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भाई के लंड से उतरा चुदाई का बुखार

Chudai ka bukhar sex story: मेरा नाम निधि मेहरा है। मैं एक सुशिक्षित और प्रतिष्ठित बहुत ही अमीर परिवार से हूं। उम्र 22 साल। मेरा रंग दूध की तरह साफ और गोरा है। फिगर 34C-29-34। लोकेशन मैं नहीं बताऊंगी। मैं अच्छी पढ़ी लिखी लड़की हूं। मुझे अंग्रेजी बहुत अच्छे से आती है।

मैं आपके साथ अपनी एक सच्ची कहानी शेयर कर रही हूं जो मेरे चुदाई के बुखार की है। मेरी परिवार बहुत रिच और रेपुटेड है। मेरी फैमिली में मेरी मॉम, मेरे डैड और मेरे बड़े भैया हैं। मैं घर में सबसे छोटी हूं। हमारे घर में नौकर चाकर गाड़ियां और सभी सुविधाएं हैं। किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है।

सबसे छोटी होने के कारण मैं घर में सबकी लाडली हूं। कोई मुझे कोई तकलीफ नहीं होने देता। मेरे आगे पीछे नौकरों की लाइन लगी रहती है। मेरी मॉम डैड अक्सर बिजनेस के सिलसिले में ज्यादातर घर से बाहर ही रहते हैं। कभी बिजनेस पार्टी में तो कभी कहीं। कभी लंदन जा रहे हैं तो कभी कहीं। मैं मॉम डैड के साथ कम और भैया के साथ ज्यादा रही हूं।

जब मैं 11 साल की थी तब मुझे पहली बार पीरियड्स शुरू हुए। उस वक्त मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता था। मॉम डैड आउट ऑफ स्टेशन थे। जब मुझे ब्लीडिंग शुरू हुई उस वक्त मैं व्हाइट स्कर्ट और टॉप पहने थी। जब मैंने स्कर्ट पर ब्लड देखा और वो भी ज्यादा तो मैं रोने लगी। तब भैया ही मुझे अस्पताल ले गए। वहां लेडी डॉक्टर ने बताया कि ये नॉर्मल है और अब हर महीने मुझे ऐसे ही होगा।

मेरी और भैया की उम्र में करीब 9 साल का अंतर है। मैं और दीपक मेरे भैया घर में अक्सर अकेले रहते हैं। सभी नौकर घर के बाहर सर्वेंट हाउस में रहते हैं जिसमें दो ड्राइवर एक मॉम डैड की गाड़ी के लिए और एक मेरे लिए। एक खाना बनाने के लिए सविता जिन्हें हम काकी बोलते हैं और उनकी बेटी और दामाद रहते हैं।

मेरे बचपन में मुझे मेरे भैया बहुत खिलाया है। वो मुझे हमेशा गुड़िया या करुन बेबी बुलाते थे। अब मैं तुम्हें बताने जा रही हूं कि कैसे दीपक भैया करुन बेबी गुड़िया उनकी वाइफ बन गई।

बात उस समय की है जब मैं बीएससी सेकंड ईयर में पढ़ती थी। घर में मॉम डैड भी थे। घर में हम सबके रूम अलग अलग हैं। एक रात को मैं पानी पीने के लिए किचन में जा रही थी तो मुझे मॉम डैड के रूम में कुछ आवाजें सुनाई दीं। मैं पानी पीकर किचन से निकली तो फिर मुझे वो आवाज सुनाई दी। आवाजें सुनकर उनके रूम की तरफ बढ़ी तो मॉम की आवाजें और तेज हो गईं। मेरे मन में ये जानने की जिज्ञासा बढ़ती गई कि मॉम इस तरह से क्यों कर रही है।

मैं मॉम डैड के रूम के दरवाजे पर खड़ी थी और मॉम की सेक्सी सिसकारियां सुन रही थी। जब मैंने की होल से रूम में झांका तो देखकर मेरा गला सूख गया और आंखें फटी की फटी रह गईं। लाइट जली हुई थी। मेरे मॉम डैड बिल्कुल नंगे थे। मॉम बेड पर लेटी हुई थी और डैड मेरी मॉम के पैर फैलाकर उनकी चूत को जोर जोर से अपनी जीभ से चाट रहे थे। मेरी मम्मी मजे से अपने कुल्हे और चूत उछालकर जोर जोर से सिसकारियां ले रही थी।

मैं तुरंत वहां से खड़ी हो गई। मुझे फिर से प्यास लग आई तो मैं फिर किचन में गई और आधी बोतल पानी पी गई। और अपने कमरे में जाने लगी। फिर अचानक मेरे दिमाग में ख्याल आया कि मैं देखूंगी कि मॉम डैड कर क्या रहे हैं और वापस उनके रूम के गेट पर गई और की होल से देखने लगी। डैड मम्मी को बुरी तरह से मसल और भिंच रहे थे दबा रहे थे। मम्मी पागलों की तरह मचल रही थी।

थोड़ी देर में डैडी मम्मी के ऊपर से हटे और बेड पर लेट गए। फिर मम्मी उठी और डैडी का लंड हाथ में पकड़कर हिलाने लगी। मैंने देखा कि लंड हिलाते हिलाते बढ़ने लगा तनकर के लगभग 11 इंच का हो गया। मम्मी ने लंड को किस किया और मुंह में लेकर चूसने लगी जैसे कोई लॉलीपॉप चूस रही हो। ये सब बड़ी उत्सुकता से एक नजर देखे जा रही थी।

