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मम्मी की सहेली ने बारिश में अंदर बुलाकर सब कुछ दिखाया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और मेरी उम्र 26 साल है। दोस्तों मैं आपके सामने एक सच्ची स्टोरी लाया हूँ। यह स्टोरी मेरी मम्मी की फ्रेंड सुनीता की है। मेरी मम्मी की फ्रेंड सुनीता की उम्र करीब 40 से ज्यादा ही होगी। लेकिन वो देखने से लगती नहीं थी और उनके पति ऑफिस के काम से अक्सर बाहर जाते थे और उनके दो बच्चे थे। एक लड़का जो होस्टल में पड़ता था और एक लड़की जिसकी कुछ टाइम पहले शादी हुई थी। वो मेरी मम्मी की कुछ टाइम पहले ही नई फ्रेंड बनी थी और फिर वो मेरे घर आने लगी। सुनीता आंटी हमेशा साड़ी ही पहनती है और मैं उनके बारे में कभी भी कुछ गलत नहीं सोचता था।

तो एक दिन आंटी मेरे घर पर आई और मेरी मम्मी से कहने लगी कि मेरे घर पर कोई नहीं होता है। मैं राहुल से कभी कुछ काम होगा तो उसे बता दूंगी। फिर मेरी मम्मी ने कहा कि ठीक है। आप कोई भी काम हो तो इसको बोल दिया करो। यह आपके सभी काम कर देगा।

फिर क्या था। सुनीता आंटी मुझे एक-एक दो दिन में कुछ ना कुछ बता देती और सामान मंगवाती रहती थी और मैं उनके घर में जाता रहता था। लेकिन मैं कभी भी उनके घर के अंदर नहीं जाता था और बाहर से ही उनको सामान देकर चला जाता था। एक दिन आंटी ने मुझे कॉल किया और कहा कि राहुल मेरे साथ तुम मार्केट चलो। मुझे कुछ सामान लेना है और उन दिनों बारिश हो रही थी और मैं आंटी के घर के बाहर आया और कॉल किया और कहा कि आंटी मैं आ गया हूँ। फिर आंटी ने क्या साड़ी पहनी थी। लाल कलर की सिल्क वाली साड़ी। लेकिन मैंने इतना ध्यान नहीं दिया क्योंकि मैं आंटी के बारे में कभी भी गलत नहीं सोचता था। फिर मैं आंटी को बाइक पर ले जाने लगा और आंटी को मार्केट ले आया।

तो आंटी ने कुछ घर का सामान लिया और फिर आंटी एक दुकान पर गई जहाँ पर पेंटी और ब्रा मिलती थी और मैं दुकान के बाहर ही रुक गया। तो आंटी बोली कि राहुल क्या हुआ। फिर मैं बोला कि आंटी आप ही जाइए। तो आंटी बोली कि चलो ना कोई दिक्कत नहीं है और फिर मैं भी आंटी के साथ अंदर चला गया। आंटी ने दुकानदार से कुछ पेंटी और ब्रा निकलवाई आंटी का साइज 42 था आंटी ने 3 पेंटी और एक ब्रा खरीद ली और आंटी को मैं वापस घर लाने लगा। तभी बारिश होने लगी आंटी और हम थोड़ा भीग गये और हम जैसे ही आंटी के घर पर पहुंचे तभी बारिश और तेज हो गई। तो आंटी बोली कि राहुल अंदर चलो। मैंने जल्दी से बाइक साइड में लगा दी और आंटी के घर के अंदर चल दिया। आंटी ने अपने घर का ताला खोल दिया और हम अंदर चले गये। मैं आंटी के घर के अंदर पहली बार गया था। फिर आंटी ने कहा कि राहुल यह लो टॉवल जल्दी से ड्रेस उतार लो नहीं तो ठंड लग जाएगी। तो मैंने कहा कि आंटी कोई बात नहीं मैं बारिश कम होते ही चला जाऊंगा।

फिर आंटी ने कहा कि अरे राहुल तुम्हारे कपड़े तो पूरे भीग गए हैं और तुम बीमार हो जाओगे। तो मैंने आंटी की बात मान ली और मैंने कपड़े उतार लिए और टॉवल को पहन लिया और आंटी भी अपने रूम में कपड़े चेंज करने चली गई। आंटी जब वापस आई तो क्या लग रही थी। उन्होंने गुलाबी कलर की नाईटी पहन रखी थी और वो मेरे सामने आकर बैठ गई। फिर आंटी बोली कि राहुल तुम बैठो मैं चाय बनाकर लाती हूँ। उस समय तक मेरे दिल में आंटी के लिए कुछ गलत नहीं आ रहा था। फिर थोड़ी देर बाद आंटी चाय लेकर आई और मेरे सामने आकर बैठ गई और हम दोनों चाय पीने लगे और आंटी इधर उधर की बातें करने लगी और कहा कि राहुल वैसे तुम क्या करते हो। और क्या करना चाहते हो। फिर आंटी कहने लगी कि राहुल मैं सभी ब्रा चेक कर लूँ कि साइज सही है या नहीं। अगर सही नहीं होगा तो तुम चेंज कर लाना।

