University girlfriend sex story – tight fuddi sex story: हाय सबको, मेरा नाम बिलाल है और मैं इस्लामाबाद का रहने वाला हूं। ये सच्ची घटना मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की है, हम दोनों कायदे आजम यूनिवर्सिटी में एमबीए के स्टूडेंट हैं, मैं और बीनिश एक ही ग्रुप में थे और अक्सर स्टडी के लिए या प्रैक्टिकल्स प्रोजेक्ट्स के लिए साथ काम करते थे। वक्त गुजरने के साथ-साथ हम में दोस्ती गहरी हो गई, मैं बीनिश में दिलचस्पी लेने लगा।
एक बार हमने यूनिवर्सिटी से बंक किया और मैं बीनिश को मुर्री ले गया, वहां हमने सारा दिन गुजारा और कार में मैं बीनिश को किस भी करता रहा, कभी उसकी गाल पर, कभी ठोड़ी पर या कभी लिप्स पर। ये सब करने से मेरा लंड अंडरवेयर में सख्त हो गया था, वो भी थोड़ी गर्म सांस ले रही थी और शर्मा भी रही थी। फिर हम वापस आ गए।
कुछ दिन गुजरने के बाद मैं बीनिश को एफ-10 जंगल वाले पार्क में ले गया, वहां मैंने बीनिश को हग किया, किसिंग की और उसकी कमीज के ऊपर से बूब्स को चूस रहा था, वो मेरे हेड पर किस कर रही थी क्योंकि उसे भी मजा आ रहा था। उस दिन मैंने शलवार कमीज पहन रखी थी और अंडरवेयर भी नहीं पहना हुआ था, मेरा लंड हार्ड हो गया, जो उसकी टांगों को टच कर रहा था, बीनिश मुझे जोर से हग कर रही थी और मैं उसे किसिंग सकिंग करता जा रहा था।
मैंने अपनी शलवार खोल दी, शलवार नीचे गिर गई, फिर मैंने बीनिश का हाथ अपने लंड के ऊपर रखा, उसने हाथ फौरन पीछे खींच लिया और हंसने लगी, मैं भी हंसा, और आगे को जोर लगाने लगा, उसने आंखें बंद कर ली। मैं अपना हाथ उसकी गांड पर फेर रहा था, मैंने उसकी शलवार में हाथ डाला और उसकी गांड के दोनों बट्स खोले और उसकी गांड के सुराख पर हाथ फेरने लगा, फिर अपनी एक उंगली उसकी गांड के अंदर की तो बीनिश ने अपनी गांड टाइट कर ली, मैं अंदर बाहर जोर लगा रहा था और बीनिश के होंठों को चूम रहा था, मेरा 6 इंच का लंड उसके पेट को टच कर रहा था।
फिर मैंने उंगली निकाली और उसकी शलवार खोल के नीचे गिरा दी और फिर उसकी कमीज ऊपर उठा के ब्रेजर उतार दिया और उसके छोटे-छोटे बूब्स चूसने लगा, वो मुझे किसिंग कर रही थी, मेरा लंड बहुत हार्ड हो रहा था, मैंने बीनिश से कहा, प्लीज नीचे लेट जाओ, वो लेट गई, मैं उसके ऊपर लेटा, होंठों को चूमा और फिर उसके बूब्स चूसने लगा, अपना एक हाथ मैं उसकी साफ फुद्दी के ऊपर फेर रहा था, वो टांगें क्लोज कर रही थी, मैंने टांगें खोली और फिर उसकी फुद्दी लिप्स को खोल कर उसके छोटे से गोश्त को सहलाने लगा।