फिर डैडी ने मम्मी को बेड पर नीचे लिटाया और मम्मी के पैरों को चौड़ा कर अपने 11 इंच लंबे और मोटे लंड को मम्मी की चूत के मुंह पर रखा और जोर से धक्का मारा। एक बार तो मम्मी के मुंह से जोर की चीख निकली हाईईईईईईई मम्म्म्म्मा मार गईईईईई और मम्मी की सांस अटक गई। मैं मॉम की चीख सुनकर एक बार तो डर गई कि ये क्या हुआ।

फिर डैडी थोड़ा रुके और मम्मी को किस करने लगे और उनकी चुचियां दबाने लगे। मम्मी का दर्द कुछ कम हुआ तो वो बोली करो ना रुक क्यों गए मुझे और मत तड़पाओ। तब डैडी ने एक और जोरदार धक्का मारा और अपना पूरा का पूरा लंड मम्मी की चूत में डाल दिया। उईईईई मम्म्म्म्मा आह्ह्ह्ह रुको। मम्मी फिर चीखी।

डैडी रुके और मम्मी को सहलाने लगे किस करने लगे। मम्मी की एक चुची को मुंह में लेकर चूसने लगे जैसे मम्मी का दूध पी रहे हों और दूसरी चुची को हाथ से दबाने लगे। पांच मिनट बाद जब मम्मी का दर्द कुछ कम हुआ तब पापा ने मम्मी की चुदाई शुरू की। वो लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगे। इसमें शायद मम्मी को बहुत मजा आ रहा था और वो बहुत ही कामुक आवाजें अपने मुंह से निकाल रही थी।

ये सब देखकर मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरा हाथ मेरी पैंटी के अंदर चला गया और मेरी उंगलियां मेरी छोटी सी कुंवारी चूत के साथ खेलने लगी। पापा मम्मी को जोर से चोद रहे थे। मम्मी अपने मुंह से तरह तरह की कामुक आवाजें निकाल रही थी और मैं बाहर खड़ी अपनी चूत को हाथ से रगड़ रही थी।

मुझसे वहां पर ज्यादा देर न रुका गया और मैं अपने बेडरूम में आकर अपने बेड पर लेट गई। मैंने अपनी स्कर्ट पैंटी निकाल अपनी छोटी रगड़ रही थी। थोड़ी देर में ही मुझे ऐसा लगा कि जैसे मेरी चूत ने बहुत सारा पानी छोड़ दिया और मेरा सारा शरीर अकड़ गया। उस वक्त मुझे इतना मीठा मजा आया जो कभी नहीं आया था। मेरा सारा बदन पसीने में भीग गया था। थोड़ी देर बाद मुझे कब नींद आ गई मुझे पता नहीं चला।

सुबह मुझे उठने में देर हो गई तो दीपक भैया सीधे मेरे कमरे में आए और बोलने लगे गुड़िया चल जल्दी उठ जा और मेरे ऊपर से चादर खींच दी। रात मास्टरबेट करने के बाद मैं ऐसे ही सो गई थी। मैंने ना तो पैंटी पहनी और ना ही स्कर्ट। मैं नीचे से बिल्कुल नंगी भैया के सामने पड़ी थी। दीपक भैया बस देखते ही रह गए। मेरी छोटी सी कुंवारी गुलाबी चूत और उस पर छोटे छोटे गोल्डन प्यूबिक हेयर्स।

तब ही मेरी नींद खुल गई और मैंने चादर वापस खींचकर अपने ऊपर ली। भैया मेरे रूम से निकल गए। मैंने जल्दी से उठकर अपनी पैंटी और स्कर्ट पहनी और शर्माते हुए नजरें नीचे करके बाथरूम में फ्रेश होने के लिए गई। जब मैं फ्रेश होकर ब्रेकफास्ट टेबल पर पहुंची तो वहां पर मम्मी डैडी और दीपक भैया पहले ही बैठे थे और ब्रेकफास्ट कर रहे थे। मुझे देख भैया बोले गुड़िया क्या हुआ आज इतनी देर से तेरी तबीयत तो ठीक है।

कुछ नहीं भैया बस थोड़ा सर दुख रहा है और थोड़ा सा फीवर है। इधर आओ मेरे गाल पर हाथ लगाते हुए मॉम गुड़िया को तो तेज बुखार है और ये थोड़ा सा बोल रही है। मम्मी बोली गुड़िया बेटा कितनी बार कहा है अपना ख्याल रखा करो पर बेटा आप तो मानती ही नहीं हो। दीपक बेटा आप डॉक्टर को बुलाओ और अपनी बहन को दवाइयां दिलवाओ। डैडी और मैं तो आज बाहर जा रहे हैं और बेटा हमारा जान जरूरी भी है। एक हफ्ते में हम वापस आ जाएंगे।

मॉम डैडी नाश्ता खत्म कर चुके थे और उठते हुए बोले करुन बेबी गुड़िया टेक केयर बाय। तब ही डैडी ने ड्राइवर को गाड़ी निकालने के लिए बोला। फिर कुछ ही देर में मम्मी डैडी एयरपोर्ट चले गए और दीपक भैया और मैं टेबल पर बैठे नाश्ता करने लगे। मैं भैया से आंख नहीं मिला पा रही थी और जल्दी नाश्ता करके अपने रूम में चली गई।

थोड़ी देर बाद भैया मेरे रूम में आकर बोले गुड़िया तैयार हो जाओ तुम्हें डॉक्टर के पास चलना है। पर मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया। मेरे दिमाग में तो बस रात वाले सीन चल रहे थे। तब ही दीपक भैया ने मुझे हिलाया तो उठी। गुड़िया तुम्हें क्या हुआ। कुछ नहीं भैया।

दीपक भैया उस समय बहुत बड़ी कंपनी में सीईओ की पोस्ट पर थे पर उन्होंने शादी नहीं की थी और ना ही उनकी कोई गर्लफ्रेंड थी। एक थी पर वो भैया से रुपये पैसे के लिए जुड़ी थी उसका संबंध किसी और के साथ भी था और ये बात भैया जान चुके थे इसलिए दीपक भैया ने उसको छोड़ दिया था और इसलिए उन्होंने शादी नहीं की थी और फिर कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाई। दीपक भैया 6.3 फीट लंबे स्ट्रॉन्ग मैन हैं।

मेरे दिमाग उनको लेकर ही ख्याल आने लगे कि भैया मेरे साथ सेक्स कर रहे हैं। मैंने भैया से हिम्मत करके पूछ लिया कि उन्होंने सुबह वाली बात मॉम डैड को तो नहीं बताई तो वो बोले पागल है क्या ये बात बताने की होती है। फिर मैं समझ गई कि हां भैया के मन में भी कुछ है। फिर बोले पर गुड़िया तू मुझे ये बता कि रात तू ऐसे क्यों सोई थी और तू तो कभी भी ऐसे नहीं सोती मैं तुझे रोज जगाता हूं।

मैंने उन्हें सब सच बता दिया। वो भैया मैं रात को मेरी नींद खुल गई थी तो मैं पानी पीने के लिए किचन में जा रही थी तो तभी मैंने मॉम डैड के कमरे से कुछ आवाज सुन ली तो मैंने उनके कमरे में झांका तब मैंने जो देखा। तब ही भैया बोले गुड़िया मैं समझ गया कि ये बुखार कैसे उतरेगा।

बैड मैनर्स ऐसे किसी के कमरे में नहीं झांकते। सॉरी भैया। ओके। फिर मैं बोली भैया मैं नहाने जा रही हूं फिर डॉक्टर के पास चलेंगे। मैंने जो कुछ देखा ये जानने के बाद भैया के भी अरमान जाग उठे।

मैं अपने रूम के जाकर बाथरूम में नहाने चली गई। वो भी थोड़ी देर में मेरे रूम में आ गए। मेरे बाथरूम से पानी गिरने की आवाजें सुनकर दरवाजे के की होल से अंदर देखने लगे। मुझे नंगा देखकर वो भी मेरे बारे में सोचने लगे। मेरा गोरा रंग गोल गहरी नाभि और सेब के बराबर मेरी चुचियां। बस ये सब देखकर उनका मन मचल उठा और उनका लंड खड़ा होने लगा।

मैंने जब शावर बंद किया तो वो समझ गए कि मैं अब बाहर आऊंगी और वो वहां से हट गए और बाहर चले गए। मैंने बाहर आकर अपनी ड्रेस निकाली जींस और टॉप और पहन ली। तैयार होकर बाहर आ गई। मेरा टॉप थोड़ा शॉर्ट था इसलिए इधर उधर होते हुए मेरी गोल गहरी नाभि दिख जाती। भैया से बोली चलें भैया।

दीपक भैया की नजर बार बार मेरे पेट पर आकर रुक जाती और मेरी नाभि के दर्शन करना चाहती। मैं ये बात समझ गई थी। भैया गाड़ी आप चलाओगे या ड्राइवर से गाड़ी निकालने को बोलूं। नहीं गुड़िया गाड़ी मैं चलाऊंगा।

भैया और घर से बाहर निकले। भैया गाड़ी लेकर आ गए। हम दोनों फ्रंट सीट पर बैठ गए और डॉक्टर के पास चल पड़े। गाड़ी में भी दीपक भैया की नजर बार बार मेरे पेट पर आती। मैंने उनकी तड़प को समझते हुए अपनी सीट को लंबा करके बेड बना दिया हाथ ऊपर कर लिए और आंखें बंद करके लेट गई। हाथ ऊपर करने के कारण मेरा टॉप काफी ऊपर चला गया और आधे से ज्यादा मेरा पेट नंगा हो गया। अब मेरी नाभि खुलकर दीपक भैया के सामने आ गई। मेरे भैया के तो जैसे होश ही उड़ गए और उन पर कयामत टूट पड़ी। पूरे रास्ते उनकी नजर मेरे पेट और मेरी नाभि से नहीं हटी और मैं भी यही तो चाहती थी।

हॉस्पिटल आया मुझे दवाई दिलवाई और फिर गाड़ी में। मैं गाड़ी वैसे ही लेट गई और भैया के ऊपर कयामत गिराती हुई वापस घर आ गई। घर आते हम 12 बज गए थे और लंच करते करते हमको 1 बज गया। फिर भैया ने मुझे दवा खाने के लिए बोला। दवा लेने के बाद मुझे नींद आने लगी और मैं सो गई।

सभी नौकर काम करके अपने क्वार्टर में जा चुके थे। अब दीपक भैया और मैं घर में अकेले ही थे। मैं अपने रूम में सो रही थी और भैया अपने रूम में मुझे पाने के लिए तड़प रहे थे। जब उनका खुद पर कंट्रोल नहीं रहा तो वे बीयर की बोतल पीकर मेरे रूम में आ गए। उन्हें बीयर का नशा हो चुका था।

