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चूत का प्यासा मैं। Bangali Bhabhi Sex Story

Bangali Bhabhi Sex Story में पढ़ें: मैंने दिल्ली में कमरा लिया तो सारी गर्लफ्रेंड छुट गईं और मेरी चूत गायब हो गई। लेकिन बंगाल से आई पड़ोसन भाभी से बहुत जल्दी दोस्ती हो गई।

मेरा नाम राहुल है।

मैं वर्तमान में दिल्ली में रहता हूँ। काम के कारण मुझे यहीं रहना पड़ा।

आपने मेरी पिछली कहानी मामी की बहन ने मुझे और मामी को सेक्स करते हुए देखा | Girl fuck story थी।

मैं २५ वर्ष का हो गया हूँ। मैंने कई गर्लफ्रेंडों को चोदा है, और मैंने उन सभी को बहुत चोदा है।

मेरी पूर्व प्रेमिका आज भी मुझसे संपर्क करती हैं और जब भी उनको चुदवाना होता है, वे मुझे फोन करके बुला लेती हैं।

मैं भी अपने लिंग को शांत करने जाता हूँ।

जॉब की वजह से मैं अब अधिक समय नहीं निकाल पाता। जिससे मैं बहुत दिनों से सेक्स नहीं कर रहा था और समझ नहीं आ रहा था कि मुठ मारकर काम चलाऊं।

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दोस्तो, मेरे काम के कारण मुझे अपने घर से दूर रहना पड़ रहा था और दिल्ली में ट्रैफिक के कारण मुझे आने-जाने में बहुत समय लगता था, इसलिए मैंने एक होटल में कमरा ले लिया।

मेरी जॉब वाली जगह पास में थी, इसलिए मैं काफी समय बचने लगा।

मैं अब तक शादी नहीं कर चुका हूँ।

मैंने किराए पर लिया कमरा उसी घर के एक हिस्से में रहता था।

उस परिवार में भाभी बहुत सुंदर लगती थीं। सुष्मिता उनका नाम था।

वे बंगाली थीं, जो आपको पता है कि बंगाली भाभी बहुत हॉट हैं।

इन बेंगाली भाभी की सेक्स कहानी है।

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उनके गोरे बदन, बड़े बड़े बूब्स, बाहर निकली हुई एकदम गोल गांड और उनके गहरे गले वाली ड्रेस से दिखाई देने वाली उनकी मम्मों की घाटी ने मुझे बेहोश कर दिया।

भाभी जी मुझे पहली बार पसंद आईं।

लेकिन ताकि उनके पति महोदय को मुझ पर कोई शक न हो, मैं उन्हें देखकर अनदेखा करता था।

मैं भी भाभी को पसंद आया था।

छिपकर वे मुझे देखते रहे।

हम दोनों के शौचालय एक ही था।

उससे पहले, भाभी जी मुझे हर दिन मिलने लगी थीं।

हमेशा बाथरूम के बाहर मिलते थे।

भाभी हर दिन मुझे देखकर मुस्कुराती थीं।

मैं भी उन्हें देखकर मुस्कराता था।

इसके बाद मैं न तो भाभी जी से कुछ कह सकता था और न ही कुछ कर पाता था।

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एक दिन मैं बाथरूम से बाहर निकलने लगा तो मुझे याद आया कि मैं अपने कपड़े नहीं लाया था।

फिर मैं तौलिया बांधकर बाहर आ गया क्योंकि मजबूरी थी।

मैं भी तौलिया में अंडरवियर नहीं पहना था।

साला लौड़ा भी बाथरूम में भाभी की मादक चूचियों को याद कर रहा था।

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उस समय मेरा पूरा साढ़े छह इंच का लंड पूरी औकात में अकड़ा हुआ था।

मैं बाहर निकलते ही भाभी जी दरवाजे के पास खड़ी थीं।

जैसे ही उन्होंने मुझे देखा, उनकी दृष्टि मेरे तौलिया में बने टेंट पर चली गई।

लौड़ा पूरी तरह से 90 डिग्री का कोण बनाए हुए तौलिया से नुमाया जा रहा था।

भाभी की आंखें लौड़े पर ही टिक गईं जब वे मेरे खड़े लंड को देखा।

मैं घबरा गया और अपने लौड़े को किसी तरह अपने हाथ से ढाँपते हुए अपने कमरे में चला गया।

उस समय मैं सिर्फ यह सोच रहा था कि भाभी मेरे बारे में क्या सोचती होगी।

उस दिन मैं उनसे मिलने से बचता रहा क्योंकि मैं इतना झिझक गया था।

अगले दिन, भाभी भी छत पर कपड़े सूखने डालने आईं।

उसने मुझे देखकर कहा, “क्या बात है भैया, आप आजकल बहुत शरीर बना रहे हैं..।” कोई GF है या नहीं..। इतना अच्छा शरीर बनाया है!

