टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

मेरी गोरी माँ को अंकल ने गोदाम में चोदा

यह कहानी हमारे रीडर ने भेजी है, अगर आप भी अपनी कहानी भेजना चाहते है तो यहाँ क्लिक करे

हेलो फ्रेंड्स, मेरा नाम कमल है। मैं वापी गुजरात से हूं। मेरी उम्र 19 साल है। मैं पढ़ाई करता हूं। मैंने थोड़े दिन पहले ही इस वेबसाइट के बारे में जाना और कहानियां पढ़ी। मैंने जाना सब के जीवन में कोई ना कोई घटना हुई है तो मेरी जिंदगी में भी जो घटना हुई है वह आप सब को बता देता हूं।

यह कहानी मेरी मां और मेरे पिता के दोस्त के भाई रवि अंकल की है। मेरी मां का नाम नाजिया है। वह 41 साल की है और उसकी ऊंचाई 5 फुट होगी और वज़न 65-70 किलो होगा। वो गोरी है। मेरे पिता के दोस्त का नाम शिरीष है और उसके छोटे भाई का नाम रवि है। रवि अंकल की उम्र 38 होगी। हम उसे अंकल कहते हैं।

उसकी हाइट 5’6″ होगी। पापा और शिरीष अंकल काफी पुराने फ्रेंड हैं। पापा की सरकारी नौकरी है और शिरीष अंकल बिजनेस करते हैं।

अंकल का बिजनेस वापी और अहमदाबाद में था। शिरीष अंकल वापी में बिजनेस करते थे और अकेले रहते थे और उनकी फैमिली अहमदाबाद में रहती थी। अहमदाबाद में उनके छोटे भाई रवि अंकल बिजनेस करते थे। रवि अंकल वापी में कभी-कभी आते थे तो हमारे घर आते थे। कुछ महीनों से शिरीष अंकल की तबियत ठीक नहीं रहती थी तो शिरीष अंकल ने उनकी फैमिली के साथ अहमदाबाद रहने का डिसाइड किया और रवि अंकल को वापी में शिफ्ट किया। फिर रवि अंकल उनकी फैमिली के साथ वापी शिफ्ट हो गए।

रवि अंकल मजाकिया थे। उनके घर से हमारे घर की दूरी 8-9 किमी थी। अब कभी-कभी रवि अंकल और उनकी फैमिली घर आते थे। अंकल मेरी मां से हंसी-मजाक करते रहते थे। रवि अंकल की पत्नी एक स्लिम और थोड़ी घमंडी थी। इसलिए अंकल मॉम से हंसी मजाक करते रहते थे। एक बार मैंने मां का मोबाइल देखा तो मुझे मैसेज में मां और रवि अंकल चैटिंग के नॉर्मल मैसेज दिखे। मुझे लगा ऐसा ही किया होगा।

अंकल को वापी में करीब 1 साल हो गया। अभी 6 महीने पहले की बात यह है कि गांव में मेरी दादी की तबीयत ठीक नहीं रहती थी। इसलिए पापा दादी को लेने गांव गए थे 10 दिनों के लिए। पापा के साथ मेरी बहन भी गई थी। तब हमारे एक रिलेटिव में डेथ हो गई थी। मां कहीं जाती नहीं है किंतु पापा ने मां को जाने को कहा। तो हम शाम को मां और मैं बाइक से वहां चले गए।

हम वहां 5 बजे पहुंचे। मेरी मां घर में चली गई और मैं बाहर बैठा था। करीब 8 बजे मैंने मां को फोन किया। मां का नंबर बीज़ी आ रहा था। थोड़ी देर बाद मां ने कॉल किया। मैंने कहा चलो जाते हैं। मां ने कहा रुको मैं वापस कॉल करती हूं। फिर थोड़ी देर में मां का कॉल आया और कहने लगी-

मां: यहां प्रोबलम हो गई है रात रुकना पड़ेगा। तुम घर चले जाओ मैं सुबह आ जाऊंगी।

फिर मैं 9 बजे वहां से बाइक लेकर निकल गया। मैं वहां से करीब 4-5 किलोमीटर जाते हुए अपने लिए खाने के लिए पार्सल ले रहा था और नजदीक में एक स्टॉल पर रवि अंकल को चाय पीते और फोन पर बात करते हुए देखा। मैं सोचने लगा अंकल वहां क्या कर रहे थे और मैं वही रुक गया और रवि अंकल क्या कर रहे थे वो देखने लगा।

