टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

मौसा जी के मोटे लंड ने कच्ची कली को जवान कर दिया

Uncle niece sex story – Mausa bhanji sex story – Kunwari chut seal todi sex story: मेरा नाम काजल है। अब मैं 24 साल की हूँ, पर जब यह सब हुआ था तब सिर्फ 19 की थी—बिल्कुल कच्ची कली, कॉलेज की पहली साल की पढ़ाई शुरू करने वाली। गोरा रंग, छोटी मगर सख्त गोल चूचियाँ, पतली कमर और इतनी टाइट उभरी हुई गांड कि गाँव के लड़के मेरे पीछे कुत्तों की तरह भटकते थे। मेरी चूत अभी तक कुंवारी थी, पर रात को उंगली करते वक्त सोचती थी कि कोई मर्द का मोटा लंड इसे फाड़ दे तो कितना मज़ा आएगा।

मेरे मौसा जी राकेश, 43 साल के, गाँव के असली मर्द थे। लंबा कद, सांवला रंग, चौड़ी छाती, मोटी-मोटी बाहें और पैंट में हमेशा उभरा हुआ वो मोटा लंड—जिसे देखते ही मेरी चूत में सिहरन दौड़ जाती थी।

गर्मियों की छुट्टियाँ थीं। मैं नाना-नानी के पुराने मिट्टी के घर में आई थी। हवा में गोबर और खेतों की मिट्टी की महक घुली रहती थी। एक दोपहर तेज धूप में नहाकर निकली। बालों से पानी टपक रहा था। पतली कुर्ती-सलवार गीली होकर मेरे जिस्म से चिपक गई थी—निप्पल सख्त होकर कुर्ती से उभर आए थे, जैसे चिल्ला रहे हों ‘देखो हमें’। गांड के कर्व सलवार में लचक रहे थे। बाहर आँगन में मुर्गियाँ चोंच मार रही थीं, दूर से गायों की घंटियाँ बज रही थीं। मौसा जी चारपाई पर लेटे हवा खा रहे थे, पसीने से उनकी बनियान चिपकी हुई थी। उनकी नज़र मेरे चूचों पर ठहर गई, पैंट में लंड फड़फड़ा उठा। मैं शरमाकर बोली, “मौसा जी, ऐसे क्या घूर रहे हो?” वो भारी, सांस फूलती आवाज़ में बोले, “काजल रानी, तेरा ये गोरा जिस्म देखकर मेरा लंड फड़फड़ा रहा है… आह्ह, तेरी कुंवारी चूत की महक तक आ रही है। आज नहीं रुकूँगा, बना दूँगा तुझे अपनी रंडी।”

उस रात बिजली चली गई। चारों तरफ घना अंधेरा। नानी गहरी नींद में थीं। मैं हल्की सी नाइटी में लेटी अपनी चूत में उंगली कर रही थी, मौसा जी के मोटे लंड की कल्पना करते हुए। तभी दरवाजे पर हल्की खटखट हुई। मेरा दिल ज़ोर से धड़का—इतनी रात को कौन? डरते-डरते दरवाज़ा खोला। मौसा जी सिर्फ़ लुंगी में खड़े थे। उनका मोटा लंड लुंगी से उभरा हुआ, जैसे मुझे बुला रहा हो। वो अंदर आए, दरवाज़ा धीरे से बंद किया। उनकी आँखों में प्यार भरी भूख थी—जैसे मैं उनकी बेटी नहीं, मेहबूबा हूँ। सांस मेरी गर्दन पर लग रही थी। बोले, “काजल मेरी जान, आज तेरी कुंवारी चूत को जवान करता हूँ… तुझे इतना मज़ा दूँगा कि भूल नहीं पाएगी।” मैं काँपती आवाज़ में बोली, “मौसा जी, ये गलत है… नानी जाग गईं तो?” पर सच कहूँ, मेरी चूत पहले से ही उनके लिए तरस रही थी।

