टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

भाभी की उछलती चुंचियां

Bhabhi sex story, Padosan sex story, Neighbor sex story: हैलो फ्रेंड्स, मैं लकी हूं दिल्ली से, मैं स्मार्ट लुकिंग गाइ हूं, 5 फुट 11 इंच हाइट, 60 किलोग्राम वजन, अच्छा बॉडी और बड़ा गर्म लंड, उम्र 23 साल. फ्रेंड्स, मेरी स्टोरी कुछ इस तरह है. ये स्टोरी आज से 6 महीने पहले की है जब हमारे बाजू में एक कपल रहने आया था. उनकी मैरिज हुए 7-8 महीने हुए थे पर उनका कोई बच्चा नहीं था, और वो करीब मेरी उम्र के ही होंगे. उनके हसबैंड का कुछ इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस था. थोड़े दिन रहने के बाद उनकी हमारी जान-पहचान हो गई और हमारा उनका आना-जाना हो गया.

करीब थोड़े दिनों बाद उस भाभी और मेरी दोस्ती हो गई. वो बहुत सेक्सी थी, वैसे भाभी का फिगर होगा 34-28-34, उसके बूब्स बड़े थे और सेक्सी थे, जब वो चलती थी तो उसके बूब्स मूव होते थे, ये देख कर कोई भी मचल जाए. उसका हबी अक्सर महीने में 15-20 दिन बाहर रहता था और मैं जब भी उसके घर पर जाता तो उसे देखता ही रहता और उसे चोदने की सोचा करता कि काश इसे चोद सकूं और घर आ कर मुठ मारता था. मैं उसके बूब्स और गांड के बारे में सोच-सोच कर मुठ मारा करता था. मैं जब भी उसके घर जाता तो, उसे देख के मुझे लगता था कि वो उदास-उदास रहती है.

एक दिन जब मैं उसके घर गया तो उसके घर का दरवाजा खुला हुआ था और मैं बेल बजाए बगैर ही उसके घर में चला गया तो मैंने देखा कि घर में कोई नहीं है, शायद वो बाथरूम में थी तो मैं सोफा पर जा कर बैठ गया तो मैंने देखा कि वहां एक एक्सएक्सएक्स की बुक पड़ी है. मैंने उसे उठा कर देखा तो उसमें एक्सएक्सएक्स पिक्स थे. सारे पिक मेल के थे और सारे मेल के बड़े-बड़े लंड थे.

मैं देख कर एक दम गर्म हो गया और फिर मैंने वही पर बुक को रख दी, और भाभी बाथरूम में थी उसकी ओर चल पड़ा और बाथरूम में कहां से देखा जाए ये देखने लगा. जब मैंने बाथरूम में देखा तो भाभी पूरी न्यूड नहा रही थी और अपने सारे बदन पर साबुन लगा कर अपने बूब्स और चूत को रब कर रही थी, ये देख कर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया, भाभी अपनी चूत में 2 उंगली अंदर-बाहर कर रही थी और हल्की-हल्की मोन कर रही थी, फिर उसकी उंगली जोर से चलने लगी, मैं समझ गया कि ये अब झड़ने वाली है.

तब मैं वहां से हट गया, ये देख कर मैं फौरन अपने घर पर आ गया और अपने रूम में आ कर अपनी पैंट उतार कर अपना पूरा लंड बाहर निकाला और मुठ मारने लगा. अब मुझे लगा कि भाभी को क्या चाहिए ये मैं जान गया था. और ये सोचने लगा कि कैसे भाभी को चोद सकूं, क्योंकि इस बीच उसका हबी भी 7 दिन के टूर पर बाहर जाने वाला था, तब मुझे लगा कि ये ही सही मौका है भाभी को चोदने का.

आप यह Padosi chudai ki kahani हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

टूर पर जाते समय उसके हबी ने कहा कि 1 वीक के लिए तुम इसका खयाल रखना, तो भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं ये मेरा और मैं इसका खयाल रखूंगा. और फर्स्ट दिन रात को भाभी के घर पे खाना खाने के बाद मैंने भाभी को मेरे फ्लैट की चाबी दे दी और कहा कि काश मॉर्निंग में मुझे उठने में देरी हो जाए तो प्लीज आप मुझे उठा देना. तो भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं मैं तुमको उठा दूंगी और मैं चाबी दे कर अपने फ्लैट पर आ गया.