मैंने कहा, “भाभी, ऐसा कुछ नहीं है।” और मेरे पास कोई GFVF नहीं है। मेरे काम से ही मुझे फुर्सत नहीं मिलती।

भाभी ने कहा कि शरीर बनाने का क्या मतलब है जब काम से फुर्सत नहीं मिलती? वैसे, फुर्सत नहीं होने से जीएफ नहीं है या बनाना ही नहीं है?

मैंने कहा कि भाभी ने कहा कि समय नहीं है।

मैंने इस तरह भाभी की बात का साधारण उत्तर दिया और नीचे चला गया।

मैं आते ही भाभी की खिलखिलाहट सुनाई दी।

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दोस्तो, इतनी लड़कियों को चोदने का अनुभव होने के बाद भी मैं भाभी से न जाने क्यों शर्मा गया।

दो दिनों के बाद की बात है। उस दिन लगभग ग्यारह बज चुके थे।

उस समय मुझे बहुत बेचैनी हो रही थी, और मैं परेशान सा अपने बिस्तर पर करवटें बदल रहा था, चूत के बिरह में।

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वह अधलेटा हो गया और कुछ देर बाद अपने लंड में तेल डालकर लौड़े को मसाज करने लगा।

मैं अक्सर ऐसा करता हूँ। मालिश से मेरा लंड काफी मोटा और लंबा हुआ।

उस दिन मेरे कमरे की रोशनी सिर्फ ऑन थी।

दरवाजा बंद था, लेकिन मैंने पहले कभी नहीं देखा था कि मेरे दरवाजे में एक छेद था।

उस दिन भाभी शायद उठी थीं।

शायद वे किचन में किसी काम से जा रही थीं।

ठीक उसी समय, मेरे कमरे की जलती बिजली पर उनका ध्यान पड़ा और उन्होंने दरवाजे के उस छिद्र से मुझे देखना शुरू कर दिया।

लौड़ा एकदम अकड़ गया और छत की तरफ अपनी मुंडी उठाए हुए था, जब मैं अपने लंड में तेल लगा रहा था।

उस दिन मैंने सिर्फ इस तरह अपने दरवाजे खोला; उन्होंने अपनी कुण्डी नहीं खोली।

भाभी तुरंत कमरे में घुस गईं।

डर से मैं हाथ में लंड लेकर छिपाने लगा।

तब तक भाभी ने दरवाजे को अपनी गांड से धक्का देकर बंद कर दिया।

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तब उन्होंने एक हाथ पीछे करके दरवाजे पर हैंड ड्राफ्ट लगाया।

मैंने हकलाते हुए कहा, “भाभी जी, आप अब यहाँ हैं।”

ये सब छोड़ो, भाभी ने लौड़े को देखते हुए कहा। तुम जो छिपा रहे हो, पहले दिखाओ!

मैंने कहा कि भाई आ जाएंगे।

“तेरे भैया बिस्तर पर आते ही सो जाते हैं,” वे कहा। वह मुझे देखने के लिए जल्दी से हाथ हटाओ।

अब तक मैं बिंदास था।

मैंने कहा कि भाभी, तुम देखो मत, डर जाएगा।

उसने कहा: “ठीक है, दिखाओ..।” आज मुझे डर लगता है।

मैंने उनको अपना मोटा, 6.5 इंच लंबा लंड दिखाया।

लौड़े को देखकर वह खुश हो गई और आगे आकर मेरे लौड़े को अपने हाथ में ले लिया।

मैंने भाभी के गर्म हाथ को अपने लौड़े पर महसूस किया।

वासना में मैंने कहा, भाभी, क्या कर रहे हो?

साथ ही वे नशीली आवाज में कहा, “बस चुप रहो”। ज़्यादा ज़ोर से नहीं बोलना चाहिए।

मैं चुप रहा।

मैंने भी सोचा कि चलो आज बुर का स्वाद लेंगे।

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लंबे समय से किसी की बुर चुदाई नहीं की है। आज मैं भाभी को ऐसा चोदूंगा कि वह मुझे याद नहीं करेगी।

भाभी ने मेरा लंड चूसने लगा।

मैं भी उनके मुँह में अपना लंड आगे पीछे करने लगा।

भाभी, उहह, उहह, और दो!

मैं देने लगा।

कुछ मिनट बाद भाभी ने अपने मुँह से लंड निकालकर कहा, “ये लंड है ना!”

मैंने कहा, “हां, भाभी।”

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भाभी, मैं इतना चूस चुका हूँ, फिर भी तुम झड़े क्यों नहीं? तुम्हारे भाई को मुँह में लेते ही झड़ जाता है।

मैंने कहा, भाभी, यह अपने तरीके का है।

भाभी ने कहा, “हम्म, लंबी रेस के घोड़े लगते हैं..।” आप में बहुत शक्ति है!

मैंने कहा, “हां भाभी, आप अभी मेरी शक्ति को समझ सकते हैं!”