फिर आंटी अंदर गई और थोड़ी देर बाद आंटी ने मुझे आवाज लगाई। राहुल जरा अंदर आना। मैं टॉवल में ही अंदर गया और अंदर जाते ही मेरी आंखें खुली की खुली रह गई। आंटी पेंटी और ब्रा में थी ब्रा पहनने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उनकी छाती में अंदर नहीं जा रही थी। तो आंटी बोली कि अंदर आ जाओ। मैं दरवाजा खोलकर अंदर गया और आंटी बोली कि राहुल जरा इसको पहनाना मुझे। मुझसे इसका हुक नहीं लग रहा। तो मैंने बोला कि आंटी क्या मैं। आंटी बोली कि हाँ तो क्या हुआ। तो मैं आंटी की ब्रा का हुक लगाने लगा और कांच में से चुपके चुपके उनके मोटे मोटे बूब्स देख रहा था। आंटी मुझसे पूछने लगी कि राहुल क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है। मैं उस टाइम चुप रहा। आंटी फिर बोली कि बताओ ना। मैं किसी को कुछ भी नहीं बताऊँगी। तो मैं बोला कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं। मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। तो आंटी बोली कि क्यों झूठ बोल रहा है। फिर मैंने बोला कि आंटी मुझे कोई मिली नहीं। तो आंटी बोली कि तुमको किस तरह की लड़की चाहिए। तो मैंने बोला कि जो मुझे बहुत प्यार करे। फिर आंटी बोली कि हाँ सही है और मैंने आंटी की ब्रा का हुक लगा दिया।

तभी आंटी मेरे सामने सीधी होकर खड़ी हो गई और उनके मोटे मोटे बूब्स देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया और टॉवल से साफ दिखने लगा। आंटी ने शायद देखा लिया। फिर आंटी बोली कि राहुल जरा वो वाली लाना जो बेड पर है। तो मैं उस दूसरी ब्रा को लेने लगा तब तक आंटी ने अपनी ब्रा उतार दी और मेरे सामने सिर्फ पेंटी में थी और मेरा दिमाग काम ही नहीं कर रहा था। फिर आंटी बोली कि जल्दी से लाओ ना। तो मैं ब्रा लेकर आंटी के पास गया और फिर आंटी बोली कि क्या हुआ राहुल। क्या कभी किसी औरत को ऐसे नहीं देखा। फिर मैंने कहा कि नहीं और आंटी मेरे लंड की तरफ देखने लगी और बोली कि यह क्या है। तो मैंने कहा कि आंटी कुछ नहीं। आंटी मेरे पास आई और मेरे लंड को छूने लगी और बोली कि तू यह सब कुछ कहाँ छुपाता है और मैं आंटी की बातें सुनकर पागल सा हो रहा था और आंटी ने मेरा टॉवल निकाल दिया। मैं अब सिर्फ अपने अंडरवियर में था।

आंटी बोली कि मैं इसको अभी शांत करती हूँ और आंटी मेरे लंड को अंडरवियर के अंदर से हिलाने लगी। लेकिन मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और मैंने आंटी को अपनी बाहों में भर लिया और उनको किस करने लगा। तो आंटी बोली कि राहुल बहुत समय से तेरे अंकल ने मुझे प्यार नहीं किया इसलिए मैंने यह सब किया। अगर मैं तुझसे बोलती तो तू मुझसे बात भी नहीं करता क्योंकि तुम को मुझमें क्या मिलेगा। फिर मैंने बोला कि आंटी ऐसी कोई बात नहीं है। मैं आपको आज से प्यार करूंगा। यह बात सुनकर आंटी मुझे किस करने लगी। फिर मैंने आंटी को गोद में लिया और बेड पर लेटा दिया। मैं आंटी की पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत मसलने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा और आंटी मस्त आवाज निकालती जा रही थी। मैंने आंटी की पेंटी उतार दी और मैंने देखा कि आंटी की चूत पर एक भी बाल नहीं है और पूरी लाल चूत थी। फिर आंटी बोली कि मैंने आज ही बाल साफ किये हैं। मुझे आज तुझसे जो मिलना था। तो मैंने कहा कि क्या बात है साली। वो हंसने लगी और मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी। मैं उसके बूब्स चूसते चूसते उसकी नाभि को किस करने लगा। फिर उसने कहा कि राहुल अपनी आंटी को मत तड़पाओ प्लीज अपना लंड डालो।