बीनिश बहुत गर्म हो रही थी, उसने मुझे बड़े जोर से हग कर रखा था, हम साथ-साथ लिप्स किसिंग कर रहे थे, मैंने अपनी एक उंगली बीनिश की फुद्दी में डाली तो उसने टांगें जोर से बंद कर दी, मैंने कहा, प्लीज खोलो ना लेग्स, तो बीनिश बोली, कुछ अजीब सा फील हो रहा है, मैंने कहा, मजा नहीं आ रहा क्या, तो बोली, बहुत मजा आ रहा है, अंदर कुछ कुछ अजीब सी फीलिंग हो रही है, मैंने कहा, लेग्स खोलो और मजा लेते हैं, उसने टांगें खोल दी, मैं घुटनों के बल उसके ऊपर बैठ गया, मेरा लंड हवा में था, उसने मेरा लंड देखा तो फिर टांगें क्लोज कर दी, बोली, ये मोटा है, दर्द बहुत होगा, मैंने कहा, नहीं होगा, मैं आराम से डालूंगा।
फिर मैंने उसकी टांगें उठाई और अपने लंड की टोपी उसकी फुद्दी के सुराख के ऊपर रखा और झटका लगा के थोड़ा अंदर किया, बीनिश के मुंह से हल्की सी आवाज निकली, आह्ह… उसने आंखें जोर से बंद कर ली और घास को जोर से अपने हाथों में पकड़ लिया, मैं आहिस्ता आहिस्ता अंदर बाहर कर रहा था, उसे थोड़ी दर्द महसूस हो रही थी लेकिन मैंने अपनी आगे पीछे की हरकत जारी रखी, मुझे भी बहुत मजा आ रहा था, ये हम दोनों का पहला एक्सपीरियंस था, मुझे तो इतना मजा आ रहा था कि मैं साथ-साथ उसके मुंह और होंठों को चूम रहा था और उसके बूब्स को छेड़ रहा था।
बीनिश की सांसें तेज हो गई थीं, वो हल्के से कराह रही थी, आह… ओह… बिलाल, धीरे… मैंने उसके कान में फुसफुसाया, बेबी, कितनी टाइट है तेरी फुद्दी, मजा आ रहा है ना? वो शर्मा कर बोली, हां, लेकिन थोड़ा दर्द भी है, मैंने स्पीड थोड़ी बढ़ाई, अब मेरा लंड आधा अंदर जा चुका था, वो अपनी कमर हिला रही थी, इह्ह… आह्ह… बिलाल, और गहरा… मैंने जोर लगाया, पूरा लंड अंदर डाल दिया, वो चीखी, आआह्ह्ह… ह्ह्ह… बहुत मोटा है तेरा, मैं रुक गया, उसके होंठ चूमने लगा, उसके बूब्स दबाए, निप्पल्स चूसे, वो अब थोड़ी रिलैक्स हुई, बोली, अब ठीक है, करो ना… मैंने धक्के लगाने शुरू किए, धप… धप… की आवाजें आ रही थीं, वो मोन कर रही थी, ऊऊ… आह… बिलाल, कितना अच्छा लग रहा है, मैं बोला, तेरी फुद्दी कितनी गीली हो गई है, चोदने में मजा आ रहा है।
मैं धीरे-धीरे धक्के मार रहा था, हर धक्के के साथ मेरा लंड उसकी टाइट फुद्दी में और गहरा उतर रहा था, बीनिश की आंखें बंद थीं, वो होंठ काट रही थी, आह… बिलाल, इतना अच्छा क्यों लग रहा है, मैंने उसके निप्पल को चूसा, बोला, क्योंकि तू बहुत सेक्सी है, तेरी फुद्दी मेरे लंड को पकड़ रही है, वो अपनी टांगें मेरे कमर पर लपेट ली, इह्ह… ऊऊ… हां, और जोर से धक्का मारो, मैंने स्पीड बढ़ाई, अब हर धक्का जोरदार था, धप… धप… धप… की आवाज पार्क में गूंज रही थी, वो अपनी गांड ऊपर उठा कर मिला रही थी, आह्ह… ओह्ह… बिलाल, मैं पागल हो रही हूं, मैं उसके होंठ चूस रहा था, उसकी जीभ अपनी जीभ से लड़वा रहा था, मेरा हाथ उसके बूब्स पर था, उन्हें मसल रहा था।
वो अपनी टांगें और फैला रही थी, मैंने उसकी कमर पकड़ी और स्पीड बढ़ा दी, अब वो जोर से कराह रही थी, आह्ह… ओह्ह… ह्ह्ह… बिलाल, और जोर से… मैं उसके बूब्स दबा रहा था, होंठ चूस रहा था, मेरा लंड उसकी फुद्दी में पूरी तरह फिट हो गया था, वो अपनी गांड ऊपर उठा रही थी, मिलाकर धक्के दे रही थी, इह्ह… ऊई… कितना गहरा जा रहा है, मैं बोला, बेबी, तू कितनी सेक्सी है, तेरी फुद्दी चूस रही है मेरे लंड को, वो हंस कर बोली, हां, चोदो मुझे, मैं अब नहीं रुक सकती।
हम दोनों पसीने से तर हो गए थे, मैंने पोजीशन चेंज की, उसे घोड़ी बनाया, पीछे से उसकी गांड पकड़ी, लंड फिर से फुद्दी में डाला, वो चिल्लाई, आआह्ह्ह… हां, ऐसे ही… धप… धप… की आवाजें तेज हो गईं, मैं उसकी गांड पर थप्पड़ मार रहा था, बोला, कितनी टाइट गांड है तेरी, वो बोली, बिलाल, गांड मत छेड़ो, फुद्दी चोदो जोर से, मैंने स्पीड बढ़ाई, उसके बाल पकड़े, खींचे, वो कराह रही थी, ऊऊ… इह्ह… आह… बहुत मजा आ रहा है, मेरा लंड फुल स्पीड में अंदर बाहर हो रहा था, उसकी फुद्दी से रस टपक रहा था, वो बोली, बिलाल, मैं झड़ने वाली हूं… आआह्ह्ह… ह्ह्ह… और मैंने भी महसूस किया कि मेरी मणि निकलने वाली है।
मैंने धक्के और तेज किए, हर धक्के के साथ उसकी फुद्दी कांप रही थी, वो जोर से चिल्लाई, आआह्ह्ह… ऊऊ… बिलाल, मैं आ रही हूं… उसका बदन अकड़ गया, फुद्दी ने मेरे लंड को जोर से जकड़ लिया, रस बहने लगा, मैंने कुछ और धक्के मारे, धप… धप… फिर महसूस हुआ कि मेरी मणि निकलने वाली है, थोड़ी देर ऐसे ही करते रहे, फिर मेरी मणि निकलने वाली थी, जब मणि निकलने लगी तो मैंने फौरन अपना लंड बाहर निकाला, सारी मणि घास पर गिरा दी, बीनिश देख रही थी कि किस तरह से मेरी मणि निकल रही है, उसकी भी मणि निकल चुकी थी, मैंने अपनी कमीज से टिशू निकाले, पहले बीनिश की फुद्दी साफ की, फिर अपना लंड साफ किया, बीनिश देख के हंस रही थी, मैंने उसके बाजू पकड़ उसे उठाया और अपनी गोद में बैठा लिया, गोद में बैठने की वजह से मेरा लंड उसके नीचे था, हम दोनों ने जोर से हग किया और कुछ देर तक होंठों को चूसते रहे।
मैं साथ में उसकी गांड पर हाथ फेर रहा था और उसकी गांड के सुराख को छेड़ रहा था, मेरा बहुत दिल चाह रहा था उसकी गांड मारने को मगर वो फुद्दी में नहीं ले पा रही थी तो गांड में कैसे लेती। हमारा दिल नहीं चाह रहा था एक दूसरे के जिस्म से अलग होने को मगर टाइम कम होने की वजह से जाने का इरादा किया, अपनी-अपनी शलवार पहनी और फिर मैं बीनिश को गाड़ी पर उसके घर के स्टॉप तक छोड़ आया। अब भी हम मौका तलाश करते हैं और नेक्स्ट सैटरडे को आफ्टर 10 ओ क्लॉक मॉर्निंग क्लास के बाद हम फ्री हो गए और हम एक बार फिर एक दूसरे के जिस्म के साथ चिपके हो गए।
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