यह सुनकर भाभी खुश हो गई और कहा, “आज दिखाओ मुझे अपनी शक्ति।” मैं भी देखता हूँ कि आज कौन पहले झड़ता है।

मैं भी प्रसन्न था।

मैंने भाभी को अपने बेड पर खींच लिया।

नाइटी पहने हुए थे। मैंने उनके कपड़े उतारे।

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भाभी पूरी तरह से नंगी थीं।

मैं उनकी बुर चूसने लगा।

भाभी हँसने लगी—उहह… उहह..। बस करो..। मेरा पानी खत्म हो जाएगा।

लेकिन मैं पूरी तरह से खुश होकर रुकने वाला ही नहीं था।

दस मिनट तक मैंने भाभी के गोरे मम्मों को चाटा।

अब मैं उनके दूध को बार-बार चूसने लगा।

भाभी, मैं लगातार आह..। मुझे अपने दूध पिलाते हुए, आह, मेरी जान, मुझे चूसो..। अब मेरे भाई मुझे चोदते नहीं हैं। मुझे हाथ तक नहीं लगाते। आज दो साल के बाद मैं चुदूँगा।

भाभी के मम्मों को मैंने बहुत देर तक चूसा।

मैंने इससे पहले कभी किसी भाभी से चुदाई नहीं की थी।

आज पहली बार किसी भाभी को चोदने का मौका मिला।

अब तक लड़कियां ही चोदी थीं, इसलिए यह कुछ अलग तरह का आनंद था।

कुछ देर के बाद भाभी ने मेरा लंड फिर से चूसा।

अब भाभी ने कहा, “जल्दी से मुझे चोद दो।”

उन्हें पहले घोड़ी बनाकर लगभग बीस मिनट तक चोदा।

फिर भाभी को लंड पर बिठाकर चोदा।

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हम दोनों को इस तरह चुदाई करते हुए काफी देर हो गई।

मैं लगा हुआ था, हालांकि भाभी बहुत थक गई थीं।

मैं अभी भी बहुत छोटा था।

मैं एक बार झड़ गया और फिर कुछ देर बाद भाभी से चुदाई करने लगा।

भाभी ने कहा, “बस ऐसा करो..।” बाकी का चोदना बाद में; अगर नहीं तो मैं सुबह चल भी नहीं पाऊंगा। आप वास्तव में अच्छा सेक्स करते हैं। तुमसे चुदने में मज़ा आया। तुम्हारा लंड इतना मोटा हो गया है और इतना टाइट भी है!

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मैंने कहा, “भाभी जी, मैं इसका बहुत ख्याल रखता हूँ।”

तब भाभी अपने कमरे में चली गईं।

मैं नग्न होकर सो गया।

तब से भाभी मुझे हर समय मिलती थीं।

मैं उन्हें हचक कर चोदता।

मुझसे चुदवा कर भाभी खुश हैं।

मैं अपने लंड को बुर से मिलाकर भी खुश हूँ।

एक दिन जब वे चुदाई कर रहे थे, भाभी ने कहा, “मेरी एक सहेली है, मैंने उसको तुम्हारे बारे में बताया है।” वह एक बार चुदवाना भी चाहती है।

मैं सिर्फ भाभी को पेलता रहा, कुछ नहीं कहा।

भाभी ने कहा कि वह इतना पैसा भी देगी जितना आप कहेंगे। उसे खुश करो।

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भाभी, मैं सिर्फ तुम्हें चोदना चाहता हूँ। मैं सिर्फ आपकी लेना पसंद करता हूँ। मैं और किसी को चोद नहीं सकता।

मुझे प्यार करो मेरी जान कहकर भाभी ने मुझे चूमा।

फिर पूछा, क्या हम दोनों को एक साथ चोद सकते हैं?

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मैंने पूछा: “भाभी, आपकी क्या राय है?” क्या आपको मेरी शक्ति पर कोई संदेह है?

अरे नहीं यार, भाभी ने कहा..। आपके लंड में बहुत दम है। मैं सिर्फ जानना चाहता हूँ कि तुम दो को एक साथ कैसे पेलोगे।

मैं रिफ्रेश हो गया।

दूसरे दिन, मैंने काम से छुट्टी लेकर भाभी की सहेली को नंगी लिटाकर उनके साथ बिस्तर पर चोद दिया।

अब मेरे पास चूत ki kami नहीं थी।

मैंने भाभी की गांड और बुर को चौड़ा कर दिया है।

भाभी एक चुदक्कड़ रांड की तरह बदल गईं।

वह हर दूसरे दिन मेरी चूत चुदवाने के लिए मचलने लगी, जिससे मेरी भाभी रात को मेरे पास आने लगी।

मैं भी कम नहीं था; हर दिन मैं उनको चोदकर ठंडा करता था।

मेरे लौड़े की सवारी करने के लिए उनकी सहेली भी आती थी, और वह मेरे लिए बहुत महंगे तोहफे लाने लगी थी।

यह थी मेरी Bangali Bhabhi Sex Story। कृपया अपनी प्रतिक्रिया बताएं।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।