मेरा नाम राहुल है। मैं कोलकाता का रहने वाला हूँ। पिछले तीन सालों से इस वेबसाइट का पाठक हूँ। सोचा कि अपने साथ घटी एक सच्ची घटना आप सभी से शेयर करूं। ज्यादा समय न लेते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ। यह कहानी थोड़ी लंबी है। उम्मीद है पसंद आएगी।
मैं कोलकाता के एक प्राइवेट डिग्री कॉलेज में लेक्चरर हूँ। इस नौकरी पर दो साल हुए। उम्र 27 साल है। दिखने में अच्छा लगता हूँ। दोस्त भी कहते हैं। जिम जाने का शौक है। शरीर अच्छा है। फिजिक्स पढ़ाता हूँ। जिस क्लास में पढ़ाता हूँ उसमें करीब 35 लड़के और 22 लड़कियां हैं। कॉलेज के बाद घर पर प्राइवेट क्लास लेता हूँ।
सलोनी नाम की एक लड़की मेरी क्लास में थी। दिखने में बहुत खूबसूरत थी। उम्र 21 या 22 साल होगी। फिगर 36-30-34। सेक्सी और गोरी थी। पहले कभी बुरी नजर से नहीं देखा। पहले साल के इंटरनल टेस्ट के बाद पता चला कि कई बच्चे फिजिक्स में फेल हो गए। मेरी क्लास के सिर्फ चार या पांच बच्चे फेल हुए। उनमें सलोनी भी थी। सबको पता है कि मैं अच्छा फिजिक्स पढ़ाता हूँ।
एक दिन सलोनी आई और बोली कि सर कुछ भी करके इसमें पास करा दो। इसके लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ। उस दिन सफेद रंग की टाइट शर्ट और जींस पहनकर आई थी। मस्त कमर दिख रही थी। शर्ट टाइट होने से बूब्स ऊपर उठ गए थे। बातें करते हुए सामने झुकी तो बड़े बूब्स देखकर नियत खराब होने लगी। लंड पैंट के अंदर छटपटाने लगा।
सोचा इसे घर बुलाता हूँ और फायदा उठाता हूँ। कहा कि मेरी कोचिंग में बहुत बच्चे हैं। ज्यादा ध्यान नहीं दे सकता। रात को क्लास खत्म होने के बाद 9 से 11 बजे तक घर पर आया करो। उसके पिताजी से भी बात कर ली। उस दिन उसकी कमर और बूब्स सोचकर तीन बार मुठ मारी। अब रोज घर आने लगी। पढ़ाया करता था। चांस मारना चाहता था। इधर-उधर हाथ लगाने के सिवा आगे कुछ नहीं हो रहा था।
एक दिन जब सलोनी आने वाली थी तो जानबूझकर कमरे का दरवाजा खुला छोड़ दिया। कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म लगाई। आवाज खोलकर देखने लगा। पैंट उतारकर लंड हिला रहा था। सलोनी अंदर आई। ढूंढते हुए कमरे तक आ गई। अजीब आवाजें सुनाई दीं। दरवाजा थोड़ा खोलकर देखने लगी। मैं शीशे से देख रहा था। वो मेरे सात इंच के लंड को घूर रही थी। पूरा शरीर अजीब सा होने लगा। चूत सिकोड़ने लगी। लगा कि चूत गीली हो गई है। प्यासा तड़पता छोड़ दूं तो खुद चुदवाने आएगी। कंप्यूटर बंद कर दिया। वो झट से भाग गई।
पांच मिनट बाद स्टडी रूम में आया। कहा माफ करना सो गया था। नींद की वजह से देर हो गई। उसने कहा कोई बात नहीं सर। उसके बाद बातचीत बदलने लगी। दिन-ब-दिन बदन नए तरीकों से दिखाने लगी। किसी न किसी बहाने बदन छूने की कोशिश करने लगी। एक दिन पूछा सर आपकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है? कहा नहीं। बिल्कुल विश्वास नहीं किया। कहा आप इतने अच्छे दिखते हो तो कैसे नहीं हो सकती। कहा आज तक तुम्हारी जैसी खूबसूरत लड़की मिली ही नहीं। वो शरमा गई।
एक हाथ पीठ पर और दूसरा जांघ पर रख दिया। कुछ नहीं बोली। जाने के बाद ठान लिया कि कल शनिवार है। मौका देखकर चोदकर रहूंगा। जब आई तो कहा बदन बहुत दर्द कर रहा है। थोड़ी मालिश कर दोगी? तुरंत मान गई। बोली आज सफेद ड्रेस पहनी है। मालिश से खराब हो जाएगी। कहा कोई बात नहीं टॉवेल पहन लो। थोड़ी देर सोचकर मान गई। मैं अंदर गया अंडरवियर पहनकर आ गया।