मैं बेड पर सो रही थी। मेरा पूरा टॉप ऊपर था और मेरी जींस मेरे प्यूबिक एरिया से नीचे आ गई थी। भैया कुछ तो नशे में थे और मुझे इस हालत में देखकर उनका नशा दुगना हो गया था और वो मुझे चोदने का पूरा मन बना चुके थे। वो बेड पर मेरे पास बैठ गए और धीरे से मेरे पेट पर हाथ फेरने लगे और मेरी नाभि छेड़ने लगे। किसी मर्द ने मुझे पहली बार इस तरह से छेड़ा था। थोड़ी देर बाद ही मेरी आंख खुल गई पर भैया को देखकर मैं सोने का नाटक करने लगी और आंखें बंद रखी।

दीपक भैया मुझे छेड़े जा रहे थे। उनके हाथ धीरे धीरे मेरी चुचियों पर गए। उनका ऐसे प्यार से मेरा बदन सहलाना और उनकी इस छुअन से उठी सिहरन मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही थी पर फिर भी मैं खुद को रोके पड़ी रही। धीरे धीरे वो मेरी चूत वाली जगह पर पहुंचे फिर वापस मेरी चुची पर उनके हाथ आ गए।

नशे में उन्होंने मेरी एक चुची के निप्पल को जोर से भिंच दिया और मुझसे सहन नहीं हुआ और चीखकर बैठ गई। दीपक भैया हड़बड़ा गए और खड़े हो गए। मैं उनकी तरफ देखा तो वो उठकर जाने लगे पर मैं ऐसा नहीं चाहती थी। मैंने तुरंत भैया को आवाज लगाई भैया। जब वो पलटे तो फौरन उनकी चौड़ी छाती में अपना सर छुपाकर उनसे चिपक गई।

मुझे प्यार नहीं करोगे भैया। मैं कल रात से तड़प रही हूं। दीपक भैया ने अपने सीने से लगा लिया और मेरे बालों में हाथ फेरने लगे। क्या गुड़िया तुम सच में चाहती हो कि मैं तुम्हें इस तरह से प्यार करूं। हां भैया।

भैया मुझसे हाइट में काफी बड़े हैं और बहुत स्ट्रॉन्ग बॉडी वाले और हैंडसम स्पोर्ट्समैन हैं। मैं तो उनके सामने बिल्कुल बच्ची लगती थी और थी भी बच्ची ही। भैया बोले गुड़िया एक बार सोच लो। मैं बेड पर खड़ी भैया के सीने से लगी उनकी पीठ पर हाथ फेर रही थी। सोच लिया भैया।

भैया बोले तो ठीक है मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं आज से तू ही मेरी गर्लफ्रेंड। मैं खुशी से बोली वाओ। वो बोले तेरा कॉलेज में कोई बॉयफ्रेंड है। मैंने बोला नहीं। तो भैया बोले अब मत बनाना। अब मैं तेरा बॉयफ्रेंड हूं और मैं भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाऊंगा। मैंने हां कर दी।

भैया ने मुझे अलग होने के लिए बोला और बाहर गए। एक और बीयर की बोतल लेकर अंदर आए। मैं बोली भैया आपने तो पहले ही पी रखी है आपके मुंह से स्मेल आ रही है। भैया थोड़ी थोड़ी पीएंगे। क्या मैं भी। हां गुड़िया तू भी फिर बहुत मजा आएगा।

भैया ने दो गिलास में बीयर डाली और एक गिलास मुझे दे दिया और बोले गुड़िया कुछ नहीं होगा और गिलास टकराकर बोले चीयर्स। मैं गिलास से एक सिप ली तो उल्टी आने को हुई। मैंने कहा भैया कड़वी है। भैया बोले आंख बंद करके और सांस रोककर एक घूंट में पी जाओ और फिर देखना मजे बीयर के और हमारे प्यार के।

मैंने सांस रोकी और एक घूंट में ही गिलास खाली कर दिया। तभी भैया ने मेरा एक हाथ पकड़कर खींचा और मुझे अपनी गोद में गिरा बिठा लिया। मैं आंखें झुकाकर शर्माते हुए भैया की गोद में बैठ गई। भैया ने बीयर का गिलास एक तरफ रख दिया और मुझे माथे पर किस किया। उनके हाथ मेरे बदन पर इधर उधर घूम रहे थे। भैया का मेरा बदन सहलाने के कारण मेरे पूरे बदन में एक मीठी सी सिहरन हो रही थी।

पहली बार किसी मर्द से प्यार से पैदा हुई शर्म और कुछ बीयर के नशे के कारण मेरी आंखें बंद थीं। भैया मुझे किस पे किस किए जा रहे थे। भैया के होंठ मेरे होंठों पर थे। मेरे लिप्स और भैया के लिप्स आपस में बुरी तरह लॉक हो चुके थे। मुझे सांस लेने में परेशानी हुई तब भैया ने मेरे लिप्स को छोड़ा। मेरे गालों पर किस करते करते अचानक अपने दांत गड़ा दिए। मेरे मुंह से एक जोर की आवाज निकली ओउच्ह्ह्ह्ह्ह।

दर्द होता है भैया। गुड़िया तुम बहुत सेक्सी हो कसम से। सुबह जब मैंने तुम्हें नहाते हुए देखा तो मेरी जान ही निकल गई। कसम से। क्या भैया आपने मुझे नहाते हुए देखा। मेरे पेट पर हाथ फिराकर मेरी नाभि में अपनी उंगली डालकर भैया बोले हां गुड़िया और तब ही से मैं तो तुम्हारी नाभि का दीवाना हो गया हूं।

भैया के हाथ मेरे पेट पर पीठ पर बल्कि मेरे सारे बदन पर घूम रहे थे और धीरे धीरे मैं मेरे होश खो रही थी। फिर भैया ने मेरा टॉप ऊपर खींचते हुए मेरे बदन से अलग कर दिया। मैंने अभी ब्रा पहनना शुरू नहीं किया तो मेरा ऊपर वाला हिस्सा नंगा हो गया और भैया ने अपनी शर्ट और बनियान भी निकाल दी और अपने सीने से लगा लिया।

जब मेरी नंगी छाती और मेरी सेब जितनी बड़ी चुची और निप्पल उनके नंगे बदन से चिपके तो मेरे पूरे बदन में करंट सा लगा। गुड़िया तेरे अंदर बहुत गर्मी है। तेरा पूरा बदन तो जल रहा है। मैं बोली भैया फीवर है। नहीं गुड़िया ये प्यार की गर्मी है। देख थोड़ी ही देर में तेरी गर्मी निकाल दूंगा। देख लेना शाम तक तुझे बुखार रह भी जाए तो।

बातें करते करते वो मुझे छेड़े जा रहे थे। भैया ने मुझे गोद में उठाया और बेड पर लिटा दिया और मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगे। मेरे माथे पर गाल पर मेरी गर्दन पर मेरी छाती पे। फिर मेरी एक चुची को मुंह में लेकर चूसने लगे। मेरे पूरे बदन में सिहरन दौड़ पड़ी। ओह्ह्ह भैया गुदगुदी हो रही है। ओह्ह्ह्ह।

मैं बोलती रही सिसकारियां लेती रही पर भैया नहीं माने और मुंह चूसते रहे। थोड़ी देर में मेरी चुची छोड़कर बोले कि गुड़िया तेरा बदन है ही शीशे जैसा अगर तुम पानी भी पियो तो वो भी अंदर जाता हुआ दिख जाए। ये सच भी है मेरा रंग इतना साफ है कि मेरे बदन में नीले रंग की नसें आराम से दिख जाती हैं।

वो बोले मेरा मन करता है तुझे खा ही जाऊं। मैं अपने होश खो चुकी थी। भैया ने मेरी पैंट का बटन खोला जिप खोली और उसे उतारने लगे। मैंने अपने कुल्हे ऊपर करके उनकी मदद कर दी। भैया ने मेरी पैंट उतारकर एक तरफ रख दी। फिर मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत पर हाथ फेरने लगे। मेरी पैंटी गीली हो चुकी थी क्योंकि मेरी चूत से पानी निकलना शुरू हो गया था।

फिर भैया ने मेरी पैंटी भी निकाल दी। अब मैं भैया के सामने बेड पूरी तरह से नंगी लेटी हुई थी। मेरे हाथ मेरे मुंह पर थे क्योंकि मुझे शर्म भी आ रही थी। भैया ने मेरे हाथ मेरे चेहरे से हटाए और गुड़िया शर्मा मत प्लीज मैं नहीं कर नहीं पाऊंगा और मेरे होंठों पर एक किस देकर। ओके लो मैं भी अपने कपड़े उतार देता हूं और अपनी पैंट उतारने लगे। उसके बाद अपना अंडरवियर भी उतार दिया। अब भैया भी पूरी तरह से नंगे हो गए। लो देखो मेरी तरफ मैं भी तुम्हारी तरह ही हो गया।

जब मैंने भैया को देखा तो बस देखती ही रह गई। उनकी दोनों टांगों के बीच झूलते हुए उनके लंड को देखती ही रह गई। ओह माय गॉड भैया ये तो बहुत बड़ा है। फिर मैंने मेरी छोटी सी कच्ची चूत को देखा। सात इंच का लंबा और लगभग दो इंच मोटा नाग जो अभी जागा भी नहीं था भैया के पैरों के बीच झूल रहा था।

भैया बोले डरो मत गुड़िया कुछ नहीं होगा। तुम्हें बहुत मजा आएगा। भैया ने अपने गिलास में बीयर डालने लगे फिर अचानक गिलास रखकर बोतल लेकर बेड पर मेरे पास आ गए। मैंने कहा भैया गिलास क्यों रख दिया। वो बोले गुड़िया गिलास में तो रोज पीता हूं।

बैठते हुए मैंने कहा तो आज। तुम देखती जाओ बस और मुझे वापस लिटा दिया और मेरी नाभि में थोड़ी थोड़ी बीयर डालकर चूसने लगे। जैसे ही भैया के होंठ मेरी नाभि को छुए मेरे बदन से बिजली का करंट निकलता। ईईईईईस्स्स आह्ह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह्ह मैं मदहोश हो रही थी।

फिर भैया ने बीयर मेरे बदन पर खाली कर दी और अपनी जीभ से मुझे चाटने लगे। मैं सिसकारियां ले रही थी। आह्ह्ह उईईई मम्म्मा। मुझे ऊपर से नीचे तक चाटने के बाद मेरे पैरों को चौड़ा करने लगे। मैं समझ गई थी कि अब भैया क्या करने वाले हैं। कुछ ही पल में मुझे भैया की गर्म सांसें मेरी चूत पर महसूस हुईं।

जैसे ही भैया ने मेरी चूत के गुलाबी होंठ खोलकर मेरी छोटी सी चूत के छोटे से क्लिट पर रखी मैं जोर से उछल पड़ी। उईईईई भैया गुदगुदी होती है रुको ना। रुको गुड़िया अभी मजा आएगा और मेरी जांघों को कसकर पकड़ लिया और मेरी चूत और क्लिट को चाटने लगे।

आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह ईईईईस्स्स आह्ह्ह्ह मम्म्म्म्म्य्य उईईईई आह्ह्ह्ह्ह म्म्म्म ओह्ह्ह्ह मम्म्म्मा। मैं पूरी तरह से होश खो चुकी थी मदहोश हो चुकी थी। पूरा कमरा मेरी सिसकारियों से गूंज रहा था। अपने हाथों से भैया का सर पकड़ रखा था और जोर से सिसकारियां ले रही थी।

पंद्रह मिनट बाद ही मेरा बदन अकड़ने लगा। आह्ह्ह ओह्ह्ह भैया मुझे कुछ हो रहा है आह्ह्ह और मैं सातवें आसमान पर पहुंच रही थी। मेरी चूत पर भैया का मुंह और मेरे कुल्हे भैया के मुंह पर उछल रहे थे। भैया का सर अपने हाथों से चूत पर जोर से दबा रही थी। ओह्ह्ह माह्ह्ह आह्ह्ह्ह उह्ह्ह और मेरे बदन में छह सात झटके से लगे। ये वो समय था जब झड़ रही थी मेरी चूत अपना रस निकाल रही थी। फिर मैं निढाल होकर बेड पर पड़ गई। मेरी चूत ने कितना सारा पानी छोड़ा ये भैया का मुंह देखकर पता चलता था।

भैया ने मुंह से ही एक बार मुझे झाड़ दिया था। मेरा तो काम हो चुका था पर भैया के नागराज तो अभी जागे थे और फुंकार मार रहे थे। मैं देखकर डर गई। सात इंच लंबा और दो इंच मोटा नाग बढ़कर लगभग दस इंच लंबा और तीन इंच मोटा हो गया। वो मेरे पैरों के बीच में से उठे और मेरे मुंह में मुंह डालकर किस करने लगे। मेरी जीभ को अपने मुंह में लेकर चूसने लगे। एक हाथ से मेरी चुचियों को सहला रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी चूत को छेड़ रहे थे। मैं कुछ ही मिनटों में फिर से तैयार हो गई।

वो मुझसे बोले मेरी गुड़िया मेरा लंड चूसो ना प्लीज। जब भैया ने रिक्वेस्ट की तो मैंने हां भर दी। मैं उठी और चूसने के लिए जैसे लंड हाथ में पकड़ा तो मुझे लगा जैसे जलती हुई मोटी रॉड हाथ में ले ली हो। वो बहुत गर्म था। मैंने मुंह खोल चूसना चाहा तो वो मेरे मुंह में ही बड़ी मुश्किल से गया और वो भी सिर्फ ऊपर वाला पार्ट। मैं भैया का लंड चूस रही थी और वो मेरी चूत में क्लिट से उनकी उंगलियां खेल रही थीं। लंड इतना मोटा था कि मुझे चूसने में भी परेशानी हुई और मेरा मुंह दुखने लगा।

लंड चूसने के कारण भैया तड़प उठे और मेरी चूत चोदने के लिए पागल हो गए। उन्होंने तुरंत अपना लंड मेरे मुंह से बाहर निकाला और मुझे बेड पर लिटा दिया। मेरी कमर के नीचे एक तकिया रखा और मेरे ऊपर आ गए। लंड के सुपाड़े को मेरी चूत पर रगड़ने लगे। उनके लंड की रगड़ लगने से मेरी चूत भी लंड लेने के लिए तड़प उठी। भैया ने लंड मेरी चूत पर रखा और मेरे कान में बोले देख गुड़िया थोड़ा दर्द होगा तू सहन कर लेना फिर मजा ही मजा है।

भैया धीरे से आराम से करना। हां हां गुड़िया मैं जानता हूं तू कच्ची कली। ये बोलकर भैया ने एक धक्का मारा पर उनका लंबा और मोटा लंड फिसलकर बाहर चला गया। ओह्ह तीन चार बार भैया ने कोशिश की पर उनका लंबा मोटा लंड फिसल जाता। मेरी छोटी सी चूत में उनका मूसल सा लंड नहीं घुस सका।

भैया ने मेरी ड्रेसिंग टेबल खोली और उसमें से तेल की बोतल निकाली और ढेर सारा तेल अपने लंड पर लगाया और मेरी चूत पर तेल लगाया। फिर भैया मेरे ऊपर आ गए और मेरी चूत का मुंह खोलकर चूत के मुंह पर लंड रखा और एक जोरदार धक्का पूरी दम से लगाया।

आह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह हाईईईई मम्म्म्मा मार गई भैया बाहर निकालो। मर गई भैया प्लीज भैया निकालो इससे बहुत दर्द हो रहा है। भैया रुक गए मेरे होंठों पर होंठ रख लिए और किस करने लगे। भैया के लंड का सुपाड़ा मेरी चूत में फंस गया था। कुछ देर रुकने के बाद जब मैं शांत हुई तो भैया ने फिर पूरी दम लगाकर दूसरा धक्का मारा।

घुप्प्प मेरी आंखें फटकर बाहर निकल आईं और मेरी जोर की चीख भैया के मुंह में दब गई। बहुत दर्द हो रहा है भैया। आह आह बस गुड़िया हो गया। और मुझे सहलाते रहे चुची चूसने लगे और पांच सात मिनट यू ही पड़े रहे। इस बार उनका लंड मेरी चूत की झिल्ली फाड़ चुका था चार इंच तक चूत में समा गया। मेरी चूत से बहुत सारा खून निकला क्योंकि मेरी सील टूट गई थी। फिर मेरा दर्द कम हुआ और मैं फिर शांत हो गई।

गुड़िया तुम ठीक हो क्या। हां मैंने कहा। मैंने सोचा कि बस अब लंड अंदर चला गया पर मुझे नहीं पता था कि मेरा रियल टेस्ट इस धक्के में होने वाला है। भैया ने घुटनों पर आकर इस बार इतनी जोर से धक्का मारा कि बचा हुआ सारा पांच छह इंच एक ही बार किसी गर्म लोहे के सलिये की तरह मेरी चूत को चीरता हुआ मेरी बच्चेदानी की अंदर वाली दीवार से टकरा गया।

आह्ह्ह्ह मम्म्म्मा मार गई भैया छोड़ो मुझे उईईई मम्मी मैं मर गई। और मेरी आंखों में बेहोशी छाने लगी। मुझे रूम में सब धुंधला दिख रहा था। मेरी आंखों से आंसू निकल आए और मैं रोने लगी। बिन पानी की मछली की तरह तड़प रही थी। बस गुड़िया बस हो गया बस अब नहीं। उई मम्मी पेट में चुभ रहा है भैया।

मैं आधी बेहोश सी पड़ी थी। आर यू ओके गुड़िया। भैया डर गए कि मुझे कुछ हो तो नहीं गया पर मुझे कुछ नहीं हुआ था बस मेरी बच्चेदानी में उनका लंड चुभ रहा था और थोड़ा दर्द के कारण ही मेरी जान निकली हुई थी। गुड़िया गुड़िया बेबी बोल ना क्या हुआ। भैया दर्द हो रहा है और पेट में चुभ रहा है आह उई।

थैंक गॉड बोली तो सही। मेरी गुड़िया बेबी थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा ओके डरो मत। फिर मेरे होंठों चूसने लगे और प्यार से मेरे बदन पर हाथ फेरने लगे। कभी कहीं तो कभी कहीं पर सहलाते रहे। मेरी चुची मुंह में ली और निप्पल चूसने लगे। ओश्ह आह्ह दस मिनट तक वो मेरी चुची चूसते रहे। मेरा निप्पल चूसने के कारण सुरख लाल हो गया था। फिर उस चुची को छोड़कर दूसरी चुची मुंह में ले ली और चूसने लगे। निप्पल चूसते चूसते एकदम लाल और कड़क होकर खड़े हो गए।

इतने मेरा दर्द तो खत्म हो गया पर पेट में चुभना बंद नहीं हुआ। चुची चूसने के कारण मुझे मेरा दर्द खत्म हो गया बल्कि मुझे थोड़ा मजा भी आने लगा और मेरी भैया से छोड़ने की रिक्वेस्ट सिसकारियों में बदल गई और मेरे कुल्हे अपने आप थोड़े थोड़े हिलने लगे। ओह्ह आह्ह हाईई उम्न्न्न।

भैया समझ गए कि मेरा दर्द खत्म हो गया और वो अपनी बारी खेलने के लिए तैयार हो गए। उन्होंने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए। आह उई मा ईईस्स्य उह्ह आह ओई भैया। मुझे मजा आने लगा। भैया ने मुझे चोदना शुरू किया और धीरे धीरे अपनी रफ्तार बढ़ा रहे थे। कमरे में मेरी आवाजें गूंज रही थीं।

आह ओह उई मा हाई राम ओह्हो। मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं बस बोले जा रही थी करो भैया चोदो मुझे और जोर से चोदो आह भैया आह मुझे अपनी पत्नी बना लो। आह मारो चूत और जोर से उई मा।

भैया बस मुझे चोदे जा रहे थे। घुच घुच घुच फुच फुच। आह आइ ओह उई मा ईस हा उई मम्मी। दस मिनट में ही मेरा बदन अकड़ने लगा और मैंने मेरे दोनों हाथ भैया की पीठ में डालकर पूरा जोर लगाकर कसकर पकड़ लिया कसकर उनसे चिपक गई।

मैं झड़ रही थी मुझे बिल्कुल भी होश नहीं था कि मैं कहां पर हूं और मेरे दांत भैया के कंधे पर गड़ गए। भैया के मुंह से हल्की सी चीख निकली पर मुझे तो बिल्कुल भी होश नहीं था बस आसमान में झूल रही थी। भैया धक्के पर धक्के मार रहे थे।

फुच फुच घुच घुच। भैया की मंजिल अभी दूर थी। लगातार धक्कों के कारण थोड़ी ही देर में फिर से तैयार हो गई और जोर जोर से सिसकारियां लेने लगी। मेरी आवाजें सुन भैया के धक्कों की स्पीड बढ़ती जा रही थी जैसे कोई मशीन मुझे चोद रही हो।

