़ी फैली हुई थीं और चूत पहले से ही गीली चमक रही थी। मैंने गोली निगल ली और वापस उनके पास आ गया। मैं अब चिकन उनके बदन पर फेरते हुए खाने लगा। मैंने चिकन का एक टुकड़ा उनके गले पर रखा और चाटते हुए नीचे ले गया। फिर मैंने चिकन को उनके दोनों स्तनों पर फैला दिया और निप्पल को चूसते हुए खा लिया। वे बहुत गर्म हो चुकी थीं। उनकी सांसें तेज हो गई थीं और शरीर पर पसीना चमक रहा था।
फिर उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मुझे प्यार से चाटने लगीं। उन्होंने मेरी शर्ट उतारी और मेरी छाती को चाटा। उनकी गर्म जीभ मेरी निप्पल पर घूम रही थी। फिर उन्होंने मेरी पैंट उतारी और मेरा 7 इंच का खड़ा लंड मुंह में ले लिया। मैं उनकी चूत पर चिकन लगाकर खा रहा था। मैंने चिकन का टुकड़ा उनकी चूत के ऊपर रखा और जीभ से चाटते हुए खा लिया। चिकन की मसालेदार स्वाद और उनकी चूत की चिकनाई का मिश्रण मुझे पागल कर रहा था। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
फिर मैं उनकी टांगें फैलाकर चूत को चाटने लगा। मैंने उनकी जांघों को चौड़ा किया और मुंह चूत पर रख दिया। उनकी चूत की खुशबू बहुत ही पागल करने वाली थी। उनकी गीली चूत से मीठी गंध आ रही थी जो मेरे सिर में चढ़ रही थी। जल्द ही हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक दूसरे के अंग चाटने लगे। मैं उनके ऊपर लेट गया और उन्होंने मेरे लंड को मुंह में ले लिया।
मुझे तो भाभी की चुत चाटने में बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था। मैंने उनकी चूत की दोनों लेबिया को जीभ से अलग किया और अंदर तक चाटा। उनकी क्लिटोरिस को मैंने होंठों में दबाकर चूसा। मैंने उनके एक-एक अंग को चूमा। वे मदभरी सिसकारियां ले रही थीं। उनकी वासना भरी आहों को सुन कर मुझे बहुत मज़ा आने लगा था। उनकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं और उनकी कमर मेरे मुंह पर दब रही थी।
उन्होंने फिर से मेरा लंड चूसा और कहा अब पेल दो। उनकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी और वे जोर-जोर से चूस रही थीं। मैंने उनकी टांगें फैलाईं और बीच में आकर अपना लंड चूत पर फेरने लगा। मैंने लंड का सिरा उनकी गीली चूत के मुंह पर रगड़ा। भाभी लंड के लिए बहुत तड़प रही थीं और बोलीं प्लीज़ विशाल मेरे राजा जल्दी से मेरी प्यास बुझाओ मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ. मुझे चोद कर अपनी रंडी बना लो। उनकी आंखें आधी बंद थीं और चेहरा कामुकता से लाल हो रहा था।
उनके ऐसा बोलते ही मैं पूरा जोश में आ गया और एक ही झटके में अपने लंड को उनकी चूत में पेल दिया। लंड की पूरी मोटाई और लंबाई एक साथ अंदर चली गई। वे आह करने लगीं और दर्द से कराहने लगीं। उनकी चूत की दीवारें मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थीं। मगर मैं जोर-जोर से भाभी के दूध चूसते हुए उन्हें चोदने लगा। मैंने उनके एक स्तन को मुंह में ले लिया और निप्पल को दांतों से हल्का काटा। कुछ ही देर बाद भाभी को दर्द ज्यादा होने लगा और अब वे चिल्ला रही थीं “आह देवर जी प्लीज़ धीरे से करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है”। उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे लेकिन चूत और भी गीली हो गई थी।
लेकिन मैंने उनकी एक न सुनी। मैंने करीब 25 मिनट तक उनकी ताबड़तोड़ चुदाई की और उनकी चूत में ही झड़ गया। मैंने लगातार तेज-तेज धक्के मारे। हर धक्के पर उनकी चूत से चिकनाई की आवाज आ रही थी। आखिरकार मेरा लंड फड़क उठा और गाढ़ा गर्म वीर्य उनकी चूत के अंदर फूट पड़ा। वे बहुत खुश थीं।