फिर मैंने कहा कि ठीक है और मैंने आंटी के पैरों को फैलाया और उनकी चूत में अपना लंड रखा और धीरे से अंदर डालना शुरू किया और एक धक्का दिया आंटी की चीख निकल गई और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा ली और आंटी की आवाज मुझे दीवाना करने लगी आआआअहहा हम्म माँ मरी। फिर मैं स्पीड से उनकी चूत के अंदर बाहर अपना लंड करता रहा और फिर थोड़ी देर बाद आंटी ने अपना पानी छोड़ दिया। लेकिन मेरी स्पीड वही रही। फिर करीब 15 मिनट बाद मेरा भी वीर्य निकलने वाला था तो मैंने पूछा कि आंटी कहाँ पर निकालूँ। फिर वो बोली कि बाहर निकाल दो और मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी के ऊपर ही वीर्य निकाल दिया। तो आंटी बोली कि अरे तूने अपनी आंटी को गंदा कर दिया। मैंने कहा कि आंटी लो इसे चूसो ना। आंटी बोली कि यह सब अच्छा नहीं होता। तो मैंने कहा कि आंटी प्लीज। लेकिन वो मना करने लगी और मैंने जबरदस्ती अपना लंड उसके मुंह के अंदर डाल दिया और उनको चूसने को कहा वो मना करने लगी। लेकिन मैंने कहा कि क्या आप मुझसे प्यार नहीं करती।

फिर आंटी ने कहा कि ऐसा नहीं है चलो मैं तुम्हारा लंड चूसती हूँ और वो मेरा लंड चूसने लगी और मेरे लंड को उसने पूरी साफ कर दिया और कहने लगी कि तुम सबको इसमें क्या मजा आता है। तो मैंने कहा कि आंटी थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर से तैयार होने वाला है और आंटी अपने आपको साफ करने बाथरूम में गई और फिर आंटी साफ होकर बाहर आई। लेकिन मेरा मन और ही था। तो आंटी को मैंने अपने हाथों से फिर गोद में उठाकर बेड पर लेटा दिया। फिर आंटी बोली कि अब क्या करना है। मैंने कहा कि आंटी अभी और भी चोदना है। आंटी बोली। क्यों नहीं। मैं आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स को चूसने लगा। मैंने आंटी की चूत में फिर से अपने लंड को रखा और फिर से एक धक्का मारा और अपना लंड पूरा अंदर डाल दिया और अंदर बाहर करने लगा और आंटी अपनी कमर ऊपर नीचे करने लगी और मैं चुदाई करता रहा। फिर आंटी को मैंने अपने ऊपर बैठाया और वो मेरे ऊपर लंड को पकड़कर ऊपर नीचे होने लगी और मैं करीब 15 मिनट तक लगातार चुदाई करता रहा।

फिर मैंने आंटी को एक टेबल के ऊपर बैठाया और उनकी चूत में अपना लंड डालकर एक जोर का धक्का मारा और मैंने उनके साथ 5-6 पोजीशन में चुदाई की। फिर मैं उनको बेड पर लेटाकर चुदाई करने लगा और 30 मिनट के बाद मेरा वीर्य निकलने को तैयार था और मैंने आंटी के अंदर ही छोड़ दिया। आंटी बोली कि राहुल यह क्या किया। तो मैंने कहा कि आंटी इसका असली मजा अंदर ही है और वो बोली कि तू बड़ा बदमाश है। चल हट मेरे ऊपर से। फिर मैं आंटी के ऊपर ही हट गया और बोला कि आंटी रुको ना जरा आपको किस करने दो और मैं आंटी के बूब्स चूसता रहा और आंटी के साथ थोड़ी देर लेटा रहा। शाम के 5 बज गये थे। लेकिन मेरा मन घर जाने को नहीं कर रहा था। फिर आंटी बोली कि क्यों आज घर नहीं जाना। तो मैंने कहा कि आंटी आपको छोड़कर जाने का मन नहीं कर रहा था। फिर आंटी बोली कि तो क्या हुआ। यहीं पर रुक जा अपनी आंटी के पास और पूरी रात प्यार कर। तभी मैं बहुत खुश हुआ और सोचने लगा कि आज सही टाइम है और फिर मैंने घर पर कॉल करके बोल दिया कि आज मैं अपने एक दोस्त के यहाँ पर रुक गया हूँ कुछ जरूरी काम है।