आह भैया चोदो मुझे और जोर से चोदो उई मा करो। दस मिनट के धक्कों के बाद फिर मैं सातवें आसमान पर पहुंच गई। आह्ह भैया मुझे कुछ हो रहा है ओह्ह। भैया भी मंजिल पर पहुंच रहे थे। वो बोले ओह गुड़िया रुको मैं भी आ रहा हूं आह्ह। और तीन चार धक्के मारकर लंड को मेरी चूत में जड़ तक घुसाकर मुझसे चिपक गए। हम दोनों ने एक दूसरे को कस जकड़ा हुआ था अपनी चरम सीमा पर थे।

भैया ने अपना सारा वीर्य स्पर्म मेरी बच्चेदानी में भर दिया। मुझे उनके वीर्य की दस पंद्रह पिचकारियां मेरी बच्चेदानी में साफ महसूस हुईं। एसी रूम में भी हम दोनों के बदन पूरी तरह से पसीने में भीगे हुए थे। और फिर मैं निढाल होकर बेड पर पड़ी रही। भैया मेरी छाती पर बेसुध होकर लंड मेरी चूत में ही डाले पड़े थे।

भैया का लंड मेरी चूत में पंद्रह मिनट तक रहा। मेरी बच्चेदानी ने भैया का सारा वीर्य अंदर ही सोख लिया। पंद्रह मिनट बाद हम अलग हुए। थोड़ा सा ही वीर्य मेरी चूत से वापस बाहर आया और वो भी मेरे खून से मिलकर लाल हो गया था बाकी सारा वीर्य मेरी कोख ने अपने अंदर ही सोख लिया।

जब भैया ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला तब वो मेरी चूत से निकले खून से पूरी तरह लाल था और मेरी बेड की बेडशीट भी खून से लाल हो गई। जब मैंने भैया के लंड पे खून देखा तो बोली भैया आपके इसमें से तो खून निकल रहा है। जब भैया ने मुझे बताया कि वो उनका खून नहीं मेरा खून था और मैंने जब बेडशीट देखी तो बुरी तरह से डर गई और रोने लगी क्योंकि बेडशीट पे बहुत ज्यादा खून था।

तब भैया ने मुझे पास से अपने सीने से लगाया और बोले गुड़िया रो मत डरने की कोई बात नहीं है। तुम्हें कुछ नहीं हुआ है। कुंवारी लड़की की चूत में एक झिल्ली होती है। जब लड़की पहली बार सेक्स करती है तो उस झिल्ली के फटने के कारण ये ब्लड आता है और अब जब तुम दोबारा चुदोगी तो तुम्हें इतनी तकलीफ नहीं होगी जितनी आज हुई है। भैया प्यार से मेरे बालों में हाथ फेर रहे थे मैं बेड पर बैठी थी।

उसके बाद वो बेड से उतरकर मेरे बाथरूम में गए और अपना लंड साफ करके आए। गुड़िया चलो आप भी फ्रेश हो जाओ चार बज गए रूम में कोई आए उससे पहले मैं ये बेडशीट हटा दूं। जब मैं बाथरूम में जाने के लिए उठी तो मुझसे चला ही नहीं गया। मैं वापस बेड पर बैठ गई। मैं अब मेरा कुंवारा पन खो चुकी थी।

आह भैया दर्द हो रहा है मुझसे चला नहीं जा रहा। तब भैया ने मुझे अपनी गोद में उठाया और बाथरूम में लेकर गए और खुद अपने हाथों से मेरी चूत को साफ किया। मुझे कमरे में खड़ा किया और बेडशीट हटाने लगे। मैं बड़ी मुश्किल से खड़ी हो पा रही थी। बेडशीट बदलकर भैया ने कपड़े पहने और मुझे भी कपड़े पहनाए। जब वो मुझे कपड़े पहना रहे तो उन्होंने पूछा गुड़िया तू ब्रा नहीं पहनती।

नहीं भैया। चलो आज मैं तुम्हारे लिए ब्रा लेकर आऊंगा। ब्रा से तुम्हारी छाती और भी सेक्सी लगेगी। मैं बेड पर जा लेट गई। फिर भैया किचन से एक गिलास गरम दूध लेकर आए और मुझे अपने हाथों से पिलाया और कहा गुड़िया तुम रेस्ट करो जब तक मैं चादर बाहर फेंककर आता हूं। और मैं बेड पर लेट गई और भैया चादर थैले में डालकर गाड़ी लेकर बाहर चले गए।

उसके बाद कब मुझे नींद ने अपने आगोश में ले लिया मुझे पता ही नहीं चला और मैं गहरी नींद में सो गई। और भैया से ही शादी के सपने देखने लगी। तो दोस्तों ये मेरी सेक्स लाइफ की स्टार्टिंग। ग्यारह साल की उम्र में मुझे पीरियड्स शुरू हुए और अठारह साल की उम्र में ही मेरी सील टूट गई और मैंने मेरा कुंवारा पन खो दिया।

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⚠️ महत्वपूर्ण अस्वीकरण

ये सभी कहानियाँ केवल काल्पनिक हैं।
इनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं है।

सेक्स हमेशा सहमति पर आधारित होना चाहिए।
बिना सहमति के कोई भी कार्य गलत और दंडनीय है।

इन कहानियों से प्रेरित न हों।
बस पढ़ें, आनंद लें और भूल जाएं।