Behan ki saheli ke saath chudai sex story: मेरे प्यारे दोस्तों, आज मैं आपको अपनी आपबीती सुना रहा हूं। ये कहानी नहीं बल्कि एक सच है। ये मेरा पहला सेक्स अनुभव है, जो मैंने एक लड़की के साथ किया, जो मेरी बहन की दोस्त है। मेरी बहन की एक दोस्त है जिसका नाम ज़रा है। वो अक्सर हमारे घर आया करती थी। मुझे उसमें कोई खास इंटरेस्ट नहीं था, लेकिन क्योंकि मैं दिखने में काफी अच्छा और गुड लुकिंग हूं, तो वो मुझमें थोड़ा इंटरेस्ट रखती थी। वो अक्सर मेरी बहन से कहती थी कि तेरा भाई बहुत हैंडसम है। ये सुनकर मेरे दिल में ख्याल आया कि क्यों न किस्मत आजमाई ही ली जाए।
उसने एक दिन मेरी बहन से कहा कि मैं तेरे भाई से दोस्ती करना चाहती हूं। फिर तो मैंने ज़रा देर नहीं की और उससे दोस्ती कर ली। हम अक्सर एक-दूसरे को खत वगैरह लिखा करते थे। मैं उससे सेक्स करना चाहता था, लेकिन वो ज़रा अच्छी लड़की थी और सेक्स के बारे में नहीं जानती थी। एक दिन मैंने उसे फोन पर कहा कि मैंने रात को एक ख्वाब देखा है। ये झूठ मैंने उसे फंसाने के लिए बोला था। उसने बहुत इसरार किया तो मैंने उसे अपनी तरफ से बता दिया कि मैंने देखा कि मैं तुझसे प्यार कर रहा हूं, तू मेरी बाहों में है और मैं तेरे होंठों की किस ले रहा हूं। उसने कहा, हाय अल्लाह, ये क्या देखा आपने? मैंने कहा, क्या हुआ, तू मुझसे प्यार नहीं करती? उसने कहा, हां करती हूं, लेकिन ऐसा तो शादी से पहले होता है। मैंने कहा, प्यार में सब जायज़ है। मैंने कहा, मैं तुझसे सच में ऐसा करना चाहता हूं, वो न मानी।
फिर एक दिन मेरे घर वाले कहीं दूसरे शहर गए हुए थे, तो मैं जानबूझकर नहीं गया। फिर मैंने ज़रा को फोन किया और घर पर बुला लिया। मैंने कहा, राबिया बुला रही है, आ जाओ। वो थोड़ी देर बाद आ गई, उसका भाई उसे छोड़कर चला गया। वो अंदर आई तो मैंने उसे कमरे में बिठा दिया। उसने पूछा, राबिया कहां है? मैंने कहा, वो कहीं गई हुई है, आ जाएगी। फिर मैं उसके पास बैठ गया और उससे बातें करने लगा। फिर मेरा उसे छूने को दिल किया। मैंने अपना लंड पकड़ लिया और आहिस्ता-आहिस्ता मसलने लगा। मैंने कहा, आज मौका है, मेरा ख्वाब पूरा कर दो। उसने कहा, नहीं। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और अपने पास कर लिया। मैंने कहा, बस एक किस दे दो। उसने इनकार किया, बड़ी मुश्किल से मानकर मैंने उसकी किस ली, तो मेरा तो दिमाग खराब हो गया। वो जाने को कह रही थी। वो जाने के लिए खड़ी हुई तो मैंने बैठे हुए ही उसका हाथ पकड़ा और उसे खींचकर अपनी गोद में बिठा लिया, और वो मेरे लंड को महसूस करने लगी, और अब वो समझ गई कि मैं क्या चाहता हूं।