पैरों की मालिश कर रही थी। गोरे जिस्म पर काली ब्रा की डोरी साफ दिख रही थी। दूध जैसी गोरी जांघें देखकर लंड अंडरवियर फाड़कर बाहर आने को बेताब था। मालिश करते वक्त बस लंड को देख रही थी। बार-बार एक हाथ उस पर घुमा रही थी। कहा सर आपका यह इतना बड़ा क्यों हो रहा है? अभी तो छोटा था। अनजान बनकर पूछा क्या? थोड़ा शरमाई। कहा शरमाओ मत बोलो। इशारा करके बोली आपका लंड अभी बहुत छोटा था अब बड़ा क्यों हो गया।
सोचा लड़की फंसने लगी। हाथ से जाने नहीं देना चाहिए। कहा पता नहीं तुम्हें देखने के बाद दर्द भी होने लगा। उसने कहा क्या मैं इसकी भी मालिश कर दूं? कहा ठीक है जैसा अच्छा लगे कर दो। जल्दी से अंडरवियर उतार दी। पांच मिनट तक घूर-घूरकर देखने लगी। पूछा इससे पहले कभी नहीं देखा? शरमा गई। बोली ब्लू फिल्म में देखा था लेकिन इतना बड़ा असली में कभी नहीं देखा। कहा देखो और जो करना है करो। दर्द थोड़ा कम करो।
बोली क्या मैं इसे मुंह में ले लूं? कहा अपना ही समझो। झट से मुंह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगी। आसमान में उड़ रहा था। टॉवेल निकल गया लेकिन वो चूसने में व्यस्त थी। कुछ देर बाद कहा तुमने बहुत चूस लिया। अब मैं भी तुम्हारी चूत चूसना चाहता हूँ। झट से ब्रा और पेंटी उतारकर फेंक दी। बूब्स ब्रा से बाहर आते ही हवा में झूलने लगे। रसीले आम की तरह। सीधे बूब्स मुंह में भर लिए। चूसने लगा। मुंह से आवाजें आने लगीं। आह खा जाओ दबाओ और जोर से प्लीज।
चूत सहलाने लगा तो तड़पने लगी। चूत देखी तो क्या चूत थी। एक भी बाल नहीं था। तुरंत 69 पोजीशन में आ गए। दोनों एक दूसरे को चूमने चूसने लगे। चूत दो बार पानी छोड़ चुकी थी। बोलने लगी सर प्लीज अब चोद दो। आज चोद-चोदकर चूत फाड़ दो। दोनों पैर कंधे पर रखे। लंड चूत में सेट किया। जोर का धक्का मारा। बार-बार फिसलता रहा। किचन में गया थोड़ा देसी घी लेकर आया।
थोड़ा घी चूत पर और थोड़ा लंड पर लगा लिया। पूरी ताकत लगाकर जोर का धक्का मारा। इस बार तीन इंच तक अंदर चला गया। जोरदार चीख निकली। आंखों से आंसू निकलने लगे। बार-बार लंड बाहर निकालने को कह रही थी। एक न सुनी। तेज रफ्तार से चोदने लगा। चूत से खून निकल रहा था। दस मिनट बाद शांत होकर चुदाई के मजे लेने लगी। गांड हिलाकर चुदने लगी। चिल्लाने लगी जोर से चोदो फाड़ दो मेरी चूत। आज पूरी औरत बना दो।
आधे घंटे की चुदाई के बाद चूत के अंदर ही झड़ गया। उसके ऊपर थककर लेटा रहा। आधे घंटे बाद होश आया। घड़ी देखी तो 12 बज चुके थे। पापा को फोन करके बोल दिया आज परीक्षा की तैयारी के लिए पूरी रात पढ़ाई होगी। कल सुबह खुद घर पर छोड़ दूंगा। वो राजी हो गए। बिस्तर की ओर देखा तो सलोनी अभी भी नंगी सोई हुई थी। लंड फिर खड़ा हो गया। फिर से ऊपर चढ़ गया। इस बार चुदाई एक घंटे चली।
आग्रह करने लगी सर अब और नहीं सहा जा रहा। मर जाऊंगी। चूत जलने लगी है। गोद में उठाकर बाथरूम ले गया। चूत साफ करने के बाद नींद की गोली और दर्द की गोली दी। सुला दिया।
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