हम दोनों ने एक एक घूंट व्हिस्की और ली और दोनों ने थोड़ा थोड़ा चिकन खाया। अब हम दोनों दूसरे राउंड के लिए तैयार हो गए।
मैंने फिर से उनकी चूत चाटी। बड़ी ही रसीली और सेक्सी चूत थी उनकी। मैंने उनकी जांघें फिर से चौड़ी कीं और पूरी चूत को जीभ से साफ किया। इस बार मैंने उन्हें घोड़ी बना दिया और पीछे से लौड़े को पेल कर चुत चोदने लगा। इस बार हम दोनों को मज़ा आ रहा था।
मेरे बड़े लौड़े की अभ्यस्त हो गई थीं। वे मेरा साथ देने लगी थीं और बोल रही थीं आह विशाल. मेरे तुम ही असली पति हो मेरी प्यास बुझाओ और जोर से चोदो बहुत मज़ा आ रहा है आह ऊं ई मां मर गई मेरे राजा चोदो और जोर से। मैं भी जोश में आकर उन्हें चोदने लगा। कुछ देर बाद मैं पुनः उनकी चूत में ही झड़ गया।
अब मैं उन्हें चूमते हुए उनके बूब्स के साथ खेलने लगा। मैंने उनके होंठों को अपने मुंह में भर लिया और गहरी किस दी। मेरी जीभ उनकी जीभ से लिपट गई और मैं जोर-जोर से चूसने लगा। मेरे दोनों हाथ उनके बड़े-बड़े स्तनों पर घूम रहे थे। मैंने उन्हें अपनी हथेलियों में भरकर जोर से मसलना शुरू किया। उंगलियों से उनके सख्त निप्पल को पकड़कर खींचा और फिर घुमाया। हर खिंचाव पर भाभी की सांस तेज हो जाती थी और उनकी छाती ऊपर नीचे हिल रही थी। मैंने एक स्तन को मुंह में ले लिया और निप्पल को दांतों से हल्का काटते हुए चूसा। उनकी त्वचा पर पसीना चमक रहा था और मादक खुशबू मेरे नाक में भर रही थी। कुछ ही देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। इस बार मैंने भाभी को घोड़ी बनाया और गांड मारने के लिए पूछा।

गांड के नाम से वे डर गईं और बोलीं गांड मत मारो प्लीज़ मैं हाथ जोड़ती हूँ। मैंने उनकी एक न सुनी और कहा आज से तू मेरी रंडी है मैं कुछ भी करूँगा।
यह कह कर मैंने शराब की बोतल का मुँह भाभी के मुँह से लगाया और उन्हें दो बड़े बड़े घूंट पिला दिए। भाभी अब शराब की मस्ती में आ गई थीं और गांड हिलाने लगी थीं।
मैंने उनकी कमर को कसके पकड़ा और गांड में लंड डालने लगा। मैंने लंड का सिरा उनकी गांड के मुंह पर रखा और धीरे से दबाया। उनकी गांड की टाइट रिंग मेरे मोटे लंड को पहले तो रोक रही थी लेकिन मैंने और जोर लगाया। वे बहुत चिल्ला रही थीं आह आह मर गई .. साले, मेरी गांड फाड़ दी आह धीरे से … राजा आह ऊं आह मर गई। उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे और चेहरा लाल हो गया था। उनकी गांड की अंदरूनी दीवारें मेरे लंड को कसकर जकड़ रही थीं। हर धक्के पर उनकी गांड से चिकनाई की आवाज आ रही थी।
लेकिन मैं बिना रुके उनकी गांड में लंड को अन्दर बाहर करता रहा। करीब 20 मिनट तक मैंने भाभी की गांड मारी और गांड में ही झड़ गया।
झड़ने के बाद मैं उनके पास ही नंगा लेट गया। वे दर्द से अपनी गांड सहलाती हुई बोलीं सच में फाड़ दी यार तुमने। मैं हंस दिया रंडी हो न मेरी।
वे हंस कर बोलीं हां आज से तुम मेरे पति हो और मैं तुम्हारी रंडी हूँ। ये कह के भाभी ने मुझे किस किया और बाथरूम में चली गईं।
मैं भी भाभी के पीछे पीछे चल गया और उन्हें बाथरूम में भी एक बार पुनः घोड़ी बना कर चोदा। चुदाई के बाद हम दोनों एक साथ नहाए और नंगे ही बाहर आ गए।
मैंने उनसे कहा जब तक घर में हम दोनों अकेले हैं तब तक तुम घर में नंगी ही रहोगी और मुझे खुश रखोगी। न्यूड भाभी ने भी हां पतिदेव कहकर मुझे जवाब दिया।
भैया और मां के वापस आने तक हम दोनों ने रोज़ कई कई बार चुदाई की। दोस्तो उस दिन के बाद से हम दोनों ने जब भी अवसर मिला खुल कर चुदाई का मजा लिया।
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