मकान मालकिन ने पैसे देकर चुदवाया

Landlady sex story – Fat aunt fucked sex story: आज मैं आपको अपनी मकान मालकिन के साथ हुई उस खास मुलाकात के बारे में बताता हूं, वो काफी मोटी थीं लेकिन उनकी स्किन बहुत गोरी और मुलायम थी। मैं किराया देने उनके घर गया था। मैंने बेल बजाई तो आंटी ने दरवाजा खोला और बोलीं, कौशल आ जाओ, गेट खुला है। मैं अंदर गया और पूछा, आंटी आपको कैसे पता चला कि मैं आया हूं। वो हंसकर बोलीं, अरे पगले, मैंने तुम्हें कैमरे में देख लिया।
अंदर जाकर देखा तो आंटी सोफे पर बैठकर टीवी देख रही थीं और पिज्जा खा रही थीं। मैं उनसे काफी घुला-मिला रहता था, कभी कोई सामान चाहिए होता तो मैं ला देता, इसलिए वो मुझे बहुत मानती थीं। उनके कोई बच्चे नहीं थे और अंकल किसी बड़े विभाग में नौकरी करते थे।
मैंने इस महीने का किराया दिया तो आंटी बोलीं, कुछ खाएगा। मैंने पूछा, क्या बनाया है। वो बोलीं, कुछ नहीं बनाया, पिज्जा है, खा ले, अभी डिलीवरी वाला देके गया है। टेबल पर एक पिज्जा पड़ा था, एक वो खा रही थीं। मैं भी वहीं बैठकर पिज्जा खाने लगा।
कुछ देर बाद आंटी बोलीं, कौशल फ्रिज से कोक निकाल लो और मुझे भी दे दो। मैंने फ्रिज से निकाला, ग्लास में डालकर उन्हें दिया और खुद भी पिया। वो संडे का दिन था, अंकल किसी रिश्तेदार के यहां गए थे, मैं भी फ्री था, इसलिए थोड़ी देर उनके साथ बैठकर गप्पें मारने लगा।
कुछ देर बातचीत के बाद आंटी बोलीं, कौशल क्या बताऊं, कल से कंधे में बहुत दर्द हो रहा है, अगर तुम्हारे अंकल होते तो सरसों का तेल लगाकर मालिश कर देते, आराम हो जाता। मैंने तुरंत कहा, आंटी मैं कर देता हूं। वो खुश हो गईं, बोलीं, कर दे प्लीज, शाम को तुम्हें पार्टी दूंगी।
मैंने उनके कंधे हल्के-हल्के दबाने शुरू किए। आंटी बोलीं, बेटा ऐसे नहीं होगा, थोड़ा तेल ले लो, वो देखो वहां रखा है। मैं तेल ले आया और उनके कंधों पर लगाकर मालिश करने लगा, लेकिन सूट की वजह से पूरा कंधा ठीक से नहीं आ रहा था।
वो बोलीं, एक काम करते हैं, तुम पांच मिनट रुको। वो बेडरूम में चली गईं और फिर आवाज लगाई, कौशल यहां आ जाओ। मैं कमरे में गया तो हैरान रह गया। आंटी पेट के बल लेटी हुई थीं, सिर्फ सलवार पहने हुए, ऊपर से कुछ नहीं। उनकी दोनों बड़ी-बड़ी चुचियां अपना भार नहीं सह पा रही थीं और नीचे फैल रही थीं।
ये सब देखकर मैं कुछ सेकंड तक दंग रह गया। आंटी बोलीं, क्या सोच रहा है। मैं हड़बड़ाकर बोला, नहीं-नहीं कुछ नहीं। वो बोलीं, शर्म मत कर, मालिश कर दे। मैंने तेल लेकर उनकी गर्दन पर लगाया और मालिश शुरू की। तभी आंटी बोलीं, कौशल एक काम कर, मेन गेट लगा दे, खुला छोड़ आया है तुम।
मैं गेट लगाकर वापस आया और फिर गर्दन की मालिश करने लगा। आंटी ने वो किराए के पैसे मुझे वापस देते हुए बोले, ले कौशल, इस बार तुम ही रख लो, मैं अंकल को बोल दूंगी कि किराया आ गया है, तुम स्टूडेंट हो, खर्च करना। मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में बीए फर्स्ट ईयर में पढ़ रहा था, पापा दस हजार भेजते थे, पांच हजार किराए के, पांच हजार खर्चे के। मैं बहुत खुश हो गया।