मैंने जबरदस्ती उसे दबा लिया। वो न मानी और खड़ी हो गई। मैं भी खड़ा हो गया और उसके पीछे से पकड़कर उसकी गांड पर अपना लंड लगा लिया और उसे दबा लिया। वो कह रही थी, मुझे जाने दो प्लीज। लेकिन मुझे होश कहां था, मैंने कहा, बस 10 मिनट रुक जाओ, फिर चली जाना। बड़ी मुश्किल से वो मानी। फिर मैंने पीछे खड़े-खड़े ही अपनी शलवार को उतार दिया और उसके साथ लग गया। फिर मैंने उसे अपनी तरफ मोड़ा तो वो देखकर हैरान रह गई और डर गई, क्योंकि मेरी शलवार उतरी हुई थी। फिर मैंने उसे पकड़कर बेड पर लिटाया और उसे प्यार करने लगा। उसे भी थोड़ा-थोड़ा मज़ा आ रहा था। फिर मैंने आहिस्ता-आहिस्ता से अपना हाथ उसकी चूत तक लाया और मैं मसलने लगा। फिर मैंने उसकी शलवार खोल दी और उतार दी। फिर मैंने उसकी सारी टांगों को और चूत को चूमा, प्यार किया और फिर मैंने अपनी और उसकी कमीज को उतारा। अब हम दोनों ही बिलकुल नंगे थे।
फिर मैंने ज़रा को बेड पर उल्टा लिटा दिया। और फिर मैंने उसकी टांगों को प्यार करना शुरू किया और फिर उसकी गांड तक पहुंच गया। मैंने उसकी गांड को काफी देर तक चूमा। उसकी गांड बहुत मज़े की थी। फिर मैंने उसे सीधा किया। वो आंखें बंद करके लेटी हुई थी और मुझे कुछ भी नहीं कह रही थी। मैं पागलों की तरह उसे चूमे जा रहा था। उसके होंठों को, गालों को, बूब्स को बुरी तरह चूम रहा था। फिर मैंने उसकी टांगें बेड से नीचे करके उल्टा कर दिया और उसकी गांड में अपना लंड फंसा कर आगे-पीछे होने लगा। मैंने लंड अंदर नहीं किया था। फिर मैंने अपने कंप्यूटर पर XXX चला दिया और हम दोनों नंगे बेड पर लेटकर देखने लगे। वो आंखें नहीं खोल रही थी, मैंने उसे कहा, ज़रा आंखें खोलो और देखो, तो उसने देखा। फिर मैंने कहा, जैसे वो मुंह में लंड ले रही है, तू भी ले। वो खामोश हो गई। फिर मैं नीचे उतरा और उसका मुंह बेड के किनारे पर करके अपना लंड उसके मुंह में दिया। वो उसे चूस नहीं रही थी, मैंने आगे-पीछे किया और फिर आहिस्ता-आहिस्ता करते हुए उसके हलक में डाल दिया, उसने जल्दी से निकाल दिया और अब लेने से इनकार कर दिया।
आप यह Bahen ki saheli ki chudai हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।
फिर मैं उसके ऊपर लेटा और अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया। वो पहली दफा किसी के साथ सेक्स कर रही थी, इसलिए मैंने अंदर नहीं किया और लंड रखकर उसके होंठ चूसने लगा। मैंने उसके नरम होंठों को धीरे-धीरे चूसा, अपनी जीभ को उसके मुंह में डाला और घुमाया, वो थोड़ा हिचकिचाई लेकिन जवाब देने लगी, उसके मुंह से हल्की सी सिसकारी निकली, उम्म… मैंने उसके गालों को चूमा, फिर गर्दन पर किस किया, नीचे उतरते हुए उसके बूब्स तक पहुंचा, एक बूब को हाथ से दबाया और दूसरे के निप्पल को मुंह में लेकर चूसा, वो सिहर उठी, आह… मैंने दोनों बूब्स को बारी-बारी मसला और चूसा, उसके शरीर में कंपन होने लगा। फिर मैं नीचे सरका और उसकी चूत पर हाथ फेरा, वो गीली हो चुकी थी, मैंने उंगली से उसकी क्लिट को रगड़ा, वो बोली, उउउ… क्या कर रहे हो… मैंने कहा, बस मज़ा ले ज़रा, तुझे अच्छा लगेगा। मैंने उंगली को धीरे से उसकी चूत में डाला, वो सिकुड़ी, आह्ह… दर्द… लेकिन