फिर मैं आंटी को बाहों में लेकर किस करने लगा। तो आंटी बोली कि रुक जा थोड़ा आज पूरी रात ही तेरी है तू पूरी रात मुझे प्यार करना। मैंने खुशी से आंटी को किस किया और बाहों में जकड़ लिया और किस करता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी। थोड़ी देर तक हम एक दूसरे को किस करते रहे। फिर उसने कहा कि अभी थोड़ा आराम कर लो हम बाद में प्यार करेंगे। फिर वो अपनी मैक्सी पहन कर किचन में गई और थोड़ा खाने के लिए स्नैक्स लाई और बोली कि चलो खाते हैं। मैंने कहा कि आंटी आप मेरी गोद में बैठ जाइए और आप मुझे अपने हाथों से खिलाओ। तो आंटी बोली कि यह ठीक बात है चलो तुम टॉवल पहन लो और मैं बोला कि नहीं आंटी। मैं ऐसे ही आपको गोद में बैठाऊंगा और आंटी मेरी गोद में आकर बैठ गई और मुझे अपने हाथों से स्नैक्स खिलाने लगी और हम आपस में बातें करने लगे। मैंने आंटी से पूछा कि आंटी आपने कितने टाइम से सेक्स नहीं किया था। तो आंटी बोली कि मुझे दो साल से ज्यादा हो गया है। मैंने सेक्स नहीं किया।

फिर मैंने बोला कि आंटी आप कैसे अपने आप को संभाल रही थी। वो बोली कि मैं अपनी उंगली से ही दिल खुश कर रही थी। तो मैंने बोला कि आंटी आपके साथ सेक्स करके मजा आ रहा है लगता ही नहीं है कि आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा है। तो आंटी बोली कि मैं आज तुम को और मजा दूंगी। मैं बहुत खुश हुआ और आंटी को किस करने लगा और उनके बूब्स दबाने लगा और मैंने कहा कि आंटी मुझे आपकी गांड का मजा चाहिए। तो आंटी ने कहा कि नहीं बहुत दर्द होगा। मैंने कहा कि आंटी लेने दो ना। फिर आंटी ने कहा कि चलो ले लो और आंटी फ्रिज से मक्खन लेकर आई और मेरे लंड पर लगाने लगी और थोड़ा अपनी गांड में भी लगा लिया। फिर मैंने बेड पर ले जाकर आंटी को घोड़ी बना लिया और उनकी गांड में अपना लंड डालने लगा। मक्खन लगा होने की वजह से लंड उनकी गांड में आराम से जाने लगा और आंटी की आवाज आने लगी आआहह उफ्फ्फ ईईईईइ माँ और आंटी को बहुत दर्द होने लगा। आंटी बोली कि राहुल निकाल लंड। फिर मैंने कहा कि आंटी रुको अभी दर्द कम हो जाएगा और मैंने चुदाई शुरू कर दी। मेरा लंड आंटी की गांड में पूरा चला गया और आंटी तड़पती रही। लेकिन मैंने कुछ नहीं सुना और अपना लंड आंटी की गांड के अंदर बाहर करता हुआ जोर जोर से धक्के मारता रहा।

फिर धीरे धीरे आंटी की आवाज भी कम होती रही और उनको भी मजा आने लगा। मैंने आंटी की गांड 15 मिनट तक मारी। मेरा लंड पूरा जोश में था और फिर मैंने आंटी को सीधा किया और अपना लंड उनकी चूत पर रखा और जोर के धक्के मारने शुरू किए और मैं आंटी को किस भी करने लगा और धक्के मारता रहा और मेरा अब निकलने वाला था। तो मैंने अपनी स्पीड को और तेज किया और मैंने आंटी की चूत में ही पूरा वीर्य निकाल दिया और अब मेरा लंड शांत हो गया और मैंने जब टाइम देखा तो 10 बज गये थे। फिर मैंने कहा कि आंटी अब मैं चलता हूँ बाकी काम कल नाईट करना है आंटी बोली कि आज की नाईट ही करो ना। तो मैंने कहा कि आंटी आज नहीं। कल ही करेंगे और फिर कल के लिए भी तो तैयार होना है मैं आज आराम कर लूँ। आंटी बोली कि ठीक है और फिर मैं वहां से चला आया।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।