इसे भी पढ़ें  भाई ने दीदी के बड़े दूध दबाए

उन्होंने मुझे अपनी मज़बूत बाहों में खींच लिया। उनकी गर्म साँसें मेरी गर्दन पर लग रही थीं। धीरे-धीरे नाइटी का गला पकड़ा, उंगलियाँ मेरी नरम त्वचा पर रेंगती हुईं—फिर एक झटके में फाड़ दिया। फटने की आवाज़ ने मेरे दिल की धड़कन और तेज़ कर दी। मेरे छोटे सख्त चूचे हवा में काँपते हुए नंगे हो गए। निप्पल ठंडी हवा से और सख्त होकर खड़े हो गए। मौसा जी की आँखें भूखी भेड़िए जैसी चमक रही थीं। बोले, “कितने रसीले चूचे हैं रे काजल, दूध से भरे लगते हैं!” उनकी मोटी उंगलियाँ मेरी एक चूची पर धीरे-धीरे घूमीं, पहले सिर्फ़ सहलाया, फिर हल्के से दबाया—मेरी साँस अटक गई। सोच रही थी, काश और ज़ोर से मसलें। फिर दूसरी चूची को अपने गर्म गीले मुँह में लिया। जीभ निप्पल पर गोल-गोल घूमने लगी। चप-चप चूसने की आवाज़ कमरे में गूँजने लगी। आह्ह्ह्ह मौसा जी, चूसो ना, जोर से चूसो, मेरी चूत में आग लग रही है! मैं सिसक उठी। जब उन्होंने निप्पल को दाँतों से हल्का काटा तो मेरे जिस्म में बिजली सी दौड़ गई—ऊउइइइ आह्ह्ह्ह्ह, मेरी गांड खुद-ब-खुद उछलने लगी। चूत की मादक खुशबू कमरे में फैल गई।

आप यह Family Sex Stories - Incest Sex Story हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

मैंने उनकी लुंगी खींची। आठ इंच का काला, नसों वाला मोटा लंड मेरे सामने लहराने लगा। सुपारा चिकना लाल, उस पर चिपचिपा रस चमक रहा था। मैं डरते हुए बोली, “मौसा जी, ये तो मेरी चूत फाड़ देगा।” वो हँसे और मुझे बिस्तर पर धकेल दिया। नाइटी पूरी उतार दी। मैं उनके सामने पूरी नंगी थी। मेरी गुलाबी कुंवारी चूत गीली चमक रही थी। पहले मेरी जांघों को चूमा, जीभ से हल्के से चाटा, मेरी त्वचा पर गीले निशान छोड़े। मैं काँप रही थी—कब मेरी चूत तक पहुँचेंगे? आखिरकार उनकी जीभ मेरी फाँकों पर लगी। धीरे-धीरे चाटना शुरू किया, क्लिट पर गोल-गोल घुमाया। चट-चट की आवाज़ के साथ मेरा रस उनके मुँह में जा रहा था। आह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह चाटो मौसा जी, अपनी बेटी की चूत चूस डालो, कितनी स्वादिष्ट है ना? मैंने उनका सिर पकड़कर चूत पर दबाया। मेरी गांड बिस्तर से ऊपर उठ रही थी। उनकी थूक और मेरा रस मिलकर टपक रहा था।