करीब 1 घंटे तक अंकल वहीं पर थे। फिर अंकल को फोन आया और अंकल अपनी मारुति सुजुकी ईको लेकर जाने लगे। मैं भी पीछे जाने लगा। रवि अंकल वही गए जहां डेथ हुई थी। उनके घर के थोड़ी दूर रोड की साइड पर गाड़ी खड़ी करके फोन पर बात कर रहे थे। तो मैंने सोचा शायद अंकल के भी पहचान वाले होंगे। फिर मैंने सोचा चलो घर जाता हूं।

जैसे ही वहां से निकल रहा था तो मां को वहां आते देखा। मैं एक दम चौंक गया और मां आई और गाड़ी में बैठ गई। रवि अंकल इधर-उधर देखने लगे और फिर गाड़ी स्टार्ट करके निकल गए। मैं भी पीछे निकल पड़ा। रवि अंकल हाईवे की ओर जाने लगे। हाईवे पर थोड़ी दूर जाने के बाद एक होटल के पास गाड़ी रोकी। रवि अंकल कुछ पार्सल ले रहे थे। तभी 11 बजे मां का मुझे फोन आया।

मां ने कहा: घर पहुंच गए?

मैंने हां कहा।

मां ने कहा: सो जाओ मैं सुबह आ जाऊंगी।

आप यह Chudai ki kahaniya - Hindi Sex Story हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani

फिर फोन काट दिया। फिर रवि अंकल पार्सल लेकर आए और गाड़ी चलाई। वो वापी से 12 किलोमीटर दूर हाईवे पर अपने गोदाम की तरफ गाड़ी ले गए। अंकल की ऑफिस हाईवे पर रोड पर ही थी और गोदाम ऑफिस से 2-3 किमी की दूरी पर था। वहां आस-पास मैंगो फार्म है और रेलवे ट्रेक है। वहां रात में कोई पब्लिक का आना-जाना नहीं होता। अंकल ने गोदाम का दरवाजा खोला और आस-पास देखा। मां गाड़ी से निकली और गोदाम में चली गई।

फिर अंकल ने गोदाम का दरवाजा बंद कर दिया। थोड़ी देर बाद मैं भी गोदाम के पीछे जाता हूं और धीमे से कंपाउंड में कूदता हूं। अब मैं अंदर देखने का प्लान कर रहा था। मैंने गोदाम के पीछे देखा दीवार के ऊपर विंडो थी जिसमें एयर-फैन लगे हुए थे। मैंने पास एक लकड़ी की सीढ़ी देखी और उस पर चढ़कर गोदाम में देखा। गोदाउन के कोने में एक कांच का केबिन बना था। अंकल और मां बैठकर बात कर रहे थे।

फिर अंकल कोई टैबलेट मुंह में लेकर पानी पीने लगे। फिर मां और अंकल उठे और केबिन से कुर्सी और टेबल निकाल रहे थे। अंकल ने गोदाम के एक कोने में 6×4 का बेड था। वो मां और अंकल ने उठाकर केबिन में रख दिया। फिर अंकल स्लीपवेल वाला मोटा गद्दा लाए और 2 तकिया बेड पर डाला। मां केबिन के बाहर खड़ी थी। अंकल ने मां को देखकर मुस्कुरा दिया और केबिन से बाहर निकला। फिर मां को बाहों में उठा लिया और केबिन में बेड पर लिटा दिया और केबिन का दरवाजा बंद किया।

फिर ए.सी. ऑन किया। अब मां और अंकल की आवाज़ नहीं सुनाई दे रही थी। सिर्फ दिखाई दे रहे थे। दोनों बिस्तर पर लेटकर बात कर रहे थे। अंकल ने मां की कमर पर हाथ रखा था और बात कर रहे थे। फिर अंकल मां से लिपट गया और मां को किस कर रहा था और बदन पर हाथ फेर रहा था। अंकल मां को कान पर और गर्दन पर चूम रहा था। मां अंकल की शर्ट उतार रही थी। फिर अंकल ने मां की कमीज़ उतार दी। मां ने सफेद ब्रा पहनी थी। अंकल ने मां की ब्रा उतार दी और मां के बूब्स चूस रहा था।