और मॉर्निंग में जब उठा था तो मेरा लंड हार्ड था तो मैं भाभी के बारे में सोचने लगा तो मेरा लंड और हार्ड हो गया तो मैंने अपना शॉर्ट उतारा और भाभी को याद कर के मुठ मारना शुरू कर दी. मैं मुठ मारने में मशगूल था और अचानक मेरे बेडरूम में भाभी मुझे उठाने आ गई, मैं मुठ मारने में इतना मशगूल था कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब आ गई, उसने मुझे देखा और कहा कि क्या कर रहे हो? मैं एकदम घबरा गया और अपना शॉर्ट पहनने लगा तो भाभी मुस्कुराई और कहा कि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है. इतने बड़े लंड को हिला-हिला कर क्यों तंग कर रहे हो. तो मैंने भाभी को कहा कि ये मुझे बहुत तंग करता है. इसलिए हिला रहा हूं तो उसने कहा कि मैं इसका आज तंग करना बंद करवा दूंगी.

भाभी के सामने अपना 8 इंच का लौड़ा दिखा-दिखा कर अपने हाथ से हिलाने लगा. मेरा 8 इंच का लंड फनफना कर खड़ा हो गया था. भाभी मेरे खड़े लंड को देखती हुई बोली, “सचमुच तुम्हारा लंड बहुत लंबा और मोटा है. उस लड़की को बहुत मजा आएगा जो तुमसे चुडेगी.” इस पर मैं अपना लंड उनकी तरफ कमर हिला कर बढ़ाते हुए बोला, “आप ही चुदवा कर देख लो कि कितना मजा आता है.” मेरी बात सुन कर भाभी बोली, “हाय! अगर मेरे पति को पता चल गया तो बहुत ही बुरा होगा.” मैंने कहा, “जब हम किसी को नहीं बताएंगे तो किसी को कैसे पता चलेगा?” ये सुन कर भाभी मेरी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगी और अपने होठों पर अपनी जीभ फेरने लगी.

इसे भी पढ़ें  गुरु जी ने गुरुदक्षिणा में लेली कुंवारी जवान चूत

मुझे मालूम हो चुका था कि भाभी मुझसे अपनी चूत चुदवाना चाहती है, लेकिन पहल मेरी तरफ से चाहती है. मैंने तब आगे बढ़ कर उनके चुंचों पर अपना हाथ रख दिया और उन्हें धीरे-धीरे सहलाने लगा. भाभी कुछ नहीं बोली बस मुस्कुराती रही. तब मैंने उनकी नाइटी को उतार दिया और मेरे सामने भाभी सिर्फ ब्लैक ब्रा और गुलाबी पैंटी में अपनी जवानी का जलवा दिखाते हुए आधी नंगी खड़ी थी. फिर मैंने उसकी ब्रा को निकाल फेंका, मैं उनकी गोल-गोल चुंची देख कर हैरान हो गया. उनकी चुंची कुछ लंबे आकार की थी, लेकिन बिलकुल तनी हुई थी. उनके एरियोला करीब 1 इंच का था और निप्पल देखने में फूला हुआ मुनक्का लग रहा था.

मैंने फिर धीरे से उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और उनकी चुंचियों पर अपनी पकड़ मजबूत करके उन्हें अपने दोनों हाथों में लेकर मसलने लगा. मैंने भाभी को अपनी बाहों में भर कर कस कर जकड़ लिया. भाभी भी मुझे अपने दोनों हाथों से पकड़े हुई थी. मैंने उनके दोनों होंठों को अपने होंठों के बीच ले कर चूसने लगा. भाभी भी मेरी बाहों में आधी नंगी खड़ी-खड़ी मुझे दोनों हाथों से पकड़ कर अपने होंठ चुसवा रही थी, और अपनी चुंची मसलवा रही थी.