मैंने धीरे-धीरे अंदर-बाहर किया, दूसरी उंगली भी डाली, वो अब मोअन करने लगी, ओह्ह… ह्ह्ह… मैंने स्पीड बढ़ाई, उसका रस बहने लगा। फिर थोड़ी देर में थोड़ा सा अंदर किया तो उसने मुझे मना कर दिया और मैं हट गया। फिर थोड़ी देर बाद मैंने अपने लंड को ऑयल लगाया और चूत पर रख दिया। वो आंखें बंद करके लेटी थी और मैंने एक ही झटके में सारे का सारा लंड अंदर कर दिया। लंड के अंदर जाते ही उसकी बंद आंखें खुल गईं और वो चिल्लाने लग गई, आह्ह… ह्ह्ह… नहीं… प्लीज निकालो… लेकिन मैंने ध्यान नहीं दिया और पागलों की तरह आगे-पीछे कर दिया, वो ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी, आह… इह्ह… ओह्ह… दर्द हो रहा है… रुक जाओ… लेकिन मैं न हटा। मैंने उसकी चूत को जोरदार धक्के दिए, वो सिसक रही थी, उउउ… ह्ह्ह… आऊ… ऊऊ… ऊउइ… ऊई… उईईई… मैंने कहा, ज़रा बस थोड़ा सहन कर, मज़ा आएगा, तू मेरी जान है। वो हिचकिचा रही थी, लेकिन मैंने उसके बूब्स को मसलते हुए पेलना जारी रखा, उसकी चूत टाइट थी, हर धक्के में फच-फच की आवाज़ आ रही थी, मैंने स्पीड बढ़ाई, वो अब थोड़ा मोअन करने लगी, आह… ह… ह… ह्हीईई… आअह्ह्ह्ह… मैंने कहा, देखा न, अब अच्छा लग रहा है न? वो कुछ नहीं बोली, लेकिन उसके मुंह से आवाज़ें निकल रही थीं, ह्म्म्म… ऊऊhhhh… आऊउउउ… मैंने उसे और जोर से चोदा, उसकी गांड को थपथपाते हुए, फटाक-फटाक की साउंड के साथ, मैंने पोजीशन चेंज की, उसे घोड़ी बनाया और पीछे से लंड डाला, वो चीखी, आह्ह… नहीं… धीरे… लेकिन मैंने तेज़ी से पेला, उसकी चूत से रस निकलने लगा, मैंने उसके बाल पकड़े और खींचते हुए धक्के दिए, वो बोली, बस… हो गया… लेकिन मैं रुका नहीं, मैंने कहा, तू कितनी सेक्सी है ज़रा, तेरी चूत बहुत टाइट है, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है। मैंने धक्के और तेज़ किए, उसकी कमर पकड़ी और गहराई तक घुसेड़ा, वो अब पूरी तरह सरेंडर हो गई, उसके मोअन्स तेज़ हो गए, आह्ह… ओह्ह… हाँ… और… मैंने उसे साइड से लिटाया और एक टांग ऊपर उठाकर फिर से डाला, फच-फच… फटाक… उसकी चूत ने मेरे लंड को जकड़ लिया, मैंने उसके क्लिट को रगड़ते हुए पेला, वो कांपने लगी, उउउ… आऊ… मैं आने वाला हूं… मैंने स्पीड और बढ़ाई, फिर कुछ देर के बाद जब मैं फारिग होने वाला था तो लंड को निकालकर उसके मुंह में डाल दिया और फारिग हो गया, ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… गी… गी… गी… गों… गों… गोग… वो खांसने लगी, लेकिन निगल गई।
उसके बाद मैंने उसे चुप करवाया और उसकी चूत के खून को साफ किया और फिर कपड़े पहनाए। फिर उसने अपने भाई को फोन किया और वो बाहर लेने आ गया। उसने बेल बजाई और लेके चला गया। उस दिन के बाद से ज़रा हमारे घर पर नहीं आई और अभी तक मुझसे फोन पर भी बात नहीं की। जैसे ही अगली दफा काम हुआ आप लोगों को ज़रूर लिखूंगा।
टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए