Majboor Biwi sex story: ज़िंदगी में कई बार कुछ गलत करना पड़ जाता है। लोगों को लगता है की फलाना गलत कर रहा है या कर रही है पर लोग ये समझते हैं या सोचते हैं की आखिर ऐसा क्या हुआ था की गलत करने को मजबूर हुआ। लोग अंदर की बात नहीं जानते हैं।
मेरा पति कर्ज के बोझ में दबा हुआ था। इस वजह से वो रात को दारू बहुत पीता है। शराब पीने के बाद उसकी सांसों से तेज तीखी बदबू पूरे कमरे में फैल जाती, आंखें लाल और सुस्त हो जातीं, शरीर डगमगाने लगता और वो बिस्तर पर बेहोश सा गिर पड़ता। इससे मेरी सेक्स लाइफ बहुत ही ज्यादा ख़राब हो गई है। मेरी सेक्स लाइफ पहले भी खराब थी क्योंकि वो मुझे सही से कभी भी चोद नहीं पाया ना मुझे संतुष्ट कर पाया।
उसका छोटा और कमजोर लिंग मेरी योनि में घुसते ही कुछ झटकों में सिकुड़ जाता, मुझे कभी वो गहरी ठोकरें नहीं मिलतीं जो मेरे शरीर को हिलाकर रख दें। मैं हमेशा ही चुदाई के मामले में प्यासी रही हूँ। मेरी योनि रातों-रातों भर गीली रहती, अंदर से गर्माहट और तड़प उठती, स्तन भारी होकर निप्पल सख्त हो जाते पर कोई राहत नहीं मिलती।
पर आप खुद बताइये कोई इंसान कितना दिन तक चुदाई के बिना रह सकता है। वासना की आग को बुझाने के लिए भी तो कोई सहारा चाहिए। दोस्तों मेरी उम्र अभी 28 साल है। कोई बच्चा भी नहीं हुआ है। होगा कैसे चुदाई करे कोई तब ना अपने से कैसे बच्चा पैदा करूँ।
माफ़ कीजियेगा कई बार गुस्से में आ जाती हूँ जब सब लोग बोलते हैं की कब माँ बनोगी ? मैं क्या करूँ ? दोस्तों अब सहा नहीं जा रहा था इसलिए मैं एक ऑफिस में काम करने लगी। मुझे काम पर निचे फ्लोर में रहने वाले भैया ने ही लगवाया है। पति को भी कोई परेशानी नहीं है क्यों की गांड फट रही है। कर्जे के मारे।
दोस्तों भैया का नाम बॉबी है। उनके साथ मुझे दिन में समय बिताने का मौक़ा मिल गया है। कई बार साथ जाती हूँ और साथ आती हूँ पर घर से दूर ही उतर जाती हूँ ताकि पति को शक नहीं हो और ख़राब नहीं लगे की किसी गैर मर्द के साथ जाती हूँ।
दोस्तों मैं अपनी बातें बॉबी के साथ शेयर की तो वो मुझे बहुत हेल्प करने लगे। कुछ दिनों बाद मैंने अपने पर्सनल लाइफ के बारे में भी शेयर की तो वो और भी ज्यादा मेहरबान हो गए और धीरे धीरे मैं उनके तरफ खींचने लगी और संपर्क बढ़ने लगी।
एक दिन ऐसा आया की बॉबी ने मुझे कह दिया आप चाहे तो रात में निचे आ सकती हो। बॉबी अकेले रहते हैं क्यों की उनका तलाक हो चुका है। मैं बोली ठीक है देखती हूँ। दोस्तों मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती थी जिससे मेरे पति को पता चल जाये और मेरी बदनामी हो जाये।
एक दिन की बात है रात को मेरे पति दारू पी रहे थे। मैं भी उनके साथ बैठी और खुद पेग बना कर पिलाई वो इतना ज्यादा पि लिए की बेहोश हो गए। मैं बड़ी मुश्किल से उनको बेड पर ले गई और सुला दी वो तुरंत भी बेहोशी की हालात में चले गए।
मैं तुरंत ही अपने कपडे बदली लिपस्टिक लगाई। बाल झाड़ी, डीयो लगाई और निचे बॉबी के दरवाजे को खटखटाई। वो निकले और दरवाजा खोले। मैं बोली आ गई मैं। तो बॉबी ऐसे रियेक्ट किये जैसे की कितनी खुशियां मिल गई है।
मुझे बहुत अच्छा लगा उसका वो रियेक्ट करना। उनके चेहरे पर खुशी की चमक साफ दिख रही थी, आंखें मेरे शरीर को नाप रही थीं और होंठों पर मुस्कान फैल गई थी। उसके बाद मैं उनके गले लग गई और अपना होठ उनके होठ पर रख दी।
उन्होंने भी चूमते हुए दरवाजे को अच्छी तरह से बंद कर दिया। और फिर मुझे गोद में उठाकर बैडरूम में ले गया। दोस्तों मैं मचल रही थी। बेड पर पहुंचकर हम दोनों ने अपने अपने कपडे उतार दिए। बॉबी मेरे होठ को चूसने लगा।
फिर निचे थोड़ा खिसककर मेरी चूचियों के पास पहुंच गया और मेरे निप्पल को दो उँगलियों से मसलने लगा। उसकी मजबूत उंगलियां मेरे निप्पल को धीरे-धीरे लेकिन दबाव के साथ मसल रही थीं। हर मसलने के साथ निप्पल सख्त होकर छोटे-छोटे कंकड़ जैसे खड़े हो जाते थे। मेरे पूरे शरीर में बिजली सी दौड़ रही थी। स्तनों की नरम त्वचा पर उसकी उंगलियों की गर्माहट साफ महसूस हो रही थी। मैं कामुक होने लगी क्योंकि किसी भी औरत का अगर आप निप्पल को दो उँगलियों से पकड़ेंगे तो वो चुदाई के लिए पागल हो जाएगी।
दोस्तों उसके बाद वो मेरे बूब्स को हौले हौले से दबाने लगे। मेरे बूब की साइज 34 है गोल है और नीपल छोटा छोटा काफी सेक्सी लगता है मेरे गोर बदन पर। उसकी हथेलियां मेरे भारी गोल स्तनों को नीचे से ऊपर की ओर दबा रही थीं। उंगलियां स्तनों की नरम मांसलता में गहरे धंस रही थीं। हर दबाव के साथ मेरी सांसें तेज हो जाती थीं और योनि से रस टपकने लगता था। मैं खुद भी पांच फीट सात इंच की हूँ। होठ भरे हुए हैं। वजन साठ किलो है। गांड चौड़ी है और कमर काफी पतली।
दोस्तों फिर बॉबी और निचे खिसक गया और अब मेरे चूत के पास पहुंच गया और मेरे दोनों पैरों को अलग अलग कर वो जीभ से मेरी चूत पर हलचल करने लगा। उसने मेरे जांघों को फैलाकर पूरी तरह खोल दिया। मेरी चूत अब पूरी तरह खुली और गीली चमक रही थी। उसकी गर्म नम जीभ मेरी क्लिटोरिस पर बार-बार घूम रही थी। कभी ऊपर नीचे लिक्कर रही थी तो कभी अंदर घुसने की कोशिश कर रही थी। मैं पागल होने लगी गजब का एहसास था उस समय का। मेरी कमर अपने आप ऊपर उठ रही थी।
दोस्तों फिर उसने मेरी चूत में उँगलियाँ डालनी शुरू की और फिर ऊपर आया अब वो ज्यादा वाइल्ड होने लगा मैं खुद भी वाइल्ड हो गई थी। पहले एक उंगली अंदर घुसी फिर दो उंगलियां जोर-जोर से अंदर बाहर होने लगीं। उंगलियां मेरी चूत की दीवारों को छूती हुई G-spot को दबा रही थीं। मेरी चूत से चिकना रस बहकर जांघों को गीला कर रहा था। मैं अंगड़ाइयों ले रही थी मेरी चूत गीली हो गई थी। मेरे नीपल टाइट हो गए थे। मैं सिसकारिआं ले रही थी। मैं बोली बॉबी मैं काफी ज्यादा सेक्सी हो गई हूँ। अब मुझे चोदो देर मत करो।
वो भी मेरी बात को मानते हुए अपना लौड़ा चूत पर लगाया और जोर से घुसा दिया अब वो मेरे ऊपर था मैं निचे। लौड़े का गर्म मोटा सिरा मेरी चूत की फुद्दी पर रगड़ते हुए अंदर घुसा। उसका पूरा मोटा लौड़ा एक झटके में मेरी चूत में समा गया। ऊपर से धक्के दे रहा था उसका लौड़ा मेरी चूत में समा रहा था और मैं निचे से धक्के दे रही थी।