आप यह Padosi chudai ki kahani हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

अब धीरे-धीरे भाभी ने मेरे हाथों से होंठ निकाल कर मेरा बनियान उतार दिया, फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी पैंटी में डाल के उसकी चूत को हाथ में लेके उसे रगड़ा, फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और उसे उंगली से चोदने लगा. मेरे ऐसा करने से, कुछ देर में उसकी चूत गीली हो गई. फिर मुझे लगा अब ये रंडी चुदने को एक दम तैयार है, तब मैंने अपनी उंगली उसकी चूत से बाहर निकाली, और उसकी पैंटी को उसके बदन से अलग कर दी. अब हम दोनों एक दूसरे के सामने बिलकुल मदरजात नंगे खड़े थे. और दोनों एक दूसरे को देख रहे थे. भाभी हमसे बोली, “हाय राजा तुम नंगे बहुत सुंदर दिखते हो, तुम्हारा खड़ा हुआ लंबा लंड देखने में बहुत ही सुंदर लगता है और कोई भी लड़की या औरत इसे अपनी चूत में लेकर चुदवाना चाहेगी.”

मैं अब भाभी के पास गया और अपनी बाहों में ले कर उससे पूछा, “हमें कोई और लड़की या औरत से मतलब नहीं है, क्या आप मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर लेना चाहती हैं कि नहीं?” तब भाभी बोली, “अरे तुम अभी नहीं समझे, मैं तो तबही से तुम्हारे लंड से अपनी चूत की चुदाई कराना चाहती हूं. अब जल्दी से तुम हमें चोदो. मेरी चूत में आग लगी है.” और वो मेरे पास आई और मेरा कॉक अपने हाथ में लेकर प्यार करने लगी.

अब मैं भाभी की एक चुंची अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरी चुंची अपने एक हाथ में लेकर मसलने लगा. भाभी भी अब तक गर्म हो गई थी. उन्होंने मेरा लंड अपने हाथों में पकड़ कर मुझे बेड पर पटक दिया और मेरा लंड अपने हाथों में लेकर उसे बड़े ध्यान से देखने लगी. थोड़ी देर के बाद वो बोली, “वैसे तुम्हारा लंड बहुत ही सेक्सी है. आज मेरी चूत खूब मजे ले ले कर इस लंड से चुडेगी.

अब तुम चुप चाप पड़े रहो. मुझे तुम्हारा लंड का पानी चखना है.” मैं तब बोला, “ठीक है भाभी जब तक आप मेरे लंड का स्वाद चखोगी, मैं भी आपकी चूत के स्वाद का आनंद लूंगा. आइए हम दोनों 69 पोजीशन पर पलंग पर लेटते हैं.” फिर हम दोनों पलंग पर एक दूसरे के पैरों की तरफ मुंह करके लेट गए. मैंने भाभी को अपने ऊपर कर लिया. भाभी ने मेरे लंड के सुपाड़े को अपने होंठों से लगा कर एक जोरदार चुम्मा दिया और फिर अपने मुंह में ले कर चूसने लगी, और कभी-कभी उसे अपनी जीभ से चाटने लगी. मुझे अपने लंड चुसाई से रहा नहीं गया और अपना लंड भाभी के मुंह में डाल दिया. भाभी लंड को अपने मुंह से निकालते हुए एक रंडी की तरह बोली, “वाह मेरे राजा अब और डालो अपना लंड मेरे मुंह में, बाद में इसे मेरी चूत में डालना.”

अब मैं भाभी को जो कि मेरे ऊपर लेटी हुई थी उसके दोनों पैर को फैला दिया. अब मेरी आंखों के सामने उनकी झांटों वाली चूत पूरी तरह से खुली हुई थी. और मेरा लंड खाने के लिए तैयार थी. मैं अपनी उंगली उनकी चूत में डाल कर अंदर-बाहर करने लगा. भाभी तब जोर से बोली, “हाय! क्यों टाइम बर्बाद कर रहे हो, मेरी चूत को उंगली नहीं चाहिए. अभी तुम इसे अपनी जीभ से चोदो. बाद में उसे अपना लंड खिलाना, वो तुम्हारा लंड खाने के लिए तरस रही है,” मैं बोला, “क्यों चिंता कर रही हो भाभी, अभी आपकी चूत और मेरे लंड का मिलन करवा देता हूं.