फिर आंटी बोलीं, कौशल पीठ में भी लगा दे। मैंने उनकी पीठ पर तेल लगाना शुरू किया। करीब दस मिनट मालिश करने के बाद मेरा मन डोलने लगा। उनकी पीठ बहुत गोरी थी, गांड बहुत मोटी और भरी हुई। वो करीब पैंतालीस साल की थीं, बच्चे न होने की वजह से फिगर काफी अच्छा बना हुआ था, चुचियां टाइट और भारी। मेरा लंड खड़ा हो रहा था, क्योंकि मैंने आज तक किसी औरत को इस तरह छुआ नहीं था।
तभी आंटी सीधे हो गईं, दोनों चुचियां ऊपर की तरफ उछल गईं, बाप रे क्या बड़े-बड़े चूचे थे, नाभि इतनी गहरी कि लग रही थी जैसे खुद में एक छोटी चूत हो। वो बोलीं, शर्म मत करो। मैं मुस्कुराया और उनके पेट पर तेल लगाने लगा। थोड़ी देर बाद बोलीं, ऊपर भी कर दो।
मैंने उनकी चुचियों पर तेल लगाया और मालिश करने लगा, निप्पल्स को हल्के से दबाता, गोल-गोल रगड़ता। मेरा लंड अब पूरी तरह टाइट और लंबा हो गया था। आंटी को भी पता चल गया, क्योंकि एक बार उनके हाथ से टकरा गया। वो बोलीं, वाह, और मुस्कुराने लगीं।
थोड़ी देर बाद आंटी की हरकतों से पता चल रहा था कि वो पूरी तरह कामुक हो चुकी हैं, वो बार-बार आहें भर रही थीं, होंठों को दांतों से दबा रही थीं। मेरा बर्दाश्त बाहर हो रहा था। मैंने कहा, आंटी मैं जाऊं। वो बोलीं, क्यों, क्या जल्दी है। और फिर पर्स से पांच हजार और निकालकर मुझे दे दिए।
मैं समझ गया कि आज मामला कुछ और है। आंटी ने सलवार का नाड़ा खोला और सलवार नीचे कर दी, पैर फैला लिए, बोलीं, नीचे भी कर दो। मैंने उनकी जांघों पर तेल लगाया, अंदरूनी जांघों को सहलाया, फिर चूत पर तेल लगाकर रगड़ने लगा। वो और गर्म हो गईं, आहें भरने लगीं, आह्ह कौशल, ह्ह्ह अच्छा लग रहा है।
मैंने पैर के अंगूठे से शुरू करके ऊपर तक मालिश की, चूत के होंठों को उंगलियों से खोलकर अंदर रगड़ा। आंटी अब बेकाबू हो रही थीं, बोलीं, कौशल बस करो, अब कपड़े उतार लो। मैंने अपने कपड़े उतारे, मेरा लंड पूरी तरह खड़ा था। आंटी मुझे बाहों में भरकर किस करने लगीं, जीभ अंदर डालकर चूस रही थीं।
फिर अपना एक चूचा मेरे मुंह में ठूंस दिया। मैं चूचे से खेलने लगा, कभी चूसता, कभी निप्पल को दांतों से हल्का काटता, कभी नाभि में उंगली घुमाता, कभी चूत में दो उंगलियां डालकर जोर-जोर से अंदर-बाहर करता। आंटी की सांसें तेज हो गईं, वो चिल्लाने लगीं, आह्ह इह्ह ओह्ह कौशल, ह्ह्ह और जोर से, ऊउइइ आअह्ह्ह।
फिर आंटी ने मेरे लंड को हाथ में लिया, मुंह में लेकर चूसने लगीं, ग्ग्ग्ग ग्ग्ग्ग गी गी गों गों, गहरे तक ले रही थीं, आइसक्रीम की तरह चाट रही थीं। करीब पांच मिनट तक चूसने के बाद वो बोलीं, चोदो मुझे कौशल। मैंने अपना लंड उनकी बूर में डाल दिया, वो गर्म और रसीली थी। जोर-जोर से धक्के मारने लगा।
आंटी भी नीचे से कमर उछाल रही थीं, आह आह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह, और तेज कौशल, ओह्ह ओह्ह। मैंने उन्हें करीब पंद्रह मिनट तक जोरदार चोदा, कभी चुचियां दबाता, कभी किस करता। आखिर में दोनों झड़ गए और शांत हो गए। मैं उनके पास ही लेट गया, वो मुझे सहला रही थीं, बोलीं, कौशल आज से तुम्हें किसी चीज की कमी नहीं होने दूंगी, बस मुझे ऐसे ही खुश करते रहना। और सच में, अब मैं उनकी मालिश भी करता हूं, चुदाई भी, और पैसे भी मिलते हैं।

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