इसे भी पढ़ें  नींद की गोली देकर मॉम को चोदा। Step Mother Xxx Kahani

फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गए। चौड़ी छाती से मेरे चूचे दब गए। मोटा सुपारा मेरी चूत पर रगड़ा। मैं तड़प उठी। “डाल दो मौसा जी… अपनी काजल की चूत में लंड डाल दो!” एक ज़ोरदार झटका—पूरा लंड अंदर तक घुस गया। मेरी सील फट गई, गर्म खून टपकने लगा। मैं चीख पड़ी, “आआअह्ह्ह्ह्ह मौसा जी, मर गई रे… तेरा मोटा लंड मेरी कुंवारी चूत को दो टुकड़ों में बाँट रहा है!” दर्द के साथ वो मीठा मज़ा भी था। मैं सिसकते हुए बोली, “आह्ह… मत रुकना, और ज़ोर से पेल, बना दो मुझे अपनी कुतिया!” मौसा जी ने मेरे दोनों चूचे कसकर पकड़े और ज़ोर-ज़ोर से ठोकना शुरू किया। फच-फच-फच की आवाज़ कमरे में गूँजने लगी। मेरे चूचे उछल रहे थे। आह्ह्ह्ह चोदो मौसा जी, और ज़ोर से, अपनी भानजी को रंडी बना दो!

फिर मुझे उल्टा किया। मेरी टाइट गांड ऊपर। दो-तीन ज़ोरदार थप्प्पड़ मारे, जैसे गाय को हाँकते हैं। मेरी गांड लाल हो गई। बोले, “तेरी गांड तो और टाइट है काजल, लंड निगल जाएगी!” मैं रोते हुए बोली, “गांड भी मार लो मौसा जी, दोनों छेद फाड़ दो।” लंड पर थूक लगाया और गांड के छोटे छेद पर रखा। धीरे दबाया—मैं चीखी, “आह्ह्ह्ह्ह फट गई रे… धीरे!” पर वो रुके नहीं। एक और झटका—पूरा लंड गांड में। मैं चीख रही थी, “ऊईईई माँ… गांड फट गई!” पर वो नहीं रुके। ज़ोर-ज़ोर से गांड मारने लगे। मैं रोते-चीखते मज़ा ले रही थी।

रात भर चुदाई चली। कभी बिस्तर पर, कभी घोड़ी बनाकर, कभी छत पर चाँदनी में—दूर मंदिर की घंटी बज रही थी और मैं चीख रही थी। मैंने उनका लंड मुँह में लिया। ग्ग्ग्ग्ग्ग गीगीगी गोंगोंगों, गला तक ले लिया। उनका गरम माल मेरे मुँह में, चूत में, गांड में, चूचियों पर—हर जगह छोड़ा। खेत में भी ले गए, फसल के बीच मुझे घोड़ी बनाया। दूर से किसान की आवाज़ आई तो हम चुप होकर लेट गए, मेरी धड़कनें तेज़ थीं—पता चल गया तो गाँव में बवाल हो जाएगा।

इसे भी पढ़ें  Bua Ne Papa Se Mujhe Bhi Chodne Ko Bola

सुबह हुई। मैं उनकी बाहों में नंगी पड़ी थी। चूत सूजी हुई, खून और वीर्य का मिश्रण अभी भी टपक रहा था। गांड जल रही थी। चूचों पर दाँतों के निशान। उठने की कोशिश की तो टाँगें काँप रही थीं, लंगड़ा रही थी। सोच रही थी नानी से कैसे छिपाऊँगी। मौसा जी ने माथे पर किस किया और बोले, “काजल, तेरी कुं कुंवारी चूत को जवान कर दिया। अब ये मेरे लंड की गुलाम है। हर रात तुझे पेलूँगा, पर संभल के रहना, गाँव में बातें फैलती हैं।”

आप यह Family Sex Stories - Incest Sex Story हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

उसके बाद जब भी मौका मिलता—खेत में काम के बहाने, नदी किनारे पानी भरते वक्त, या रात के अंधेरे में चुपके से—मौसा जी मुझे चोदते रहे। हर बार नया मज़ा, पर हर बार बाद में शर्म और डर भी आता। सोचती, अगर किसी को पता चल गया तो? पर उनका मोटा लंड याद आते ही चूत फिर गीली हो जाती। वो आग आज भी मेरे जिस्म में जलती है, कभी बुझने नहीं देती।

टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

Related Posts

Leave a Comment