दोस्तों मेरा मुँह खुला का खुला ही रहा गया क्यों की उसका लौड़ा बहुत मोटा था और उसका चोदने का तरीका बहुत ही सेक्सी था। हर जोरदार धक्के के साथ मेरी चूत फूल रही थी और अंदर से गर्म रस निकल रहा था। मैं मजे लेने लगी। फिर हम दोनों 69 को पोजीसन में आ गए। अब वो मेरी चूत चाट रहा था और मैं उसका लौड़ा। करीब 10 मिनट तक एक दूसरे को खुश कर रहे थे फिर। वो मुझे घोड़ी बना दिया और मेरी गांड के तरह से मेरी चूत में लौड़ा घुसाने लगा और अपने हाथो से मेरी चूचियां मसलने लगा। वो जब धक्के देता था मैं हिल जाती थी। अब मैं भी पीछे धक्के लेने लगी उसका पूरा लौड़ा मेरी चूत में समा रहा था।
दोस्तों फिर मैं ऊपर गई और वो निचे उसका लौड़ा अब मेरी चूत में उसी पर मैं उठती और बैठती। मैंने बॉबी के मजबूत शरीर के ऊपर चढ़कर घुटनों को दोनों तरफ फैला लिया। उसका मोटा और पूरी तरह खड़ा लौड़ा मेरी चूत के ठीक नीचे तना हुआ था। मेरी चूत पहले से ही बहुत गीली थी और उसका रस उसके लौड़े के सिरे पर चमक रहा था। मैंने एक हाथ से उसका लौड़ा पकड़ा और अपनी फूली हुई चूत की दरार पर सही जगह लगाया। फिर धीरे-धीरे अपना वजन नीचे देकर बैठ गई। उसका गर्म और मोटा सिरा मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर घुसा। हर इंच के साथ मेरी अंदरूनी दीवारें खिंच रही थीं और एक गहरी भराव की अनुभूति पूरे शरीर में फैल रही थी।
धीरे धीरे करते हुए मैं जोश में आ गई और जल्दी जल्दी मैं चुदने लगी। शुरुआत में मैं धीमी गति से उठती-बैठती रही ताकि पूरा एहसास लिया जा सके। लेकिन जल्दी ही मेरी वासना ने काबू छीन लिया। अब मैं तेजी से ऊपर उठकर जोर-जोर से नीचे बैठने लगी। हर बार जब मैं पूरी ताकत से बैठती तो उसका पूरा मोटा लौड़ा मेरी चूत के सबसे गहरे हिस्से तक धंस जाता और मेरी G-spot को जोरदार ठोकर मारता। मेरी भारी 34 साइज की चूचियां जोर-जोर से ऊपर-नीचे उछल रही थीं। निप्पल पूरी तरह सख्त होकर खड़े थे। कमरे में चप-चप की तेज आवाजें गूंज रही थीं। मेरी चूत से सफेद चिकना रस निकलकर उसके लौड़े और जांघों को पूरी तरह गीला कर रहा था। बॉबी नीचे से मेरी कमर और चौड़ी गांड को मजबूती से पकड़कर मुझे और तेजी से ऊपर-नीचे कर रहा था। मेरी सांसें फूल रही थीं और मुंह से अनियंत्रित सिसकारियां निकल रही थीं।
दोस्तों शनिवार का दिन था वो मुझे सुबह के करीब चार बजे तक चोदा। रात भर हम दोनों थके बिना एक दूसरे को चोदते रहे। हमने पोजीशन बार-बार बदले। कभी मैं ऊपर थी तो कभी वो मुझे नीचे दबाकर जोर-जोर से धक्के देता। कभी वो मुझे घोड़ी बनाकर पीछे से चोदता तो कभी साइड से मेरी एक टांग ऊपर करके गहरी चुदाई करता। मैं कई बार जोर-जोर से झड़ गई। हर ऑर्गेज्म के समय मेरी चूत सिकुड़ती और उसके लौड़े को कसकर जकड़ लेती। पूरा बिस्तर हमारे पसीने और चुदाई के रस से भीगा हुआ था। मेरी देह बार-बार झुरझुरी से भर जाती और मैं चीखकर अपनी तृप्ति जाहिर करती। बॉबी का लौड़ा भी बार-बार मेरी चूत के अंदर सिकुड़ता और गर्म वीर्य छोड़ता। मैं खूब चुदी। सच पूछिए तो मैं पहली बार चुदाई में इतनी खुश हुई। मेरे पूरे शरीर में संतुष्टि की लहरें दौड़ रही थीं।
जब मैं अपने घर गई तो हरामी गांड फाड़ कर सोया हुआ था मेरा पति। दोस्तों ऐसा किसी के साथ नहीं हो पत्नी कही और से चुदवा कर आये। क्यों की उसका पति उसको चोद नहीं सकता हो।
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