इसे भी पढ़ें  गोवा में माँ को चोदा

आप यह Padosi chudai ki kahani हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

पहले मैं आपकी चूत का रस चख तो लूं. देखूं तो भाभी की चूत का टेस्ट कैसा है.. सुना है कि सुंदर और सेक्सी औरत की चूत का रस बहुत मीठा होता है.” तब भाभी बोली, “ठीक है, जो मरजी में आए करो, ये चूत अब तुम्हारी है. इससे जैसे चाहे मजे लेलो. हां एक बात और, जब हम एक दूसरे को चोदने के लिए तैयार हैं और एक दूसरे का चूत और लंड चाट रहे हैं, चूस रहे हैं तब ये आप आप का क्या रट लगा रखा है. तुम मुझे नाम लेकर पुकारो और आप आप की रट छोड़ो.”

अब मैंने देखा कि उनकी चूत लंड खाने के लिए खुल बंद हो रही है और अपनी लार बहा रही है और उसकी चूत बाहर और अंदर से रस से भीगी हुई थी. मैंने जैसे ही अपनी जीभ भाभी की चूत में घुसेड़ी वो चिल्लाने लगी, “हाय, क्या चीज बनाई है भगवान ने, चूसो चूसो, और जोर से चूसो मेरी चूत को. और अंदर तक अपनी जीभ घुसेड़ो, हाय मेरी चूत की घुंडी को भी चाटो, बहुत मजा आ रहा है. हाय मैं अब छूटने वाली हूं.” और इतना कहते ही भाभी की चूत ने गर्म गर्म मीठा रस छोड़ दिया. जिसको कि मैं अपनी जीभ से चाट कर पूरा का पूरा पी गया.

उधर भाभी भी अपने मुंह में मेरा लंड लेकर उसे खूब जोर जोर से चूस रही थी, ग्ग्ग्ग.. ग्ग्ग्ग.. गी.. गी.. गी.. गों.. गों.. गोग, उनकी मुंह से अजीब आवाजें निकल रही थीं, और मैं भी भाभी के मुंह में झड़ गया. मेरे लंड का रस सब का सब भाभी के मुंह के अंदर गिरा और उसे उन्होंने पूरा का पूरा पी लिया. अब भाभी का चेहरा कामज्वाला से चमक रहा था. और वो मुस्कुराती हुई बोली, “चूत चुसाई में बहुत मजा आया, अब चूत चुदाई का मजा लेना चाहती हूं. अब तुम जल्दी से अपना लंड चुदाई के लिए तैयार करो और मेरी चूत में डालो, अब मुझसे रहा नहीं जाता.”

मैंने भाभी को पलंग पर चित करके लेटा दिया और उनके दोनों पैरों को ऊपर उठा कर घुटने से मोड़ दिया. फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा खोल कर उनकी चूत के ऊपर रख दिया और धीरे-धीरे उनकी चूत से रगड़ने लगा. भाभी मेरी चुदाई से अपनी कमर नीचे ऊपर कर रही थी. और फिर थोड़ी देर के बाद बोली, “साले बेटीचोद, फ्री में पराई औरत की चूत चोदने को मिल रही है इसलिए खड़ा लंड मेरी चुदासी चूत को दिखा रहा है और उसे चूत के अंदर नहीं डाल रहा है. साले भोसड़ी के गांडू, अब जल्दी से अपना तलवार जैसा लंड चूत में घुसा नहीं तो हट जा मेरे ऊपर से मैं खुद ही अपनी उंगली चूत में डाल कर अपनी चूत की गर्मी निकालती हूं.”

तब मैंने उनकी चुंचियों को पकड़ कर निप्पल को मसलते हुए उनके होंठों को चूमा और बोला, “अरे मेरी रानी, इतनी भी जल्दी क्या है? जरा मैं पहले तुम्हारे इस सुंदर नंगे बदन का आनंद तो उठा लूं, उसके बाद फिर तुम्हें जी भर कर चोदूंगा. मैंने अब तक अपनी लाइफ में कभी इस तरह से नंगी औरत नहीं देखी है. (एक बात है दोस्तो 30 साल की उमर में भी उस का गठीला नंगा बदन देखने में मस्त लग रहा था) फिर इतना चोदूंगा कि तुम्हारी ये सुंदर सी दबल रोटी सी चूत लाल पड़ जाएगी और सूज कर पकोड़ा हो जाएगी.”

आप यह Padosi chudai ki kahani हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

भाभी बोली, “साले चोदू, मेरी जवानी का तुम बाद में मजे लेना उसके लिए अभी पूरी रात पड़ी हुई है, अभी मुझे घर पे काम है. अभी तो बस हमें चोदो. मैं मरी जा रही हूं, मेरी चूत में आग लगी है और वो तुम्हारे लौड़े के धक्के से ही बुझेगी. जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल दो, प्लीज मेरे राजा अब जल्दी भी करो.” भाभी की इन सब सेक्सी बातें सुन कर मैं खुश हो गया और समझ गया कि अब ये मुझसे रंडी की तरह चुडेगी.. भाभी मेरे लंड से चुदाने के लिए पूरी तरह से तैयार थी. मैंने अपना सुपाड़ा उनकी पहले से भीगी चूत के दरवाजे के ऊपर रखा और धीरे से कमर हिला कर सिर्फ सुपाड़े को अंदर कर दिया.

भाभी ने मेरा फूला हुआ सुपाड़ा अपनी चूत में घुसते ही अपनी कमर को झटके से ऊपर उछाला और मेरा 8 इंच का लंड पूरा का पूरा उनकी चूत में घुस गया. तब भाभी ने एक आह सी भरी और बोली, “आह! क्या शांति मिली तुम्हारे लंड को अपनी चूत में डलवा कर. ये अच्छा हुआ, मुझे बहुत दिन से इच्छा थी कि किसी लंबे लंड से चुदने का, आज वो पूरी हो गई. नहीं तो मेरी इच्छा पूरी नहीं होती.”

अब मैं अपना लंड धीरे-धीरे उनकी चूत के अंदर-बाहर करने लगा. उन्होंने अपनी चूत में कभी इतना मोटा लंड पहले कभी नहीं घुसवाया था, शायद उसके पति का लंड छोटा होगा, इसलिए उन्हें कुछ तकलीफ हो रही थी. मुझे भी उनकी चूत काफी टाइट लग रही थी और मैं मस्त हो कर उनकी चूत चोदने लगा.

इसे भी पढ़ें  पोती ने बूढ़े दादा के लंड की सवारी की

भाभी मेरी चुदाई से मस्त हो कर बड़बड़ा रही थी, “हाय! मेरे राजा, मेरे राजा और डालो और डालो अपनी भाभी की चूत में अपना मोटा लंड, तुम्हारी भाभी की चूत तुम्हारा लंड खाकर निहाल हो रही है. हाय! लंबे और मोटे लंड की चुदाई का मजा कुछ और ही होता है. बस मजा आ गया. हां हां, तुम ऐसे ही अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरी चूत में अपना लंड आने दो. मेरी चूत की चिंता मत करो. फट जाने दो उसको आज. मेरी चूत को भी बहुत दिनों से शौक था मोटा और लंबा लंड खाने का. उसे और जोर जोर से खिलाओ अपना मोटा और लंबा लंड.”

मैं भी जोर जोर से उनकी चूत में अपना लंड डालते हुए बड़बड़ा रहा था, “हाय! मेरी रानी, ले! ले! और ले जी भर कर खा अपनी चूत में मेरे लंड की ठोकर. मेरी किस्मत आज बहुत अच्छी है, जिससे कि मैं तुम्हारे जैसी औरत की चूत में अपना लंड घुसेड़ कर चोद रहा हूं. क्या मेरी चुदाई तुम्हें पसंद आ रही है? सही सही बताना भाभी? कौन अच्छा चोदता है तुम्हारी रसीली चूत, मैं या आप का पति?”

आप यह Padosi chudai ki kahani हमारी वेबसाइट फ्री सेक्स कहानी डॉट इन पर पढ़ रहे है।

भाभी बोली, “हाय राजा अब मैं तुमको क्या बताऊं, मैं तुम्हारी चुदाई से बहुत खुश हूं. मेरा पति तो मुझे चोदता है. लेकिन तुम्हारी और उनकी चुदाई में बहुत फर्क है. वो रोज सोने से पहले बिस्तर पर लेट कर झट से मुझे नंगी करके मेरी टांगों को उठाता है और अपना लंड मेरी चूत में डालता है. उसे इस बात का एहसास नहीं होता है कि औरत गर्म धीरे-धीरे होती है. लेकिन वो 2 मिनट तक चोदता है और फिर झड़ जाता है….और मैं रोज प्यासी रह जाती हूं.

मुझे लगता है कि तुम्हारा लंड खाने के बाद मेरी चूत उनका लंड खाना पसंद नहीं करेगी. क्योंकि तुम्हारे लंड से मेरी चूत अब फैल जाएगी और उसमें उनका पतला और छोटा लंड ढीला ढीला जाएगा जिससे कम से कम मुझे तो मजा नहीं आएगा.” “भाभी सही सही बताना, तुमने शादी के पहले भी किसी लंड को अपनी चूत में घुसाया है कि नहीं?” “हां मेरा एक्स बॉयफ्रेंड जो आजकल मुंबई में है और उसकी शादी किसी और लड़की से हो गई है, उसने मुझे मेरी शादी से पहले भी चोदा था. लेकिन उसके लंड की चुदाई मुझे पसंद नहीं आई.” “क्यों?” “अरे उसका लंड बहुत छोटा और पतला है, लेकिन वो मुझे चोदने के पहले और चोदने के बाद खूब चूत चाटता था और चूसता करता था और उसकी चूत चुसाई अच्छी लगती थी. वो शादी से पहले जब भी दिल्ली आता तो मेरी चूत जरूर चोदता था पर अब तो उसकी शादी हो गई है”

ये सब बातें करते-करते हुए हम लोग चुदाई का मजा लेते रहे और हमारी चुदाई से भाभी दो बार झड़ गई, आह इह्ह ओह्ह ओह! आह.. ह्ह्ह.. इह्ह.. ..! आह ह ह ह ह्हीईई आअह्ह्ह्ह, आह्ह.. ह्ह.. आऊ.. ऊऊ.. ऊउइ ..ऊई ..उईईई.., उनकी सिसकारियां कमरे में गूंज रही थीं, उनकी चूत से रस बह रहा था जो मेरे लंड को और चिकना बना रहा था, मैं उनके निप्पलों को चूसते हुए जोर-जोर से धक्के मार रहा था, हर धक्के के साथ उनकी चुंचियां उछल रही थीं, भाभी की आंखें बंद हो गईं थीं और वो मेरी पीठ पर नाखून गड़ा रही थीं, “और जोर से चोदो राजा, मेरी चूत फाड़ दो आज, आह्ह.. ह्ह्ह.. इतना मजा कभी नहीं आया, तुम्हारा लंड मेरी बच्चेदानी तक टकरा रहा है,” मैं भी पसीने से तर हो रहा था, मेरी सांसें तेज थीं, मैंने उनकी टांगों को और फैलाया और गहराई से धक्के मारने लगा, उनकी चूत की दीवारें मेरे लंड को जकड़ रही थीं, हर इन-आउट के साथ फच-फच की आवाज आ रही थी, भाभी की कमर खुद-ब-खुद ऊपर उठ रही थी मेरे हर धक्के का जवाब देने के लिए, “हाय राजा, मैं फिर झड़ रही हूं, आह्ह.. ऊउउउ.. रखो मत, और तेज,” और फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के अंदर तक डाल कर उनकी चूत के अंदर झड़ गया. फिर मैं उसके ऊपर सो गया. कुछ देर के बाद भाभी बेड से उठ के अपने कपड़े पहन कर मुझे गाल पे किस कर के अपने घर चली गई, बाद में मिलने का वादा कर के.

क्या आपने कभी ऐसी पड़ोसन को चोदा है? कमेंट में बताएं अपनी स्टोरी.

टेलीग्राम चैनल जॉइन करें - रोज़ाना नई कहानी अपडेट के लिए

Related Posts

Leave a Comment