मां बिस्तर पर लेटी हुई थी और अंकल मां के जिस्म को चाट रहा था। थोड़ी देर में अंकल ने मां की सलवार का नाड़ा खोला और सलवार उतार दी। मां ने लाल रंग की पैंटी पहन रखी थी। अंकल मां को देखकर मुस्कुराने लगा और मां की पैंटी उतार दी। मां ने अपने दोनों पैरों को जॉइन कर लिया।

फिर अंकल मां के दोनों हटाकर मां की चूत को देखने लगा और मां से कुछ कहने लगा। मां हसने लगी। फिर अंकल मां की चूत चाटने लगा। मां अंकल के सर पर हाथ फेर रही थी और अंकल मॉम की चूत में मुंह डाले हुए था। थोड़ी देर अंकल चूत चाटने के बाद उठा और अपनी पेंट उतारा।

मां ने अंकल का अंडरवियर उतारा और अंकल का लंड देखा। खड़ा हुआ मोटा 7 इंच का लंड। मां अंकल के लंड को अपने मुंह से थूक निकालकर मसल रही थी। अंकल मां के मुंह के पास लंड को ले जा रहे थे। मां हसने लगी और अंकल का लंड मुंह में लिया। मां अंकल का लंड मुंह में मजे से ले रही थी।

थोड़ी देर बाद अंकल ने मां को बेड पर लिटाया और अपने लंड पर कंडोम लगाया और मां के दोनों पैरों के बीच आया और अपना लंड मां की चूत में डालने लगा। अंकल मां को धीमे-धीमे चोद रहा था। फिर अंकल मां को ऊपर लेट गया मां से लिपट गया और अब तेजी से चोदने लगा। वो मां को किस कर रहा था।

थोड़ी देर चुदाई के बाद उसने मां को डॉगी स्टाइल में किया। फिर वो मां के पीछे जाकर मेरी मां की चूत में लंड डालने लगा और चोदने लगा। थोड़ी देर चुदाई के बाद उसने मां को बिस्तर पर लिटाया और दोनों टांगों के बीच आया और चूत में लंड डालने लगा। अब थोड़ी स्पीड से चुदाई कर रहा था। थोड़ी देर चुदाई के बाद वो खड़ा हो गया।

उसने अपने लंड से कंडोम निकाला और मां के हाथ में लंड दे दिया। मां अंकल का लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी और अंकल मां को किस कर रहा था। थोड़ी देर में अंकल का पानी निकलने लगा। मां अंकल का लंड ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगी। फिर अंकल मां को बिस्तर पर लिटा दिया और मां से लिपट गया। वो मां से बात कर रहा था।

थोड़ी देर बाद दोनों बाथरूम में फ्रेश होकर कपड़े पहन लिए। अंकल खाने का पार्सल लाया था। दोनों खाते-खाते बात कर रहे थे। फिर अंकल और मॉम पेप्सी पिए और बेड पर लेट गए और बात कर रहे थे। फिर अंकल ने अपना मोबाइल निकाला और कुछ देख रहे थे। अंकल ने मां को बाहों में लिए हुए था और मां के जिस्म पर हाथ फेर रहे थे। फिर दोनों वाशरूम गए और फिर केबिन में आए। अंकल ने मां को गले लगा लिया और फिर किस करने लगा।

वो मां की पीठ पर हाथ फेर रहा था। फिर धीरे-धीरे वो हाथ नीचे ले आया और मां की गांड को दबा रहा था और मां से कुछ कह रहा था। मां हस रही थी। फिर अंकल ने मां की कमीज उतार दी और मां को कोने में एक टेबल था वहां खड़ा किया। फिर अंकल मां के पीछे आ गया और घुटनों पर बैठ गया और सलवार के ऊपर से मां की गांड को दबा रहा था।

फिर अंकल ने सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार और पैंटी उतार दी। अंकल मां की गांड को देखकर कुछ कह रहा था और मां पीछे मुड़कर हस रही थी। अंकल हाथ से मां की गांड को दबा रहा था। फिर अंकल मां की गांड को फैलाकर गांड के छेद को देख रहा था और मां से कुछ कह रहा था। मां हस रही थी। अंकल मां की गांड को फैलाकर गांड के छेद में अपनी जीभ से चाट रहा था।

फिर उसने अपना चेहरा मां की गांड में डाल दिया। मां अजीब सा फेस बनाकर अंकल को देख रही थी और अंकल के सर पर हाथ फेर रही थी। अंकल ने मां की गांड में से चेहरा निकाला और मां की गांड में अपनी उंगली डाल रहा था। फिर वो उंगली अपने मुंह में डालता और फिर से मां की गांड के छेद में डालता था। फिर वापस अंकल मां की गांड को फैलाकर अपना फेस डाल दिया।

उसके बाद अंकल मां को बेड पर ले गया और अंकल बेड पर लेट गया। फिर मां अंकल का लंड मुंह में लेने लगी। अंकल ने मां को 69 पोजिशन में किया। अब अंकल मां की गांड में चेहरा डालकर गांड चाट रहा था और मां अंकल का लंड चूस रही थी। अंकल ने मां को बेड पर डॉगी स्टाइल में किया और अंकल मां की गांड में लंड डालने लगा। किंतु अंकल का लंड नहीं जा रहा था। तो मां मना करने लगी और बैठ गई।

आप यह Chudai ki kahaniya - Hindi Sex Story हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है। और ऐसी कहानियां पढ़ने के लिए दोबारा विजिट करें Free Sex Kahani

फिर अंकल कुछ बोल रहे थे फिर वापस मां को डॉगी स्टाइल में किया और कुछ जेली जैसा गांड में लगाया। फिर अंकल मां की गांड में लंड डालने लगा और मां की गांड में अपना लंड घुसाकर चोदने लगा। मां थोड़ा तड़प रही थी और अंकल मां की गांड में लंड घुसा रहा था। थोड़ी देर बाद अंकल मां की गांड में पूरा लंड घुसा दिया और धीमे-धीमे गांड की चुदाई कर रहा था।

फिर मां ने अपने दोनों हाथ से गांड को फैलाया और अंकल मां की गांड में स्पीड से चुदाई करने लगा। थोड़ी देर चुदाई के बाद अंकल बिस्तर पर लेट गया और मां को अपने लंड पर बिठाया। मां का फेस अंकल के फेस के पास ही था। मां थोड़ा झुकी हुई थी और अंकल अपना लंड मां की गांड में डालकर अपनी कमर के सहारे गांड की चुदाई कर रहा था। अंकल लंड अब मां की गांड में आसानी से जा रहा था।

अंकल अपना लंड गांड से निकालता था तो गांड का छेद दिखता था। फिर अंकल ने मां की गांड को दोनों हाथों से फैलाया और गांड के छेद में लंड डाल रहा था। थोड़ी देर बाद अंकल तेजी से गांड की चुदाई करने लगा। अंकल तेजी से अपनी कमर उठा-उठाकर मां की गांड में लंड डाल रहा था। थोड़ी देर चुदाई के बाद अंकल ने मां को बिस्तर पर उल्टा लिटा दिया और मां की चूत के नीचे एक तकिया रखा।

इससे मां की गांड थोड़ी ऊंची हो गई। फिर अंकल मां की गांड को फैलाया और अपना चेहरा गांड में घुसाकर गांड चाटने लगा। फिर मां ने अपने दोनों हाथों से गांड को फैलाया। अंकल गांड में लंड घुसाकर गांड की चुदाई करने लगा।

थोड़ी देर चुदाई के बाद अंकल ने मां की गांड में से लंड निकाला और मां की गांड चाटने लगा। फिर से मां की गांड में लंड डाला और तेजी से मां की गांड की चुदाई कर रहा था। थोड़ी देर चुदाई के बाद अंकल मां के ऊपर ही लेट गया। अंकल ने अपना पानी मां की गांड में ही छोड़ दिया।

5 मिनट बाद अंकल उठकर बैठ गया और मां की गांड को फैलाकर देख रहा था और फिर अपना पानी साफ कर रहा था। मां उसे देखकर हस रही थी। फिर मां उठी और अंकल का लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी। फिर दोनों बिस्तर पर लेट गए। तब करीब 4 बज रहे थे। फिर मैं वहां से निकल गया और घर पर आ गया। मां घर पर सुबह 9:30 बजे आई और सो गई।

⚠️

⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।